महात्मा गांधी

स्वतंत्रता सेनानी एचएस दोरोस्वामी (फोटो साभारः विकिपीडिया)

102 वर्षीय दोरेस्वामी को देना पड़ रहा स्वतंत्रता सेनानी होने का प्रमाण, भाजपा ने उठाया था सवाल

कर्नाटक के बीजापुर से भाजपा विधायक बीपी यत्नाल ने स्वंतत्रता सेनानी एचएस दोरेस्वामी को फर्जी स्वतंत्रता सेनानी बताते हुए उनसे स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होने के सबूत मांगे थे.

**EDS: UNDATED PHOTO** London: An undated photo of a sculpture of Mahatma Gandhi, at Parliament Square in London. (PTI Photo) (TO GO WITH STORY)(PTI9_29_2019_000055B)

हिंदू महासभा का विवादित बयान, कहा-देश में बढ़ते आतंकवाद के लिए गांधीवाद जिम्मेदार

अखिल भारत हिंदू महासभा ने सभी सरकारी दफ्तरों में लगी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीरों और प्रतिमाओं को तुरंत हटाए जाने की मांग की है.

Hyderabad: Muslims under the banner  of United Muslim Action Committee during their protest rally against CAA(Citizen Amendment Act)  in Darussalam, Hyderabad, Saturday, Dec,21,2019.(PTI Photo)(PTI12_21_2019_000241B)

सीएए-एनआरसी-एनपीआर का हर हाल में बहिष्कार क्यों करें राज्य सरकारें

ग़ैर-भाजपा शासित प्रदेश सरकारों को नागरिकता संशोधन कानून का बहिष्कार करते हुए इसे निरस्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रास्ता अख़्तियार करना चाहिए. साथ ही इस समस्या की जड़ 2003 वाले नागरिकता संशोधन को भी निरस्त करने की मांग करनी चाहिए.

जस्टिस अरुण मिश्रा. (फोटो: पीटीआई)

बहुमुखी प्रतिभा के धनी प्रधानमंत्री मोदी की सोच दूरदर्शी है: जस्टिस अरुण मिश्रा

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अरुण मिश्रा ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसनीय दूरद्रष्टा और बहुमुखी प्रतिभा वाला ऐसा नेता बताया जिनकी सोच वैश्विक स्तर की है, लेकिन स्थानीय हितों को अनदेखा नहीं करते.

अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन में जस्टिस एनवी रमना, सीजेआई एसए बोबडे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और जस्टिस अरुण मिश्रा. (फोटो: ट्विटर/पीआईबी)

सुप्रीम कोर्ट के कार्यक्रम में बोले कानून मंत्री- शासन का काम प्रतिनिधियों पर छोड़ना चाहिए

सुप्रीम कोर्ट में ‘न्यायपालिका और बदलती दुनिया’ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन 2020 का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गांधीजी का जीवन सत्य और सेवा को समर्पित था, जो किसी भी न्यायतंत्र की नींव माने जाते हैं औ हमारे बापू खुद भी तो वकील थे.

भारत सरकार के प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल. (फोटो: ट्विटर/@sanjeevsanyal)

भगत सिंह को बचाने का गांधी ने कोई प्रयास नहीं किया था: प्रधान आर्थिक सलाहकार

गुजरात यूनिवर्सिटी में ‘द रिवाल्यूशनरीज: ए रिटेलिंग ऑफ इंडियाज हिस्ट्री’ पर भाषण देते हुए भारत सरकार के प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल ने कहा कि अगर प्रथम विश्व युद्ध के लिए वे भारतीय सैनिकों को ब्रिटिश सेना में भेजने को तैयार थे तब उन्हें उसी तरह का काम करने को लेकर भगत सिंह से दिक्कत क्यों थी?

Tushar Gandhi Twitter Photo

पुणेः दक्षिणपंथी संगठनों के विरोध के बाद कॉलेज में तुषार गांधी का व्याख्यान रद्द

पुणे के मॉर्डन कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स के एक कार्यक्रम में महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी व्याख्यान होना था. कॉलेज का कहना है कि इस बारे में कई दक्षिणपंथी संगठनों से प्रदर्शनों की चेतावनी देते पत्र मिलने के बाद उन्होंने इसे रद्द कर दिया.

भाजपा सांसद अनंत कुमार हेगड़े. (फोटो साभार/फेसबुक)

गांधी का स्‍वतंत्रता संघर्ष ‘नाटक’ था, ऐसे लोग हमारे देश में महात्मा बन गए: भाजपा सांसद

आपत्तिजनक बयानों को लेकर हमेशा विवादों में रहने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अनंत कुमार हेगड़े ने बेंगलुरु में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास पढ़ने पर मेरा खून खौलता है.

New Delihi: An elderly protestor holds a picture of Mahatma Gandhi during a protest against the new Citizenship Act, outside the Jamia Millia Islamia University in New Delhi, Friday, Jan. 3, 2020. (PTI Photo) (PTI1 3 2020 000190B)

‘बापू! आज की सरकार जिन्ना को सच्चा और आपकी धारणाओं को मिथ्या क़रार देने पर आमादा है’

भारत जैसे समृद्ध देश में जहां सभी धर्मों के लोग सम्मान से रहते हैं और आपके द्वारा प्रेरित हमारा संविधान सबको बराबरी का हक़ देता हैं. यहां धर्म के आधार पर शरणार्थियों में विभेद हो रहा है और नागरिकता प्रदान करने में संकीर्ण दायरे से धार्मिक आधार को देखा जाने लगा है बापू! इस नए क़ानून के बाद आपके सहयात्रियों द्वारा गढ़ी गई संविधान की प्रस्तावना बेगानी सी लग रही है.

Narendra Modi Amit Shah Reuters

क्या नागरिकता क़ानून को लेकर गांधी के नाम पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दोनों ही झूठ बोल रहे हैं?

बीते दिनों एक रैली में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि महात्मा गांधी ने 1947 में कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाला हिंदू, सिख हर नज़रिये से भारत आ सकता है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बताया था कि गांधी जी ने कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू और सिख साथियों को जब लगे कि उन्हें भारत आना चाहिए तो उनका स्वागत है. क्या वाकई महात्मा गांधी ने ऐसा कहा था जैसा प्रधानमंत्री और गृहमंत्री कह रहे हैं

New Delhi: A gallery at the National Gandhi Museum displays rare photographs connected with Mahatma Gandhi, Kastur Ba and Indian Freedom Struggle, in New Delhi, Thursday, Sept. 26, 2019. To mark the 150th birth anniversary of Mahatma Gandhi this year various programmes are being orgnised in every nook and corner of the country. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI10_1_2019_000241B)

वे गांधी की हत्या के इतिहास से डरते हैं, इसलिए इसके सबूतों को मिटाना चाहते हैं: तुषार गांधी

महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने दावा किया है कि नई दिल्ली के बिड़ला भवन स्थित गांधी स्मृति से एक फ्रेंच फोटोग्राफर द्वारा खींची गई महात्मा गांधी के अंतिम समय की तस्वीरों को हटा दिया गया है. गांधी स्मृति के निदेशक का कहना है कि ऐसा नहीं है, बस कुछ तस्वीरों को डिजिटलाइज़ किया गया है.

New Delhi: A view of Parliament in New Delhi on Sunday, a day ahead of the monsoon session. PTI Photo by Kamal Singh (PTI7_16_2017_000260A)

सुप्रीम कोर्ट का महात्मा गांधी को भारत रत्न देने को लेकर दायर याचिका पर विचार करने से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता की अपील से सहमति जताते हुए कहा कि देश की जनता राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को किसी औपचारिक सम्मान से परे उच्च सम्मान देती है. सुनवाई से इनकार करते हुए अदालत ने यह भी कहा कि वह इस संबंध में केंद्र सरकार को प्रतिवेदन दे सकते हैं.

New Delhi: A man walks past anti-Citizenship Amendment Act (CAA) graffiti in New Delhi, Saturday, Dec. 21, 2019. (PTI Photo/Vijay Verma)(PTI12_21_2019_000158B)

सीएए और एनआरसी देश के हर नागरिक के एहसास और आज़ादी का अपमान हैं

जिस नागरिकता क़ानून को गांधी जी और भारतीयों ने आज से 113 साल पहले विदेशी धरती पर नहीं माना, उस औपनिवेशिक सोच से निकले सीएए और एनआरसी को हम आज़ाद भारत में कैसे स्वीकार कर सकते हैं?

Chennai: Protestors hold placards and roses during a demonstration against the Citizenship Amendment Act (CAA), in Chennai, Thursday, Dec. 19, 2019. (PTI Photo)(PTI12_19_2019_000302B)

हम फूल उगाने वाले हैं, बाग उजाड़ने वाले नहीं…

यह हक़ की लड़ाई है. एक तरफ नफ़रत है और एक तरफ हम. मैं यक़ीन दिलाना चाहता हूं कि हम सही हैं. नफ़रती पूरी कोशिश कर रहे हैं पर हमने भी गांधी जी का दामन थाम रखा है. मैं ये भी यक़ीन दिलाता हूं कि हम जीतेंगे क्योंकि इसके अलावा कोई चारा नहीं है.

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मोदी की आलोचना गुनाह है; मोदी के मंत्रियों का राहुल बजाज पर हमला

बजाज समूह के चेयरमैन राहुल बजाज ने एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से कहा कि जब यूपीए सरकार सत्ता में थी, तो हम किसी की भी आलोचना कर सकते थे. अब हम अगर आपकी खुले तौर पर आलोचना करें तो यह यकीन नहीं है कि आप इसे पसंद करेंगे. इस बारे में चर्चा कर रही हैं द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.