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उमेश कुमार राय

Patna: Residents ride a municipality earth-mover through a flooded street following heavy monsoon rain, in Patna, Monday, Sept. 30, 2019. (PTI Photo)(PTI9_30_2019_000128B)

‘हमने भारी बारिश की चेतावनी दी थी, ताकि बिहार सरकार स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे’

विशेष रिपोर्ट: बिहार की राजधानी पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक ने बताया कि 26 सितंबर से ही हम लोग वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के ज़रिये राज्य की एजेंसियों को बता रहे थे कि भीषण बारिश होगी. हमने राज्य सरकार को भी इसकी सूचना भेजी थी.

अमर राम, जिन्हें 17 साल पहले जमीन के हक का पर्चा मिला था, लेकिन उन्हें कब्जा अब तक नहीं मिल सका है. (फोटो: उमेश कुमार राय)

बिहार: ज़मीन के मालिक तो बन गए, लेकिन ज़मीन न मिली

बिहार में भूमि सुधार के तहत भूमिहीनों को ज़मीन का पट्टा दिया गया था. काग़ज़ों पर तो ये लोग ज़मीन के मालिक बन गए हैं, लेकिन वास्तव में अब तक इन्हें ज़मीन का क़ब्ज़ा नहीं मिल सका है.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar attends the foundation stone laying ceremony of 'Multipurpose Prakash Kendra and Udyan' at the campus of Guru Ka Bagh in Patna, Sunday, Sept 9, 2018. (PTI Photo)(PTI9_9_2018_000102B)

बिहार: क्या नीतीश कुमार के राज में ‘जंगलराज’ की वापसी हो गई है?

पिछले कुछ समय में बिहार में महिलाओं और बच्चियों के साथ बलात्कार और हत्या की नृशंस घटनाएं सामने आई हैं. इसके अलावा राज्य में लूट और अपहरण की वारदातें भी थमने का नाम नहीं ले रही हैं.

A relative sits next to a child patient who is suffering from acute encephalitis syndrome at a hospital in Muzaffarpur (Photo: Reuters)

‘सरकार ईमानदारी से काम करे, तो अगले साल इंसेफलाइटिस से एक भी बच्चे की जान नहीं जाएगी’

साक्षात्कार: बिहार में इस साल अब तक एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के चलते मुज़फ़्फ़रपुर व उसके आसपास के ज़िलों में 150 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है. यह बीमारी 1995 में सामने आई थी, तब से हर साल बच्चों की मौत हो रही है, कभी कम तो कभी ज़्यादा. इस बीमारी के तमाम पहलुओं को लेकर मुज़फ़्फ़रपुर में साढ़े तीन दशक से काम कर रहे प्रख्यात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.अरुण शाह से उमेश कुमार राय की बातचीत.

Mohammad Shahrukh

‘उन्होंने मुझसे जबरदस्ती जय श्री राम बुलवाया, ये बात पुलिस ने एफआईआर से गायब कर दी’

बीते हफ्ते पश्चिम बंगाल में कथित तौर पर ‘जय श्री राम’ न कहने पर ट्रेन से फेंके गए मदरसा शिक्षक मोहम्मद शाहरुख का दावा है कि उनके द्वारा हमला करने वाले लोगों और उनके संगठन के बारे में पुलिस को बताने के बावजूद किसी आरोपी को गिरफ़्तार नहीं किया गया है.

रूपेश कुमार सिंह. (फोटो साभार: फेसबुक)

बिहार: क्या पुलिस ने फ़र्ज़ी मामला बनाकर पत्रकार रूपेश को गिरफ़्तार किया?

बीते ​छह जून को बिहार की गया पुलिस ने तीन नक्सलियों को जिलेटिन स्टिक और इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर के साथ गिरफ़्तार करने का दावा किया था.

Bihar Muzaffarpur Photo Umesh Featured

बिहार: बीते पंद्रह दिनों में हुई तक़रीबन 60 बच्चों की मौत का ज़िम्मेदार कौन?

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार के मुज़फ्फरपुर में अब तक ‘अज्ञात बुखार’ के चलते करीब 60 बच्चों की मौत हो चुकी है और सैंकड़ों बच्चे इससे पीड़ित हैं.

Forbesganj: Prime Minister Narendra Modi and Bihar Chief Minister and Janta Dal United President Nitish Kumar during an election rally at Araria lok sabha constituency, in Forbesganj, Saturday, April 20, 2019. (PTI Photo) (PTI4_20_2019_000016B)

क्या नीतीश कुमार फिर एनडीए से अलग होने की तैयारी कर रहे हैं?

उचित प्रतिनिधित्व न मिलने के कारण नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने से जदयू के इनकार और बिहार राज्य कैबिनेट विस्तार में किसी भाजपा नेता को जगह न देने के सियासी घटनाक्रम को दोनों पार्टियों के बीच बढ़ती खटास के तौर पर देखा जा रहा है.

सीपीआई नेता फागो तांती

क्या राजनीतिक कारणों से हुई सीपीआई नेता फागो तांती की हत्या?

सीपीआई नेता फागो तांती ने बेगूसराय से सीपीआई प्रत्याशी कन्हैया कुमार का प्रचार भी किया था. सीपीआई नेता और पूर्व विधायक अवधेश राय ने हत्या के पीछे भाजपा का हाथ होने की आशंका ज़ाहिर की है, हालांकि भाजपा ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है.

घोड़ामारा द्वीप के अस्तित्व पर मंडराते संकट की कई वजहें हैं, जिनमें एक वजह जलवायु परिवर्तन भी है. (फोटो: उमेश कुमार राय)

पश्चिम बंगाल: सुंदरबन का एक द्वीप, जहां लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया गया है

ग्राउंड रिपोर्ट: पश्चिम बंगाल का घोड़ामारा दुनिया के सबसे बड़े मैंग्रूव फॉरेस्ट में गिने जाने वाले सुंदरबन डेल्टा का एक टापू है. पहले यह 8 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ था लेकिन बीते चार दशकों में नदी के कटाव से सिकुड़ते इस टापू के लोगों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है.

बिहार के मुख्यमंत्री नी​तीश कुमार. (फोटो साभार: फेसबुक)

पांच साल में बिहार की नीतीश सरकार ने विज्ञापन पर ख़र्च किए तक़रीबन पांच अरब रुपये

विशेष रिपोर्ट: सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार बिहार में राबड़ी देवी सरकार ने साल 2000 से 2005 के दौरान 23 करोड़ 48 लाख रुपये विज्ञापन पर ख़र्च किए थे. वहीं ​नीतीश कुमार सरकार ने पिछले पांच साल में विज्ञापन पर 4.98 अरब रुपये ख़र्च किए हैं.

बिहार की मधेपुरा लोकसभा सीट से महागठबंधन के उम्मीदवार शरद यादव, एनडीए के उम्मीदवार दिनेश चंद्र यादव और निर्दलीय चुनाव लड़ रहे पप्पू यादव. (फोटो: पीटीआई/बिहार विधानसभा)

शरद यादव, पप्पू यादव या दिनेश चंद्र यादव: कौन बनेगा बिहार के ‘मधेपुरा का गोप’

बिहार के मधेपुरा लोकसभा पर यादव बिरादरी का प्रभुत्व है. यहां एनडीए की तरफ से जदयू नेता दिनेश चंद्र यादव मैदान में हैं जबकि महागठबंधन ने शरद यादव को मैदान में उतारा है, वहीं पप्पू यादव निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं.

मुकेश साहनी. (फोटो साभार: ट्विटर)

बिहार में महागठबंधन के लिए कितने फायदेमंद साबित होंगे ‘सन ऑफ मल्लाह’

बिहार में ‘सन ऑफ मल्लाह’ के नाम से मशहूर मुकेश साहनी की विकासशील इंसान पार्टी साल 2014 के लोकसभा चुनाव में एनडीए के साथ थी. इस बार मुकेश साहनी महागठबंधन का हिस्सा हैं.

पश्चिम बंगाल के देउलपुर गांव में रंजीत माल बांस की जड़ से पोलो गेंद बनाने वाले इकलौते कारीगर बचे हैं. (फोटो: उमेश कुमार राय/द वायर)

दुनिया को बांस के पोलो बॉल से परिचित कराने वाले कारीगर आज संकट में हैं

पश्चिम बंगाल के हावड़ा ज़िले का देउलपुर गांव कभी बांस की जड़ों से पोलो गेंद तैयार करने के लिए जाना जाता था, लेकिन आज इस कारोबार से जुड़े लोगों के हुनर की सुध लेने वाला कोई नहीं है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. (फोटो साभार: फेसबुक)

बिहार: शराबबंदी से राजस्व में कमी न होने का नीतीश कुमार का दावा ग़लत निकला

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दावे के उलट कैग की रिपोर्ट बताती है कि शराबबंदी के कारण वित्त वर्ष 2016-2017 में कर राजस्व में गिरावट आई है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सारधा समूह के मालिक सुदीप्त सेन. (फोटो: पीटीआई)

सारधा चिटफंड घोटाले से बर्बाद हो चुके लोगों की चर्चा क्यों नहीं होती?

पश्चिम बंगाल में सारधा चिटफंड घोटाले को लेकर बीते दिनों पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार में तीन दिन चले सियासी ड्रामे के बीच उन लोगों का एक बार भी ज़िक्र नहीं आया जिनकी ज़िंदगियां इसकी वजह से बर्बाद हो गईं.

बिहार में मार दिए गए आरटीआई कार्यकर्ता ​शशिधर मिश्रा, रामकुमार ठाकुर और वाल्मीकि यादव (बाएं से दाएं).

बिहार में क्यों निशाने पर हैं आरटीआई कार्यकर्ता?

विशेष रिपोर्ट: एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2005 से लेकर अब तक देशभर में 79 आरटीआई कार्यकर्ताओं की हत्या की जा चुकी है, जिसमें क़रीब 20 फीसदी की हत्याएं केवल बिहार में हुई हैं. साल 2018 में बिहार में पांच आरटीआई कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले सामने आए हैं.

बारिश नहीं होने से पुनीत साहनी की धान की फसल ख़राब हो गई. उन्होंने पता नहीं है कि सरकार फसल ख़राब होने पर सब्सिडी भी दे रही है. (फोटो: उमेश कुमार राय/द वायर)

बिहार के सूखाग्रस्त किसानों को कितनी राहत देगी सरकार की सब्सिडी?

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार के सूखाग्रस्त किसानों के लिए सरकार ने सब्सिडी देने की घोषणा की है, लेकिन इसके लिए ऑनलाइन आवेदन ही किया जा सकता है. वहीं अधिकांश किसानों को पता ही नहीं ऐसी कोई योजना चलाई जा रही है.

देवकी मांझी दिहाड़ी मज़दूर हैं. उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, जिस कारण जब उनके बेटे को चूड़ी फैक्ट्री में काम देने की बात कही गई, तो न चाहते हुए भी वह तैयार हो गए. (फोटो: उमेश कुमार राय/द वायर)

बाल मज़दूरों का कारखाना बनता गया

बिहार का गया ज़िला भले ही धार्मिक कारणों से दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन पिछले कुछ सालों में इस ज़िले पर एक और तमगा चस्पां हो गया है. गया इकलौता ज़िला बन गया है, जहां के सबसे ज़्यादा बच्चे बाल मज़दूर बनकर दूसरे राज्यों की फैक्ट्रियों में काम करने को मजबूर हैं.

धनंजय पाल ने आमरी अस्पताल में सात पहले लगी आग में अपनी 15 साल की बेटी को खो चुके हैं. (फोटो: उमेश कुमार राय/द वायर)

आमरी अस्पताल अग्निकांड के सात साल: गुज़रते वक़्त के साथ धुंधली होती न्याय की उम्मीद

ग्राउंड रिपोर्ट: साल 2011 में 9 दिसंबर की सुबह कोलकाता के बड़े निजी अस्पतालों में से एक आमरी अस्पताल में लगी आग में 92 मरीज़ों की जान चली गई थी. पिछले सात सालों से चली आ रही क़ानूनी प्रक्रिया इस अग्निकांड के पीड़ित परिवारों को निराश कर रही है.

मोहम्मद ज़ैनुल अंसारी. (फोटो: उमेश कुमार राय/द वायर)

सीतामढ़ी ​से ग्राउंड रिपोर्ट: दंगाई एक-एक मुस्लिम को काट डालने के लिए ललकार रहे थे

बिहार के सीतामढ़ी में बीते 20 अक्टूबर को मूर्ति विसर्जन के दौरान निकले जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने एक बुज़ुर्ग ज़ैनुल अंसारी की पीट-पीट कर हत्या करने के बाद उन्हें जला दिया था.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar adjusts the turban during 'Virat Chhatra Sanagam', in Patna, Thursday, Oct 11, 2018. (PTI Photo) (PTI10_11_2018_000050B)

क्या नीतीश कुमार को मुस्लिम वोटरों के छिटकने का डर सता रहा है?

बिहार में लालू प्रसाद यादव के बाद मुस्लिम समुदाय को नीतीश कुमार से ब​हुत उम्मीदें थीं, लेकिन वो एक-एक कर टूटती चली गईं.

Patna: Bihar Chief Minister and Janta Dal United JD(U) National President Nitish Kumar greets electoral strategist Prashant Kishor after he joined JD(U) during party's state executive meeting at Anne Marg, in Patna, Sunday, Sept 16, 2018. (PTI Photo)(PTI9_16_2018_000034B)

नीतीश कुमार और प्रशांत किशोर ने एक-दूसरे को क्यों चुना?

विशेष रिपोर्ट: 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू के लिए चुनावी रणनीति तैयार करने वाले प्रशांत किशोर ने हाल ही में पार्टी की सदस्यता ली और अब नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना दिया है.

Ahmedabad: Migrant workers wait to board a train out of Gujarat in view of protests and violence breaking out over the alleged rape of a 14-month-old girl, in Ahmedabad, Tuesday, Oct 9, 2018. (PTI Photo/Santosh Hirlekar) (PTI10_9_2018_000084B)

प्रवासी मज़दूरों का पलायन: ‘हमें मां-बहन की गालियां देकर गुजरात ख़ाली करने को कहा गया था’

28 सितंबर को गुजरात के साबरकांठा ज़िले में 14 महीने की मासूम से बलात्कार का आरोप बिहार मूल के एक व्यक्ति पर लगने के बाद राज्य के आठ ज़िलों में उत्तर भारतीय मज़दूरों के ख़िलाफ़ हिंसा शुरू हो गई जिसके बाद वहां से पलायन जारी है.

Aurangabad: A scene of arson after violent clashes between two groups during a Ramnavmi procession in Aurangabad district on Monday. PTI Photo   (PTI3_26_2018_000132B)

बिहार में क्यों बड़ी संख्या में तलवारें बरामद हो रही हैं?

विशेष रिपोर्ट: बीते अप्रैल में रामनवमी के दौरान बिहार में सांप्रदायिक हिंसा की कई घटनाएं हुई थीं. अब पिछले कुछ हफ़्तों में राज्य के विभिन्न ज़िलों से बड़ी तादाद में पुलिस ने तलवारें बरामद की हैं.

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राजस्थान के पत्रकार पर फ़र्ज़ी मुक़दमे में बिहार पुलिस के अफ़सर की भूमिका संदेह के घेरे में

सूत्रों के मुताबिक बाड़मेर के पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित की गिरफ़्तारी के मामले पर बिहार सरकार द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट में एक एएसपी के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफ़ारिश की गई है.

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ग्राउंड रिपोर्ट: क्या बक्सर में दो बच्चों की मौत ‘भूख’ से हुई है?

बिहार के बक्सर ज़िले के कोरानसराय गांव में धना देवी के दो बच्चों गोविंदा और एतवरिया की पिछले दिनों मौत हो गई. धना देवी का कहना है कि दोनों की मौत भूख के कारण हुई है, लेकिन प्रशासन इस दावे को खारिज करते हुए कह रहा है कि भूख नहीं बीमारी के कारण वे मरे हैं.

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‘खीर’ का ज़िक्र कर कौन-सी ‘खिचड़ी’ पका रहे हैं उपेंद्र कुशवाहा?

बिहार में यादव समुदाय की आबादी करीब 15 प्रतिशत और कुशवाहा समुदाय की करीब 8 फीसदी है. ऐसे में अगर उपेंद्र कुशवाहा लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए छोड़ कर राजद के साथ जाते हैं, तो भाजपा को बड़ा नुकसान हो सकता है.

Durg Singh Rajpurohit FB

पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित को जमानत, राजस्थान और बिहार सरकार ने दिए मामले की जांच के आदेश

पटना में एससी-एसटी एक्ट के तहत दायर मामले में राजस्थान के पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित को निजी मुचलके पर जमानत मिल गई है.

Durgesh Journalist Rajasthan

राजस्थान से गिरफ़्तार कर बिहार लाए गए पत्रकार ​के मामले का सच क्या है?

पटना में एससी-एसटी एक्ट के तहत दायर मामले में राजस्थान के पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित का कहना है कि वे कभी बिहार नहीं गए. वहीं, दूसरी ओर जिसके नाम से शिकायत दर्ज कराई गई है उसने ऐसी कोई शिकायत दर्ज कराने से इनकार किया है.

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बिहार: सैकड़ों परिवारों को बेघर कर पटना में बनेगा मंत्रियों-जजों के लिए बंगला

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार की नीतीश कुमार सरकार पटना के गर्दनीबाग में 268 एकड़ ज़मीन पर मंत्रियों, जजों और सरकारी अफ़सरों के लिए एक हज़ार से ज़्यादा आवास बनाने जा रही है.

मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह मामले का मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा. (फोटो: पीटीआई)

बिहार बालिका गृह: नीतीश ने समाज कल्याण मंत्री का इस्तीफ़ा लेने में इतनी देर क्यों कर दी?

समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा कुशवाहा समाज से आती हैं, जिसका बिहार में ओबीसी समुदाय के वोटबैंक में आठ प्रतिशत का योगदान है. माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव नज़दीक होने की वजह से उन्हें हटाकर राजग अपने वोटबैंक का नुकसान नहीं करना चाह रहा था.

मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह में बच्चियों के साथ बलात्कार मामले का मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर, अख़बार प्रात: कमल और मुख्यमंत्री ​नीतीश कुमार. (फोटो साभार: फेसबुक/रॉयटर्स)

बिहार बालिका गृह: मुख्य आरोपी के अख़बार को केस दर्ज होने के बाद भी मिला सरकारी विज्ञापन

एक जून से 14 जून तक बिहार के सूचना व जनसंपर्क विभाग की ओर से मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के अख़बार ‘प्रातः कमल’ के नाम 14 विज्ञापन जारी किए गए. सूचना व जनसंपर्क विभाग ख़ुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संभालते हैं.

Muzaffarpur: Police personnel escort children out of a government-funded shelter, in Muzaffarpur, on Monday, July 23, 2018. A girl of a government shelter home has alleged that one of her fellow inmates was beaten to death and buried at the premises of the facility, and several were raped. (PTI Photo)(PTI7_23_2018_000192B)

बिहार बालिका गृह यौन शोषण: लड़कियों की आपबीती रोंगटे खड़े कर देती है

बिहार सरकार के फंड से मुज़फ़्फ़रपुर में चल रहे बालिका गृह में रहने वाली 42 बच्चियों में से अब तक 34 बच्चियों से रेप व यौन शोषण की पुष्टि हो चुकी है.

श्यामसुंदर प्रसाद चौरसिया ने 4 कट्ठे में पान की खेती की थी. शीतलहर ने पान बर्बाद कर दिया. उन्हें अब तक मुआवज़ा नहीं मिला है. (फोटो: उमेश कुमार राय/द वायर)

बिहार के पान उगाने वाले किसानों को नीतीश सरकार से कोई उम्मीद क्यों नहीं है

ग्राउंड रिपोर्ट: इस साल जनवरी में मगही पान की खेती करने वाले किसानों की फसल सर्दी की वजह से बर्बाद हो गई. सरकार की ओर से मुआवज़े का आश्वासन मिलने के बाद भी इन्हें कोई मदद नहीं मिल सकी है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. (फोटो साभार: फेसबुक)

शराबबंदी: सिर दर्द के इलाज के लिए पेट दर्द की गोली दे रहे नीतीश कुमार?

बिहार में दो साल से लागू बिहार मद्य निषेध व उत्पाद अधिनियम, 2016 में करीब आधा दर्जन संशोधन के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. 20 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मॉनसून सत्र में संशोधन प्रस्ताव को पेश किया जाएगा. इसे लेकर काफी हंगामा होने की उम्मीद है.

Aurangabad: A scene of arson after violent clashes between two groups during a Ramnavmi procession in Aurangabad district on Monday. PTI Photo   (PTI3_26_2018_000132B)

औरंगाबाद: दंगा पीड़ित दुकानदारों को क्यों लग रहा है कि नीतीश सरकार उन्हें ठग रही है?

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार के औरंगाबाद में मार्च महीने में रामनवमी के समय हुई सांप्रदायिक हिंसा में कई दुकानों में लूटपाट कर आग लगा दी गई थी. उस समय नीतीश सरकार ने पीड़ित दुकानदारों को मुआवज़ा देने की बात कही थी, लेकिन चार महीने बाद भी ज़्यादातर दुकानदारों को एक रुपया भी मुआवज़ा नहीं मिला है.

फोटो: पीटीआई

नफ़रत भरे भाषण देने में भाजपा सबसे आगे, बिहार में दिए गए सबसे ज़्यादा भाषण

सर्वेक्षण: पीपुल्स यूनियन ऑफ सिविल लिबर्टीज़ के तत्वावधान में क़ानून की पढ़ाई कर रहे छात्रों द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है.

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बिहार में ​फिर बाढ़ की आहट, पिछले साल के प्रभावितों को अब तक नहीं मिला मुआवज़ा

बिहार में एक बार फिर कई नदियां उफान पर हैं. पिछले साल राज्य के 17 जिलों में बाढ़ आई थी. इससे करीब 1.71 करोड़ लोग प्रभावित हुए थे. 8.5 लाख लोगों के घर टूट गए थे और करीब 8 लाख एकड़ फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी.

बीएड छात्र-छात्राओं ने पटना विश्वविद्यालय के सामने धरना दिया और भूख हड़ताल पर भी बैठे, लेकिन कोई भी उनकी सुध लेने के लिए नहीं आया. (फोटो: उमेश कुमार राय/द वायर)

पटना विश्वविद्यालय: बीएड परीक्षा होने के बाद सामूहिक नकल बताकर 97 छात्रों को फेल किया

पटना विश्वविद्यालय के पटना ट्रेनिंग कॉलेज का मामला. रिज़ल्ट में 97 छात्र-छात्राओं को दिए गए शून्य अंक.