जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम का दावा- मंत्रिमंडल से हटाने की साज़िश, बोले- ‘हाथ काट दूंगा’

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि दूसरे दलों से भाजपा में शामिल हुए कुछ लोग उनके ख़िलाफ़ साज़िश रच रहे हैं. उन्होंने कहा कि वो उनकी छवि ख़राब करने की कोशिश करने वालों के ‘हाथ काट देंगे.’ उनकी हिंसा की धमकी को लेकर विपक्ष ने केंद्रीय मंत्री पर निशाना साधा है.

राज्यसभा में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम. (फोटो: संसद टीवी)

नई दिल्ली: केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने शुक्रवार (28 अगस्त) को आरोप लगाया कि उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाने के लिए उन्हें बदनाम करने का अभियान चलाया जा रहा है.

उन्होंने यह भी कहा कि वो उनकी छवि खराब करने की कोशिश करने वालों के ‘हाथ काट देंगे.’

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, ओराम ने कहा, ‘कुछ लोग पैसे खर्च कर मुझे बदनाम करने के लिए अभियान चला रहे हैं और साजिश रच रहे हैं. उनका मानना है कि अगर मुझे केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटा दिया जाता है तो उनके लिए एक अवसर पैदा होगा.’

हालांकि, ओराम ने किसी का नाम नहीं लिया. उन्होंने कहा कि उन्होंने राज्य (ओडिशा) में पार्टी को अपने ‘खून-पसीने’ से खड़ा किया है और अगर कोई उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है तो उनमें उसके ‘हाथ काटने’ की क्षमता है.

ओराम ने ये बातें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महासचिव (संगठन) मानस मोहंती से मुलाकात के बाद कहीं. उन्होंने कहा कि दूसरे दलों से भाजपा में शामिल हुए कुछ नेता उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने ऐसी कोशिशों पर निशाना साधा.

उन्होंने कहा, ‘मैं अपने खिलाफ काम कर रहे लोगों को चुनौती देता हूं कि वे राजनीतिक रूप से मेरा सामना करें. फिर आप देखेंगे कि उनका क्या हाल होता है.’

न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, शुक्रवार को ओराम की यह टिप्पणी राउरकेला पुलिस द्वारा उनके प्रतिनिधि प्रकाश पासवान को सरकारी सर्किट हाउस में अपराधियों को कथित तौर पर पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद आई. 

20 अगस्त को राज्य भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल ने पासवान को भाजपा युवा मोर्चा की राज्य कार्यकारिणी समिति से निलंबित कर दिया था.

22 अगस्त को ओराम ने स्वीकार किया था कि पासवान उनके सक्रिय कार्यकर्ताओं में से एक हैं और राउरकेला नगर निगम में उनके प्रतिनिधि थे. उन्होंने एक्स पर कहा था कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

ओराम ने कहा कि दूसरे दलों से भाजपा में शामिल हुए कुछ नेता उन्हें कमजोर करने और अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने यह मुद्दा भाजपा के महासचिव मानस मोहंती के सामने उठाया. उन्होंने कहा कि अगर राज्य स्तर पर इसका समाधान नहीं हुआ तो वह केंद्रीय नेतृत्व के पास भी यह मामला उठाएंगे.

ओराम सुंदरगढ़ से छह बार सांसद रह चुके हैं. उन्होंने पहली बार 1998 में लोकसभा चुनाव जीता था. 1999 में अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान ओराम ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में जनजातीय कार्य मंत्रालय संभाला था. इसके बाद 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल और फिर 2024 में उन्हें दोबारा केंद्रीय मंत्री बनाया गया.

विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस ने हिंसा की धमकी देने वाले ओराम के बयान पर सवाल उठाए.

बीजद के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने पीटीआई के हवाले से कहा, ‘केंद्रीय मंत्री द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा से साफ है कि उनके खिलाफ कोई साजिश रची गई है, जिससे वह परेशान हैं. यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि भाजपा के भीतर का संघर्ष चरम स्तर पर पहुंच गया है.’

मोहंती ने कहा, ‘ओराम खुले तौर पर कह रहे हैं कि वह कानून अपने हाथ में लेंगे. इस टिप्पणी को कैसे जायज ठहराया जा सकता है?’

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा कि भारत में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘ओराम की टिप्पणी का उद्देश्य उनके सहयोगी के मामले की जांच को प्रभावित करना है.’

उन्होंने कहा, ‘गांधी के देश भारत में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है. इसी देश ने अहिंसक तरीके से आजादी की लड़ाई लड़ी थी और विदेशी शासन को खत्म किया था.’