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संसदीय समिति की चेतावनी के बावजूद 82 पूर्व सांसदों ने नहीं खाली किए बंगले

सीआर पाटिल के नेतृत्व में लोकसभा आवास समिति ने 19 अगस्त को करीब 200 पूर्व सांसदों को एक सप्ताह के भीतर बंगला खाली करने का आदेश दिया और ऐसा नहीं होने पर तीन दिन के भीतर बिजली, पानी और गैस कनेकश्न काटने का आदेश दिया था.

New Delhi: Monsoon clouds hover over the Parliament House, in New Delhi on Monday, July 23, 2018.(PTI Photo/Atul Yadav) (PTI7_23_2018_000111B)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: दिल्ली के लुटियन्स जोन में 80 से ज्यादा सांसदों ने लोकसभा की एक समिति से कड़ी चेतावनी मिलने के बाद भी आधिकारिक बंगले खाली नहीं किए हैं. सूत्रों ने यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि लोक आवास (अनाधिकृत कब्जा खाली कराना) अधिनियम के तहत सरकार इन पूर्व सांसदों पर कार्रवाई करने पर विचार कर रही है.

सीआर पाटिल के नेतृत्व में लोकसभा आवास समिति ने 19 अगस्त को करीब 200 पूर्व सांसदों को एक सप्ताह के भीतर बंगला खाली करने का आदेश दिया और ऐसा नहीं होने पर तीन दिन के भीतर बिजली, पानी और गैस कनेकश्न काटने का आदेश दिया था.

सूत्रों ने बताया, ‘समिति के आदेश के बाद ज्यादातर पूर्व सांसदों ने आधिकारिक बंगले खाली कर दिए लेकिन 82 पूर्व सांसदों ने अब भी मौजूदा सूची के मुताबिक बंगला खाली नहीं किया है.’

लोकसभा आवास समिति के सूत्रों के मुताबिक यह अस्वीकार्य है और इस तरह के पूर्व सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. एक अन्य सूत्र के मुताबिक संसद के इन पूर्व सदस्यों को नोटिस भेजा जा रहा है और उन्हें बंगला खाली करने का आदेश किया जा रहा है.

सूत्रों ने बताया, ‘जैसे ही खाली कराने का आदेश पारित हो जाएगा उनके बंगलों की बिजली, पानी और खाना बनाने वाली गैस का कनेकश्न काट दिया जाएगा.’

नियम के अनुसार पूर्व सांसदों को संबंधित बंगला लोकसभा भंग होने के एक महीने के भीतर खाली करना पड़ता है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 16वीं लोकसभा 25 मई को भंग कर दी थी.