compensation

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the gathering after inaugurating and laying the foundation stone for various development projects, in Varanasi, Uttar Pradesh on July 14, 2018.

वाराणसी: प्रधानमंत्री मोदी की रैली के लिए काटी गई थी फसल, अब तक नहीं मिला मुआवज़ा

ग्राउंड रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश में वाराणसी के कचनार गांव में जुलाई 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक रैली के लिए तकरीबन 10 एकड़ की ज़मीन का इस्तेमाल किया गया था. इस ज़मीन की फसल बर्बाद होने की वजह से प्रशासन ने स्थानीय किसानों को मुआवज़ा देने की बात कहीं थी.

गोधरा स्टेशन. ​​(फोटो साभार: India Rail Info)

गुजरात सरकार ने गोधरा रेल नरसंहार के 17 साल बाद किया मुआवज़े का ऐलान

गोधरा रेलवे स्टेशन पर 27 फरवरी 2002 को साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 कोच को आग लगा दी गई थी. इसमें 59 लोगों की जान गई थी, जिनमें से सात लोगों की अब तक शिनाख्त नहीं हो पाई. इस घटना के बाद गुजरात में सांप्रदायिक दंगा भड़क उठा था.

Latehar

लातेहार मॉब लिंचिंग: परिजनों ने कहा, दोषियों को सज़ा होने के बाद भी मिल रहीं धमकियां

झारखंड के लातेहार ज़िले के बालूमाथ में साल 2016 में दो पशु व्यापारियों की भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी. मृतकों के परिवारों ने झारखंड सरकार से उचित सुरक्षा मुहैया कराने के साथ ही मुआवज़े की मांग की है.

(फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालयों से कहा, क़ैदियों की मौत का संज्ञान लें और मुआवज़ा दिलवाएं

पीठ ने कहा, उच्च न्यायालय राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2012 से 2015 के दौरान अस्वाभाविक मृत्यु के शिकार हुए कैदियों के परिजनों की पहचान करें.