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उमेश कुमार राय

हमले में घायल कृष्णा मुसहर.

बिहार: भोजपुर में महादलितों के घरों पर हमला, छह लोगों को गोली मारी

घटना भोजपुर ज़िले के तरारी थाना क्षेत्र के सारा गांव की है. पुलिस के मुताबिक गांव के प्रभावशाली जातियों के कुछ लोग महिलाओं से छेड़छाड़ के इरादे से मुसहर टोली में घुसे थे. विरोध होने पर उन्होंने फायरिंग की, जिसमें एक साल की बच्ची समेत छह लोग घायल हो गए हैं.

मृत बच्चे की मां सोनमती. (फोटो: Special arrangement)

लॉकडाउन: भूख से हुई बच्चे की मौत, मां ने कहा- कर्फ्यू के बाद नहीं बना खाना

घटना बिहार के भोजपुर ज़िले के आरा की है. मुसहर समुदाय से आने वाले आठ वर्षीय राकेश की मौत 26 मार्च को हो गई थी. उनकी मां का कहना है कि लॉकडाउन के चलते उनके पति का मजदूरी का काम बंद था, जिसके चलते 24 मार्च के बाद उनके घर खाना नहीं बना था.

Patna: Medics take samples from a patient in the isolation ward of novel coronavirus (COVID-19) at Patna Medical College and Hospital (PMCH) in Patna, Saturday, March 14, 2020. (PTI Photo)(PTI14-03-2020_000040B)

बिहार: तेज़ी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों के बीच नीतीश सरकार की लचर तैयारी

बिहार में दिनोंदिन बढ़ रहे कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच संक्रमित मरीज़ों के इलाज में लगे डॉक्टरों का कहना है कि पर्याप्त आइसोलेशन बेड व सुरक्षा उपाय तो दूर, उन्हें सबसे बुनियादी चीज़ें मास्क और सैनिटाइज़र तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं.

Prashant Kishor, political strategist of India's main opposition Congress party, is pictured at a hotel in New Delhi, India May 15, 2016. To match Insight INDIA-CONGRESS/ REUTERS/Anindito Mukherjee

विवादों के घेरे में क्यों है प्रशांत किशोर का ‘बात बिहार की’ अभियान?

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने ‘बात बिहार की’ नाम से एक अभियान की शुरुआत की है. इस अभियान को लेकर प्रशांत किशोर पर आइडिया चोरी करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई है.

Patna: Election strategist and JDU leader Prashant Kishor addresses a press conference at his party office, in Patna, Monday, Feb. 11, 2019. (PTI Photo)(PTI2_11_2019_000098B)

नीतीश कुमार से अलग हुए प्रशांत किशोर बिहार विधानसभा चुनाव में क्या गुल खिलाएंगे?

जदयू से बाहर निकाले जाने के बाद प्रशांत किशोर ने ‘बात बिहार की’ कैंपेन शुरू किया है. उनका कहना है कि इसके ज़रिये वे सकारात्मक राजनीति करने के इच्छुक युवाओं को जोड़ना चाहते हैं. कैंपेन के तहत उनके द्वारा दिए जा रहे आंकड़े बिहार की एनडीए सरकार के राज्य में पिछले 15 सालों में हुए विकास के दावों पर सवाल उठाते हैं.

शहीद जवान संजय कुमार सिन्हा की पत्नी बेबी देवी. (फोटो: उमेश कुमार राय)

सरकार से क्यों नाराज़ हैं पुलवामा हमले के शहीदों के परिवार

विशेष रिपोर्ट: 14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आतंकी हमले में बिहार के रहने वाले दो सीआरपीएफ जवान भी शहीद हुए थे. हमले के एक साल बाद इनके परिजनों का कहना है कि शहादत के बाद सरकार की तरफ से बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन सारे कागज़ी निकले.

अमीर हंजला.

नागरिकता क़ानून: प्रदर्शन के दौरान पटना में मारे गए युवक की हत्या का ज़िम्मेदार कौन?

नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर बीते 21 दिसंबर को बिहार की राजधानी पटना में हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान 18 वर्षीय अमीर हंजला की हत्या कर दी गई थी. हिंसा के 10 दिन बाद उनका शव बरामद हुआ. हत्या के संबंध में पुलिस ने हिंदुत्ववादी संगठनों से जुड़े लोगों को गिरफ़्तार किया है.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar speaks during the International Conference on Crop Residue Management in Patna, Monday, Oct. 14, 2019. (PTI Photo)(PTI10_14_2019_000064B)

सांप्रदायिक दंगों में बिहार अव्वल क्यों है?

एक साल की देरी से जारी किए गए एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2017 में देश में दंगों की कुल 58,729 वारदातें दर्ज की गईं. इनमें से 11,698 दंगे बिहार में हुए. वर्ष 2017 में ही देश में कुल 723 सांप्रदायिक/धार्मिक दंगे हुए. इनमें से अकेले बिहार में 163 वारदातें हुईं, जो किसी भी सूबे से ज़्यादा है.

पटना में बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालती नगर पालिका की टीम (फोटो: पीटीआई)

‘हमने भारी बारिश की चेतावनी दी थी, ताकि बिहार सरकार स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे’

विशेष रिपोर्ट: बिहार की राजधानी पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक ने बताया कि 26 सितंबर से ही हम लोग वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के ज़रिये राज्य की एजेंसियों को बता रहे थे कि भीषण बारिश होगी. हमने राज्य सरकार को भी इसकी सूचना भेजी थी.

अमर राम, जिन्हें 17 साल पहले जमीन के हक का पर्चा मिला था, लेकिन उन्हें कब्जा अब तक नहीं मिल सका है. (फोटो: उमेश कुमार राय)

बिहार: ज़मीन के मालिक तो बन गए, लेकिन ज़मीन न मिली

बिहार में भूमि सुधार के तहत भूमिहीनों को ज़मीन का पट्टा दिया गया था. काग़ज़ों पर तो ये लोग ज़मीन के मालिक बन गए हैं, लेकिन वास्तव में अब तक इन्हें ज़मीन का क़ब्ज़ा नहीं मिल सका है.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar attends the foundation stone laying ceremony of 'Multipurpose Prakash Kendra and Udyan' at the campus of Guru Ka Bagh in Patna, Sunday, Sept 9, 2018. (PTI Photo)(PTI9_9_2018_000102B)

बिहार: क्या नीतीश कुमार के राज में ‘जंगलराज’ की वापसी हो गई है?

पिछले कुछ समय में बिहार में महिलाओं और बच्चियों के साथ बलात्कार और हत्या की नृशंस घटनाएं सामने आई हैं. इसके अलावा राज्य में लूट और अपहरण की वारदातें भी थमने का नाम नहीं ले रही हैं.

A relative sits next to a child patient who is suffering from acute encephalitis syndrome at a hospital in Muzaffarpur (Photo: Reuters)

‘सरकार ईमानदारी से काम करे, तो अगले साल इंसेफलाइटिस से एक भी बच्चे की जान नहीं जाएगी’

साक्षात्कार: बिहार में इस साल अब तक एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के चलते मुज़फ़्फ़रपुर व उसके आसपास के ज़िलों में 150 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है. यह बीमारी 1995 में सामने आई थी, तब से हर साल बच्चों की मौत हो रही है, कभी कम तो कभी ज़्यादा. इस बीमारी के तमाम पहलुओं को लेकर मुज़फ़्फ़रपुर में साढ़े तीन दशक से काम कर रहे प्रख्यात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.अरुण शाह से उमेश कुमार राय की बातचीत.

Mohammad Shahrukh

‘उन्होंने मुझसे जबरदस्ती जय श्री राम बुलवाया, ये बात पुलिस ने एफआईआर से गायब कर दी’

बीते हफ्ते पश्चिम बंगाल में कथित तौर पर ‘जय श्री राम’ न कहने पर ट्रेन से फेंके गए मदरसा शिक्षक मोहम्मद शाहरुख का दावा है कि उनके द्वारा हमला करने वाले लोगों और उनके संगठन के बारे में पुलिस को बताने के बावजूद किसी आरोपी को गिरफ़्तार नहीं किया गया है.

रूपेश कुमार सिंह. (फोटो साभार: फेसबुक)

बिहार: क्या पुलिस ने फ़र्ज़ी मामला बनाकर पत्रकार रूपेश को गिरफ़्तार किया?

बीते ​छह जून को बिहार की गया पुलिस ने तीन नक्सलियों को जिलेटिन स्टिक और इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर के साथ गिरफ़्तार करने का दावा किया था.

Bihar Muzaffarpur Photo Umesh Featured

बिहार: बीते पंद्रह दिनों में हुई तक़रीबन 60 बच्चों की मौत का ज़िम्मेदार कौन?

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार के मुज़फ्फरपुर में अब तक ‘अज्ञात बुखार’ के चलते करीब 60 बच्चों की मौत हो चुकी है और सैंकड़ों बच्चे इससे पीड़ित हैं.

Forbesganj: Prime Minister Narendra Modi and Bihar Chief Minister and Janta Dal United President Nitish Kumar during an election rally at Araria lok sabha constituency, in Forbesganj, Saturday, April 20, 2019. (PTI Photo) (PTI4_20_2019_000016B)

क्या नीतीश कुमार फिर एनडीए से अलग होने की तैयारी कर रहे हैं?

उचित प्रतिनिधित्व न मिलने के कारण नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने से जदयू के इनकार और बिहार राज्य कैबिनेट विस्तार में किसी भाजपा नेता को जगह न देने के सियासी घटनाक्रम को दोनों पार्टियों के बीच बढ़ती खटास के तौर पर देखा जा रहा है.

सीपीआई नेता फागो तांती

क्या राजनीतिक कारणों से हुई सीपीआई नेता फागो तांती की हत्या?

सीपीआई नेता फागो तांती ने बेगूसराय से सीपीआई प्रत्याशी कन्हैया कुमार का प्रचार भी किया था. सीपीआई नेता और पूर्व विधायक अवधेश राय ने हत्या के पीछे भाजपा का हाथ होने की आशंका ज़ाहिर की है, हालांकि भाजपा ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है.

घोड़ामारा द्वीप के अस्तित्व पर मंडराते संकट की कई वजहें हैं, जिनमें एक वजह जलवायु परिवर्तन भी है. (फोटो: उमेश कुमार राय)

पश्चिम बंगाल: सुंदरबन का एक द्वीप, जहां लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया गया है

ग्राउंड रिपोर्ट: पश्चिम बंगाल का घोड़ामारा दुनिया के सबसे बड़े मैंग्रूव फॉरेस्ट में गिने जाने वाले सुंदरबन डेल्टा का एक टापू है. पहले यह 8 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ था लेकिन बीते चार दशकों में नदी के कटाव से सिकुड़ते इस टापू के लोगों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है.

बिहार के मुख्यमंत्री नी​तीश कुमार. (फोटो साभार: फेसबुक)

पांच साल में बिहार की नीतीश सरकार ने विज्ञापन पर ख़र्च किए तक़रीबन पांच अरब रुपये

विशेष रिपोर्ट: सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार बिहार में राबड़ी देवी सरकार ने साल 2000 से 2005 के दौरान 23 करोड़ 48 लाख रुपये विज्ञापन पर ख़र्च किए थे. वहीं ​नीतीश कुमार सरकार ने पिछले पांच साल में विज्ञापन पर 4.98 अरब रुपये ख़र्च किए हैं.

बिहार की मधेपुरा लोकसभा सीट से महागठबंधन के उम्मीदवार शरद यादव, एनडीए के उम्मीदवार दिनेश चंद्र यादव और निर्दलीय चुनाव लड़ रहे पप्पू यादव. (फोटो: पीटीआई/बिहार विधानसभा)

शरद यादव, पप्पू यादव या दिनेश चंद्र यादव: कौन बनेगा बिहार के ‘मधेपुरा का गोप’

बिहार के मधेपुरा लोकसभा पर यादव बिरादरी का प्रभुत्व है. यहां एनडीए की तरफ से जदयू नेता दिनेश चंद्र यादव मैदान में हैं जबकि महागठबंधन ने शरद यादव को मैदान में उतारा है, वहीं पप्पू यादव निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं.

मुकेश साहनी. (फोटो साभार: ट्विटर)

बिहार में महागठबंधन के लिए कितने फायदेमंद साबित होंगे ‘सन ऑफ मल्लाह’

बिहार में ‘सन ऑफ मल्लाह’ के नाम से मशहूर मुकेश साहनी की विकासशील इंसान पार्टी साल 2014 के लोकसभा चुनाव में एनडीए के साथ थी. इस बार मुकेश साहनी महागठबंधन का हिस्सा हैं.

पश्चिम बंगाल के देउलपुर गांव में रंजीत माल बांस की जड़ से पोलो गेंद बनाने वाले इकलौते कारीगर बचे हैं. (फोटो: उमेश कुमार राय/द वायर)

दुनिया को बांस के पोलो बॉल से परिचित कराने वाले कारीगर आज संकट में हैं

पश्चिम बंगाल के हावड़ा ज़िले का देउलपुर गांव कभी बांस की जड़ों से पोलो गेंद तैयार करने के लिए जाना जाता था, लेकिन आज इस कारोबार से जुड़े लोगों के हुनर की सुध लेने वाला कोई नहीं है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. (फोटो साभार: फेसबुक)

बिहार: शराबबंदी से राजस्व में कमी न होने का नीतीश कुमार का दावा ग़लत निकला

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दावे के उलट कैग की रिपोर्ट बताती है कि शराबबंदी के कारण वित्त वर्ष 2016-2017 में कर राजस्व में गिरावट आई है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सारधा समूह के मालिक सुदीप्त सेन. (फोटो: पीटीआई)

सारधा चिटफंड घोटाले से बर्बाद हो चुके लोगों की चर्चा क्यों नहीं होती?

पश्चिम बंगाल में सारधा चिटफंड घोटाले को लेकर बीते दिनों पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार में तीन दिन चले सियासी ड्रामे के बीच उन लोगों का एक बार भी ज़िक्र नहीं आया जिनकी ज़िंदगियां इसकी वजह से बर्बाद हो गईं.

बिहार में मार दिए गए आरटीआई कार्यकर्ता ​शशिधर मिश्रा, रामकुमार ठाकुर और वाल्मीकि यादव (बाएं से दाएं).

बिहार में क्यों निशाने पर हैं आरटीआई कार्यकर्ता?

विशेष रिपोर्ट: एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2005 से लेकर अब तक देशभर में 79 आरटीआई कार्यकर्ताओं की हत्या की जा चुकी है, जिसमें क़रीब 20 फीसदी की हत्याएं केवल बिहार में हुई हैं. साल 2018 में बिहार में पांच आरटीआई कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले सामने आए हैं.

बारिश नहीं होने से पुनीत साहनी की धान की फसल ख़राब हो गई. उन्होंने पता नहीं है कि सरकार फसल ख़राब होने पर सब्सिडी भी दे रही है. (फोटो: उमेश कुमार राय/द वायर)

बिहार के सूखाग्रस्त किसानों को कितनी राहत देगी सरकार की सब्सिडी?

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार के सूखाग्रस्त किसानों के लिए सरकार ने सब्सिडी देने की घोषणा की है, लेकिन इसके लिए ऑनलाइन आवेदन ही किया जा सकता है. वहीं अधिकांश किसानों को पता ही नहीं ऐसी कोई योजना चलाई जा रही है.

देवकी मांझी दिहाड़ी मज़दूर हैं. उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, जिस कारण जब उनके बेटे को चूड़ी फैक्ट्री में काम देने की बात कही गई, तो न चाहते हुए भी वह तैयार हो गए. (फोटो: उमेश कुमार राय/द वायर)

बाल मज़दूरों का कारखाना बनता गया

बिहार का गया ज़िला भले ही धार्मिक कारणों से दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन पिछले कुछ सालों में इस ज़िले पर एक और तमगा चस्पां हो गया है. गया इकलौता ज़िला बन गया है, जहां के सबसे ज़्यादा बच्चे बाल मज़दूर बनकर दूसरे राज्यों की फैक्ट्रियों में काम करने को मजबूर हैं.

धनंजय पाल ने आमरी अस्पताल में सात पहले लगी आग में अपनी 15 साल की बेटी को खो चुके हैं. (फोटो: उमेश कुमार राय/द वायर)

आमरी अस्पताल अग्निकांड के सात साल: गुज़रते वक़्त के साथ धुंधली होती न्याय की उम्मीद

ग्राउंड रिपोर्ट: साल 2011 में 9 दिसंबर की सुबह कोलकाता के बड़े निजी अस्पतालों में से एक आमरी अस्पताल में लगी आग में 92 मरीज़ों की जान चली गई थी. पिछले सात सालों से चली आ रही क़ानूनी प्रक्रिया इस अग्निकांड के पीड़ित परिवारों को निराश कर रही है.

मोहम्मद ज़ैनुल अंसारी. (फोटो: उमेश कुमार राय/द वायर)

सीतामढ़ी ​से ग्राउंड रिपोर्ट: दंगाई एक-एक मुस्लिम को काट डालने के लिए ललकार रहे थे

बिहार के सीतामढ़ी में बीते 20 अक्टूबर को मूर्ति विसर्जन के दौरान निकले जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने एक बुज़ुर्ग ज़ैनुल अंसारी की पीट-पीट कर हत्या करने के बाद उन्हें जला दिया था.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar adjusts the turban during 'Virat Chhatra Sanagam', in Patna, Thursday, Oct 11, 2018. (PTI Photo) (PTI10_11_2018_000050B)

क्या नीतीश कुमार को मुस्लिम वोटरों के छिटकने का डर सता रहा है?

बिहार में लालू प्रसाद यादव के बाद मुस्लिम समुदाय को नीतीश कुमार से ब​हुत उम्मीदें थीं, लेकिन वो एक-एक कर टूटती चली गईं.