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बिहार: शौचालय की टंकी खोलने के दौरान दम घुटने से 4 मजदूरों की मौत, एक की स्थिति गंभीर

सुपौल जिले के सिमरिया गांव में हुआ हादसा, डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय से बंद शौचालय की टंकी में बनी जहरीली गैस के चलते हुई मज़दूरों की मौत.

फोटो: अर्पिता सिंह और मयंक चावला

फोटो: अर्पिता सिंह और मयंक चावला

सुपौल: बिहार के सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना अंतर्गत सिमरिया गांव में बुधवार को एक आवासीय परिसर में नवनिर्मित शौचालय टंकी की शटरिंग खोलने के क्रम में दम घुटने से चार मजदूरों की मौत हो गयी जबकि एक अन्य व्यक्ति की स्थिति गंभीर बनी हुई है.

त्रिवेणीगंज थाना प्रभारी राजेश्वर सिंह ने बताया कि मृतकों में उमेश मंडल, उपेन्द्र मंडल, राजेश मंडल और संतोष मंडल शामिल हैं.

दैनिक जागरण की ख़बर के अनुसार, बुधवार को सुबह नौ बजे नवनिर्मित शौचालय टंकी की शटरिंग खोलने के क्रम में एक मज़दूर रस्सी के सहारे अंदर गया. जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आया तब एक के बाद एक कर बाकी मज़दूर अंदर गए, लेकिन वापस नहीं आए.

पांचवे मज़दूर शंभू मंडल ने अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन गैस की बदबू का एहसास होते ही उसके चिल्लाने पर बाहर खड़े मजदूरों ने उसे बाहर खींच लिया, जिसके बाद वह बेहोश हो गया.

घटना की सूचना के बाद एसडीएम विनय कुमार चिकित्सक दल और स्थानीय पुलिस के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुए और मौके पर पहुंचकर चारों मजदूरों को टंकी से निकाला गया.

प्रशासन ने तीन मजदूरों को पिपरा सामुदायिक अस्पताल और दो को त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल भेजा, जहां ले जाते हुए चार मजदूरों की रास्ते में ही मौत हो गई. घायल शंभू मंडल की स्थिति गंभीर बताई जा रही है.

पिपरा पीएचसी के चिकित्सा अधिकारी जेपी साह ने बताया कि शौचालय की टंकी काफ़ी दिनों से बंद होने के कारण उसमें जहरीली गैस बन गई थी. इसी के चलते मजदूरों की मौत हुई है.

ज्ञात हो कि बिहार के ही पूर्णिया जिले में 12 जून को रामबाग चौक के पास एक निर्माणाधीन मॉल के सेप्टिक टैंक में तीन श्रमिकों की मौत हो गई थी. ऐसा बताया जा रहा है कि उन मजदूरों की मौत भी दम घुटने से ही हुई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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