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रवींद्र त्रिपाठी

Kunwar Narayan Apwad Blogspot

कुंवर नारायण: अपनी अनुपस्थिति में अधिक उपस्थित रहेंगे

हिंदी के कुछ लेखकों की भारतीयता वैश्विकता विरोध में चली गई है. कुंवर नारायण के साथ ऐसा नहीं है. वे पूर्व-पश्चिम का कोई द्वंद्व न देखते हैं, न दिखाते हैं. उनके यहां ‘कोई दूसरा नहीं’ है.

Padmawati-FacebookFinal

ख़िलजी युद्ध जीतने के बाद पाता है कि उसे मुट्ठीभर राख के सिवा कुछ नहीं मिला

जायसी का ‘पद्मावत’ युद्ध की व्यर्थता को दिखाने वाली रचना है. यह प्रेम की पीड़ा को रेखांकित करने वाला काव्य है. क्या भंसाली की फिल्म में प्रेम की ये पीड़ा दिखेगी?

The Minister of State for Culture and Tourism (Independent Charge), Dr. Mahesh Sharma addressing the media to announce the “8th Theatre Olympics 2018 in India”, in New Delhi on July 12, 2017.

क्या थियेटर ओलंपिक्स के नाम पर एनएसडी ‘नाटक’ ​करने वाला है?

जैसे भारत में कुछ लोगों के नाम दारोगा पांडे या सिपाही सिंह होते हैं लेकिन वे न दारोगा होते हैं और न सिपाही. उसी तरह ‘थियेटर ओलंपिक्स’ संस्था ओलंपिक के नाम का इस्तेमाल कर रही है.

Hindi Critics

हिंदी साहित्य: कहां गई आलोचना, कहां गए आलोचक

आलोचना जगत पर हिंदी के अध्यापकों का कब्ज़ा है लेकिन ये अध्यापक सिर्फ भाषणबाजी कर रहे हैं. दुनिया भर में अच्छी आलोचना अकादमिक संस्थानों में विकसित होती है पर हमारे विश्वविद्यालयों के हिंदी विभागों में क्या हो रहा है, ये किसी से छिपा नहीं है.

Bharangam1

दर्शक कृपया ध्यान दें! एनएसडी के कर्ता-धर्ता पर्दे के पीछे दूसरे ही नाटक में लगे हैं

जिस भारंगम को अंतर्राष्ट्रीय नाट्य समारोह के रूप में पेश किया जाता है , उसका इस्तेमाल नाट्य विद्यालय के पदाधिकारी निजी फायदे के लिए कर रहे हैं.