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असम: कृषक मुक्ति संग्राम समिति बनाएगी राजनीतिक पार्टी, अखिल गोगोई होंगे सीएम प्रत्याशी

असम की कृषक मुक्ति संग्राम समिति की ओर से कहा गया है कि यह एक क्षेत्रीय पार्टी होगी. सभी जनजाति, जाति, समुदाय, धर्म और भाषा के लोग इसका हिस्सा होंगे. प्रस्तावित पार्टी के नाम की घोषणा जेल से रिहा होने पर समिति के नेता अखिल गोगोई ख़ुद करेंगे.

अखिल गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

अखिल गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

गुवाहाटी: किसान अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली असम की कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) ने 2021 का राज्य विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए एक नई क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी गठित करने की शनिवार को घोषणा की. साथ ही यह भी कहा कि जेल में कैद उसके नेता अखिल गोगोई मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे.

समिति के नेतृत्व ने गुवाहाटी में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रस्तावित पार्टी के नाम की घोषणा जेल से रिहा होने पर गोगोई खुद करेंगे.

समिति के प्रमुख भास्को डे सैकिया ने कहा, ‘हमने खुद को एक नई पार्टी गठित करने के लिए तैयार किया है. यह एक क्षेत्रीय पार्टी होगी. सभी जनजाति, जाति, समुदाय, धर्म और भाषा के लोग इस पार्टी का हिस्सा होंगे.’

उन्होंने कहा कि नई पार्टी समझौता नहीं करने में यकीन रखने वाली राजनीतिक पार्टी होगी और पहले के संगठन गण मुक्ति संग्राम-असोम के बजाय इसका नया नाम रखा जाएगा.

सैकिया ने कहा, ‘हमारे गैर-समझौतावादी होने के कारण अखिल गोगोई अब तक जेल में हैं. अक्टूबर तक हमें उम्मीद है कि वह रिहा हो जाएंगे. हमें देश की न्यायपालिका पर भरोसा है. वह जेल से बाहर आने पर पार्टी के नाम की घोषणा करेंगे. पार्टी का नाम पहले ही तय हो गया है.’

प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के कार्यकर्ता होने के आरोप में गोगोई के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी एएनआई (एनआईए) द्वारा राजद्रोह और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत केस दर्ज किया गया है. अखिल गोगोई और केएमएसएस ने पिछले साल दिसंबर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ असम में हुए प्रदर्शनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

यह पूछे जाने पर कि क्या गोगोई चुनाव लड़ेंगे, सैकिया ने कहा, ‘हां, अखिल गोगोई 2021 का चुनाव लड़ेंगे. वह हमारे मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे.’

उन्होंने कहा कि नई पार्टी के लिए कार्य एजेंडा और संविधान जैसी बौद्धिक तैयारी हो चुकी है.

उन्होंने कहा, ‘कार्य एजेंडा ‘असोमबासिर जातीय करमहुची’ के रूप में जाना जाएगा और यह भविष्य के आधुनिक असमिया समाज के लिए होगा.’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव को लेकर कांग्रेस और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) बीच हुए गठबंधन के तुरंत बाद केएमएसएस की ओर से यह घोषणा की गई है.

इसके अलावा यह फैसला तब किया गया है जब राज्य के प्रभावशाली छात्र संगठन ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (एएएसयू) और आसोम जतियातबादी युबा छात्र परिषद (एजेवाईसीपर) ने भी क्षेत्रीय राजनीतिक दल बनाने का संकेत दिया है.

हालांकि केएमएसएस के प्रमुख सैकिया ने किसी भी तरह के गठबंधन से इनकार किया है. उन्होंने कहा, ‘हम किसी राष्ट्रीय या किसी सांप्रदायिक दल के साथ गठबंधन नहीं कर रहे हैं. हमारी अपील है कि भाजपा को राज्य से बाहर का रास्ता दिखाने के लिए सभी क्षेत्रीय दलों को एक साथ आना चाहिए.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)