Investment

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the Malayala Manorama News Conclave 2019 in Kochi via video conferencing, in New Delhi on August 30, 2019.

घोर आर्थिक असफलता के बाद भी मोदी सरकार की राजनीतिक सफलता शानदार है

सरकार के पास कोई आइडिया नहीं है. वह हर आर्थिक फैसले को एक इवेंट के रूप में लॉन्च करती है. तमाशा होता है, उम्मीदें बंटती हैं और नतीजा ज़ीरो होता है.

हरीश साल्वे (फोटो साभार: बार एंड बेंच)

आर्थिक मंदी के लिए सुप्रीम कोर्ट ज़िम्मेदार: हरीश साल्वे

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने एक हालिया साक्षात्कार में कहा कि 2जी घोटाले, कोल ब्लॉक आवंटन और वोडाफोन मामले में दिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने विदेशी निवेशकों को डरा दिया है.

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी. (फोटो साभार: ट्विटर)

2002 के दंगों के बाद बिगड़ी छवि को सुधारने में मददगार रहा वाइब्रेंट गुजरात: विजय रूपाणी

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि हर वाइब्रेंट समिट में विदेशी निवेशकों की संख्या बढ़ती ही जा रही है. हर निवेश यह साबित करता है कि गुजरात ने अपनी छवि बरकरार रखी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली (फोटो: पीटीआई )

जीडीपी विकास के नए आंकड़ों पर भरोसा करना क्यों मुश्किल है

अर्थशास्त्र का नियम है कि ज़्यादा निवेश, बढ़ी हुई जीडीपी का कारण बनता है, ऐसे में निवेश-जीडीपी अनुपात में कमी आने के बावजूद जीडीपी में बढ़ोतरी कैसे हो सकती है?

Narendra Modi at Amul Plant Twitter namo featured

रुपया 73 पर, बेरोज़गारी आसमान पर और प्रधानमंत्री इवेंट पर

अनिल अंबानी समूह पर 45,000 करोड़ रुपये का कर्जा है. अगर आप किसान होते और पांच लाख का कर्जा होता तो सिस्टम आपको फांसी का फंदा पकड़ा देता. अनिल अंबानी राष्ट्रीय धरोहर हैं. ये लोग हमारी जीडीपी के ध्वजवाहक हैं. भारत की उद्यमिता की प्राणवायु हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

पर्यावरण को लेकर हमारी उधार की समझ ने इसे अंतहीन क्षति पहुंचाई है

आज भी जब हम बच्चों को जंगल की कहानी सुनाते हैं तो उसमें पेड़, पौधे, घास, जानवर, शेर, शिकार, नदी, सब होता है पर जो नहीं होता वो है मनुष्य. जिसने सदियों से जंगल को उर्वर बनाए रखा, सहेजकर रखा और दोनों के बीच ऐसा तादात्म्य बनाया कि हिंदुस्तान की संस्कृति में इसे प्राथमिक स्थान मिला.