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मध्य प्रदेश: दलित दूल्हे के घोड़े पर बैठने को लेकर हुई मारपीट, मामला दर्ज

मामला छतरपुर ज़िले के छापरा गांव का है, जहां दलित समुदाय के एक युवक को उसकी बारात से पहले घोड़े पर बैठकर पूजा के लिए जाने से रोका गया. चार सवर्ण युवकों ने उसे घोड़े से उतारने का प्रयास करते हुए जातिगत टिप्पणियां और मारपीट की. साथ ही, पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी.

Chhatarpur MP

छतरपुर: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला मुख्यालय से करीब 24 किलोमीटर दूर एक गांव में एक दलित दूल्हे को घोड़े में बैठाने से नाराज चार सवर्ण जाति के लोगों द्वारा अपमानित करने का मामला सामने आया है.

बताया गया है कि उन्होंने दूल्हे से जातिसूचक शब्द कहे, घोड़े से जबरदस्ती उतारने का प्रयास किया, धमकी दी और मारपीट की. चारों आरोपियों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया है.

नई दुनिया के मुताबिक, छापर में रहने वाले शोभालाल अहिरवार के पुत्र राजेश की बारात 15 जून को सटई थाना क्षेत्र के ग्राम भैरा जानी थी.

परिवार के लोगों ने परंपरा के अनुसार गांव में दूल्हे को घुमाने के लिए घोड़ा बुलवाया और दूल्हे को उस पर बैठाकर गांव के मंदिर ले जाने लगे.

राजेश अहिरवार ने बताया, ‘बारात जाने के पहले हमारे गांव में राक्ष घुमाने (देवी पूजन के लिए दूल्हे एवं उसके परिजनों के जाने) की परंपरा है. इसीलिए 15 जून की शाम को मेरी बारात जाने से कुछ समय पहले देवी मंदिर में चढ़ावा चढ़ाने के लिए घोड़े पर सवार होकर अपने परिजनों के साथ गया था.’

बताया गया कि इस दौरान चार सवर्ण युवकों ने घोड़े को रोकने के लिए उसकी लगाम खींच दी, जिससे घोड़ा उछला और दूल्हा जमीन पर आ गिरा.

इस बात पर दूल्हे के परिजनों और युवकों के बीच विवाद शुरू हो गया. इस विवाद में न सिर्फ दूल्हे के परिजनों को पीटा गया, बल्कि दूल्हे के साथ मारपीट की गई.

राजेश ने कहा, ‘आरोपियों ने फिर घोड़े वाले को भी बुरी तरह से पीटा है. इसके बाद हमें कहने लगे कि दोबारा गांव में घोड़े में बैठकर मत आना.’

उन्होंने बताया कि उन आरोपियों ने उन्हें धमकी दी कि इस घटना की शिकायत यदि पुलिस में की तो जान से मार देंगे.

सटई पुलिस थाना प्रभारी दीपक यादव ने बुधवार को बताया, ‘यह घटना 15 जून को छापर गांव में हुई. इस मामले में दूल्हे राजेश अहिरवार के पिता शोभा लाल अहिरवार की शिकायत पर सोमवार देर रात को ब्रजेंद्र यादव, राकेश यादव, कृष्ण पाल यादव और महिपाल यादव के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. ये सभी आरोपी छापर गांव के ही हैं.’

शिकायत के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ भादंवि की धारा 294 (अश्लील कार्य), 323 (मारपीट), 506 (धमकी देना) एवं 34 के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

उन्होंने कहा कि चारों आरोपियों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है.

बता दें कि इसी साल फरवरी महीने में गुजरात के बनासकांठा जिले में दलित सैन्यकर्मी को घोड़ी चढ़ने से रोका गया था.

दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले सेना की मिलिट्री विंग के जवान आकाश कुमार कोटिया (22) की शादी में पुलिस सुरक्षा के बावजूद सेना के उन्हें घोड़ी पर चढ़ने से रोकने के लिए सवर्ण जाति के कुछ लोगों ने बारात पर पथराव किया था, जिसमें महिलाओं सहित तीन लोग घायल हो गए थे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)