महात्मा गांधी

‘यह गांधी कौन था?’ ‘वही, जिसे गोडसे ने मारा था’

गांधी को लिखे पत्र में हरिशंकर परसाई कहते हैं, ‘गोडसे की जय-जयकार होगी, तब यह तो बताना ही पड़ेगा कि उसने कौन-सा महान कर्म किया था. बताया जाएगा कि उस वीर ने गांधी को मार डाला था. तो आप गोडसे के बहाने याद किए जाएंगे. अभी तक गोडसे को आपके बहाने याद किया जाता था. एक महान पुरुष के हाथों मरने का कितना फायदा मिलेगा आपको.’

‘हमें आज़ादी तो मिल गई है पर पता नहीं कि उसका करना क्या है’

आज़ादी के 74 साल: हमारी हालत अब भी उस पक्षी जैसी है, जो लंबी क़ैद के बाद पिंजरे में से आज़ाद तो हो गया हो, पर उसे नहीं पता कि इस आज़ादी का करना क्या है. उसके पास पंख हैं पर ये सिर्फ उस सीमा में ही रहना चाहता है जो उसके लिए निर्धारित की गई है.

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अगले अध्यक्ष होंगे पूर्व जज जस्टिस अरुण मिश्रा

इस पद के लिए तीन पूर्व मुख्य न्यायाधीशों को भी शॉर्टलिस्ट किया गया था, लेकिन इन सबको दरकिनार कर चयन समिति ने जस्टिस अरुण मिश्रा को तरजीह दी. पिछले साल फरवरी में सुप्रीम कोर्ट के जज के पद पर होते हुए भी उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ़ की थी, जिसके कारण उनकी आलोचना हुई थी कि वह किस हद तक सरकार के क़रीबी हैं.

महादेव देसाई की डायरी के ज़रिये साबरमती आश्रम में टीकाकरण पर हुई चर्चा का पुनर्पाठ

गांधी कहते थे कि वे किसी को चेचक का टीका लेने से नहीं रोकेंगे, लेकिन उन्होंने यह भी कहा था कि वे अपनी मान्यता नहीं बदल सकते और टीकाकरण को बढ़ावा नहीं दे सकते हैं.

भगत सिंह की हंसी के वारिस

भगत सिंह की पवित्र भूमि, उनका स्वर्ग भारत आज उन्हीं की परिभाषा के मुताबिक नर्क बना दिया गया है. उसे नर्क बना देने वाली ताकतें ही भारत की मालिक बन बैठी हैं. भगत के धर्म को मानने वाले क़ैद में हैं, उन्हीं की तरह. और भगत सिंह की तरह ही उनसे उनकी हंसी छीनी नहीं जा सकी है.

मध्य प्रदेश: हिंदू महासभा 14 मार्च को यात्रा निकालकर गोडसे से जुड़े ‘तथ्यों’ का प्रचार करेगी

अखिल भारतीय हिंदू महासभा की ओर से कहा गया है कि वह महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे एवं सह-षड्यंत्रकारी नारायण राव आप्टे से जुड़े तथ्यों की जानकारी देने के लिए 14 मार्च को ग्वालियर से दिल्ली तक वाहन रैली निकालेगी. इस पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि हिंदू महासभा, भाजपा और आरएसएस के कुछ तत्व नफ़रत के सौदागर हैं.

किसानों को सत्याग्रह अपनाकर प्रदर्शन जारी रखना चाहिएः मेधा पाटकर

गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा मामले में जिन 37 लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज हुई है, उनमें मेधा पाटकर भी हैं. उन्होंने कहा कि कृषि क़ानून सिर्फ किसानों का मुद्दा नहीं है बल्कि खेती और उससे जुड़ा हर शख़्स इनसे प्रभावित होगा. लोकतंत्र को बचाने के लिए एक साथ खड़े होने की ज़रूरत है.

गांधी के बरअक्स उनके हत्यारे गोडसे के बढ़ते महिमामंडन के क्या मायने निकलते हैं?

पिछले कुछ समय से महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के महिमामंडल की तमाम कोशिशें अपने आप स्वतः स्फूर्त ढंग से नहीं हो रही हैं, यह एक सुनियोजित योजना का हिस्सा है. यह एक तरह से ऐसे झुंड की सियासत को महिमामंडित करना है, जो अगर आगे बढ़ती है तो निश्चित ही भारत की एकता और अखंडता के लिए ख़तरा बन सकती है.

मध्य प्रदेश: ग्वालियर में गोडसे पर आधारित लाइब्रेरी शुरू होने के दो दिन बाद बंद

हिंदू महासभा ने बीते दस जनवरी को ग्वालियर में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के नाम पर ज्ञानशाला की शुरुआत की थी. महासभा की ओर से कहा गया था कि लाइब्रेरी को स्थापित करने का उद्देश्य आज के अज्ञानी युवाओं में सच्ची देशभक्ति को जगाना है, जिसके लिए गोडसे खड़े हुए थे.

मध्य प्रदेश: युवाओं को गोडसे के बारे में बताने के लिए हिंदू महासभा ने शुरू की गोडसे लाइब्रेरी

ग्वालियर में गोडसे ज्ञान शाला शुरू करते हुए हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. जयवीर भारद्वाज ने कहा कि दुनिया को यह बताने के लिए कि गोडसे सच्चे देशभक्त थे, लाइब्रेरी खोली गई है. इसका उद्देश्य आज के अज्ञानी युवाओं में सच्ची देशभक्ति जगाना है, जिसके लिए गोडसे खड़े हुए थे.

गांधी को हिंदू देशभक्त बताना उन्हें ओछा करना है…

गांधी हिंदू थे, गीता, उपनिषद, वेद आदि के लिए भी उनके मन में ऊंचा स्थान था, पर उनका साफ कहना था कि अगर ये पवित्र ग्रंथ अस्पृश्यता का समर्थन करते हों, तो वे उन्हें भी ठुकरा देंगे. गांधी का एक जीवन दर्शन था जिसकी कसौटी पर महान से महान व्यक्ति, ग्रंथ या विचार को कसा ही जाना था.

आंध्र प्रदेश: भाजपा नेता ने ट्वीट कर गोडसे को दी सलामी, आलोचना के बाद डिलीट किया

भाजपा नेता रमेशनायडू नगोथू ने एक ट्वीट में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को सलामी देते हुए ‘भारतभूमि में जन्मे सबसे महान देशभक्तों में से एक’ बताया था. तीखी आलोचना के बाद ट्वीट डिलीट कर दिया गया और नायडू ने कहा कि यह उन्होंने नहीं बल्कि उनकी सोशल मीडिया टीम में से किसी ने लिखा था.

गांधी को एक व्यक्ति ने नहीं, एक विचारधारा ने मारा था…

पुस्तक समीक्षा: गांधी के विचारों से प्रतिक्रियावादी पीछा नहीं छुड़ा सकते इसलिए गांधी पर हमले जारी रहेंगे. ऐसे में ‘उसने गांधी को क्यों मारा’ की शक्ल में उनकी हत्या के इतिहास को उसके पूरे यथार्थ से बचाए रखना आने वाली पीढ़ियों की चेतना को कुंद किए जाने के ख़िलाफ़ एक मुनासिब कार्रवाई है.

गांधी को ‘पाकिस्तान का राष्ट्रपिता’ कहने वाले भाजपा नेता आईआईएमसी के प्रोफेसर नियुक्त

मध्य प्रदेश भाजपा के पूर्व मीडिया सेल प्रभारी अनिल कुमार सौमित्र को आईआईएमसी में नियुक्त किया गया है. इससे पहले प्रदेश में भाजपा के मुखपत्र चरैवेती के संपादक के पद से 2013 में सौमित्र को तब निलंबित कर दिया गया था जब उन्होंने चर्च में रह रहीं ननों को लेकर एक विवादास्पद लेख लिखा था.