एम. जगदीश कुमार

Raja Ram Yadav Purvanchal Uni VC featured

अब तो कुलपति भी क़त्ल के लिए उकसाने लगे!

कुलपतियों के कारनामे अब देश के विश्वविद्यालयों का मौसम बन गए हैं. विश्वविद्यालयों की प्रतिष्ठा और गुणवत्ता दोनों पर दाग लग रहे हैं. बड़बोलेपन में राजनीतिक नेताओं को भी मात करने वाले कुलपतियों के ही कारण देश के कई बड़े और श्रेष्ठ उच्च शिक्षण संस्थान इन दिनों बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं.

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय. (फोटो: शोम बसु)

‘कुलपति जी! जेएनयू को ख़त्म करने वाले इंसान को हमारी डिग्री बांटने का अधिकार नहीं’

बुधवार को होने वाले दीक्षांत समारोह के बहिष्कार का आह्वान करते हुए जेएनयूएसयू पूर्व अध्यक्षों को बुलाकर समानांतर कार्यक्रम आयोजित करेगा.

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (फोटो: पीटीआई)

जेएनयू में लाया जा र​हा जनमत संग्रह विश्वविद्यालयों की संरचना पर बात करने का मौका है

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) ने सात अगस्त को कुलपति प्रो. एम. जगदीश कुमार को पद से हटाने और उच्च शिक्षा निधि प्राधिकरण से ऋण लेने के ख़िलाफ़ जनमत संग्रह कराने का फैसला किया है.

JNUTA FB

‘जेएनयू कुलपति के ख़िलाफ़ जनमत संग्रह पास होता है तो इसका मतलब वे स्वीकार्य नहीं हैं’

वीडियो: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) शिक्षक संघ ने 7 अगस्त को कुलपति को पद से हटाने और उच्च शिक्षा निधि प्राधिकरण से ऋण लेने के ख़िलाफ़ जनमत संग्रह कराने का फैसला किया है. इस विषय पर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद से सृष्टि श्रीवास्तव की बातचीत.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ​की बिल्डिंग. फोटो: पीटीआई

जेएनयू के पूर्व प्रोफेसरों ने कहा, अतीत में कोई भी कुलपति लगातार नियमों के विरुद्ध नहीं गया

जेएनयू के कुलपति एम जगदीश कुमार पर परिपाटी तोड़ने और संकाय सदस्यों की आपत्ति को तवज्जो न देने का आरोप.

JNU Akhil

‘टैंक रखने से राष्ट्रवाद की भावना मजबूत होती है​ तो एक टैंक संघ मुख्यालय में रखा जाना चाहिए’

जेएनयू में ‘देशभक्ति की भावना’ जगाने के लिए कैंपस में टैंक रखवाने के कुलपति एम. जगदीश कुमार के विचार पर जेएनयू के छात्र-छात्राओं से बातचीत.

JNU PTI

‘देशभक्ति की भावना’ जगाने के लिए कैंपस में टैंक रखवाना चाहते हैं जेएनयू ​के कुलपति

रविवार को जेएनयू में पहली बार कारगिल विजय दिवस मनाया गया. कार्यक्रम में दो केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और जनरल वीके सिंह मौजूद थे.