1984 Anti-Sikh Riots

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

1984 सिख विरोधी दंगे: सुप्रीम कोर्ट ने 33 लोगों को जमानत दी

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के ख़िलाफ़ दायर की गई याचिका पर यह फैसला दिया है. इससे पहले निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने इन लोगों को दोषी ठहराया था और पांच वर्ष जेल की सजा सुनाई थी.

Police stand guard outside the residence of the Chief of India's ruling Congress party Sonia Gandhi during a protest in New Delhi May 2, 2013. Hundreds of Sikh protesters on Thursday held a demonstration outside the residence of Sonia Gandhi against the acquittal of Congress leader Sajjan Kumar in a 1984 anti-Sikh riots case, protesters said. More than 2,500 people died in a wave of attacks on Sikhs in 1984 after the then Prime Minister Indira Gandhi was shot dead by her Sikh bodyguards. REUTERS/Mansi Thapliyal (INDIA - Tags: CRIME LAW POLITICS CIVIL UNREST) - RTXZ7AY

1984 नरसंहार: सज्जन कुमार के बाद अब पुलिस की जवाबदेही तय करने का वक़्त है

भारतीय लोकतंत्र का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इस तरह के जघन्य अपराध भुलाए नहीं जाएंगे और दोषी किसी क़ीमत पर नहीं बचेंगे.

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (फोटो: पीटीआई)

पार्टी ने अलका लांबा से इस्तीफा नहीं मांगा है, न ही कोई इस्तीफ़ा हुआ है: मनीष सिसोदिया

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को मिले ‘भारत रत्न’ वापस लेने की मांग वाला एक प्रस्ताव कथित तौर पर दिल्ली विधानसभा में पारित होने के बाद आम आदमी पार्टी में विवाद शुरू हो गया है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

1984 को लेकर राहुल गांधी को सच स्वीकार करने का साहस दिखाना चाहिए

‘अगर आप एक नेता हैं और आपकी नज़रों के सामने बड़ी संख्या में लोगों का क़त्ल किया जाता है, तब आप लोगों की ज़िंदगी बचा पाने में नाकाम रहने की जवाबदेही से मुकर नहीं सकते.’

(फोटो: रॉयटर्स)

1984 सिख विरोधी दंगे: दिल्ली उच्च न्यायालय ने 88 लोगों की दोषसिद्धि को बरक़रार रखा

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 1984 सिख विरोधी दंगों मामले में एक निचली अदालत के फैसले के ख़िलाफ़ की गई दोषियों की 22 वर्ष पुरानी अपीलों को ख़ारिज कर दिया और सज़ा काटने के लिए आत्मसमर्पण करने को कहा.

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​​​जन गण मन की बात, एपिसोड 295: भीमा कोरेगांव मामले में सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी और राहुल गांधी

जन गण मन की बात की 295वीं कड़ी में विनोद दुआ भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामले में देश के विभिन्न हिस्सों से गिरफ़्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ताओं और राहुल गांधी के 1984 के दंगों को लेकर दिए गए बयान पर चर्चा कर रहे हैं.​

फोटो: पीटीआई

न चौरासी के दंगों में कांग्रेस का हाथ था, न 2002 में भाजपा का!

राहुल गांधी की कांग्रेस को सिख दंगों से अलग करने की कोशिश वैसी ही है, जैसी मोदी ने विकास के नारे में गुजरात के दाग़ छुपाकर की थी.

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राहुल ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में शामिल लोगों की सजा का समर्थन किया

ब्रिटेन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, यह घटना त्रासदी थी लेकिन उन्होंने इससे असहमति जताई कि इसमें कांग्रेस ‘शामिल’ थी.