राजनीति

टिकट पर भाजपा के अनिर्णय के बाद सुमित्रा महाजन ने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की

76 वर्षीय लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने एक विज्ञप्ति जारी कर मध्य प्रदेश की इंदौर लोकसभा सीट से भाजपा द्वारा अब तक टिकट की घोषणा न करने पर सवाल उठाए हैं. भाजपा ने इस बार 91 वर्षीय लाल कृष्ण आडवाणी और 85 वर्षीय मुरली मनोहर जोशी को भी टिकट नहीं दिया है.

Guwahati: Lok Sabha Speaker Sumitra Mahajan addresses during the inauguration ceremony of 17th Commonwealth Parliamentary Conference, in Guwahati, Monday, October 8, 2018. (PTI Photo) (PTI10_8_2018_000071B)

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन. (फोटो: पीटीआई)

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर लोकसभा क्षेत्र के चुनावी टिकट को लेकर भाजपा द्वारा लंबे समय तक स्थिति स्पष्ट नहीं किए जाने पर अप्रसन्नता जताते हुए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने शुक्रवार को घोषणा की है कि वह आने वाला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी.

महाजन पिछले 30 साल से इंदौर सीट से लगातार चुनाव जीत रही हैं और इस बार भी उन्हें इसी क्षेत्र से टिकट का शीर्ष दावेदार माना जा रहा था.

महाजन की ओर से सोशल मीडिया पर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इंदौर से अपनी चुनावी दावेदारी छोड़ने की घोषणा की गई.

महाजन ने दिल्ली में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सवाल किया, ‘भारतीय जनता पार्टी ने आज तक इंदौर में अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है. यह अनिर्णय की स्थिति क्यों है? संभव है कि पार्टी को निर्णय लेने में कुछ संकोच हो रहा है.’

उन्होंने यह रेखांकित किया कि वह इस संबंध में पार्टी के वरिष्ठों से पहले ही चर्चा कर चुकी हैं. उन्होंने कहा, ‘मैंने निर्णय उन पर ही छोड़ा था.’

उम्मीदवार की घोषणा को लेकर पार्टी के अब भी असमंजस में होने का हवाला देते हुए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भाजपा से नि:संकोच होकर मुक्त मन से निर्णय करने की अपील की.

सुमित्रा महाजन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति.

सुमित्रा महाजन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति.

उन्होंने कहा, ‘मैं यह घोषणा करती हूं कि मुझे अब लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ना है.’

महाजन ने कहा, ‘अपेक्षा करती हूं कि पार्टी उम्मीदवार के नाम पर जल्दी ही फैसला करे ताकि आने वाले दिनों में सभी को काम करने में सुविधा होगी तथा असमंजस की स्थिति समाप्त होगी.’

उन्होंने इंदौर की जनता से मिले प्रेम और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिले सहयोग के लिए उन्हें धन्यवाद दिया.

महाजन के स्थानीय कार्यालय के मीडिया प्रभारी रामस्वरूप मूंदड़ा ने इस प्रेस विज्ञप्ति की प्रामाणिकता की पुष्टि की.

भाजपा के लिए लगातार आठ बार इंदौर सीट फतह करने वाली महाजन की उम्मीदवारी पर लंबे समय से रहस्य के बादल छाये थे. वह इसी महीने की 12 तारीख़ को उम्र के 76 साल पूरे करने जा रही हैं.

बताया जाता है कि 75 साल की उम्र पार कर लेने वालों को टिकट न देने का नियम भाजपा ने बनाया हुआ है. बीते गुरुवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि 75 साल से अधिक उम्र के लोगों को लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं देना उनकी पार्टी का फैसला है. इसकी वजह से पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे नेता चुनाव मैदान में नहीं उतर पाए.

एक साक्षात्कार में पार्टी के बुज़ुर्ग नेताओं को टिकट नहीं दिए जाने के सवाल पर शाह ने कहा है, ‘केवल मीडिया ही इस मुद्दे को आगे बढ़ा रहा है. 75 से ऊपर के किसी भी व्यक्ति को टिकट नहीं दिया गया है. यह पार्टी का फैसला है.’

इंदौर सीट से भाजपा उम्मीदवार की घोषणा में देरी के चलते अटकलों के सियासी गलियारों में यह सवाल ज़ोर पकड़ रहा था कि क्या लालकृष्ण आडवाणी (91) और मुरली मनोहर जोशी (85) सरीखे वरिष्ठतम भाजपा नेताओं की तरह महाजन को भी इस बार चुनावी समर से विश्राम दिया जाएगा?

हालांकि, महाजन अब तक वह यही कहती आ रही थीं कि भाजपा में उम्मीदवार तय करने का फैसला संगठन करता है और उन्होंने वर्ष 1989 के अपने पहले लोकसभा चुनाव से लेकर अब तक पार्टी से चुनावी टिकट नहीं मांगा है.

पिछले 10 दिन से महाजन लोकसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं की बैठकें ले रही थीं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)