Author Archives

सिद्धार्थ भाटिया

धारा 370 समाप्त होने के बाद अमृतसर में जश्न मनाते भाजपा कार्यकर्ता (फोटो: पीटीआई)

भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का आरएसएस का सपना पूरा होने वाला है

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का बरसों से संजोया गया हिंदू राष्ट्र का सपना पूरा होने के बहुत करीब है, जिसके जश्न में अब भारतीय आबादी का एक बड़ा हिस्सा भी शामिल है.

Indian Prime Minister Narendra Modi gestures towards his supporters after the election results at Bharatiya Janata Party (BJP) headquarter in New Delhi, India, May 23, 2019. REUTERS/Adnan Abidi

मोदी सरकार ने फिर जता दिया है कि असहमतियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

बीते एक महीने में ही बहुमत से दोबारा सत्ता में आई नरेंद्र मोदी सरकार ने जता दिया है कि अपनी आलोचना के प्रति सहिष्णुता दिखाने का उसका कोई इरादा नहीं है.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi flashes the victory sign as he arrives at the party headquarters to celebrate the party's victory in the 2019 Lok Sabha elections, in New Delhi, Thursday, May 23, 2019. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI5_23_2019_000464B)

यह एक नया भारत है और नरेंद्र मोदी उसकी आवाज़ हैं

नरेंद्र मोदी को वोट देने वालों की सोच यह नहीं है कि वह अपने किए गए वादों को पूरा करेंगे या नहीं, बल्कि उन्होंने मोदी को इसलिए वोट किया क्योंकि उन्हें उनमें अपना ही अक्स दिखाई देता है.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील कुमार अरोड़ा (बीच में) चुनाव आयुक्त अशोक लवासा (बाएं) और चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा. (फोटो: पीटीआई)

लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ा नुकसान चुनाव आयोग की साख को हुआ है

इस लोकसभा चुनाव में चुनाव आयोग में मतदाताओं का भरोसा कम हुआ है. ऐसा होना किसी लोकतंत्र के लिए अच्छी बात नहीं है.

Question Mark Flickr

23 मई के नतीजों के बाद की तीन संभावित तस्वीरें

बहुत कुछ इस पर निर्भर करेगा कि भाजपा को कितनी सीटें मिलेंगी- 200 से कम सीटें आने पर इसे रियायतें देनी पड़ेंगी, 220 से ऊपर सीटें आने पर यह मोलभाव करने की बेहतर स्थिति में होगी.

India's Prime Minister Narendra Modi reacts as he speaks to members of the Australian-Indian community during a reception at the Allphones Arena located at Sydney Olympic Park in western Sydney in this November 17, 2014 file photograph. Since Modi came to power in May, ties between Israel and India have been in overdrive, with the two signing a series of defence and technology deals that have underscored their burgeoning commercial and political relationship. To match INDIA-ISRAEL/TIES REUTERS/Rick Stevens/Files (AUSTRALIA - Tags: POLITICS BUSINESS)

वन-मैन शो वाली सरकार चलाने वाले मोदी के लिए मुश्किल होगी गठबंधन की राह

अगर भाजपा पिछली बार जीती गई 282 सीटों से कम सीटें पाती है, तो पार्टी को सहयोगियों की ज़रूरत होगी. समीकरण जैसे भी बनें, यह निश्चित है कि अगली सरकार गठबंधन की या खिचड़ी सरकार होगी, जिसे मोदी बिल्कुल पसंद नहीं करते.

Jabalpur: A shopkeeper poses with political parties' campaign materials ahead of Lok Sabha elections 2019, in Jabalpur, Wednesday, March 13, 2019. (PTI Photo) (PTI3_13_2019_000028B)

लोकसभा चुनाव का पलड़ा अभी किसी एक तरफ नहीं झुका है

राष्ट्रवाद और सैन्य बलों को चुनाव प्रचार में घसीटकर उनका राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश मतदाताओं को आकर्षित करने की गारंटी नहीं है और इसका उलटा असर भी हो सकता है. चुनाव की तैयारी कर रहीं पार्टियों की रणनीति देखते हुए यह साफ़ हो रहा है कि कोई भी अपनी निर्णायक जीत को लेकर आश्वस्त नहीं है.

India's Prime Minister Narendra Modi visits the National Cemetery in Seoul, South Korea, February 22, 2019. REUTERS/Kim Hong-Ji

राष्ट्रवाद की आड़ लेकर सवालों को दबाया जा रहा है

मीडिया का एक बड़ा तबका, जिसका धर्म सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछना होना चाहिए, घुटने टेक चुका है और देश के कुछ सबसे शक्तिशाली लोगों ने चुप्पी ओढ़ ली है, लेकिन आम लोग ऐसा नहीं करने वाले हैं. उनकी आवाज़ ऊंचे तख़्तों पर बैठे लोगों को सुनाई नहीं देती, लेकिन जब वक़्त आता है वे अपना फ़ैसला सुनाते हैं.

A vendor wears a mask of Hindu nationalist Narendra Modi, prime ministerial candidate for main opposition Bharatiya Janata Party (BJP) and Gujarat's chief minister, to attract customers at his stall selling masks of Indian political leaders ahead of general election in the southern Indian city of Chennai April 3, 2014. India, the world's largest democracy, will hold its general election in nine stages staggered between April 7 and May 12. REUTERS/Babu (INDIA - Tags: ELECTIONS POLITICS TPX IMAGES OF THE DAY) - RTR3JSS0

मोदी समर्थकों को उनकी जुमलेबाज़ी या किसी की खिल्ली उड़ाने से कोई फ़र्क नहीं पड़ता

प्रधानमंत्री के यहां-वहां किए गए मज़ाक या तंज़ से अगली कतार में बैठने वालों को हंसाया तो जा सकता है, लेकिन चुनावों में इसका कोई फायदा नहीं होने वाला.

New Delhi: Prime Minister, Narendra Modi interacting with the IT electronic manufacturing Professionals on Self4Society, at the launch of the “Main Nahin Hum” Portal & App, in New Delhi, Wednesday, Oct 24, 2018. (PIB Photo via PTI)(PTI10_24_2018_000203B)

मोदी का शासन इस बात का सबूत है कि गठबंधन सरकार भारत के लिए अच्छी होगी

मोदी सरकार का पिछले साढ़े चार साल का अनुभव यह बताने के लिए काफ़ी है कि एक नेता या एक वर्चस्वशाली पार्टी के इर्द-गिर्द बनी सरकारें घमंडी और अक्खड़ जैसा व्यवहार करने लगती हैं और आलोचनाओं को लेकर कठोर हो जाती हैं.

नितिन गडकरी और नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

क्या संघ नरेंद्र मोदी के बाद नितिन गडकरी पर दांव लगाने की सोच रहा है?

मोदी और शाह की जोड़ी आसानी से मंच छोड़ने वाली नहीं है. भाजपा के भीतर और मतदताओं के बीच नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता अभी भी बरक़रार है. नितिन गडकरी क्या कोई भी नेता लोकप्रियता या भाषण कला के मामले में उनके बराबर नहीं है. यह जोड़ी सुनिश्चित करेगी कि गडकरी अपनी हद में ही रहें, साथ ही उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की हर मुमकिन कोशिश करेगी.

एक नाटक के दौरान नसीरुद्दीन शाह (फोटो साभार: फेसबुक/Motley Theater)

भारत को नसीरुद्दीन शाह जैसे और लोगों की ज़रूरत है

जहां बॉलीवुड के अधिकतर अभिनेता सच से मुंह मोड़ने और चुप्पी ओढ़ने के लिए जाने जाते हैं, वहीं मुखरता नसीरुद्दीन शाह की पहचान रही है. उनका व्यक्तित्व उन्हें फिल्म इंडस्ट्री की उस भीड़ से अलग करता है, जिसके लिए शक्तिशाली की शरण में जाना, गिड़गिड़ाते हुए माफ़ी मांगना और कभी भी मन की बात न कहना एक रिवाज़-सा बन चुका है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो: पीटीआई)

क्या राहुल गांधी नरेंद्र मोदी का विश्वसनीय विकल्प बन सकते हैं

राहुल गांधी को लेकर संशय ख़त्म नहीं हुआ है. उन्हें अब भी यह साबित करना है कि वे नरेंद्र मोदी का व्यावहारिक विकल्प हैं.

press-freedpress-freedom_pixabay-960x600

यह अभिव्यक्ति की आज़ादी के लिए निराशाजनक दौर है

यह एक कठोर हक़ीक़त है कि अभिव्यक्ति की आज़ादी को बचाए रखने वाले हर क़ानून के अपनी जगह पर होने के बावजूद समाचारपत्रों और टेलीविज़न चैनलों ने बिना प्रतिरोध के आत्मसमर्पण कर दिया है और ऊपर से आदेश लेना शुरू कर दिया है.

modi-cow-collage

जिस तरह घोटाले कांग्रेस की पहचान बने थे, भाजपा मॉब लिंचिंग के लिए जानी जाएगी

अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन वह शहरी मध्यवर्ग, जो भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सड़कों पर उतर आया था, वह इस हिंसा पर उदासीन बना हुआ है.

Jayant-Sinha-BJP fb The Wire

जयंत सिन्हा भाजपा की सांप्रदायिक विचारधारा का ‘पढ़ा-लिखा’ चेहरा हैं

केंद्रीय मंत्री जैसे और भी कई हैं जो एक संपन्न और शिक्षित पृष्ठभूमि से आते हैं, जो दिखते उदारवादी हैं लेकिन जिनके मन में सांप्रदायिक सड़ांध भरी होती है.

sushma-swaraj-Twitter

सुषमा स्वराज का ट्रोल्स को जवाब देना अच्छा कदम है पर नाकाफ़ी है

विदेश मंत्री के लिए यह अच्छा अवसर था कि वे सामने आकर लगातार ट्विटर पर ट्रोलिंग का शिकार हो रही महिलाओं के प्रति अपना समर्थन जतातीं, लेकिन उनकी विनम्र प्रतिक्रिया दिखाती है कि उन्होंने ये अपमान का घूंट पी लिया है.

hanuman

हनुमान की नई छवि के मायने

हनुमान की यह छवि रचने वाले कलाकार करण आचार्य का कहना है कि उनके हनुमान शक्तिशाली हैं न कि दमनकारी. लेकिन जो इसे गर्व के साथ जोड़कर देख रहे हैं, वे शायद बिल्कुल ऐसा नहीं सोचते.

Modi Newspaper Ad Twitter

प्रेस की आज़ादी के असली दुश्मन बाहर नहीं, बल्कि अंदर ही हैं

मोदी के चुनाव जीतने के बाद या फिर उससे कुछ पहले ही मीडिया ने अपनी निष्पक्षता ताक पर रखनी शुरू कर दी थी. ऐसा तब है जब सरकार और प्रधानमंत्री ने मीडिया को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ किया है. मीडियाकर्मियों की जितनी ज़्यादा अवहेलना की गई है, वे उतना ही ज़्यादा अपनी वफ़ादारी दिखाने के लिए आतुर नज़र आ रहे हैं.

Padman

बॉलीवुड का नया ‘आदर्श’ भारतीय, राष्ट्रवादी और सरकार का पैरोकार है

अब फिल्मों में एक नया तत्व दिखाई दे रहा है. यह है उग्र राष्ट्रवादी तेवर, जो न सिर्फ सोशल मीडिया और समाज के एक ख़ास वर्ग में दिखाई देने वाली भावावेश भरी राष्ट्रीयता से मेल खाता है, बल्कि वर्तमान सरकार के एजेंडे के साथ भी अच्छे से कदम मिलाकर चलता है.

(फोटो: पीटीआई)

घटती लोकप्रियता से घबराकर संघ परिवार एक बार फिर ध्रुवीकरण के खेल में जुट गया है

हिंदू वोटों को ध्रुवीकृत करने के लिए कोशिशें तेज़ हो गई हैं. इस खेल में संघ परिवार माहिर है और ऐसी कोशिशों ने अतीत में भी इसे लाभ पहुंचाया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

साल 2018 में ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द संविधान से हटाए बिना ही चलन से बाहर कर दिया जाएगा

नरेंद्र मोदी सरकार कई अहम मोर्चों, मसलन रोज़गार और निवेश पर नाकाम रही है. जैसा कि हमने उत्तर प्रदेश और अब गुजरात में देखा, जब बाकी सारी चीज़ें चुक जाती हैं, तब हिंदुत्व काम आता है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

क्या राहुल गांधी में बदलाव आया है, या हम उन्हें अलग नज़रिये से देख रहे हैं?

राहुल नए रास्तों पर बढ़ रहे हैं और उनके भाषणों को अतीत के मुक़ाबले ज़्यादा कवरेज दिया जा रहा है. वे अब एक हंसमुख, तनावमुक्त और पैने व्यक्ति के तौर पर नज़र आते हैं.

journalists-killed

हत्यारों की भीड़ इस देश की नुमाइंदगी नहीं करती

अंग्रेज़ी प्रभावशाली भाषा है, मगर इसकी पहुंच सीमित है. क्षेत्रीय भाषाओं के पत्रकार असली असर पैदा कर सकते हैं. छोटे शहरों के ऐसे कई साहसी पत्रकार हैं, जिन्होंने अपने साहस की क़ीमत अपनी जान देकर चुकाई है.

Amar Akbar Anthony 1

सेकुलर भारत की याद दिलाती है अमर अकबर एंथनी

एक अलग भारत और उसके केंद्रीय मूल्यों को याद कराने के लिए फिल्म अमर अकबर एंथनी बुरा विचार नहीं है. यह आज के नौजवानों को यह बतलाएगा कि भारत हमेशा से वैसा नहीं था, जैसा कि आज है.

BJP-fake-news

क्यों फर्ज़ी ख़बरें भाजपा की पहचान बनती जा रही हैं?

किसी व्यक्ति या संस्थान के व्यक्तित्व को कुछ शब्दों में परिभाषित किया जा सकता है. ‘वंशवाद’ शब्द से सीधे कांग्रेस हमारे दिमाग मे आती है. भ्रष्टाचार शब्द से यूपीए हमारे दिमाग में आता है. वहीं फेक या फ़र्जी शब्द अब भाजपा की मिल्कियत बनता जा रहा है.

Kajol ScreenShot 12.jpg

बीफ वीडियो पर काजोल का सफाई देना इस डरावने दौर का सबूत है

हिंदुस्तान में जो व्यक्ति जितना ज़्यादा ताकतवर और प्रसिद्ध है, उसके सत्ता के पक्ष में बयान देने की संभावना उतनी ज़्यादा रहती है. चाहे वे फिल्म स्टार हों या बिज़नेसमैन, सभी ने सत्तारूढ़ दल के साथ खड़े होने की अपनी वजहें तलाश ली हैं.

ABVP-protest-768x512 12

‘एबीवीपी को ताकतवर लोगों का समर्थन है, पर वो प्रतिरोध के सामने टिक नहीं पाएंगे’

संघ ब्रिगेड द्वारा उनकी विचारधारा के ख़िलाफ़ उठने वाली हर आवाज़ को दबाने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है.