अमेरिका: जो बाइडेन ने भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस को उप-राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना

नवंबर, 2020 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडेन के जीतने पर कमला हैरिस उप-राष्ट्रपति बनने वाली पहली अमेरिकी महिला होंगी और देश की पहली भारतीय-अमेरिकी और अफ्रीकी उप-राष्ट्रपति भी.

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कमला हैरिस. (फोटो: रॉयटर्स)

नवंबर, 2020 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडेन के जीतने पर कमला हैरिस उप-राष्ट्रपति बनने वाली पहली अमेरिकी महिला होंगी और देश की पहली भारतीय-अमेरिकी और अफ्रीकी उप-राष्ट्रपति भी.

कमला हैरिस. (फोटो: रॉयटर्स)
कमला हैरिस. (फोटो: रॉयटर्स)

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन ने भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस को उप-राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना है.

ऐसा पहली बार हुआ है, जब कोई अश्वेत महिला देश की किसी बड़ी पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनी हैं.

यदि हैरिस उप-राष्ट्रपति बन जाती हैं, तो वह इस पद पर काबिज होने वाली अमेरिका की पहली महिला होंगी और देश की पहली भारतीय-अमेरिकी और अफ्रीकी उप-राष्ट्रपति होंगी.

55 वर्षीय हैरिस के पिता अफ्रीकी और मां भारतीय हैं. वह अमेरिका में कैलिफोर्निया की सीनेटर हैं.

पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा हैरिस को अक्सर पथप्रदर्शक बताते हैं.

77 वर्षीय बाइडेन ने मंगलवार दोपहर एक लिखित संदेश में इसकी घोषणा कर कई दिनों से जारी अटकलों का समाप्त कर दिया.

उन्होंने ‘डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन’ से पहले यह घोषणा की है, जिसमें तीन नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए बाइडेन को औपचारिक तौर पर नामित किया जाएगा.

बाइडेन ने संदेश में कहा, ‘जो बाइडेन यानी मैंने कमला हैरिस को उप-राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना है. आपके साथ मिलकर हम ट्रंप (अमेरिका के राष्ट्रपति) को मात देंगे. टीम में उनका स्वागत कीजिए.’

बाइडेन ने कहा कि देश को वापस पटरी पर लाने में वह सर्वश्रेष्ठ साझीदार होंगी.

बाइडेन के चुनाव प्रचार अभियान की ओर से कहा गया है, ‘जो बाइडेन देश को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्र को फिर से एकजुट करने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं. बाइडेन को उप-राष्ट्रपति पद की अहमियत के बारे में अच्छी तरह से पता है और उन्हें विश्वास है कि देश को पटरी पर वापस लाने में कमला हैरिस सर्वश्रेष्ठ साझीदार होंगी.’

इससे पहले, बाइडेन ने हैरिस के परिवार को कैलिफोर्निया से लाने के लिए एक विशेष विमान भी भेजा था.

करीब डेढ़ साल पहले डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवारों की रेस में कमला हैरिस प्रमुख दावेदारों में से एक थीं.

हालांकि, दिसंबर में उन्होंने अपना अभियान समाप्त कर दिया था और बाद में बाइडेन की उम्मीदवारी का समर्थन किया था, जिनका वह प्राइमरी में मुखर विरोध कर रही थीं.

बाइडेन की घोषणा के बाद हैरिस ने ट्वीट कर कहा, ‘जो बाइडेन अमेरिकी लोगों को एकजुट कर सकते हैं, क्योंकि उन्होंने अपना जीवन हमारे लिए लड़ते हुए बिताया है. राष्ट्रपति के रूप में वह एक ऐसा अमेरिका बनाएंगे जो हमारे आदर्शों पर खरा उतरे.’

उन्होंने आगे कहा, ‘अपनी पार्टी की ओर से उप-राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनकर मैं सम्मानित महसूस कर रही हूं और वह सब कुछ करूंगी जो उन्हें हमारा कमांडर-इन-चीफ बनाए.’

बता दें कि पिछले साल कमला हैरिस ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के उस फैसले के खिलाफ बोला था जिसमें उन्होंने अमेरिकी संसद सदस्यों से इसलिए मिलने से इनकार कर दिया था, क्योंकि वे भारतीय मूल की सीनेटर प्रमिला जयपाल को बैठक से बाहर करवाना चाहते थे.

जयपाल कश्मीर नीति को लेकर मोदी सरकार की सख्त आलोचक रही हैं.

इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाइडेन के इस फैसले पर हैरानी जताई है.

ट्रंप ने ह्वाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हम देखेंगे वह कैसे काम करती हैं. उन्होंने प्राइमरी में बेहद खराब प्रदर्शन किया था. उनके बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी.’

उन्होंने कहा, ‘वह कई चीजों को लेकर चर्चा में थीं, इसलिए मैं बाइडेन द्वारा उनका चयन करने पर थोड़ा हैरान हूं.’

बहरहाल, अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समूहों ने बाइडेन द्वारा भारतीय मूल की सीनेटर को उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाए जाने की सराहना करते हुए कहा है कि यह अमेरिका में पूरे समुदाय के लिए गर्व और उत्सव का क्षण था.

प्रख्यात भारतीय-अमेरिकी और ‘इंडियास्पोरा’ के संस्थापक एमआर रंगास्वामी ने से कहा, ‘भारतीय-अमेरिकियों के लिए यह बेहद गर्व का पल है. भारतीय-अमेरिकी अब वास्तव में राष्ट्रीय ताने-बाने में एक मुख्यधारा में है.’

प्रमुख भारतीय-अमेरिकी समूह ‘इम्पैक्ट’ और ‘पीएसी’ ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि वे अभियान के लिए एक करोड़ डॉलर जुटाएंगे.

‘इम्पैक्ट’ के कार्यकारी निदेशक नील मखीजा ने कहा, ‘इस साल करीब 13 लाख भारतीय अमेरिकियों के वोट करने की उम्मीद है.’

ट्रंप ने कनेक्टिकट प्राइमरी चुनाव में जीत दर्ज की

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनेक्टिकट से रिपब्लिकन के प्राइमरी चुनाव में जीत दर्ज की है. ट्रंप ने मंगलवार को अपने प्रतिद्वंद्वी रॉकी डी ला फ्यूंटे का मात दी.

प्राइमरी चुनाव अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की पहली सीढ़ी है. विभिन्न राज्यों में प्राइमरी चुनाव के जरिये पार्टियां राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार का चयन करती हैं.

मैसाचुसेट्स के पूर्व गवर्नर विलियम वेल्ड और इलिनोइस के पूर्व सांसद जो वाल्श भी दौड़ में थे, लेकिन उन्होंने चुनाव से पहले अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी.

दूसरी ओर कनेक्टिकट से रिपब्लिकन पार्टी के प्रमुख जेआर. रोमानो ने जीओपी प्राइमरी का आयोजन करने के लिए सेक्रेटरी ऑफ स्टेट डेनिस मेरिल की आलोचना की.

उन्होंने कहा कि यह समुदायों के पैसे की बर्बादी थी, क्योंकि ट्रंप को कोई व्यवहार्य प्रतियोगिता का सामना नहीं करना पड़ा. वहीं मेरिल ने तर्क दिया कि वह राज्य के कानून का पालन कर रही थीं.

जो बाइडेन ने कनेक्टिकट से डेमोक्रेटिक पार्टी के प्राइमरी चुनाव में जीत दर्ज की

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन ने कनेक्टिकट से डेमोक्रेटिक पार्टी के प्राइमरी चुनाव में जीत दर्ज कर ली.

बाइडेन ने वर्मोंट से सीनेटर बर्नी सैंडर्स और हवाई से भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद तुलसी गबार्ड को मंगलवार को मात दी.

सैंडर्स और गबार्ड ने कई महीने पहले चुनावी दौड़ से बाहर होने की घोषणा कर दी थी, लेकिन उन्होंने मतपत्र से उनके नाम हटाने का आग्रह नहीं किया था.

बाइडेन आखिरी बार अक्टूबर में धन जुटाने के लिए आयोजित किए गए एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने कनेक्टिकट गए थे. ऐसे ही एक कार्यक्रम के लिए उनका इस साल मार्च में भी वहां जाने का कार्यक्रम था, लेकिन कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण उस कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा था.

बाइडेन को अगले सप्ताह ‘डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन’ में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर औपचारिक तौर पर नामित किया जाएगा.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)