Tehseen Poonawala

A deserted road in Srinagar on Monday. Restrictions were in force across Kashmir and in several parts of Jammu. (REUTERS/Danish Ismail)

कश्मीर में लगी पाबंदियों पर उठे हर सवाल का जवाब दे प्रशासन: सुप्रीम कोर्ट

कश्मीर में लगी पाबंदी पर याचिका दाखिल करने वालों की ओर से पेश एक वकील ने प्रतिदिन हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बावजूद हांगकांग हाईकोर्ट द्वारा प्रदर्शनकारियों पर से सरकारी प्रतिबंध हटा लेने का उदाहरण दिया. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों को बनाए रखने में भारत का सर्वोच्च न्यायालय कहीं अधिक श्रेष्ठ है.

**EDS: FILE PHOTO** Srinagar: In this file photo dated Aug. 4, 2019, are National Conference President Farooq Abdullah and PDP President Mehbooba Mufti during an all party meeting, in Srinagar. The Supreme Court on Monday, Sept. 16, 2019, has sought response from the Centre and the Jammu and Kashmir administration on a plea seeking to produce before court Abdullah, who is allegedly under detention following the scrapping of the state's special status. (PTI Photo) (PTI9_16_2019_000042B)

कश्मीर में हालात सामान्य होने के अमित शाह के दावे को नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी ने पाखंड बताया

संसद सत्र में फारूक अब्दुल्ला को हिस्सा लेने की इजाजत देने की विपक्ष की मांग पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस ने आपातकाल के दौरान 30 सांसदों को हिरासत में रखा था. इस पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा कि रेड्डी की टिप्पणी इस बात की स्वीकार्यता है कि जम्मू कश्मीर आपातकाल के बुरे दौर से गुजर रहा है.

Srinagar: Security personnel keep vigil at Lal Chowk after bifurcation of the Jammu and Kashmir state came into existence, in Srinagar, Thursday, Oct. 31, 2019. (PTI Photo/S. Irfan) (PTI10_31_2019_000132B)

जम्मू कश्मीर में 4 अगस्त से अब तक 5000 लोग गिरफ्तार: गृहमंत्री अमित शाह

गृह मंत्रालय ने लोकसभा में कहा कि जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के बाद पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी आई है. हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि जनवरी से 4 अगस्त तक औसतन हर महीने पत्थरबाजी की 50 घटनाएं हुईं. वहीं, 5 अगस्त के बाद ऐसे मामले औसतन हर महीने बढ़कर 55 हो गए.

(फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर में और कितने दिन लागू रहेगी पाबंदी, साफ-साफ जवाब दें: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट जम्मू कश्मीर में नाबालिगों को हिरासत में लेने, संचार माध्यमों पाबंदी लगाने जैसे कई मामलों पर दायर याचिकाओं की सुनवाई कर रहा है.

New Delhi: A view of Supreme Court of India in New Delhi, Thursday, Nov. 1, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_1_2018_000197B)

संचार व्यवस्था पर प्रतिबंध लागू करने संबंधी आदेश पेश करे जम्मू कश्मीर प्रशासन: सुप्रीम कोर्ट

जम्मू कश्मीर प्रशासन की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि राष्ट्रहित में लिए गए प्रशासनिक फैसलों की अपील पर कोई नहीं बैठ सकता. केवल न्यायालय ही इसे देख सकती है और याचिकाकर्ता इसे नहीं देख सकते.

New Delhi: A view of Supreme Court of India in New Delhi, Thursday, Nov. 1, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_1_2018_000197B)

जम्मू कश्मीर में पाबंदी पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- सरकार के सिर पर बंदूक रखना सही नहीं

सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन की राज्य में संचार माध्यमों से पाबंदी हटाने संबंधी याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जहां केंद्र ने अदालत से कहा कि राज्य में किसी भी प्रकाशन पर कोई रोक नहीं है.

Srinagar: A security personnel keeps vigil as a family rides on a scooter during restrictions in Srinagar, Thursday, Aug 8, 2019. Restrictions have been imposed in several districts of Jammu and Kashmir as a precautionary measure after the state lost its special status and was bifurcated on Tuesday as Parliament approved a resolution scrapping Article 370 of the Constitution and passed a bill to split the state into two Union Territories. (PTI Photo)(PTI8_9_2019_000020B)

जम्मू कश्मीर के हालात ‘बेहद संवेदनशील’, सरकार को समय मिलना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने संचार सेवाओं के साथ लगे अन्य प्रतिबंधों को हटाने के संबंध में केंद्र सरकार को तत्काल कोई आदेश जारी करने से इनकार कर दिया. पीठ ने हालात में सुधार की उम्मीद करते हुए सुनवाई को 2 हफ्ते के लिए टाल दिया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

भीड़तंत्र नहीं चल सकता, लिंचिंग से निपटने के लिए क़ानून लाए सरकार: सुप्रीम कोर्ट

कथित गोरक्षकों और भीड़ द्वारा हो रही हिंसा के ख़िलाफ़ दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि डर और अराजकता के माहौल से निपटना सरकार की ज़िम्मेदारी. नागरिक अपने आप में क़ानून नहीं बन सकते.

फोटो: द कारवां/पीटीआई

सुप्रीम कोर्ट में होगी जज लोया की मौत से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश दिया कि जज लोया की मौत से जुड़े किसी भी मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय में नहीं होगी.

Judge Loya Justice Arun Mishra PTI

क्या जस्टिस अरुण मिश्रा का जज लोया केस छोड़ने का इशारा न्यायपालिका पर उठे सवालों का जवाब है?

जस्टिस अरुण मिश्रा द्वारा जज लोया की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाले मामले की सुनवाई के बाद ‘इसे उपयुक्त बेंच के समक्ष पेश करें’ कहना दिखाता है कि वे अब इस संवेदनशील मामले को नहीं सुनना चाहते.