राजनीति

नंदीग्राम के भाजपा नेता से मदद मांगने संबंधी ममता बनर्जी के कथित ऑडियो टेप से मचा हंगामा

विधानसभा चुनाव राउंड-अप: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में भाजपा-तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प में तीन घायल. ममता बनर्जी ने महिलाओं से कहा कि बाहर से लाए गए भाजपा के गुंडों का मुकाबला करछी से करिए. असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि कांग्रेस-एआईयूडीएफ गठबंधन देश का दुश्मन. कांग्रेस नेता नारायणसामी ने कहा कि भाजपा के घोषणा-पत्र में पुदुचेरी को राज्य का दर्जा देने पर चुप्पी साध ली गई.

Kolkata: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee during a sit-in over the CBI's attempt to question the Kolkata Police commissioner in connection with chit fund scams, in Kolkata, Monday, Feb. 04, 2019. (PTI Photo/Ashok Bhaumik)(PTI2_4_2019_000163B)

ममता बनर्जी. (फोटो: पीटीआई)

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में शनिवार को 30 सीटों के लिए जारी मतदान के बीच भाजपा ने एक ऐसी ऑडियो क्लिप जारी करके बड़ा विवाद खड़ा कर दिया, जिसमें कथित रूप से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक भाजपा नेता को तृणमूल में फिर से शामिल होने और उन्हें जीतने में मदद करने के लिए मनाती सुनाई दे रही हैं.

बनर्जी नंदीग्राम से अपने पूर्व सहयोगी और अब भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनावी मैदान में खड़ी हैं. नंदीग्राम आंदोलन के बल पर ही बनर्जी ने राज्य में वाम मोर्चे को 2011 में हराकर उससे सत्ता छीनी थी. राज्य में तब उन्होंने 34 साल से सत्ता पर काबिज वाम मोर्चे को हराया था.

भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात की और उन्हें टेप सौंपकर आरोप लगाया कि बनर्जी विधानसभा चुनाव के परिणाम को प्रभावित करने के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग कर रही हैं.

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस ऑडियो टेप की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए, लेकिन उसने साथ ही कहा कि प्रालय पाल तृणमूल के पूर्व नेता थे, जो भाजपा में शामिल हो गए हैं और यदि बनर्जी उन्हें वापस पार्टी में आने के लिए मना रही हैं, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है.

अधिकारी परिवार के वफादार पाल ने आरोप लगाया है कि बनर्जी ने उन्हें स्वयं फोन किया और नंदीग्राम सीट से जीत हासिल करने में उनकी मदद मांगी.

भाजपा नेता प्रालय पाल नंदीग्राम के रहने वाले हैं और भाजपा की तमलुक जिला इकाई के उपाध्यक्ष हैं. वह अधिकारी से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे.

कथित ऑडियो टेप बनर्जी ने अधिकारी परिवार की मजबूत पकड़ वाले पूर्व मेदिनीपुर जिले में भाजपा पदाधिकारी पाल से कथित रूप से कहा, ‘आपको नंदीग्राम में जीत दर्ज करने में हमारी मदद करनी चाहिए. देखिए, मैं जानती हूं कि आपको कुछ शिकायतें हैं, लेकिन इनमें से अधिकतर शिकायतें अधिकारी परिवार के कारण हैं, जिसने मुझे कभी नंदीग्राम या पूर्व मेदनीपुर नहीं आने दिया. मैं आगे से हर बात का खयाल रखूंगी.’

ऑडियो क्लिप में पाल कथित रूप से कह रहे हैं, ‘दीदी, आपने मुझे फोन किया, जो कि मेरे लिए सम्मान की बात है, लेकिन मैं अधिकारी परिवार को धोखा नहीं दे सकता, क्योंकि उसने हर मुश्किल समय में मेरा साथ दिया है.’

पाल ने बाद में टीवी समाचार चैनलों से कहा कि बनर्जी ने उन्हें फोन किया और उनसे तृणमूल में लौटने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया.

पाल ने कहा, ‘मैं अब भाजपा के लिए काम कर रहा हूं और अब उन्हें धोखा नहीं दे सकता.’

समाचार एजेंसी ‘पीटीआई/भाषा’ इस ऑडियो टेप की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर पाई है.

भाजपा के सोशल मीडिया प्रमुख अमित मालवीय ने कथित बातचीत की क्लिप साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘बड़ी बात. ममता बनर्जी नंदीग्राम में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष प्रालय पाल को फोन करती हैं और उनसे मदद का आग्रह करती है. प्रालय उनसे कहते हैं कि तृणमूल में उनका अपमान किया गया और वह इस परिवार और भाजपा को धोखा नहीं दे सकते. ममता बनर्जी नंदीग्राम और तृणमूल बंगाल में निश्चित ही हार रही हैं.’

भाजपा नेता विजयवर्गीय ने पत्रकारों से कहा, ‘ममता बनर्जी ने जिस प्रकार बात की, उस तरह कोई हार मान चुका उम्मीदवार ही बात कर सकता है.’

यह पूछे जाने पर कि क्या यह टेप प्रामाणिक हैं, भाजपा नेता ने कहा, ‘मैं पूरी जिम्मेदारी से यह बात कर रहा हूं.’

उन्होंने कहा, ‘वह मदद की याचना कर रही हैं. यह दर्शाता है कि उन्होंने हार मान ली है.’

तृणमूल ने कहा कि इस टेप की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि बनर्जी पार्टी के किसी पूर्व सदस्य से बात करती हैं, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है.

तृणमूल प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, ‘पहली बात तो यह है कि इस क्लिप की पुष्टि नहीं हुई है. हमें नहीं पता कि यह सच्चाई है या यह सब झूठ है, लेकिन यदि कोई नेता अपने किसी पूर्व नेता या सहयोगी को फोन करता है, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है. यह राजनीति में स्वाभाविक सी बात है.’

नंदीग्राम सीट के लिए दूसरे चरण में एक अप्रैल को चुनाव होगा. ममता बनर्जी 28 मार्च से चुनाव होने तक नंदीग्राम में रहेंगी.

नंदीग्राम में भाजपा-तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प, तीन घायल

नंदीग्राम: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में शनिवार को भाजपा और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प में कम से कम तीन व्यक्ति घायल हो गए. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी.

हालांकि, तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी के चुनाव एजेंट शेख सूफियान ने दावा किया कि भाजपा के भाड़े के गुंडों ने राज्य में सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं पर हमला किया. वहीं, भगवा पार्टी ने इन आरोपों से इनकार किया है.

सूफियान ने दावा किया, ‘घटना में घायल तीनों कार्यकर्ता तृणमूल कांग्रेस के हैं. उन्हें कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया है. उनमें से एक की हालत गंभीर है.’

उन्होंने आरोप लगाया कि गत 15 दिनों से भाजपा के गुंडों ने नंदीग्राम में आतंक मचा रखा है.

सूफियान ने दावा किया, ‘ये गुंडे तृणमूल कार्यकर्ताओं के घरों में जाकर उन पर हमले कर रहे हैं, उनके हाथ मरोड़ रहे है और यहां तक कि सोने की चेन भी छीन रहे हैं. लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर रही है.’

सूफियान के आरोपों को खारिज करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में लाने और इलाके में शांति बहाल करने के लिए तत्काल कार्रवाई की गई.

स्थानीय भाजपा नेताओं ने तृणमूल नेता के दावे को खारिज करते हुए कहा कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ता निर्वाचन क्षेत्र में शांति भंग कर रहे हैं.

भाजपा नेता ने कहा, ‘हमारा कोई कार्यकर्ता तृणमूल कार्यकर्ताओं पर हमले में शामिल नहीं है. इसके विपरीत सत्तारूढ़ पक्ष के सदस्यों ने शुभेंदु अधिकारी की रैली के दौरान हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला किया. तीन तृणमूल कार्यकर्ताओं, जिनका इलाज चल रहा है, वे आपसी झगड़े में घायल हुए हैं.’

ममता ने महिलाओं से कहा- बाहर से लाए गए भाजपा के गुंडों का मुकाबला करछी से करिए

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में लोगों को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने से रोकने के लिए बाहर से गुंडे लाने का भाजपा पर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को महिलाओं से कहा कि इनका मुकाबला ‘करछी’ और रसोई के अन्य बर्तनों से करिए.

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने पश्चिम मेदिनीपुर जिला के नारायणगढ़ और पिंगला में दो चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए अपने प्रतिद्वंद्वी शुभेंदु अधिकारी और उनके परिवार को ‘गद्दार’ करार दिया. साथ ही ममता ने आरोप लगाया कि इस परिवार का एक सदस्य राज्य में 30 विधानसभा सीटों पर मतदान होने से कुछ घंटे पहले शुक्रवार रात लोगों को नोट बांट रहा था.

उन्होंने कहा, ‘कल, अधिकारी बंधुओं में एक को नोट बांटते देखा गया था. इलाके में महिलाओं ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया और पुलिस को उसे गिरफ्तार करने को कहा. उन्होंने 30 से अधिक गुंडों को भी (पुलिस के) हवाले कर दिया, उन सभी को भाजपा ने बाहर से मंगाया था.’

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘भाजपा बंगाल के बाहर से उन स्थानों पर गुंडे ला रही है, जहां उसकी कुछ पकड़ है. मैं राज्य की महिलाओं से करछी लेकर बाहर आने और इनका मुकाबला करने का अनुरोध करूंगी.’

गौरतलब है कि अधिकारी परिवार के तीन सदस्यों ने पिछले कुछ महीनों में तृणमूल कांग्रेस छोड़ दिया और भाजपा का दामन थाम लिया. इस परिवार की पूरब मेदिनीपुर में अच्छी खासी पकड़ मानी जाती है.

ममता का नंदीग्राम में मुकाबला शुभेंदु से है, जो कभी तृणमूल कांग्रेस प्रमुख के करीबी नेता रहे थे.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैंने उन्हें महत्वपूर्ण सार्वजनिक पद दिए थे, लेकिन उन्होंने तृणमूल कांग्रेस को धोखा दिया और भाजपा में चले गए. उन्हें पैसों का लालच दिया गया था.’

असम के मुख्यमंत्री ने कहा, देश का दुश्मन है कांग्रेस-एआईयूडीएफ गठबंधन

गुवाहाटी: कांग्रेस-एआईयूडीएफ गठबंधन को देश का ‘दुश्मन’ बताकर उसकी आलोचना करते हुए असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि अगर वह (गठबंधन) सत्ता में आता है तो वह राज्य में रहने वाले भारतीयों की जिदंगी को खतरे में डाल देगा और अवैध घुसपैठियों को मजबूत बनाएगा.

Dibrugarh: Assam Chief Minister Sarbananda Sonowal addresses his party workers during a meeting, at Chowkidinghee field in Dibrugarh, Thursday, Feb. 21, 2019. (PTI Photo)(PTI2_21_2019_000147B)

सर्बानंद सोनोवाल. (फोटो: पीटीआई)

उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा नीत राजग द्वारा राज्य के विकास के लिए किए गए कार्यों एवं शांति प्रयासों के कारण लोग मजबूती से सत्तारूढ़ गठबंधन के साथ खड़े हैं.

राजग के सत्ता में वापसी पर मुख्यमंत्री के नाम पर अटकलों को तवज्जो नहीं देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले पांच साल में ‘टीम असम’ की तरह काम किया है और पार्टी का लक्ष्य चुनाव जीतना है.

भाजपा द्वारा मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं किए जाने के कारण इन अटकलों को बल मिला है कि इस पद के लिए हेमंत विश्व सरमा भी एक चेहरा हो सकते हैं.

उन्होंने कहा कि सत्ता में वापसी पर भाजपा ‘त्रुटिहीन’ राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर लाएगी और सुनिश्चित करेगी कि उसमें सभी भारतीय नागरिक शामिल हों और कोई अवैध घुसपैठियां उसमें जगह न पाए.

राज्य में चुनाव परिणाम के आकलन के बारे में सवाल करने पर सोनोवाल ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य 100 से ज्यादा सीटों का है.

राज्य में पहले चरण के चुनाव में शनिवार को 126 में 47 सीटों पर मतदान हुआ. चुनाव में शाम पांच बजे तक 81.09 लाख मतदाताओं में से 72.10 फीसदी ने मतदान किया.

केरल के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नीत यूडीएफ पर साधा निशाना

कोच्चि: केरल में कांग्रेस और भाजपा पर अपने हमले तेज करते हुए मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां दक्षिणी राज्य में ‘विध्वंसक गतिविधियां’ चला रही हैं और विपक्षी यूडीएफ उनके सुर में सुर मिला रहा है.

राज्य सरकार की कुछ परियोजनाओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की जांच पर निशाना साधते हुए मार्क्सवादी नेता ने आरोप लगाया कि संघ परिवार केंद्र में अपनी शक्ति का इस्तेमाल केरल इंफ्रास्ट्रचर इनवेस्टमेंट फंड बोर्ड (केआईआईएफबी) जैसी संस्थानों को ‘नष्ट’ करने के लिए कर रहा है जिसके जरिये राज्य में पिछले पांच साल में आधारभूत सुविधाओं का अप्रत्याशित विकास किया गया है.

तिरुवनंतपुरम में केआईआईएफबी मुख्यालय में आयकर विभाग द्वारा निरीक्षण करने के दो दिन बाद विजयन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नीत यूडीएफ ने केआईआईएफबी के गले पर फंदा लगा दिया है और उसे ‘फांसी देने वाले’ का काम कर रही है.

उन्होंने दावा किया राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीतला केंद्र की भाजपा सरकार के ‘मजबूत समर्थक’ बन गए हैं.

केआईआईएफबी को निशाना बनाने वाली केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का समर्थन करने का यूडीएफ पर आरोप लगाते हुए विजयन ने कहा, ‘हमने कभी नहीं सोचा था कि वे (उसे) फांसी देने वाले का काम करेंगे.’

उन्होंने कोच्चि में प्रेस वार्ता में कहा, ‘कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ द्वारा खोले गए दरवाजों से प्रवेश करने के बाद केंद्रीय एजेंसियां राज्य में विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम दे रही हैं.’

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘वे केआईआईएफबी को नष्ट करना चाहते हैं, और राज्य सरकार की ‘लाइफ मिशन’ परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं.’

‘लाइफ मिशन’ राज्य सरकार की भवन परियोजना है जिसमें बेघरों को घर उपलब्ध कराने की कल्पना की गई है. इसमें विदेशी योगदान (रेगुलेशन) अधिनियम के उल्लंघन के आरोप हैं.

विजयन ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर केआईआईएफबी में आयकर निरीक्षण पर हमला करते हुए आरोप लगाया था कि भाजपा नीत सरकार संघवाद को नष्ट करने की कोशिश कर रही है.

भाजपा के घोषणा पत्र में पुदुचेरी को राज्य का दर्जा देने पर चुप्पी: नारायणसामी

पुदुचेरी: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पुदुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने इस केंद्रशासित प्रदेश को राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर भाजपा के अपने घोषणा पत्र में चुप्पी साध लेने पर शनिवार को सवाल उठाया.

वी. नारायणसामी. (फोटो साभार: फेसबुक)

वी. नारायणसामी. (फोटो साभार: फेसबुक)

नारायणसामी ने पुदुचेरी स्थित पाटी कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस, द्रमुक और यहां तक कि एआईएनआरसी (जिसने भाजपा से गठजोड़ किया है) इस केंद्रशासित प्रदेश को राज्य का दर्जा देने की मांग करती आ रही हैं.

उन्होंने कहा, ‘एक बार तो एआईएनआरसी के नेता एन. रंगासामी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की थी कि यदि केंद्र पुदुचेरी को राज्य का दर्जा नहीं देता है तो वे सभी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करें.’

उन्होंने सवाल किया, ‘अब भाजपा के घोषणा पत्र में राज्य का दर्जा देने पर उसके रुख का जिक्र नहीं है, तो मैं जानना चाहता हूं कि एआईएनआरसी की नीति क्या है.’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि भाजपा के घोषणा पत्र में सालों के दौरान पुडुचेरी पर केंद्र का बना 7000 करोड़ रुपये का कर्ज भी माफ करने का वादा नहीं किया गया है.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह भाजपा ने चुप्पी साधकर अपनी जनविरोधी नीतियां बेनकाब कर दी हैं.

पुडुचेरी में छह अप्रैल को विधानसभा चुनाव हैं.

चुनाव आयोग को तमिलनाडु में कोविड संबंधी एसओपी सख्ती से लागू करने का निर्देश

चेन्नई: मद्रास उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को चुनाव आयोग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि चुनावी प्रदेश तमिलनाडु में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि को देखते हुए वे स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को सख्ती से लागू करने के लिए अपने अधीनस्थों को निर्देश दें.

अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अनिवार्य सामाजिक दूरी का मानदंड बनाए रखा जाए और चुनाव प्रचार तथा मतदान के दौरान मास्क का इस्तेमाल किया जाए.

मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और जस्टिस सेंथिल कुमार राममूर्ति की पीठ ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारों को एसओपी के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक सहायता मुहैया करानी चाहिए.

पीठ ने अधिवक्ता टी. सुब्रमणि की एक जनहित याचिका का निपटारा करते हुए निर्देश दिया कि राज्य में कोविड संबंधी दिशानिर्देशों को सख्ती से पालन किया जाए.

राज्य में छह अप्रैल को एकल चरण में चुनाव होने हैं. राज्य में शुक्रवार को कोविड के 1,971 नए मामले सामने आए.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)