National Conference

फारुक अब्दुल्ला और करण थापर (फोटोः देवी दत्त)

कश्मीरी आज ख़ुद को भारतीय नहीं मानते, वे चीन के शासन में रहने को तैयार हैंः फ़ारूक़ अब्दुल्ला

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला का कहना है कि वे अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए को दोबारा लागू करवाने और जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए आख़िरी सांस तक शांतिपूर्ण ढंग से लड़ेंगे.

Jammu: CRPF personnel stand guard during restrictions, at Raghunath Bazar in Jammu, Monday, Aug 05, 2019. Restrictions and night curfews were imposed in several districts of Jammu and Kashmir as the Valley remained on edge with authorities stepping up security deployment. (PTI Photo)(PTI8_5_2019_000091B)

जम्मू कश्मीर में कोई नज़रबंद नहीं, 223 लोग हिरासत में: केंद्र सरकार

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने लोकसभा में बताया कि 29 जून 2018 से चार अगस्त 2019 के बीच 402 दिनों में जम्मू कश्मीर में आतंकवाद की 455 घटनाएं हुई थीं, जबकि पांच अगस्त 2019 से नौ सितंबर 2020 के बीच 402 दिनों में ऐसी 211 घटनाएं हुईं.

श्रीनगर स्थित पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी का मुख्यालय (फोटोः पीटीआई)

जम्मू कश्मीरः पीडीपी नेताओं का घर से बाहर न निकलने देने का आरोप, पार्टी की बैठक रद्द

सरकार द्वारा नेताओं के नज़रबंद होने और उनके आने-जाने पर पाबंदी न होने के दावों के उलट पीडीपी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्टी की एक बैठक इसलिए रद्द करनी पड़ी क्योंकि पुलिस ने पार्टी नेताओं को घर से निकलने नहीं दिया. जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यह पीडीपी की पहली बैठक थी.

नेशनल कॉन्फेंस अध्यक्ष फ़ारूक अब्दुल्ला. फोटो: पीटीआई

अनुच्छेद 370 की लड़ाई में पाक के समर्थन पर बोले फ़ारूक़ अब्दुल्ला: किसी के हाथों की कठपुतली नहीं

नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, कांग्रेस तथा तीन अन्य दलों ने जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए मिलकर लड़ने का ऐलान करते हुए एक घोषणापत्र जारी किया था. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के इसे समर्थन देने की बात पर पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने यह टिप्पणी की है.

Srinagar: Policemen patrolling at Lal Chowk after restrictions were lifted, in Srinagar, Tuesday, Aug. 20, 2019. Barricades around the Clock Tower in Srinagar's city centre Lal Chowk were removed after 15 days, allowing the movement of people and traffic in the commercial hub, as restrictions eased in several localities while continuing in others. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI8_20_2019_000114B)

केंद्र द्वारा जम्मू कश्मीर के लिए नए नियम जारी, एंटी करप्शन ब्यूरो-पुलिस सीएम के दायरे से बाहर

केंद्र सरकार द्वारा जारी नए नियमों के ज़रिये केंद्रशासित जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र से कई विभाग वापस ले लिए गए हैं और इसके चलते महत्वपूर्ण मामलों में उप-राज्यपाल के ज़रिये केंद्र अप्रत्यक्ष रूप से अंतिम निर्णायक विभाग होगा.

नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, कांग्रेस और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस सहित जम्मू कश्मीर की मुख्यधारा के राजनीतिक दलों की बैठक में शामिल नेता. (फोटो साभार: ट्विटर/@JKNC_)

जम्मू कश्मीर: मुख्यधारा के सभी दलों ने अनुच्छेद 370 के लिए लड़ाई जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई

जम्मू कश्मीर के मुख्यधारा के राजनीतिक दलों के नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि वे संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए की बहाली, जम्मू कश्मीर के संविधान और राज्य की बहाली के लिए प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और राज्य का कोई भी विभाजन उनके लिए अस्वीकार्य है.

अपने साले सचिन पायलट और पिता फारूक अब्दुल्ला के साथ जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

भूपेश बघेल ने उमर अब्दुल्ला की रिहाई को पायलट की बगावत से जोड़ा, नाराज़ अब्दुल्ला करेंगे मुक़दमा

राजस्थान की सियासी खींचतान पर बात करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक अख़बार से कहा था कि उमर और महबूबा मुफ़्ती पर एक ही क़ानून की समान धाराएं लगाई गई थीं. मुफ़्ती अब भी हिरासत में हैं जबकि अब्दुल्ला बाहर हैं. क्या यह इसलिए है क्योंकि अब्दुल्ला सचिन पायलट के साले हैं?

नईम अख़्तर. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीरः पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के दो नेताओं पर लगा पीएसए हटा

पीडीपी नेता नईम अख़्तर और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता हिलाल लोन को पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के बाद प्रशासन ने हिरासत में लिया गया था. अब पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती मुख्यधारा की आख़िरी नेता हैं, जिन्हें पीएसए के तहत हिरासत में रखा गया है.

जम्मू कश्मीर विधानसभा. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर में परिसीमन को लेकर मोदी सरकार को क्यों करना पड़ रहा चौतरफा विरोध का सामना?

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर की विधानसभा सीटों के पुनर्निर्धारण के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित की गई परिसीमन प्रक्रिया का राज्य की मुख्यधारा की पार्टियों के अलावा कश्मीरी पंडित सहित कई हितधारकों ने विरोध करना शुरू कर दिया है.

Srinagar:  Security personnel guarding at Lal Chowk during curfew in Srinagar on Tuesday. PTI Photo by S Irfan      (PTI9_13_2016_000101B)

जम्मू कश्मीर: विरोध के बाद केंद्र ने आदेश बदला, मूल निवासियों के लिए नौकरियां आरक्षित

जम्मू कश्मीर में एक अप्रैल को डोमिसाइल के साथ ही भर्ती संबंधी नियम जारी होने के बाद नेशलनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, कांग्रेस, अपनी पार्टी, पैंथर्स पार्टी समेत कई संगठनों ने विरोध किया था. इसे धोखा बताते हुए वापस लेने की मांग की थी.

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट. (फोटो साभार: फेसबुक)

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने अदालतों में भर्ती के लिए देशभर से आवेदन मंगाने की अधिसूचना वापस ली

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने 26 दिसंबर 2019 एक विज्ञापन जारी कर विभिन्न ज़िला अदालतों में ग़ैर-राजपत्रित श्रेणी में ख़ाली 33 अलग-अलग पदों के लिए आवेदन मांगे थे.

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट. (फोटो साभार: फेसबुक)

जम्मू कश्मीर की ज़िला अदालतों की नौकरियों के लिए देशभर से आवेदन मांगे जाने पर विवाद

विपक्षी दलों ने इन दोनों केंद्र शासित क्षेत्रों के रोज़गार के अवसरों को सभी भारतीयों के लिए खोलने पर कड़ी आपत्ति जताई है. इन दलों ने जम्मू कश्मीर में सरकारी नौकरियों में स्थानीय निवासियों को आरक्षण देने की मांग की है.

**EDS: FILE PHOTO** Srinagar: In this file photo dated Aug. 4, 2019, are National Conference President Farooq Abdullah and PDP President Mehbooba Mufti during an all party meeting, in Srinagar. The Supreme Court on Monday, Sept. 16, 2019, has sought response from the Centre and the Jammu and Kashmir administration on a plea seeking to produce before court Abdullah, who is allegedly under detention following the scrapping of the state's special status. (PTI Photo) (PTI9_16_2019_000042B)

कश्मीर में हालात सामान्य होने के अमित शाह के दावे को नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी ने पाखंड बताया

संसद सत्र में फारूक अब्दुल्ला को हिस्सा लेने की इजाजत देने की विपक्ष की मांग पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस ने आपातकाल के दौरान 30 सांसदों को हिरासत में रखा था. इस पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा कि रेड्डी की टिप्पणी इस बात की स्वीकार्यता है कि जम्मू कश्मीर आपातकाल के बुरे दौर से गुजर रहा है.

New Delhi: PDP MPs from Jammu and Kashmir Fayaz Ahmad Mir and Nazir Ahmad Laway display placards to protest over Jammu and Kashmir issue on the first day of the Winter Session of Parliament, in New Delhi, Monday, Nov. 18, 2019. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI11_18_2019_000047B)

शीतकालीन सत्र के पहले दिन पीडीपी सांसदों का प्रदर्शन

संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन पीडीपी के राज्यसभा सदस्यों ने कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाल किए जाने की मांग करते हुए विशेष दर्जा ख़त्म किए जाने का विरोध किया. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती 5 अगस्त से नज़रबंद हैं.

AKI 13 November.00_27_38_08.Still002

आरफ़ा का इंडिया: कश्मीर में तालाबंदी के सौ दिन

जम्मू कश्मीर से अनुछेद 370 हटने के 100 दिन पूरे हो गए हैं. इस मुद्दे पर द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.