Swami Aseemanand

Home minister Amit Shah outside parliament. Image: PTI

समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले को लेकर किए अमित शाह के दावों में कितनी सच्चाई है?

गृहमंत्री अमित शाह का दावा है कि पिछली सरकार ने हिंदू धर्म को आतंकवाद से जोड़ने के लिए असली दोषियों को छोड़ दिया था, यदि ऐसा है तो एनआईए उन्हें पकड़ने की दिशा में कोई कदम क्यों नहीं उठा रही है?

FILE PHOTO: A view of a burnt carriage of Samjhauta Express train in Deewana, near Panipat town, February 19, 2007. REUTERS/Desmond Boylan/File Photo

समझौता विस्फोट: असीमानंद सहित चार को बरी किए जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती

पाकिस्तान की एक महिला ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में दाख़िल की याचिका. फरवरी 2007 में दिल्ली-लाहौर समझौता एक्सप्रेस में हुए विस्फोट के मामले के चारों आरोपियों स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजिंदर चौधरी को बीते मार्च महीने में अदालत ने बरी कर दिया था.

Surat: Sadhvi Pragya Singh Thakur during a roadshow at an event in Surat on Tuesday. PTI Photo(PTI4_24_2018_000059B)

साध्वी प्रज्ञा को प्रत्याशी बना भाजपा देखना चाहती है कि हिंदुओं को कितना नीचे घसीटा जा सकता है

लोग कह रहे हैं कि इस चुनाव में भाजपा का भरोसा छूट रहा है, उसने साध्वी को लाकर ब्रह्मास्त्र चलाया है. यह परीक्षा वास्तव में भाजपा की नहीं है, यह हिंदुओं का इम्तिहान है. क्या वे धर्म के इस अर्थ को स्वीकार करने को तैयार हैं?

Samjhautha Blast Rajnath Aseemanand PTI Reuters

जब मुक़दमा चलानेवाले एनआईए जैसे हों, तो बचाव में वकील रखने की क्या ज़रूरत है

समझौता एक्सप्रेस मामले की सुनवाई कर रहे जज ने कहा कि अभियोजन कई गवाहों से पूछताछ और उपयुक्त सबूत पेश करने में नाकाम रहा इसलिए मजबूरन आरोपियों को बरी करना पड़ा. जब एनआईए जैसी शीर्ष जांच एजेंसी एक भयानक आतंकी हमले के हाई-प्रोफाइल मामले में इस तरह बर्ताव करती है, तो देश की जांच और अभियोजन व्यवस्था की क्या साख रह जाती है?

असीमानंद, समझौता एक्सप्रेस और गृह मंत्री राजनाथ सिंह (फोटो: पीटीआई/रॉयटर्स)

समझौता एक्सप्रेस मामले में क्यों एनआईए ने एक राजनीतिक विचारधारा के लिए अपनी साख दांव पर लगाई

भारत सरकार यूं तो कहती है कि आतंकवादी कहीं छिपा हो वह उसे निकाल लाएगी, लेकिन इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री का कहना था कि क्यों सरकार आगे की अदालत में इस फैसले के ख़िलाफ़ अपील करे? जिसे करना हो करे, सरकार क्यों करे? इससे क्या फायदा होगा?

New Delhi: **FILE** File photo of Mecca Masjid blast accused Swami Aseemanand who was acquitted by a special NIA court in Hyderabad on Monday. PTI Photo (PTI4_16_2018_000050B)

समझौता एक्सप्रेस विस्फोट: अदालत ने कहा, सबूतों के अभाव में गुनहगारों को सजा नहीं मिल पाई

एनआईए अदालत के जज जगदीप सिंह ने अपने फैसले में कहा, ‘मुझे गहरे दर्द और पीड़ा के साथ फैसले का समापन करना पड़ रहा है क्योंकि विश्वसनीय और स्वीकार्य साक्ष्यों के अभाव की वजह से इस जघन्य अपराध में किसी को गुनहगार नहीं ठहराया जा सका.’

New Delhi: **FILE** File photo of Mecca Masjid blast accused Swami Aseemanand who was acquitted by a special NIA court in Hyderabad on Monday. PTI Photo (PTI4_16_2018_000050B)

समझौता एक्सप्रेस विस्फोट: असीमानंद समेत सभी आरोपी एनआईए कोर्ट द्वारा बरी

दिल्ली-लाहौर समझौता एक्सप्रेस में फरवरी 2007 को पानीपत के नज़दीक हुए थे दो बम विस्फोट हुए थे. एनआईए के विशेष न्यायाधीश ने एक पाकिस्तानी महिला द्वारा देश के गवाहों से पूछताछ की याचिका ख़ारिज करते हुए कहा कि इसमें कोई विचारणीय मुद्दा नहीं है.

New Delhi: **FILE** File photo of Mecca Masjid blast accused Swami Aseemanand who was acquitted by a special NIA court in Hyderabad on Monday. PTI Photo (PTI4_16_2018_000050B)

मक्का मस्जिद मामले से बरी हुए असीमानंद भाजपा का चुनाव प्रचार करेंगे

पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ‘मैं उन्हें लंबे समय से जानता हूं. मैंने असीमानंद को बताया कि बंगाल में स्थिति ख़राब है और हमें यहां काम करने की ज़रूरत है. इस पर वो सहमत हैं.’

(फोटो साभार: एएनआई)

मक्का मस्जिद ब्लास्ट: एनआईए की विशेष अदालत के जज रवींद्र रेड्डी का इस्तीफ़ा नामंज़ूर

एनआईए की विशेष अदालत के जज रवींद्र रेड्डी ने 16 अप्रैल को मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में मुख्य आरोपी असीमानंद समेत पांच लोगों को बरी करने के बाद इस्तीफ़ा दे दिया था.

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हम भी भारत, एपिसोड 30: मक्का मस्जिद ब्लास्ट में सभी आरोपी बरी

हम भी भारत की 30वीं कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी मक्का मस्जिद ब्लास्ट में एनआईए कोर्ट के सभी आरोपियों को बरी करने के फ़ैसले पर चर्चा कर रही हैं.

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मक्‍का मस्जिद मामला: फ़ैसला देने वाले जज पर भ्रष्टाचार का आरोप, एनआईए वकील का एबीवीपी से जुड़ाव

हैदराबाद की मक्का मस्जिद धमाका मामले में 16 अप्रैल को एनआईए कोर्ट ने स्वामी असीमानंद समेत सभी पांच आरोपियों को बरी किया था. 2007 में हुए इन धमाकों में नौ लोग मारे गए थे, जबकि करीब 58 लोग घायल हुए थे.

(फोटो साभार: एएनआई)

मक्का मस्जिद विस्फोट: आरोपियों को बरी करने वाले न्यायाधीश रवींद्र रेड्डी ने दिया इस्‍तीफ़ा

एनआईए की विशेष अदालत के जज के. रवींद्र रेड्डी ने इस्तीफ़े के पीछे निजी कारणों को वजह बताया है.

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मालेगांव मामला: साध्वी प्रज्ञा को जमानत, पुरोहित की अर्ज़ी ख़ारिज

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने 2008 मालेगांव बम विस्फोट मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को जमानत दे दी लेकिन सह आरोपी और पूर्व कर्नल प्रसाद पुरोहित को कोई राहत देने से इनकार कर दिया.

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अजमेर दरगाह विस्फोट: एनआईए ने साध्वी प्रज्ञा और इंद्रेश को दी क्लीनचिट

साल 2007 में हुए अजमेर दरगाह बम विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने साध्वी प्रज्ञा और संघ के नेता इंद्रेश कुमार को ​क्लीनचिट दे दी है.

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अजमेर दरगाह विस्फोट मामले में असीमानंद बरी, तीन दोषी क़रार

जयपुर की विशेष अदालत ने अजमेर दरगाह बम विस्फोट मामले में स्वामी असीमानंद समेत सात आरोपियों को बुधवार को बरी कर दिया जबकि तीन अभियुक्तों को मामले में दोषी पाया गया है.