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असम: थाने में गर्भवती महिला सहित तीन बहनों के कपड़े उतारकर पीटा, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

घटना असम के दरांग ज़िले की है. महिलाओं के भाई पर कथित तौर पर एक हिंदू महिला को अगवा करने का आरोप है, जिसकी पूछताछ के लिए उन्हें पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया था.

Darang Assam Map

गुवाहाटीः असम के दरांग जिले में एक पुलिस चौकी में हिरासत में तीन बहनों को प्रताड़ित करने का आरोप है. इन महिलाओं के भाई के खिलाफ एक हिंदू महिला को कथित तौर पर अगवा करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद इन महिलाओं को पूछताछ के लिए पुलिस चौकी लाया गया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इन महिलाओं के कपड़े उतारकर इन्हें लाठियों से पीटने का आरोप है.

इन आरोपों के बाद असम के डीजीपी कुलधर सैकिया ने कहा कि मंगलवार को पुलिस चौकी के प्रभारी सब इंस्पेक्टर महेंद्र शर्मा और एक महिला कॉन्स्टेबल बिनिता बोरो को मंगलवार को सस्पेंड कर उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया.

इन पुलिसकर्मियों पर लगे आरोपों की एक सप्ताह के भीतर जांच होगी.

गौरतलब है कि इन तीनों महिलाओं में से एक ने 10 सितंबर को पुलिस को इस घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सब इंस्पेक्टर महेंद्र शर्मा और महिला पुलिसकर्मी बोरो ने हमारे कपड़े उतारे, हमें प्रताड़ित किया गया और हमारे निजी अंगों को छुआ गया.

इन तीन बहनों की उम्र 28, 30 और 18 साल है. इन्हें सब इंस्पेक्टर शर्मा की छापेमारी के दौरान नौ सितंबर को रात लगभग 1.30 बजे हिरासत में लिया गया था.

पुलिस का कहना है कि महिलाओं को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया क्योंकि इनके भाई पर एक हिंदू महिला को कथित तौर पर अगवा करने का मामला दर्ज हैं.

इन तीनों में से एक महिला ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उनके भाई का पता लगने के बाद भी उन तीनों के साथ यह प्रताड़ना होती रही. महिला का कहना है कि उनका भाई उस हिंदू महिला के साथ शिलॉन्ग में था.

शिकायतकर्ता महिला ने कहा, ‘उनका भाई सुबह 6.30 बजे उस हिंदू महिला के साथ पुलिस चौकी आया. उसने (भाई) पूछा कि जब मामला उसके खिलाफ दर्ज है, तो हमें (बहनों) क्यों प्रताड़ित किया जा रहा है तो इस पर पुलिस ने उसे भी पीटा.’

शिकायतकर्ता महिला ने कहा कि उसका भाई शादीशुदा है लेकिन अपनी पत्नी से उसका अलगाव है.

दरांग के एसपी अमित भूयां ने कहा, ‘छह सितंबर को हिंदू महिला के परिवार द्वारा अपहरण का मामला दर्ज कराया गया था. फिलहाल वह हिरासत में हैं.’ एसपी अमित भूयां ने कहा कि हिंदू महिला ने लौटने के बाद बताया कि उसे जबरन ले जाया गया था.

वहीं शिकायतकर्ता महिला के मुताबिक, उसका भाई और वह हिंदू महिला पिछले लगभग दो साल से प्रेम प्रसंग में हैं. उन्होंने कहा कि परिवार के पास सभी साक्ष्य हैं कि यह दोनों प्रेम संंबंध में हैं और यह कोई अपहरण का मामला नहीं है.

महिला के मुताबिक, पुलिस चौकी में महिला पुलिसकर्मी बोरो के साथ शर्मा ने उनके कपड़े उतारे और उन्हें प्रताड़ित किया जबकि उनका भाई जेल में है. महिलाओं के पास तस्वीरें भी हैं, जिसमें देखा जा सकता है कि उनके शरीर पर चोट के निशान देखे हैं.

शिकायतकर्ता महिला ने गाल पर लाल रंग के निशान दिखाते हुए कहा कि ये पुलिस द्वारा थप्पड़ मारे जाने की वजह से हुए हैं. महिलाओं ने बताया कि जब हमने शर्मा से कहा कि वह हमें क्यों लेकर आया है तो उसने हमें बंदूक दिखाते हुए कहा कि ज्यादा मत बोलो.

उसने बताया कि पुलिस चौकी में मेरे पति को बंद कर दिया और मेरी बहन के कपड़े उतारकर उसकी लाठी से पिटाई की गई.

उसने कहा, ‘मेरी बहन के दाएं पैर में दिक्कत है लेकिन उन्होंने (पुलिस) उसके दाएं पैर पर भी हमला किया. मेरी बड़ी बहन को भी प्रताड़ित किया गया, जबकि हमने उन्हें बताया कि वह गर्भवती है, इस पर शर्मा ने कहा कि नौटंकी मत करो. मेरी दोनों बहनों की पिटाई के बाद उन्होंने मुझे मारना शुरू कर दिया.’

महिला ने कहा कि हमें न्याय चाहिए, चौकी में शर्मा और बिनिता बोरो के साथ तैनात चार से पांच पुलिसकर्मियों को भी उनके किए के लिए दंडित किया जाना चाहिए.