महात्मा गांधी

(फोटो: एएनआई)

मध्य प्रदेश: ग्वालियर में गोडसे पर आधारित लाइब्रेरी शुरू होने के दो दिन बाद बंद

हिंदू महासभा ने बीते दस जनवरी को ग्वालियर में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के नाम पर ज्ञानशाला की शुरुआत की थी. महासभा की ओर से कहा गया था कि लाइब्रेरी को स्थापित करने का उद्देश्य आज के अज्ञानी युवाओं में सच्ची देशभक्ति को जगाना है, जिसके लिए गोडसे खड़े हुए थे.

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में गोडसे ज्ञानशाला का उद्घाटन करते हिंदू महासभा के सदस्य. (फोटो: एएनआई)

मध्य प्रदेश: युवाओं को गोडसे के बारे में बताने के लिए हिंदू महासभा ने शुरू की गोडसे लाइब्रेरी

ग्वालियर में गोडसे ज्ञान शाला शुरू करते हुए हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. जयवीर भारद्वाज ने कहा कि दुनिया को यह बताने के लिए कि गोडसे सच्चे देशभक्त थे, लाइब्रेरी खोली गई है. इसका उद्देश्य आज के अज्ञानी युवाओं में सच्ची देशभक्ति जगाना है, जिसके लिए गोडसे खड़े हुए थे.

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गांधी को हिंदू देशभक्त बताना उन्हें ओछा करना है…

गांधी हिंदू थे, गीता, उपनिषद, वेद आदि के लिए भी उनके मन में ऊंचा स्थान था, पर उनका साफ कहना था कि अगर ये पवित्र ग्रंथ अस्पृश्यता का समर्थन करते हों, तो वे उन्हें भी ठुकरा देंगे. गांधी का एक जीवन दर्शन था जिसकी कसौटी पर महान से महान व्यक्ति, ग्रंथ या विचार को कसा ही जाना था.

आंध्र प्रदेश के भाजपा नेता रमेश नायडू नगोथू, (फोटो: Twitter/@Rnagothu)

आंध्र प्रदेश: भाजपा नेता ने ट्वीट कर गोडसे को दी सलामी, आलोचना के बाद डिलीट किया

भाजपा नेता रमेशनायडू नगोथू ने एक ट्वीट में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को सलामी देते हुए ‘भारतभूमि में जन्मे सबसे महान देशभक्तों में से एक’ बताया था. तीखी आलोचना के बाद ट्वीट डिलीट कर दिया गया और नायडू ने कहा कि यह उन्होंने नहीं बल्कि उनकी सोशल मीडिया टीम में से किसी ने लिखा था.

(फोटो साभार: राजकमल प्रकाशन)

गांधी को एक व्यक्ति ने नहीं, एक विचारधारा ने मारा था…

पुस्तक समीक्षा: गांधी के विचारों से प्रतिक्रियावादी पीछा नहीं छुड़ा सकते इसलिए गांधी पर हमले जारी रहेंगे. ऐसे में ‘उसने गांधी को क्यों मारा’ की शक्ल में उनकी हत्या के इतिहास को उसके पूरे यथार्थ से बचाए रखना आने वाली पीढ़ियों की चेतना को कुंद किए जाने के ख़िलाफ़ एक मुनासिब कार्रवाई है.

अनिल कुमार सौमित्र. (फोटो: फेसबुक/वीटी प्रमोद कुमार)

गांधी को ‘पाकिस्तान का राष्ट्रपिता’ कहने वाले भाजपा नेता आईआईएमसी के प्रोफेसर नियुक्त

मध्य प्रदेश भाजपा के पूर्व मीडिया सेल प्रभारी अनिल कुमार सौमित्र को आईआईएमसी में नियुक्त किया गया है. इससे पहले प्रदेश में भाजपा के मुखपत्र चरैवेती के संपादक के पद से 2013 में सौमित्र को तब निलंबित कर दिया गया था जब उन्होंने चर्च में रह रहीं ननों को लेकर एक विवादास्पद लेख लिखा था.

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योगी राज में आम नागरिकों को गांधी जयंती पर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि की अनुमति नहीं

वीडियो: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गांधी जयंती के अवसर पर आम नागरिकों को गांधी प्रतिमा पर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि देने की अनुमति नहीं थी. वहीं, हाथरस घटना के विरुद्ध प्रदर्शन करने जा रहीं एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता को नज़रबंद कर दिया गया. असद रिज़वी की रिपोर्ट.

प्रेमचंद. (जन्म: 31 जुलाई 1880 – अवसान: 08 अक्टूबर 1936) (फोटो साभार: रेख्ता डॉट ओआरजी/विकीमीडिया/John Hoyland, Lebanon, 2007)

राष्ट्रवाद और डंडावाद

प्रेमचंद महात्मा गांधी की आंदोलन पद्धति के मुरीद थे. सशस्त्र आतंक के ज़रिये क्रांति या मुक्ति के नारे प्रेमचंद का खून गर्म नहीं कर पाते क्योंकि वे हिंसा के इस गुण या अवगुण को पहचानते थे कि वह कभी भी शुभ परिणाम नहीं दे सकती.

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गांधी जयंती विशेष: कलम के सिपाही गांधी

वीडियो: महात्मा गांधी की किताबों के पन्ने पीले ज़रूर पड़ गए हैं, पर उनके सबक आज भी साफ़-साफ़ दिखते हैं. गांधी जी अपने जीवन का आधार किताबों को मानते थे, शायद यही वजह है कि एक तरफ़ वे ऊंचे दर्जे के पाठक थे तो दूसरी ओर उनकी कलम का भी विस्तार पटल बेहद व्यापक है. उन्होंने अनेक किताबें लिखी हैं, अनुवाद किए हैं, संपादन किया है और एक कलम के सिपाही की तरह भी सक्रिय रहे हैं.

(फोटो: पीटीआई)

‘हमें आज़ादी तो मिल गई है पर पता नहीं कि उसका करना क्या है’

आज़ादी के 73 साल: हमारी हालत अब भी उस पक्षी जैसी है, जो लंबी कैद के बाद पिंजरे में से आज़ाद तो हो गया हो, पर उसे नहीं पता कि इस आज़ादी का करना क्या है. उसके पास पंख हैं पर ये सिर्फ उस सीमा में ही रहना चाहता है जो उसके लिए निर्धारित की गई है.

विजया रामास्वामी. (फोटो साभार: ट्विटर)

इतिहासकार विजया रामास्वामी को याद करते हुए…

इतिहासकार विजया रामास्वामी का बीते दिनों निधन हो गया. उनके विपुल लेखन को एक सूत्र जो जोड़ता है, वह है इतिहास में महिलाओं की उपस्थिति दर्ज करने का प्रयास. दक्षिण भारत की महिला संतों पर उन्होंने जो लिखा है, वह विचारोत्तेजक होने के साथ ही जेंडर संबंधी इतिहास, धर्म, समाज, संस्कृति और पितृसत्ता की जटिल संरचना की समझ को समृद्ध करता है.

वॉशिगटन में भारतीय दूतावास के सामने ​स्थापित प्रतिमा को फिलहाल ढक दिया गया है. (फोटो सभार: एएनआई)

अमेरिका: महात्मा गांधी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया, अमेरिकी सांसदों ने निंदा की

अफ्रीकी-अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के ख़िलाफ़ भड़के राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के दौरान दो-तीन जून की दरम्यानी रात यह घटना हुई. भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने इसकी शिकायत स्थानीय प्रशासन से की है.

स्वतंत्रता सेनानी एचएस दोरोस्वामी (फोटो साभारः विकिपीडिया)

102 वर्षीय दोरेस्वामी को देना पड़ रहा स्वतंत्रता सेनानी होने का प्रमाण, भाजपा ने उठाया था सवाल

कर्नाटक के बीजापुर से भाजपा विधायक बीपी यत्नाल ने स्वंतत्रता सेनानी एचएस दोरेस्वामी को फर्जी स्वतंत्रता सेनानी बताते हुए उनसे स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होने के सबूत मांगे थे.

**EDS: UNDATED PHOTO** London: An undated photo of a sculpture of Mahatma Gandhi, at Parliament Square in London. (PTI Photo) (TO GO WITH STORY)(PTI9_29_2019_000055B)

हिंदू महासभा का विवादित बयान, कहा-देश में बढ़ते आतंकवाद के लिए गांधीवाद जिम्मेदार

अखिल भारत हिंदू महासभा ने सभी सरकारी दफ्तरों में लगी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीरों और प्रतिमाओं को तुरंत हटाए जाने की मांग की है.

Hyderabad: Muslims under the banner  of United Muslim Action Committee during their protest rally against CAA(Citizen Amendment Act)  in Darussalam, Hyderabad, Saturday, Dec,21,2019.(PTI Photo)(PTI12_21_2019_000241B)

सीएए-एनआरसी-एनपीआर का हर हाल में बहिष्कार क्यों करें राज्य सरकारें

ग़ैर-भाजपा शासित प्रदेश सरकारों को नागरिकता संशोधन कानून का बहिष्कार करते हुए इसे निरस्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रास्ता अख़्तियार करना चाहिए. साथ ही इस समस्या की जड़ 2003 वाले नागरिकता संशोधन को भी निरस्त करने की मांग करनी चाहिए.