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जांच एजेंसियों ने नहीं की दाउद और हाफ़िज़ के प्रत्यर्पण की कोई मांग: विदेश मंत्रालय

हाफ़िज़ सईद मुंबई आतंकी हमला मामले में और दाउद इब्राहिम 1993 के मुंबई श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट मामले में वांछित है.

DawoodHafiz

दाउद इब्राहिम और हाफ़िज़ सईद. (फाइल फोटो)

विदेश मंत्रालय को मुंबई आतंकी हमले के सरगना हाफ़िज़ सईद और 1993 के मुंबई श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट मामले में वांछित दाऊद इब्राहिम के प्रत्यर्पण, भारत लाने के बारे में देश में इन मामलों की जांच कर रही जांच एजेंसी की ओर से कोई अनुरोध पत्र नहीं मिला है.

सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत विदेश मंत्रालय के प्रत्यर्पण प्रकोष्ठ के सीपीवी खंड से यह जानकारी प्राप्त हुई है. मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, विदेश मंत्रालय को हाफ़िज़ सईद और दाउद इब्राहिम के प्रत्यर्पण या भारत लाने के बारे में भारत की संबंधित जांच एजेंसियों की ओर से किसी तरह की मांग नहीं की गई है.

आरटीआई के तहत समाचार एजेंसी पीटीआई ने विदेश मंत्रालय से पूछा था कि मुंबई आतंकी हमले के सरगना हाफ़िज़ सईद और 1993 के मुंबई श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट मामले में वांछित दाउद इब्राहिम के प्रत्यर्पण या भारत लाने के बारे क्या कार्रवाई की गई है.

उल्लेखनीय है कि दाउद इब्राहिम पर 1993 के श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट का साजिशकर्ता होने का आरोप है. मुंबई में 12 मार्च 2013 को इन धमाकों में करीब 260 लोग मारे गए थे और काफी लोग घायल हुए थे. दाऊद इस घटना के बाद देश छोड़कर फ़रार हो गया था और समझा जाता है कि वह अभी पाकिस्तान में है.

कुख्यात आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सरगना रहे हाफ़िज़ सईद पर 2008 के मुंबई आतंकी हमले का मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप है. समुद्र के रास्ते पाकिस्तान से आए आतंकवादियों के एक समूह द्वारा मुंबई पर किए गए इस जघन्य आतंकी हमले में 166 लोग मारे गए थे.

बहरहाल, इस बारे में एक सवाल के जवाब में इसी साल अप्रैल में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि इसमें कोई शक़ नहीं है कि वह अभी भी कराची में हैं. पिछले 10 वर्षों में भारत ने दाउद के बारे में पाकिस्तान को कई डोज़ियर भेजे हैं. वह मुंबई श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट समेत 31 मामलों में आरोपी है.

इससे पहले पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के दौरान मई 2011 में तत्कालीन गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने भी कहा था कि 1993 के मुंबई श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी दाऊद इब्राहिम कराची में रहता है और ज़्यादा समय वहीं व्यतीत करता है.

चिदंबरम ने कहा था कि भारत 2008 के मुंबई आतंकी हमले को अंजाम देने वालों को न्याय के कटघरे में खड़ा करने के लिए दबाव बनाना जारी रखेगा.

भारत हमेशा से यह जोर देता रहा है कि दक्षेस देशों के बीच आतंकवादी गतिविधियों और कृत्यों को अंजाम देने वालों के संबंध में प्रभावी क़दम उठाने की ज़रूरत है ताकि ऐसे अपराधी दंड से बच नहीं पाएं और उनका प्रत्यर्पण या अभियोजन सुनिश्चित किया जा सके.

भारत ने पाकिस्तान से 2008 के मुंबई आतंकी हमला मामले की फिर से जांच करने और जमात-उद-दावा सरगना हाफ़िज़ सईद के ख़िलाफ़ मामला चलाने को कहा है.