योगी आदित्यनाथ

AKI 22 Jan 2020.00_27_42_21.Still007

योगी-राज में ‘आज़ादी’ अब ‘राजद्रोह’

वीडियो: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदर्शन के नाम पर आज़ादी का नारा लगाना राजद्रोह की तरह है. सरकार सख़्त कार्रवाई करेगी. इस मुद्दे द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

Moradabad: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath attends a function at Dr BR Ambedkar Police Academy, in Moradabad on Monday, July 9, 2018. (PTI Photo) (PTI7_9_2018_000114B)

आज़ादी के नारे लगाना देशद्रोह, करेंगे सख़्त कार्रवाई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकता संशोधन क़ानून के समर्थन में हुई रैली के दौरान कहा अब तो इन लोगों में इतनी भी हिम्मत नहीं रही कि स्वयं आंदोलन करने की स्थिति में हो इसलिए अपने घर की महिलाओं को चौराहे-चौराहे पर बिठाना शुरू कर दिया है.

संदीप पांडेय. (फोटो साभार: फेसबुक)

सावरकर पर टिप्पणी के चलते मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित संदीप पांडेय के ख़िलाफ़ केस दर्ज

मानवाधिकार कार्यकर्ता संदीप पांडेय द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में दिए गए एक भाषण के संबंध में हिंदू महासभा के उपाध्यक्ष ने केस दर्ज कराया है.

शायर मुनव्वर राना. (फोटो साभार: फेसबुक)

नागरिकता क़ानून: लखनऊ में प्रदर्शन कर रहीं शायर मुनव्वर राना की बेटियों समेत 160 महिलाओं पर केस

केस दर्ज होने के बाद शायर मुनव्वर राना ने कहा है कि पुलिस ने उनकी बेटियों सुमैया और फौजिया पर धारा 144 के तहत लागू निषेधाज्ञा तोड़ने के आरोप में मुक़दमा दर्ज किया. मगर वह ये भी बताए कि इसी निषेधाज्ञा की धज्जियां उड़ाकर आज लखनऊ में रैली करने वाले गृह मंत्री अमित शाह पर कब मुक़दमा होगा?

Allahabad: Rashtriya Rakshak Samuh activists cover Allahabad Railway Junction board with poster of 'Prayagraj' as Uttar Pradesh government Cabinet approves renaming of the city 'Allahabad' to 'Prayagraj' ahead of Kumbh Mela, in Allahabad, Wednesday, Oct 17, 2018. (PTI Photo) (PTI10_17_2018_000039B)

इलाहाबाद का नाम बदलने के ख़िलाफ़ याचिका पर यूपी सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

इलाहाबाद हेरिटेज सोसाइटी की ओर से इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने यह कहकर ख़ारिज कर दिया था कि शहर का नाम बदलने से जनहित प्रभावित नहीं होता. याचिकाकर्ता ने इस फ़ैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है.

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रिटायर आईपीएस ने कहा, योगी राज में यूपी पुलिस और सांप्रदायिक हो गई है

वीडियो: नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर उत्तर प्रदेश में हुई हिंसा, लोगों की मौत और पुलिस की कार्यप्रणाली पर राज्य के पूर्व आईजी और सामाजिक कार्यकर्ता एसआर दारापुरी से द वायर उर्दू के संपादक महताब आलम ने बातचीत की.

Lucknow: Police personnel deployed outside the historic Tiley Wali Masjid ahead of Friday prayers in view of protests against CAA and NRC, in Lucknow, Friday, Dec. 27, 2019. (PTI Photo/Nand Kumar)(PTI12_27_2019_000100B)

नागरिकता कानून: एक और मौत के साथ फिरोजाबाद में प्रदर्शन के दौरान मरने वालों की संख्या सात हुई

बीते 20 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान गोली लगने से घायल होने वाले 26 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर मोहम्मद अबरार की रविवार रात मौत हो गई. इससे पहले फिरोजाबाद में छह लोगों की मौत हुई थी.

satya nadella reuters

माइक्रोसॉफ्ट सीईओ सत्या नडेला ने नागरिकता कानून की आलोचना की, कहा- यह बहुत बुरा है

विश्व की अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने कहा कि मैं किसी बांग्लादेशी शरणार्थी को भारत में अगला यूनिकॉर्न बनाने या इंफोसिस का अगला सीईओ बनते देखना चाहूंगा. अगर मैं देखूं तो जो मेरे साथ अमेरिका में हुआ मैं वैसा भारत में होते हुए देखना चाहता हूं.

Aligarh: People gather at the Eidgah to protest against the alleged police action on AMU students who were protesting over Citizenship Amendment Act, in Aligarh, Monday, Dec. 16, 2019. (PTI Photo)  (PTI12_16_2019_000261B)

उत्तर प्रदेशः एएमयू के छह छात्रों पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करेगी पुलिस

बीते 15 दिसंबर को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में नागरिकता क़ानून और नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई के ख़िलाफ़ हो रहा विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था, जिसमें 100 लोग घायल हुए थे.

योगी आदित्यनाथ. (फोटो: पीटीआई)

नागरिकता क़ानून: योगी ने यूपी पुलिस द्वारा लोगों से नुकसान की भरपाई की कार्रवाई को सही ठहराया

नागरिकता संशोधन क़ानून के समर्थन में मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में हुई सभा के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ नहीं हो रहा है और आरोपी अब माफी मांग रहे हैं.

Lucknow: Police personnel deployed outside the historic Tiley Wali Masjid ahead of Friday prayers in view of protests against CAA and NRC, in Lucknow, Friday, Dec. 27, 2019. (PTI Photo/Nand Kumar)(PTI12_27_2019_000100B)

नागरिकता क़ानून: मृत व्यक्ति को नोटिस भेजने के मामले में दरोगा और दो सिपाही लाइन हाज़िर

बीते 20 दिसंबर को फ़िरोज़ाबाद के पुलिस थाना दक्षिण ने करीब 200 लोगों को शांति भंग करने के मामले में नामज़द किया था. सभी नामज़द लोगों को 10 लाख रुपये की ज़मानत एवं इतनी ही धनराशि का निजी मुचलका दाख़िल करने के लिए नोटिस जारी किए थे. इनमें मृतक बन्ने ख़ान का भी नाम था.

योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव. (फोटो: पीटीआई)

गोरखपुर में 12 माह में हज़ार से ज़्यादा बच्चों की मौत और योगी को कोटा की फ़िक्र: अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते दिनों राजस्थान के कोटा स्थित एक अस्पताल में एक महीने में 100 से अधिक बच्चों की मौत पर वहां की कांग्रेस सरकार, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी पर निशाना साधा था.

(फोटो: द वायर)

सोनभद्र नरसंहार मामले में समिति ने सौंपी रिपोर्ट, 20 हजार बीघे जमीन पर अवैध कब्जे का खुलासा

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के उम्भा गांव में जुलाई 2019 में जमीनों पर कथित अवैध कब्जे के खिलाफ जब आदिवासियों और ग्रामीणों ने आवाज उठायी थी, तब भूमाफियाओं के साथ हुए खूनी संघर्ष में 11 लोगों की मौत हो गई थी. इस मामले में सोनभद्र पुलिस ने 65 लोगों को गिरफ्तार किया था और 51 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था.

(फोटो: पीटीआई)

फ़िरोज़ाबाद पुलिस द्वारा मृतक और बुज़ुर्गों को नोटिस भेजने के मामले की जांच समिति गठित

उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद शहर में बीते 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर हुए प्रदर्शन और हिंसा के बाद पुलिस ने ऐसे 200 लोगों को चिह्नित कर नोटिस भेजा है, जिनमें एक मृत व्यक्ति और शहर के कुछ बुज़ुर्गों के भी नाम हैं, जो अब चल-फिर भी नहीं सकते.

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‘बेटा अस्पताल में घंटों पड़ा रहा, लेकिन किसी ने चेक नहीं किया कि वह ज़िंदा भी है या नहीं’

ग्राउंड रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश के रामपुर ज़िले में बीते 21 दिसंबर को नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था. इस दौरान फ़ैज़ ख़ान नाम के एक युवक की मौत हो गई थी. परिजनों का आरोप है कि फ़ैज़ को समय पर मेडिकल सुविधा नहीं दी गई और जब परिवार ने उनका शव लेना चाहा तो पुलिस ने उन्हें पीटा.

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यूपी पुलिस ही दंगाई बन गई है: हर्ष मंदर

वीडियो: नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर हुए प्रदर्शनों और हिंसा के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस पर मुस्लिमों को निशाना बनाने के आरोप लग रहे हैं. उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों का दौरा करके लौटी फैक्ट-फाइंडिंग टीम के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर से द वायर के डिप्टी एडिटर अजय आशीर्वाद की बातचीत.

Lucknow: Police personnel deployed outside the historic Tiley Wali Masjid ahead of Friday prayers in view of protests against CAA and NRC, in Lucknow, Friday, Dec. 27, 2019. (PTI Photo/Nand Kumar)(PTI12_27_2019_000100B)

शांति के लिए ख़तरा बताते हुए यूपी पुलिस ने छह साल पहले गुज़र चुके शख़्स को भेजा नोटिस

उत्तर प्रदेश पुलिस ने नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर प्रदेश में हो रहे प्रदर्शनों के मद्देनज़र शांति भंग कर सकने वाले लोगों की सूची तैयार की थी. फ़िरोज़ाबाद में 20 दिसंबर को हुए प्रदर्शन और हिंसा के बाद पुलिस ने ऐसे 200 लोगों को चिह्नित कर नोटिस भेजे, जिनमें एक मृत व्यक्ति और शहर के कुछ बुज़ुर्गों के भी नाम हैं.

जमानत पर रिहा होने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता एकता शेखर अपनी 14 महीने की बच्ची के साथ. (फोटो: एएनआई)

नागरिकता कानून: 14 महीने की बच्ची के मां-बाप के साथ बनारस के 56 प्रदर्शनकारियों को मिली जमानत

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 19 दिसंबर को वाराणसी के बेनिया क्षेत्र से निकाले मार्च में शामिल 14 महीने की बच्ची के सामाजिक कार्यकर्ता मां-बाप के साथ 73 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इसमें सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ वामदल के सदस्य और छात्र भी शामिल थे.

राशिद अली. (फोटो: मनोज सिंह)

‘हम अब तक समझ नहीं पाए कि हमें किस जुर्म में ​गोरखपुर पुलिस ने गिरफ़्तार किया था’

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में बीते 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सीतापुर को दो फेरीवाले राशिद अली और मोहम्मद यासीन को गिरफ़्तार कर लिया था. 12 दिन जेल में रखने के बाद उन्हें ज़मानत दी गई.

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मीडिया बोल: सीएए-एनआरसी के विरोध पर यूपी में ज़ुल्म और नफ़रत की राजनीति

वीडियो: मीडिया बोल की में उर्मिलेश नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में देश भर में हो रहे प्रदर्शन पर सरकार और मीडिया के रवैये पर वरिष्ठ पत्रकार स्मिता शर्मा, एनआर मोहंती और वकील अब्दुल रहमान से चर्चा कर रहे हैं.

पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में नागरिकता संशोधन विधेयक के दौरान एक स्टेशन की तस्वीर. (फोटो: पीटीआई)

नागरिकता कानून प्रदर्शनों में रेल संपत्ति को क्षति पहुंचाने वालों से वसूली की जाएगी: रेलवे

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव का यह बयान उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन प्रदर्शन के दौरान हिंसा पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से ‘बदला’ लेने की बात कही थी.

(फोटो: रिज़वाना तबस्सुम)

सांसद आदर्श ग्राम योजना: यूपी में 104 ग्राम पंचायतों में से महज 15 ने पूरे किए मानक

योजना का प्रथम चरण 11 अक्टूबर, 2014 को शुरू किया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर ग्राम पंचायतों में पाइप से पेयजल की परियोजना पूरी नहीं की गई. करीब 30 प्रतिशत ग्राम पंचायतों में ठेकेदारों ने यह परियोजना ग्राम पंचायत अधिकारियों के हवाले नहीं की.

यूपी के गोरखपुर में 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते हुए. (फोटो: पीटीआई)

नागरिकता क़ानून: ज़मानत मिलने के बावजूद गोरखपुर जेल में बंद हैं सीतापुर के दो फेरीवाले

ग्राउंड रिपोर्ट: गोरखपुर में 20 दिसंबर को नागरिकता क़ानून और एनआरसी के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई लोगों को गिरफ़्तार किया था. इनमें से कई के परिजनों का कहना है कि गिरफ़्तार किए लोग प्रदर्शन में मौजूद नहीं थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और बेरहमी से मारपीट की गई.

New Delhi: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath addresses on the second day of the two-day BJP National Convention, at Ramlila Ground in New Delhi, Saturday, Jan 12, 2019. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI1_12_2019_000190B)

नागरिकता क़ानून: योगी बोले- जो नहीं सुधरेंगे उन्हें जहां की यात्रा करनी है, वहां की करा दी जाएगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई युद्धस्तर पर कराने की बात कही.

Muzaffarnagar: Police run past a burning bank building as they clash with protestors during a rally against the Citizenship (Amendment) Act, in Muzaffarnagar, Friday, Dec. 20, 2019. (PTI Photo)(PTI12_20_2019_000239B)

कार्यकर्ताओं, प्रोफेसरों, फिल्मी हस्तियों ने कहा, यूपी में आतंक का राज, न्यायिक जांच की मांग

बीएचयू के 51 प्रोफेसरों ने सीएए और एनआरसी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाकर विरोध जताया. शिक्षकों ने कहा है कि यह सांप्रदायिक आधार पर समाज को बांटने की साफ कोशिश है. फिल्मी हस्तियों ने हिंसा की न्यायिक जांच की मांग की. एक पत्र जारी कर कहा गया है कि वे कथित पुलिस गोलीबारी और अत्यधिक बल प्रयोग से उत्तर प्रदेश में हुई मौतों को लेकर बेहद चिंतित हैं.

संदीप पांडेय. (फोटो साभार: फेसबुक)

मैग्सेसे सम्मानित संदीप पांडेय ने योगी सरकार से की निर्दोषों को रिहा करने की अपील

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाक़ात का समय न मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडेय ने उन्हें एक खुला पत्र लिखकर कहा कि नागरिकता क़ानून के विरोध-प्रदर्शन में शामिल लोगों के ख़िलाफ़ राज्य सरकार की ‘प्रतिशोध की भावना’ से की गई कार्रवाई निंदनीय है.

Varanasi: Police personnel baton charge protestors demonstrating against the Citizenship Amendment Act, in Varanasi, Friday, Dec. 20, 2019. (PTI Photo)			(PTI12_20_2019_000176B)

सीएए: यूपी में प्रदर्शन के बाद गोली के जख्म के साथ इलाज के लिए दिल्ली आए तीन लोगों की मौत

इससे पहले विवादित नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों में देश भर में 25 लोगों की मौत हो चुकी थी. इसमें से कम से कम 18 लोगों की मौत अकेले उत्तर प्रदेश में हुई थी.

उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह (बीच में). (फोटो: पीटीआई)

नागरिकता क़ानून: मानवाधिकार हनन की शिकायत के बाद यूपी डीजीपी को एनएचआरसी का नोटिस

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेजी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान यूपी पुलिस द्वारा मानवाधिकार हनन की कई घटनाएं हुई हैं. युवकों की मौतों की कई खबरें आईं, जो मुख्य रूप से पुलिस कार्रवाई के दौरान लगी गोलियों के चलते हुईं और पुलिस ख़ुद सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट कर रही है.

वाराणसी में जॉइंट एक्शन कमेटी के नेतृत्व में नागरिकता संशोधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन निकालते लोग. (फोटो: ट्विटर/@safdar_sp)

नागरिकता क़ानून: बनारस में छात्रों, कार्यकर्ताओं, वाम सदस्यों समेत 73 लोगों को नहीं मिली ज़मानत

जॉइंट एक्शन कमेटी के तहत नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध करने वाले बीएचयू के छात्रों ने कहा कि उनके दर्जनों साथियों को 19 दिसंबर से ही गिरफ्तार किया गया है. कमेटी के सदस्य और एमए फर्स्ट ईयर के छात्र प्रियेश पांडे ने कहा कि गिरफ्तार किए गए 12 लोगों में से तीन पीएचडी छात्र, आठ एमए छात्र और एक बीए का छात्र है.

(फोटो: वीकिपीडिया)

नागरिकता कानून को लेकर हालिया जनभावनाओं को मुसलमानों से जोड़कर देखना गलत होगा: इरफान हबीब

इतिहासकार इरफान हबीब ने देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई पर कहा कि औपनिवेशिक काल में भी हमने विरोध का इस तरह दमन नहीं देखा. विरोध को इस तरह कुचलने के प्रयासों को लेकर लोग काफी चिन्तित हैं क्योंकि विरोध करने का अधिकार लोकतांत्रिक समाज का हिस्सा है.

नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती फिरोजाबाद के मोहम्मद शफीक. (फोटो: विशाल जायसवाल)

नागरिकता क़ानून: ‘पुलिस ने सीधे सिर में गोली मारी ताकि वे बच न सकें’

उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शन के दौरान घायल मोहम्मद शफ़ीक़ नई दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल में ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं. परिजनों का आरोप है कि बीते 20 दिसंबर को काम से घर लौटने के दौरान पुलिस ने उनके सिर में गोली मार दी थी.

विशाल भारद्वाज. (फोटो साभार: यूट्यूब वीडियो ग्रैब)

यूपी पुलिस को तोड़-फोड़ करते देखना बेहद निराशाजनक: फिल्मकार विशाल भारद्वाज

फिल्मकार और संगीतकार विशाल भारद्वाज ने सवाल उठाया है कि तोड़-फोड़ में पुलिस के कथित रूप से शामिल होने की खबरें सामने आने के बाद क्या इस मामले की कोई न्यायिक जांच होगी.

Citizenship Firozabad

नागरिकता क़ानून: पुलिस की गोली, ज़िंदगी और मौत के बीच झूलता मोहम्मद शफ़ीक़

वीडियो: उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शन के दौरान घायल मोहम्मद शफ़ीक़ नई दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल में ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं. परिजनों का आरोप है कि बीते 20 दिसंबर को काम से घर लौटने के दौरान पुलिस ने उनके सिर में गोली मार दी थी. विशाल जायसवाल की परिजनों से बातचीत.

एएमयू और जामिया के छात्रों पर कार्रवाई के खिलाफ इलाहाबाद विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन करते छात्र. (फोटो:  ट्विटर/@yadavhimanshuHR)

नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन रोकने के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय दो दिन के लिए बंद

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया इस्लामिया में नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय में परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं. हालांकि छात्रसंघ भवन के सामने इकट्ठा होकर छात्र धरना प्रदर्शन कर रहे हैं.

Lucknow: Police force outside Darul Uloom Nadwatul Ulama college as students protest against the amended Citizenship Act and indulged in stone pelting, in Lucknow, Monday, Dec. 16, 2019. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI12_16_2019_000060B)

जामिया में पुलिस कार्रवाई के ख़िलाफ़ लखनऊ से लेकर हैदराबाद, मुंबई में छात्रों ने दिखाई एकजुटता

उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित नदवा कॉलेज में प्रदर्शन के दौरान पथराव. दिल्ली विश्वविद्यालय और हैदराबाद के मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी सोमवार को परीक्षाओं का बहिष्कार किया. बनारस में बीएचयू, कोलकाता में जाधवपुर विश्वविद्यालय और मुंबई के टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस में भी प्रदर्शन. देश के तीन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों ने भी किया विरोध.

Ayodhya: Police personnel stand guard at a barricade point ahead of 'Deepotsav' festival, in Ayodhya, Wednesday, Oct. 23, 2019. (PTI Photo) (PTI10_23_2019_000031B)

उत्तर प्रदेश: अयोध्या में कड़ी सुरक्षा, सभी ज़िलों में बनाई गई अस्थायी जेल, स्कूल बंद

राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद ज़मीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनज़र अयोध्या छावनी में तब्दील. अयोध्या के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पूरे उत्तर प्रदेश में सुरक्षा कड़ी की गई. धारा 144 लागू. 21 ज़िलों को संवेदनशील घोषित किया गया.

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क्या मुसलमान, मुसलमान की तरह बोल सकता है?

वीडियो: उत्तर प्रदेश में हिंदुत्ववादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर मुसलमानों की आलोचना की गई. इस मुद्दे पर जेएनयू के पूर्व छात्र और कार्यकर्ता उमर ख़ालिद के साथ प्रोफेसर अपूर्वानंद की बातचीत.

इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह. (फोटो: पीटीआई)

बुलंदशहर हिंसा: इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के आरोपी की मूर्ति लगाई गई

बुलंदशहर में तीन दिसंबर 2018 को कथित गोकशी को लेकर भड़की हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर दी गई थी. हिंसा में सुमित की भी मौत हो गई थी, जिसे बाद में पुलिस ने सुबोध कुमार सिंह की हत्या का आरोपी बनाया था.

Lucknow: In this undated photo is seen Hindu Samaj Party founder Kamlesh Tewari, who was killed at his office in Lucknow, Friday, Oct. 18, 2019. (PTI Photo)(PTI10_18_2019_000125)

कमलेश तिवारी हत्याकांड: पत्नी और मां के बयानों में विरोधाभास क्यों?

वीडियो: बीते 18 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई थी. कमलेश की पत्नी और मां के अलग-अलग बयानों ने मामले को और उलझा दिया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: फेसबुक)

अगले आदेश तक बहाल रहेंगी होमगार्ड जवानों की सेवाएं: उत्तर प्रदेश गृह विभाग

बीते 15 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश सरकार ने घोषणा की थी कि वह 25 हज़ार होमगार्ड जवानों को काम से हटा देगी, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप उन्हें वेतन नहीं दे सकती है. होमगार्ड स्थायी कर्मचारी नहीं होते, अनुबंध के आधार पर इनकी नियुक्ति की जाती है. उन्हें रोज़ाना की ड्यूटी के हिसाब से भुगतान किया जाता है.