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उत्तर प्रदेश: बच्चा चोरी की अफवाहों में शामिल लोगों के खिलाफ ‘रासुका’ के तहत कार्रवाई होगी

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि अब तक इस तरह की अफवाहों के कारण 82 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और ऐसे लोगो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है.

(फोटो साभार: ट्विटर/यूपी पुलिस)

(फोटो साभार: ट्विटर/यूपी पुलिस)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में बच्चा चोरी की अफवाह में भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा की घटनाओं की खबरों के बीच उत्तर प्रदेश पुलिस ने कड़ा कदम उठाते हुए ऐसे लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई करने का फैसला किया है.

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बुधवार रात कहा था कि अब तक इस तरह की अफवाहों के कारण 82 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और ऐसे लोगो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है.

सिंह ने बुधवार रात एक वीडियो संदेश में कहा था, ‘आज मैं आपका ध्यान एक गंभीर अफवाह की ओर दिलाना चाहता हूं. प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में असमाजिक तत्व बच्चा चोरी की अफवाह फैला रहे हैं जिससे हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं. जांच में हिंसा की घटनाओं में बच्चा चोरी की बात प्रमाणित नहीं हुई है. मेरी आपसे अपील है कि अफवाहों पर कतई ध्यान न दें, किसी भी दशा में कानून अपने हाथ में न लें और न ही हिंसा के भागीदार बनें.’

उन्होंने कहा कि अगर आप को इस संबंध में कोई जानकारी मिलती है तो तत्काल 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दें. अब तक बच्चा चोरी की अफवाह फैलाने और हिंसा करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 82 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और ऐसे तत्वों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी.’

डीजीपी ने कहा था कि सोशल मीडिया पर भी इस तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और बच्चा चोरी के संबंध में भ्रामक सूचना/अफवाह पर विश्वास न करें और जिम्मेदार नागरिक की तरह उत्तर प्रदेश पुलिस की सहायता लें.

राज्य में भीड़ द्वारा हिंसा की घटनाएं कम होने का नाम नही ले रही हैं. बुधवार को फतेहपुर में स्वास्थ विभाग की टीम पर ऐसी ही भीड़ ने हमला कर दिया.

फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक रमेश ने बताया कि गाजीपुर इलाके के खेसान गांव में स्वास्थ विभाग के कर्मचारियों की एक टीम पर स्थानीय हिंसक भीड़ ने पथराव कर दिया जिसमें दो पुलिसकर्मियों समेत दस लोग घायल हो गए.

गांव के करीब 150 लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया. उन्हें शक था कि यह बच्चा गिरोह के लोग हैं.

संभल में 27 अगस्त को जिले के चंदौसी कोतवाली क्षेत्र में अपने भतीजे को दवाई दिलाने ले जा दो लोगों को बच्चा चोर समझ कर पिटाई कर दी जिसमें एक कि मौत हो गई व एक घायल हो गया जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

इसी तरह कानपुर देहात जिले के अकबरपुर पुलिस स्टेशन में मंगलवार को बच्चा चोर समझकर एक बुजुर्ग को पीटे जाने की घटना के बाद छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

कानपुर जिले के भीमनगर में भीख मांग रहे रंजीत (50) और जयराज (45) की भीड़ ने बच्चा चोर समझ कर पिटाई कर दी. पुलिस के अनुसार इन दोनों को बचाकर पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया. पिटाई करने वालों की पुलिस तलाश कर रही है.