भारत

उत्तर प्रदेश: शराब माफिया से धमकी मिलने के बाद पत्रकार की मौत

प्रतापगढ़ ज़िले के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव एबीपी गंगा में कार्यरत थे. शराब माफिया के बारे में ख़बर लिखने के बाद बीते 12 जून को उन्होंने धमकी मिलने का संकेत देते हुए इलाहाबाद के अपर पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की थी. पुलिस ने दावा किया कि उनकी मौत सड़क दुर्घटना में हुई है.

सुलभ श्रीवास्तव. (फोटो साभार: ट्विटर)

सुलभ श्रीवास्तव. (फोटो साभार: ट्विटर)

प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश पुलिस ने बताया है कि प्रतापगढ़ जिले के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के सुखपाल नगर ईंट भट्ठे के निकट एक समाचार चैनल के पत्रकार की मोटरसाइकिल एक खंभे से टकरा जाने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई.

बीते दिनों शराब माफिया के विरुद्ध खबर चलाने वाले पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव ने 12 जून को इलाहाबाद के अपर पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की थी.

अपर पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को बताया कि एक निजी समाचार चैनल के 42 वर्षीय रिपोर्टर सुलभ श्रीवास्तव रविवार रात को लालगंज अंतर्गत असरही गांव से मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे कि थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के सुखपाल नगर ईंट भट्ठे के निकट खंभे से मोटरसाइकिल टकरा जाने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गए.

उन्होंने बताया कि सुलभ को उपचार हेतु जिला चिकित्सालय लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर विधिक कार्रवाई कर रही है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.

गौरतलब है कि श्रीवास्तव ने शराब माफिया के विरुद्ध खबर चलाई थी, जिसके कारण उन्हें भय था और उन्होंने गत 12 जून को अपर पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर जान माल की सुरक्षा की मांग की थी.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, सुलभ एबीपी न्यूज के क्षेत्रीय समाचार चैनल एबीपी गंगा में कार्यरत थे.

दुर्घटना स्थल से लिए गए शरीर के एक फोटोग्राफ में पत्रकार को जमीन पड़ा हुआ देखा गया जिसमें उनके चेहरे पर चोट के निशान जैसे भी नजर आ रहे थे. उनके कपड़े उतारे हुए लग रहे थे- उनकी कमीज पूरी तरह से निकली हुई थी, पैंट के बटन खुले हुए थे और नीचे थी.

इस घटना के बाद श्रीवास्तव ने अपनी जान को खतरा बताते हुए कथित तौर पर पुलिस को जो पत्र लिखा था वह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और इसे उनके पूर्व चैनल के वरिष्ठ पत्रकारों द्वारा ट्वीट किया गया है.

सुलभ श्रीवास्तव का पत्र.

सुलभ श्रीवास्तव का पत्र.

श्रीवास्तव ने पत्र में लिखा था, ‘पिछले दिनों प्रतापगढ़ जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों मैं अवैध शराब का जखीरा पकड़े जाने की घटना का कवरेज उन्होंने किया था. इसके बाद 9 जून को न्यूज़ चैनल के डिजिटल प्लेटफार्म पर एक खबर भी चलाई थी. जिसे लेकर कुछ लोगों ने बताया था कि शराब माफिया उस खबर को लेकर उनसे नाराज हैं. पत्र में यह भी बताया गया था कि पिछले 2 दिनों से जब भी वह घर से बाहर निकलते हैं तो ऐसा प्रतीत होता है कि कोई उनका पीछा कर रहा है. ऐसे में उन्हें लगता है कि कुछ शराब माफिया, जो उनकी खबर से नाखुश हैं, उन्हें या उनके परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं. उनका परिवार भी डरा सहमा है.’

इलाके के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रेम प्रकाश ने एबीपी न्यूज को एक फोन पर दिए इंटरव्यू में बताया कि उन्हें पत्र के बारे में पता था और उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को खतरे का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया था.

श्रीवास्तव की मौत पर विपक्षी दलों ने सरकार को निशाने पर लिया है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और आप सांसद संजय सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार पर हमला बोला है.

प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘शराब माफिया अलीगढ़ से प्रतापगढ़ तक पूरे प्रदेश में मौत का तांडव करें. उत्तर प्रदेश सरकार चुप. पत्रकार सच्चाई उजागर करे, प्रशासन को खतरे के प्रति आगाह करे. सरकार सोई है. क्या जंगलराज को पालने-पोषने वाली उत्तर प्रदेश सरकार के पास पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव जी के परिजनों के आंसुओं का कोई जवाब है?’

श्रीवास्तव की मौत को हत्या करार देते हुए आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, ‘शराब माफियाओं के खिलाफ खबर चलाने के कारण यूपी में एक पत्रकार की हत्त्या हो जाती है जबकि एक दिन पहले सुलभ जी ने एडीजी को पत्र लिखकर हत्त्या की आशंका जताई थी लेकिन सब सोते रहे.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)