Tripura Violence

त्रिपुरा हिंसा: सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार के ट्वीट्स के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्रवाई पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि हिंसा के बारे में लिखना कोई अपराध नहीं है. त्रिपुरा पुलिस ने पत्रकार समीउल्लाह शब्बीर ख़ान के ख़िलाफ़ राज्य में पिछले साल हुई हिंसा से संबंधित एक ​ट्वीट के लिए यूएपीए और विभिन्न धाराओं के तहत मुक़दमा दर्ज किया था.

भाजपा ने त्रिपुरा हिंसा को कम करके दिखाया, ‘स्वाभाविक’ प्रतिक्रिया कहकर सही ठहराया: रिपोर्ट

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया द्वारा गठित फैक्ट फाइंडिंग टीम ने त्रिपुरा पुलिस और प्रशासन पर हिंसा से निपटने में ‘ईमानदारी की कमी’ प्रदर्शित करने का आरोप लगाया है. टीम की रिपोर्ट में कहा गया कि यह दिखाने के लिए बड़ी कॉन्सपिरेसी थ्योरी तैयार की गई कि सांप्रदायिक हिंसा को उजागर करने वाली स्वतंत्र पत्रकारिता एक चुनी गई सरकार को ‘राज्य के दुश्मनों द्वारा कमज़ोर करने’ का एक प्रयास है.

त्रिपुराः सुप्रीम कोर्ट ने एचडब्ल्यू न्यूज़, दो पत्रकारों के ख़िलाफ़ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाई

त्रिपुरा में हुई हिंसा के संबंध में मस्जिदों पर हमले और तोड़फोड़ के मामलों को कवर कर रहीं एचडब्ल्यू न्यूज़ नेटवर्क की इन दो महिला पत्रकारों के ख़िलाफ़ एक स्थानीय विहिप नेता की शिकायत पर 14 नवंबर को एफ़आईआर दर्ज की गई थी. शिकायत में दावा किया गया कि मुस्लिम समुदाय के लोगों से मिलने के दौरान पत्रकारों ने हिंदू समुदाय और त्रिपुरा सरकार के ख़िलाफ़ भड़काऊ बातें कही थीं.

New Delhi: A view of the Supreme Court, in New Delhi, on Thursday. (PTI Photo / Vijay Verma)(PTI5_17_2018_000040B)

त्रिपुरा हिंसा: जांच की मांग वाली याचिका पर केंद्र और त्रिपुरा सरकार को नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट त्रिपुरा में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा और इसे लेकर राज्य पुलिस की कथित मिलीभगत की स्वतंत्र जांच के लिए दायर याचिका की सुनवाई कर रही थी. याचिका में कहा गया है कि घटनाओं की गंभीरता के बावजूद पुलिस द्वारा उपद्रवियों के ख़िलाफ़ कोई ठोस क़दम नहीं उठाया गया. उन लोगों में से किसी को गिरफ़्तार नहीं किया, जो मस्जिदों या दुकानों में तोड़फोड़ करने और मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने वाले भाषण देने के लिए ज़िम्मेदार थे.

त्रिपुरा: विपक्षी दलों के धांधली के आरोप के बीच निकाय चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत

त्रिपुरा में 25 नवंबर को हुए नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने 334 में से 329 सीटों पर जीत दर्ज की है. पार्टी ने अगरतला नगर निगम के सभी 51 वॉर्ड में जीत दर्ज की है. टीएमसी के खाते में एक सीट जबकि सीपीआई (एम) ने तीन सीट पर जीत हासिल की. एक सीट निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में रही.

नॉर्थ ईस्ट डायरीः नई सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा चीन द्वारा अरुणाचल में फिर बनाया गया एन्क्लेव

इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, असम, मिजोरम और मणिपुर के प्रमुख समाचार.

त्रिपुरा में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं की कवरेज को लेकर गिरफ़्तार महिला पत्रकारों को ज़मानत

त्रिपुरा में हो रही हिंसा के संबंध में मस्जिदों पर हमले और तोड़फोड़ के मामलों को कवर कर रहीं एचडब्ल्यू न्यूज़ नेटवर्क की इन दो महिला पत्रकारों के ख़िलाफ़ एक स्थानीय विहिप नेता की शिकायत पर राज्य के कुमारघाट थाने में एफ़आईआर दर्ज की गई है. शिकायत में दावा किया गया है कि मुस्लिम समुदाय के लोगों से मिलने के दौरान पत्रकारों ने हिंदू समुदाय और त्रिपुरा सरकार के ख़िलाफ़ भड़काऊ बातें कही थीं.

त्रिपुरा भाजपा विधायक ने डीजीपी को लिखा पत्र, कहा- लोगों का पुलिस में विश्वास ख़त्म हो रहा

भाजपा विधायक सुदीप रॉय बर्मन का यह पत्र त्रिपुरा के उत्तरी ज़िले के पानीसागर उप-मंडल में हुई सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रहे लोगों पर यूएपीए तहत केस दर्ज करने के लिए राज्य पुलिस की व्यापक आलोचना के बीच आया है.

त्रिपुराः सांप्रदायिक हिंसा संबंधित कवरेज कर रहीं दो पत्रकारों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज

त्रिपुरा पुलिस ने विहिप सदस्य की शिकायत पर एचडब्ल्यू न्यूज़ नेटवर्क की दो पत्रकारों- समृद्धि सकुनिया और स्वर्णा झा के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की है. इससे पहले पुलिस ने हिंसा संबंधित ख़बरों को ऑनलाइन पोस्ट करने को लेकर दो वकीलों और कई पत्रकारों समेत 102 लोगों पर यूएपीए के तहत केस दर्ज किया है.

क्या भाजपा देशभर में निरंतर हिंसा का माहौल बनाए रखना चाहती है

तनाव भरे माहौल में हमेशा हिंसा की आशंका रहती है. समझदारी उससे बचने में है. प्रत्येक हिंसा समाज में समुदायों के बीच खाई को और चौड़ा करती है. भाजपा की राजनीति के लिए यही मुफ़ीद है. 

त्रिपुरा में कोई मस्जिद क्षतिग्रस्त नहीं हुई, कोई घायल या मृत नहीं: केंद्र सरकार

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि त्रिपुरा में मस्जिद को नुकसान पहुंचाने और तोड़फोड़ के बारे में सोशल मीडिया पर प्रसारित ख़बरें फ़र्ज़ी हैं और ऐसी किसी भी घटना में साधारण या गंभीर रूप से घायल होने, बलात्कार या किसी की मौत की कोई सूचना नहीं है जैसा कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया गया है.

त्रिपुरा हिंसाः यूएपीए का सामना कर रहे पत्रकारों, कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया

त्रिपुरा पुलिस ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर त्रिपुरा के उत्तरी ज़िलों में हालिया सांप्रदायिक हिंसा के ख़िलाफ़, यहां तक ​​कि इसका केवल उल्लेख करने के लिए कई पत्रकारों समेत 102 लोगों पर कड़े ग़ैरक़ानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया था.

त्रिपुरा में पत्रकार पर यूएपीए लगाया जाना मीडिया को ख़ामोश करने की कोशिश: आईडब्ल्यूपीसी

इंडियन वूमंस प्रेस कोर ने त्रिपुरा में एक पत्रकार समेत कइयों पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किए जाने को लेकर राज्य पुलिस की आलोचना करते हुए इन्हें तत्काल वापस लिए जाने की मांग की है. एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा कि वह पत्रकारों के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्रवाई से स्तब्ध है और यह राज्य सरकार द्वारा हिंसा को नियंत्रित करने में अपनी विफलता से ध्यान हटाने का एक प्रयास है.

नॉर्थ ईस्ट डायरी: अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया- चीन ने अरुणाचल के विवादित क्षेत्र में गांव बसाया

इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मेघालय और मिज़ोरम के प्रमुख समाचार.

त्रिपुरा: सांप्रदायिक हिंसा पर सोशल मीडिया पोस्ट के लिए 102 लोगों पर यूएपीए के तहत केस दर्ज

तीन नवंबर को लिखे एक पत्र में पश्चिम अगरतला थाने ने ट्विटर को उसके प्लेटफॉर्म से कम से कम 68 खातों को ब्लॉक करने और उनकी व्यक्तिगत जानकारी देने का अनुरोध करते हुए बताया कि इनके ख़िलाफ़ यूएपीए की धारा 13 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. विपक्ष ने इसे लेकर सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना साधा है.