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(फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालयों से कहा, क़ैदियों की मौत का संज्ञान लें और मुआवज़ा दिलवाएं

पीठ ने कहा, उच्च न्यायालय राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2012 से 2015 के दौरान अस्वाभाविक मृत्यु के शिकार हुए कैदियों के परिजनों की पहचान करें.