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मोबाइल विनिर्माताओं-सेवा प्रदाताओं को हेल्पलाइन नंबर डालने को नहीं कहा: यूआईडीएआई

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने फोन में पहले से ही डाले गए हेल्पलाइन नंबर को लेकर सोशल मीडिया पर जारी विवाद के बीच यह स्पष्टीकरण दिया है.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

नई दिल्ली: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने कहा है कि उसने किसी फोन निर्माता या दूरसंचार सेवा प्रदाता को मोबाइल फोन में अपना टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पहले से डालने के लिए नहीं कहा है. प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि एंड्रायड फोन में पाया जा रहा हेल्पलाइन नंबर 1800-300-1947 पुराना और अमान्य है.

उधर, दूरसंचार कंपनियों के शीर्ष संगठन सेल्यूलर आॅपरेटर्स एसोसिएशन आॅफ इंडिया (सीओएआई) ने कहा है कि उसके किसी भी सदस्य ने किसी भी मोबाइल फोन में पहले से ऐसा कोई अज्ञात नंबर नहीं डाला है.

प्राधिकरण ने फोन में पहले से ही डाले गए हेल्पलाइन नंबर को लेकर सोशल मीडिया पर जारी विवाद के बीच यह स्पष्टीकरण दिया है.

उसने कहा, ‘1800-300-1947 वैध यूआईडीएआई हेल्पलाइन नंबर नहीं है और निहित स्वार्थ वाले कुछ लोग इसे लेकर लोगों के बीच भ्रम फैला रहे हैं.’

उसने कहा कि हेल्पलाइन नंबर 1947 है जो कि पिछले दो साल से अधिक समय से परिचालन में है.

यूआईडीएआई नंबर को लेकर जारी विवाद के बीच सीओएआई ने कहा कि विभिन्न मोबाइल फोन की फोनबुक में किसी भी दूरसंचार सेवा प्रदाता की ओर से नंबर नहीं डाला गया है.

इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन (आईसीए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज महिंद्रू ने कहा कि उद्योग निकाय को किसी से भी इस तरह के नंबर को फोनबुक में डालने के बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है.

आधार की अक्सर आलोचना करने वाले तथा ख़ुद को फ्रांसीसी बताने वाले कुख्यात ट्विटर यूज़र इलियट एल्डरसन के ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर इस बाबत विवाद शुरू हुआ.

आधार हेल्पलाइन नंबर ख़ुद से फोन में जुड़ जाए तो इसे डिलीट कीजिए: महाराष्ट्र पुलिस

महाराष्ट्र पुलिस के साइबर सुरक्षा सेल ने बीते शुक्रवार की देर शाम परामर्श जारी किया है कि अगर यूआईडीएआई के नाम से कोई नंबर अपने आप मोबाइल फोन में जुड़ जाए तो इसे डिलीट किया जाए.

कुछ मोबाइल फोनों में उपयोगकर्ता की मंज़ूरी के बिना आधार हेल्पलाइन नंबर पहले से सेव होने को लेकर जनाक्रोश के बीच गूगल ने शुक्रवार रात एंड्रायड फोनों के ‘सेटअप विज़ार्ड’ में पुराना यूआईडीएआई हेल्पलाइन नंबर और 112 हेल्पलाइन नंबर ‘गलती से’ लोड हो जाने पर माफी मांगी.

गूगल ने कहा कि नंबरों को फोन से डिलीट किया जा सकता है. उसने इस दिक्कत को ख़त्म करने का भी वादा किया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)