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जिस गांव से ज़्यादा वोट मिलेगा, वहां पहले काम होगा: मेनका गांधी

पीलीभीत में एक रैली के दौरान मेनका गांधी ने कहा कि विकास कार्य करवाने के लिए क्षेत्र के गांवों को वोट प्रतिशत के आधार पर ए, बी, सी, डी श्रेणियों में बांटा जाएगा, जहां से सबसे ज़्यादा वोट मिलेंगे, वहां विकास कार्य पहले होगा.

Maneka Gandhi FB

एक चुनावी सभा के दौरान मेनका गांधी (फोटो साभार: फेसबुक/मेनका गांधी)

नई दिल्ली: भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने एक चुनावी सभा के दौरान मतदाताओं से सीधे तौर पर कहा कि जहां से ज्यादा वोट मिलेगा वहां ज्यादा काम होगा.

उन्होंने मत प्रतिशत के आधार पर गांवों को अलग-अलग कैटेगरी में रखने की बात कही.

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार पीलीभीत लोकसभा क्षेत्र में एक सभा में उन्होंने कहा, ‘हम हर बार पीलीभीत में जीतते हैं, तो इस बात का मापदंड क्या है कि एक गांव के लिए ज्यादा काम करवाया जाता है एक में नहीं. हमारा मापदंड है कि हम गांवों को ए, बी, सी, डी में बांट देते हैं. जिस गांव से 80 फीसदी वोट मिलेगा, वह ए कैटेगरी में रहेगा, जिस गांव से 60 फीसदी वोट मिलेगा वो बी कैटेगरी में. जिस गांव से 50 फीसदी वोट मिलेगा वो सी कैटेगरी में होगा. 50 फीसदी से कम वोट मिलेगा वो डी में.

उन्होंने आगे कहा, ‘विकास कार्य सबसे पहले ए कैटेगरी के गांव में होगा, फिर बी में, और बी में हो जाने के बाद सी का नंबर आएगा. तो यह आपके ऊपर है कि आप ए में आते हैं या बी और सी में. और डी में किसी में कोई नहीं आना चाहिए क्योंकि हम सब यहां कुछ अच्छा करने आए हैं.’

इससे पहले भी मेनका गांधी ने मुसलमान मतदाताओं को लेकर एक विवादित बयान दिया था, जिस पर चुनाव आयोग ने मेनका गांधी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था.

सुल्तानपुर से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार मेनका गांधी ने 12 अप्रैल को मुसलमानों से वोट देने की अपील करते हुए कहा था कि अगर वे उन्हें वोट नहीं देंगे तो वह भी उनके लिए काम नहीं करेंगी.

मेनका गांधी ने कहा, ‘लोगों की मदद और प्यार से मैं जीत तो रही हूं. लेकिन अगर मेरी जीत मुसलमानों के बिना होगी तो मुझे बहुत अच्छा नहीं लगेगा. फिर दिल खट्टा हो जाता है और जब मुसलमान किसी काम के लिए आते हैं तो फिर मैं सोचती हूं कि नहीं रहने ही दो, क्या फर्क पड़ता है, आखिर नौकरी एक सौदेबाजी ही होती है.’

साथ ही मेनका ने ये भी कहा था कि वह महात्मा गांधी की छठी औलाद हैं नहीं है जो लोगों को देते ही जाएंगी और फिर चुनाव में मात खाएंगी.

बीबीसी के मुताबिक बाद में इस बयान पर मेनका गांधी ने अपनी सफाई दी. उन्होंने कहा कि उनके बयान को काट-छांटकर पेश किया गया.

मेनका गांधी ने पत्रकारों का जवाब देते हुए कहा, ‘मैं खुद अपने अल्पसंख्यक सेल की एक मीटिंग बुलाई थी. इतने सालों में आप सभी जानते हैं कि अल्पसंख्यकों को बहुत चाहती हूं. अगर आप मेरा पूरा भाषण देखें तो जिस भी चैनल से सिर्फ एक वाक्य निकाला है वह आधा-अधूरा है.’

उन्होंने कहा, ‘मैंने बहुत खुशी से ‘मैं जीत रही हूं’ बोला और अगर आप इस जीत का हिस्सा बनेंगे तो अच्छा लगेगा. आप पूरा भाषण देखिए तो आपको लगेगा कि वह प्यार भरा था.’

ज्ञात हो कि मेनका गांधी पीलीभीत से भाजपा सांसद हैं. भाजपा ने इस लोकसभा चुनाव में मेनका गांधी और वरुण गांधी की सीटें आपस में बदल दी है. मेनका जहां सुल्तानपुर से मैदान में हैं, वहीं वरुण गांधी इस बार पीलीभीत से चुनाव लड़ रहे हैं. मेनका गांधी पीलीभीत से छह बार सांसद रह चुकी हैं.