JDU

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ गुप्तेश्वर पांडेय. (फोटो साभार: फेसबुक/@IPSGupteshwar)

क्या बिहार चुनाव से ऐन पहले डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का दोबारा वीआरएस लेना महज़ संयोग है

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने साल 2009 में पहली बार वीआरएस लिया था और तब चर्चा थी कि वे भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे, हालांकि ऐसा नहीं हुआ. अब विधानसभा चुनाव से कुछ ही महीने पहले उनके दोबारा वीआरएस लेने के निर्णय को उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से जोड़कर देखा जा रहा है.

New Delhi: In this file photo dated Monday, Jan. 4, 2016, RJD Vice-President Raghuvansh Prasad Singh addresses a press conference at party office in Patna. Singh (74) died on Sunday, Sept. 13, 2020, at AIIMS in New Delhi. (PTI Photo)(PTI13-09-2020 000014B)

पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन

हाल ही में राजद से इस्तीफ़ा देने वाले रघुवंश प्रसाद सिंह कोविड-19 से उबरने के बाद की जटिलताओं की वजह से बीमार पड़ गए थे, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था.

(फोटो साभार: ट्विटर)

बिहार: 15 साल सरकार में रह चुकी भाजपा के लिए सुशांत सिंह राजपूत की मौत चुनावी मुद्दा क्यों है?

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच सीबीआई, ईडी और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो कर रहे हैं और तीनों ही केंद्र सरकार के अधीन हैं. केंद्र और बिहार में एनडीए की ही सरकार है. ऐसे में सवाल है कि ‘जस्टिस फॉर सुशांत सिंह राजपूत’ हैशटैग चलाकर बिहार में भाजपा जस्टिस किससे मांग रही है?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. (फोटो: पीटीआई)

क्या कोरोना के दौर में बिहार में चुनाव कराना लोगों की ज़िंदगी से खिलवाड़ करना नहीं है

यह सही है कि समय पर चुनाव करवाना चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी है, मगर जिस राज्य में महामारी का आलम ये हो कि मुख्यमंत्री ही तीन महीने बाहर न निकलें, वहां सात करोड़ मतदाताओं के साथ एक माह तक चुनाव प्रक्रिया चलाना बीमारी के जोखिम को और बढ़ा सकता है.

जेपी नड्डा. (फोटो साभार: ट्विटर/बिहार भाजपा)

बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए के तीनों घटक मिलकर चुनाव लड़ेंगेः जेपी नड्डा

बिहार में इस साल के अंत में चुनाव होने हैं. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसके मद्देनज़र बिहार प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जब-जब भाजपा, जदयू और लोजपा साथ आई हैं, तब-तब एनडीए की जीत हुई है.

श्याम रजक. (फोटो साभार: फेसबुक)

बिहार: मंत्री श्याम रजक मंत्रिमंडल से बर्ख़ास्त, जदयू से भी निष्कासित, राजद में हुए शामिल

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजद ने अपने तीन विधायकों को छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है. तीनों विधायकों के जदयू में शामिल होने की संभावना है.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar adjusts the turban during 'Virat Chhatra Sanagam', in Patna, Thursday, Oct 11, 2018. (PTI Photo) (PTI10_11_2018_000050B)

बिहार चुनाव: विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से वर्चुअल प्रचार अभियान पर रोक लगाने की मांग की

विपक्षी दलों ने सत्तारूढ भाजपा-जदयू गठबंधन द्वारा ज़ोर-शोर से की जा रहीं वर्चुअल रैलियों के ख़िलाफ़ चुनाव आयोग से गुहार लगाते हुए कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से नहीं हो सकता है. डिजिटल अभियान पर किए जाने वाले ख़र्च की सीमा तय की जानी चाहिए.

राबड़ी देवी. (फोटो: पीटीआई)

बिहार: राजद के पांच एमएलसी ने पार्टी छोड़ी, रघुवंश प्रसाद सिंह ने उपाध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दिया

साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले​ इस राजनीतिक घटनाक्रम से राजद को बड़ा झटका लगा है. पांच एमएलसी के पार्टी छोड़ने के बाद 75 सदस्यीय सदन में राजद के सदस्यों की संख्या महज़ तीन रह गई है. पर्याप्त संख्या बल के बिना राबड़ी देवी नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी गंवा सकती हैं.

राजद के तेजस्वी यादव, लेफ्ट के कन्हैया कुमार और कांग्रेस के मदन मोहन झा. (फोटो: पीटीआई/रॉयटर्स/ट्विटर)

बिहार चुनाव: कांग्रेस, वाम, राजद और नागरिक संगठनों का साथ आना वक़्त की ज़रूरत है

देश के आम नागरिक, गैर-दलीय राजनीतिक कार्यकर्ता, कांग्रेस सहित सामाजिक न्याय के पक्षधर क्षेत्रीय दल और वाम दल सभी चाहते हैं कि मिलकर संघर्ष किया जाए. वे इस बात के लिए तैयार हैं कि भाजपा की विखंडनकारी और तानाशाही प्रवृतियों के ख़िलाफ़ यह लड़ाई चुनावी मोर्चे के साथ राष्ट्र-निर्माण के लिए भी हो.

Gopalganj, Bihar

बिहार: गोपालगंज में 72 घंटे में चार लोगों की गोली मारकर हत्या

बिहार के गोपालगंज में रविवार देर रात माकपा-माले नेता जेपी यादव के माता-पिता और भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस मामले में आरोपी जदयू विधायक अमरेंद्र पांडे के भाई और भतीजे को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं मंगलवार को विधायक के करीबी शशिकांत तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई.

Prashant Kishor, political strategist of India's main opposition Congress party, is pictured at a hotel in New Delhi, India May 15, 2016. To match Insight INDIA-CONGRESS/ REUTERS/Anindito Mukherjee

विवादों के घेरे में क्यों है प्रशांत किशोर का ‘बात बिहार की’ अभियान?

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने ‘बात बिहार की’ नाम से एक अभियान की शुरुआत की है. इस अभियान को लेकर प्रशांत किशोर पर आइडिया चोरी करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई है.

Patna: Election strategist and JDU leader Prashant Kishor addresses a press conference at his party office, in Patna, Monday, Feb. 11, 2019. (PTI Photo)(PTI2_11_2019_000098B)

नीतीश कुमार से अलग हुए प्रशांत किशोर बिहार विधानसभा चुनाव में क्या गुल खिलाएंगे?

जदयू से बाहर निकाले जाने के बाद प्रशांत किशोर ने ‘बात बिहार की’ कैंपेन शुरू किया है. उनका कहना है कि इसके ज़रिये वे सकारात्मक राजनीति करने के इच्छुक युवाओं को जोड़ना चाहते हैं. कैंपेन के तहत उनके द्वारा दिए जा रहे आंकड़े बिहार की एनडीए सरकार के राज्य में पिछले 15 सालों में हुए विकास के दावों पर सवाल उठाते हैं.

फोटो: रॉयटर्स

एनआरसी-एनपीआर के विरोध के बाद सीएए के समर्थन में क्यों हैं नीतीश कुमार?

वीडियो: नागरिकता संशोधन क़ानून, एनआरसी और एनपीआर को लेकर देश भर में कड़ा विरोध हुआ है. कई राज्यों ने सीएए के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित किया है और एनआरसी लागू न करने की बात कही है. लेकिन बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनआरसी-एनपीआर से इनकार कर रहे हैं, पर सीएए के समर्थन में हैं. इस बारे में जदयू के पूर्व महासचिव पवन वर्मा से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar addressing a press conference at his residence in Patna on Monday. PTI Photo  (PTI11_6_2017_000095B)

बिहार विधानसभा में एनआरसी के खिलाफ प्रस्ताव पास

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि एनआरसी को बिहार में लागू नहीं किया जा रहा है और एनपीआर का 2010 में किए गए तरीके से ही अपडेटेशन किया जाएगा.

प्रशांत किशोर, नीतीश कुमार और पवन वर्मा. (फोटो: पीटीआई/फेसबुक)

प्रशांत किशोर और पवन वर्मा जदयू से निष्कासित, दोनों ने नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया

प्रशांत किशोर और पवन वर्मा ​पिछले कुछ दिनों से नागरिकता संशोधन क़ानून और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को लेकर पार्टी अध्यक्ष एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन के कारण उनकी आलोचना कर रहे थे.