राजनीति

बंगाल: भाजपा उम्मीदवार का दावा, चुनाव नहीं लड़ने का दबाव डाल रही पार्टी

विधानसभा चुनाव राउंड-अप: अमित शाह ने कहा कि बंगाल और असम में शांतिपूर्ण मतदान सकारात्मक संकेत हैं. बंगाल के पहले चरण की 30 में से 26 सीटों पर जीतने के अमित शाह के दावे को ममता बनर्जी ने ख़ारिज किया. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने असम में भाजपा के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार किया. केरल चुनाव प्रचार में उठा सीएए का मुद्दा. पुदुचेरी में कांग्रेस ने मुफ़्त कोविड-19 टीकाकरण और गृहणियों को 1,000 रुपये प्रति माह का वादा किया.

(फोटो: पीटीआई)

(फोटो: पीटीआई)

वर्धमान: पश्चिम बंगाल विधानसभा की गलसी (सुरक्षित) सीट से भाजपा उम्मीदवार तपन बागड़ी ने शनिवार को दावा किया कि पूर्वी वर्धमान जिले का पार्टी नेतृत्व उन पर चुनाव नहीं लड़ने का दबाव डाल रहा है, क्योंकि उनके खिलाफ छेड़छाड़ का एक ‘झूठा’ मामला लंबित है.

उन्होंने धमकी दी कि यदि उन्हें चुनाव नहीं लड़ने दिया गया तो वह आत्मदाह कर लेंगे.

बागड़ी की उम्मीदवारी की घोषणा नई दिल्ली से की गई थी. उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कई नेताओं के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास के मामले लंबित हैं, फिर भी उन्हें उम्मीदवार बनाया गया है.

उन्होंने यह भी कहा कि वह सोमवार को भाजपा उम्मीदवार के तौर पर नामाकंन पत्र दाखिल करेंगे.

भाजपा जिला अध्यक्ष अभिजीत ता ने कहा कि बागड़ी को शुक्रवार को मामले से संबंधित दस्तावेज जमा करने के लिए कहा गया था और उन्होंने ऐसा किया भी.

उन्होंने कहा कि दस्तावेजों को पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के पास भेज दिया गया है. साथ ही उन्होंने इस बात से इनकार किया कि बागड़ी पर चुनाव न लड़ने का दबाव डाला जा रहा है.

बागड़ी ने कहा कि वह 1991 से भाजपा के साथ हैं और 2011 से गलसी सीट से लगातार पार्टी के उम्मीदवार हैं.

उन्होंने कहा, ‘उम्मीदवार के तौर पर मेरे नाम की घोषणा केंद्रीय नेताओं ने की है और अगर मैं चुनाव नहीं लड़ सका तो मैं पार्टी के जिला कार्यालय के सामने आत्मदाह कर लूंगा.’

भाजपा उम्मीदवार ने पत्रकारों को बताया कि वह सामाजिक रूप से पिछड़े तथा आर्थिक रूप से कमजोर हैं, लेकिन उन्हें तमाम लोगों का समर्थन है.

उन्होंने कहा, ‘मैं लंबे समय से राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हूं और टीएमसी द्वारा मेरे खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया गया है. झूठे केस से संबंधित कुछ पोस्टर पाए जाने के बाद जिला कार्यालय के अधिकारियों ने मुझसे अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा. मैंने उन्हें सब कुछ बताया, लेकिन मुझे चुनाव लड़ने से मना किया गया.’

तृणमूल कांग्रेस के पूर्व बर्धमान जिले के प्रवक्ता प्रसेनजीत दास ने कहा कि बागड़ी को इस बात पर विचार करना चाहिए क्या वह ऐसी पार्टी में रहेंगे, जहां उन्हें सम्मान नहीं मिल रहा है.

बंगाल और असम में शांतिपूर्ण मतदान सकारात्मक संकेत हैं: अमित शाह

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल और असम विधानसभाओं के प्रथम चरण के चुनाव के एक दिन बाद रविवार को कहा कि दोनों राज्यों में हुए शांतिपूर्ण मतदान आने वाले दिनों में इन राज्यों के लिए सकारात्मक संकेत हैं.

उन्होंने बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा के भारी जीत दर्ज करने का भरोसा जताते हुए दावा किया, ‘राज्य में जमीनी स्तर पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं से मिली जानकारी के मुताबिक पार्टी प्रथम चरण के चुनाव में 30 सीटों में से 26 पर जीत हासिल करेगी.’

बंगाल में आठ चरणों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं.

शाह ने कहा, ‘सोनार बांग्ला की अपनी परिकल्पना के साथ भाजपा ने राज्य के लोगों के बीच एक बेहतर पश्चिम बंगाल की उम्मीद जगाई है.’

उन्होंने बंगाल में प्रथम चरण के चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से कराने को लेकर चुनाव आयोग का आभार जताते हुए कहा, ‘मैं हिंसाग्रस्त पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण चुनाव कराने को लेकर निर्वाचन आयोग को धन्यवाद देना चाहता हूं.’

केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय बांग्लादेश दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे और इसका चुनावों से कोई लेना-देना नहीं है.

अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

प्रधानमंत्री के बांग्लादेश दौरे पर उनके संबोधन की तृणमूल कांग्रेस द्वारा आलोचना किए जाने पर शाह ने यह कहा.

भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि असम में जमीनी स्तर से प्राप्त जानकारी के मुताबिक राज्य में प्रथम चरण के चुनाव में 47 सीटों में से 37 पर भाजपा जीत दर्ज करेगी.

पहला चरण: बंगाल में 84.13 प्रतिशत मतदान, असम में 77 प्रतिशत

कोलकाता/गुवाहाटी: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 30 सीटों पर 84.13 प्रतिशत मतदान हुआ. यह जानकारी निर्वाचन आयोग की अद्यतन रिपोर्ट में दी गई है.

आयोग के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि ज्यादातर स्थानों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा और हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आईं.

शनिवार को जिन 30 सीटों पर मतदान हुआ, उनमें से नौ पुरुलिया; बांकुड़ा और झाड़ग्राम की चार-चार, पश्चिम मेदिनीपुर की छह और पूर्व मेदिनीपुर की सात सीटें शामिल हैं.

पूर्व मेदिनीपुर जिले में सर्वाधिक 86.32 प्रतिशत मतदान हुआ.

इसके अलावा झाड़ग्राम में 84.74 प्रतिशत, पश्चिम मेदिनीपुर में 84.71 प्रतिशत, बांकुड़ा में 84.27 प्रतिशत और पुरुलिया में 81.77 प्रतिशत मतदान हुआ.

एक अधिकारी ने कहा कि यह अनुमानित आंकड़ा है. अंतिम आंकड़ा जल्दी ही जारी किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जिन 30 सीटों पर मतदान हुआ, उनमें से कई जंगलमहल क्षेत्र में हैं जो कभी नक्सल प्रभावित था.

अधिकारी ने बताया कि कड़ी सुरक्षा और कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए मतदान संपन्न कराया गया. मतदान के पहले चरण में विभिन्न स्थानों पर हिंसा में लिप्त 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया.

उधर, असम में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 47 सीटों के लिए शनिवार को हुए मतदान के लिए कुल पंजीकृत करीब 81.09 लाख मतदाताओं में से करीब 77 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

इस चरण में मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, विधानसभा अध्यक्ष हितेंद्रनाथ गोस्वामी, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख रिपुन बोरा, नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी कार्यकर्ता अखिल गोगोई सहित 264 प्रत्याशियों की राजनीतिक किस्मत की ईवीएम में बंद हो गई है.

राज्य विधानसभा की 126 सीटों के लिए तीन चरणों में होने वाले मतदान का पहला चरण शनिवार को संपन्न हुआ.

निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि शाम छह बजे मतदान खत्म होने तक अनुमानत: कुल 76.89 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया.

संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी राहुल सीएच दास ने बताया, ‘मतों के अंतिम मिलान के बाद मतप्रतिशत में कुछ और वृद्धि हो सकती है.’

उन्होंने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ और राज्य के किसी हिस्से से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई.

हालांकि, सोनारी साल्काथानी बूथ पर तबीयत खराब होने से चुनाव अधिकारी तुलसी खानिकर की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई.

वहीं डिब्रूगढ़ जिले के लाहोवाल सीट पर कोविड-प्रोटोकॉल अधिकारी मुनीन पाठक को पुलिस पकड़ कर उस समय ले गई, जब उन्होंने कोविड-19 नियमों का पालन नहीं करने पर पिस्तौल निकालकर कुछ मतदाताओं को डराया.

इस चरण में मौजूदा सरकार में मंत्री रंजीत दत्ता (बेहाली), नाबा कुमार डोले (धाकुआखा), जोगेन मोहन (महमोरा), संजय किशन (तिनसुकिया), अतुल बोरा (बोकाखाट) और केशब महंता (कालियाबोर) की किस्मत भी ईवीएम में बंद हो गई है.

कांग्रेस विधायक दल के नेता देवब्रत सैकिया (नजीरा) और असम जातीय परिषद अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई (दुलियाजान और नहरकटिया) की सीट पर भी चरण में मतदान हुआ.

प्रथम चरण में 30 में से 26 सीटों पर जीतने के शाह के दावे को ममता ने किया खारिज

चंडीपुर/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में 30 सीटों में से 26 पर भाजपा के जीतने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दावे को तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने खारिज करते हुए रविवार को कहा कि मतगणना के बाद जनता का फैसला पता चल जाएगा.

ममता बनर्जी. (फोटो: पीटीआई)

ममता बनर्जी. (फोटो: पीटीआई)

शाह ने दिन में नई दिल्ली में अपने आवास पर संवाददाता सम्मेलन में यह दावा किया था.

हालांकि ममता ने शाह का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने सवाल किया कि चुनाव होने के महज एक दिन बाद ही इस तरह का दावा कैसे किया जा सकता है.

मुख्यमंत्री ने नंदीग्राम से लगे चंडीपुर विधानसभा क्षेत्र में एक चुनाव रैली में चुटकी लेते हुए कहा, ‘एक नेता ने आज कहा कि भाजपा पहले चरण की 30 में से 26 सीटों पर जीत हासिल करेगी, सभी 30 सीटों पर दावा क्यों नहीं कर दिया, क्या उन्होंने शेष सीटें कांग्रेस और माकपा के लिए छोड़ दी है?’

उन्होंने कहा, ‘चूंकि 84 प्रतिशत मतदान हुआ है, मैं अंदाजा लगा सकती हूं कि लोगों ने हमारे पक्ष में वोट दिया है.’

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने भी शाह के संवाददाता सम्मेलन के शीघ्र बाद एक ट्वीट में कहा, ‘माइंड-गेम काम नहीं करेगा, मो-शा (मोदी-शाह के संदर्भ में).’

पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘सीटों पर अपना अनुमान लगाने का स्टंट गुजरात जिमखाना में करिए. यह बंगाल है. खेला होबे.’

तृणमूल सांसद के पोस्ट में ‘टीएमसी स्वीप्स फेज1’(तृणमूल कांग्रेस प्रथम चरण के चुनाव में सूपड़ा साफ कर देगी) हैश टैग के साथ पार्टी के ‘खेला होबे’ अभियान का भी जिक्र किया गया है.

भाजपा को असम विधानसभा चुनाव में हार का आभास हो गया है: खड़गे

गुवाहाटी: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को दावा किया कि असम में भाजपा नीत गठबंधन को विधानसभा चुनाव में अपनी हार का आभास हो गया है, तभी उसके गठबंधन सहयोगी यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने उग्रवादी संगठनों के आत्मसमर्पण कर चुके सदस्यों को सेना और अर्धसैनिक बलों में नौकरी देने का वादा किया है.

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खड़गे ने कहा कि भगवा पार्टी ने अपने मौजूदा मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को इस बार मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं घोषित किया है, क्योंकि भाजपा को डर है कि पांच साल में उसकी सरकार द्वारा वादे नहीं निभाए जाने को लेकर सवाल किये जा सकते हैं.

खड़गे ने गुवाहाटी में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘यूपीपीएल ने उग्रवादी संगठनों के आत्मसमर्पण कर चुके सदस्यों को सेना और अर्धसैनिक बलों में नौकरी देने का वादा किया है. राज्य स्तर का कोई दल रक्षा बलों में नौकरी दिलाने का वादा कैसे कर सकता है? यह वोटों के लिए जनता को गुमराह करने का हताशापूर्ण प्रयास है.’

उन्होंने कहा कि इससे संकेत मिलता है कि भाजपा ने हार स्वीकार कर ली है और अपना चेहरा छिपाने का प्रयास कर रही है.

असम में तीन चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं. असम में विधानसभा की 126 सीटों में 47 सीटों पर शनिवार को पहले चरण के तहत मतदान हुआ, जबकि 39 और 40 सीटों पर क्रमशः 1 अप्रैल और 6 अप्रैल को मतदान होगा.

कांग्रेस ने असम में भाजपा के खिलाफ दुष्प्रचार किया: जितेंद्र सिंह

गुवाहाटी: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लोगों के मन में भाजपा के खिलाफ ‘जहर’ घोलने के लिए कांग्रेस द्वारा बहुत सारी गलतफहमियां और संदेह फैलाए गए, लेकिन भाजपा ने इनका अच्छी तरह से मुकाबला किया है.

Jammu: Minister of State for PMO Jitendra Singh addresses a press conference in Jammu,Tuesday, Sept. 10, 2019. (PTI Photo)(PTI9_10_2019_000089B)

जितेंद्र सिंह. (फोटो: पीटीआई)

सिंह ने कहा कि सात साल पहले कांग्रेस ने यह दुष्प्रचार किया था कि यदि भाजपा पूर्वोत्तर के किसी भी राज्य में सत्ता में आई तो वह लोगों के खान-पान की आदतों और जीवन शैली में हस्तक्षेप करना शुरू कर देगी, लेकिन हम लोगों के साथ जुड़े और उन्हें समझाया कि भाजपा एक ऐसा संगठन है, जो समाज के सभी वर्गों के साथ बिना किसी पक्षपात या भेदभाव के समान व्यवहार करता है.

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री ने कहा, ‘हाल में कांग्रेस पार्टी ने नागरिकता संशोधन अधिनियम या सीएए लागू होने पर लोगों को हो सकने वाली काल्पनिक कठिनाइयों और पीड़ाओं के बारे में एक धारणा फैलाई. लेकिन पिछले दो वर्षों में लोगों को एहसास हुआ कि यह सब भाजपा सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार था और उस तरह का कुछ नहीं हुआ.’

सिंह ने कहा, पिछले सात वर्षों में, ‘हमने असम को सफलतापूर्वक विकास की पटरी पर ला दिया है.’

सिंह ने कहा, ‘हम और पांच साल का समय मांगते हैं ताकि हम परियोजनाओं को पूरा कर सकें और उन परियोजनाओं को लागू कर सकें जो लोगों के कल्याण के लिए बनाई गई हैं, खासकर युवाओं और महिलाओं के लिए.’

केरल चुनाव प्रचार में उठा सीएए का मुद्दा

पुथुपल्ली/पुरामेरी: केरल में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार के जोर पकड़ने के बीच भाजपा और माकपा ने रविवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का मुद्दा उठाया.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

भगवा दल ने अपने वादे को पूरा करने का संकल्प लिया, वहीं वाम दल ने कहा कि विवादित कानून को राज्य में लागू नहीं किया जाएगा.

केरल में सीएए के खिलाफ माकपा नीत एलडीएफ और कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ ने अलग-अलग प्रदर्शन किए थे और इस कानून को रद्द करने की मांग की थी तथा इसे ‘भेदभावकारी’ और ‘मुस्लिम विरोधी’ बताया था.

भाजपा के वरिष्ठ नेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी ने चुनावों में जनता से किए गए वादों को पूरा किया है.

कोट्टयम जिले के पुथुपल्ली विधानसभा सीट पर प्रचार करते हुए सिंह ने कहा कि भाजपा ने वादा किया था कि केंद्र में उनकी पार्टी की अगुवाई वाली सरकार जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त करेगी, नागरिकता संशोधन कानून बनाएगी और मुस्लिम महिलाओं की शादी को तीन तलाक से बचाने के लिए कानून बनाएगी.

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि भाजपा सरकार ने जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त किया, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के लिए सीएए पारित किया और मुस्लिम महिलाओं को एक साथ दी जाने वाली तीन तलाक से संरक्षण देने के लिए कानून बनाया.

उनके बयान से कुछ दिन पहले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने क्रमश: असम और पश्चिम बंगाल में प्रचार करते हुए कहा था कि संसद द्वारा पारित सीएए को लागू किया जाएगा.

कोझीकोड जिले के पुरामेरी में एलडीएफ की एक रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पी. विजयन ने रविवार को कहा कि केरल में सीएए को लागू नहीं किया जाएगा.

माकपा नेता ने कहा, ‘हम पहले ही कह चुके हैं कि केरल में सीएए लागू नहीं किया जाएगा. गृह मंत्री समेत केंद्रीय मंत्री कह रहे हैं कि सीएए को लागू किया जाएगा.’

उन्होंने उत्तर भारत में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वाली कुछ कथित घटनाओं को लेकर संघ परिवार पर निशाना साधा.

विजयन ने आरोप लगाया कि अपने धर्म का अनुसरण करने के लिए मुसलमानों और ईसाइयों को दक्षिणपंथियों द्वारा निशाना बनाया जाता है.

उत्तर प्रदेश में ट्रेन की यात्रा के दौरान कुछ ननों के कथित उत्पीड़न का हवाला देते हुए विजयन ने कहा कि उन्हें उनकी धार्मिक आदतों के लिए निशाना बनाया गया.

विजयन ने आरोप लगाया कि ये घटनाएं अल्पसंख्यकों के प्रति संघ परिवार की ‘असहिष्णुता’ दिखाती हैं.

केरल में सब्सिडी वाले चावल के वितरण पर गुमराह कर रहा विपक्ष: विजयन

कोझिकोड: केरल में छह अप्रैल से शुरू होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सब्सिडी वाले चावल के वितरण के मुद्दे पर विपक्ष की आलोचना झेल रहे मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने रविवार को कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस-यूडीएफ, निर्वाचन आयोग को गुमराह कर रहे हैं.

New Delhi: Kerala CM Pinarayi Vijayan during a press conference in New Delhi on Saturday,June 23,2018.( PTI Photo/ Atul Yadav)(PTI6_23_2018_000063B)

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन. (फोटो: पीटीआई)

विपक्ष की शिकायत के बाद आयोग द्वारा वितरण बंद करने का आदेश देने के एक दिन बाद विजयन ने कहा कि लोगों तक राशन के चावल और भोजन के किट की आपूर्ति रोकने का प्रयास कर विपक्ष गंदी राजनीति कर रहा है.

उन्होंने कोझिकोड में संवाददाताओं से कहा कि एलडीएफ सरकार केरल को भूख से मुक्त राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां सभी नागरिकों को आश्रय का अधिकार दिया जाएगा.

वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला की आलोचना करते हुए विजयन ने कहा कि चावल और भोजन के किट का वितरण कोई नई बात नहीं है और यह कोविड-19 से प्रभावित लोगों की मदद के लिए किया जा रहा था.

चेन्निथला ने सब्सिडी वाले चावल के वितरण को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करार देते हुए निर्वाचन आयोग से इसकी शिकायत की थी.

विपक्ष का कहना था कि ‘विशु भोजन किट’ और पेंशन चुनाव के बाद ही दिए जाने चाहिए, क्योंकि अभी आचार संहिता लागू है.

भाजपा ने भी सरकार पर अपने हित के लिए भोजन का वितरण करने का आरोप लगाया.

इस बीच एआईसीसी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा कि यूडीएफ ने यह कभी नहीं कहा कि चुनाव के मद्देनजर मुफ्त भोजन किट का वितरण नहीं करना चाहिए.

वेणुगोपाल ने कहा कि वितरण देर से करने के लिए जान बूझकर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं.

केरल में राजनाथ सिंह ने कहा, केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ न्यायिक जांच दुर्भाग्यपूर्ण है

तिरुवनंतपुरम: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि सोने और डॉलर की तस्करी के मामलों की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) समेत केंद्रीय जांच एजेंसियों के खिलाफ न्यायिक जांच की सिफारिश करने का केरल सरकार का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है और यह एक तरह से संविधान की संघीय व्यवस्था को चुनौती देना है.

राजनाथ सिंह. (फोटो: पीटीआई)

राजनाथ सिंह. (फोटो: पीटीआई)

केरल में छह अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा-राजग उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहे राजनाथ ने यहां कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) सभी समुदायों को भरोसे में लेने के बाद ही लागू की जाएगी.

भाजपा ने अपने चुनाव घोषणापत्र में यूसीसी का जिक्र किया है.

सिंह ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘हम सभी समुदायों को विश्वास में लेंगे और फिर आगे बढ़ेंगे. हम इस फैसले पर अडिग हैं.’

ईंधन की कीमतें बढ़ने पर उन्होंने कहा कि केंद्र ने सभी राज्यों से पेट्रोल पर राज्य शुल्क कम करने का अनुरोध किया था.

तस्करी के मामलों पर उन्होंने कहा, ‘मुझे यह मालूम चला कि प्रवर्तन निदेशालय इस मामले की जांच कर रहा है और फिर केंद्रीय एजेंसी के खिलाफ एक न्यायिक आयोग नियुक्त किया गया. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. इसका मतलब है कि राज्य सरकार संविधान की संघीय व्यवस्था को चुनौती दे रही है. यह 100 प्रतिशत संविधान के खिलाफ है.’

माकपा के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार ने हाल ही में ईडी समेत केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ न्यायिक जांच का आदेश देने का फैसला किया. उसने सोना तस्करी और डॉलर घोटाले में कथित तौर पर ‘जांच को भटकाने’ की बात कहकर यह आदेश दिया. इससे कुछ दिन पहले केरल अपराध शाखा ने कुछ ईडी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी.

सत्तारूढ़ माकपा नीत एलडीएफ और विपक्षी दल कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ पर निशाना साधते हुए सिंह ने कहा कि 100 प्रतिशत साक्षरता के बावजूद केरल विभिन्न क्षेत्रों में अन्य राज्यों से पीछे है.

उन्होंने कहा, ‘इसकी मुख्य वजह है कि आजादी के सात दशकों बाद भी राज्य एलडीएफ और यूडीएफ के चंगुल से बाहर नहीं आ सका है. राज्य को नए राजनीतिक विकल्प की जरूरत है और केवल भाजपा यह दे सकती है. यूडीएफ और एलडीएफ मैत्री मैच खेल रहे हैं. यूडीएफ या एलडीएफ में से कोई भी जीते लेकिन अंत में केरल के लोगों की हार ही होती है. केरल में कांग्रेस और कम्युनिस्ट एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं लेकिन 2,000 किलोमीटर दूर वे हमसे एक साथ लड़ रहे हैं.’

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ‘भ्रष्टाचार’ में संलिप्त रहने के चलते शाह के आगे झुके: राहुल

चेन्नई: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को अन्नाद्रमुक के शीर्ष नेता एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी पर आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार में संलिप्त रहने के चलते वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगे झुकने को मजबूर हुए हैं.

राहुल गांधी. (फोटो साभार: ट्विटर/@INCIndia)

राहुल गांधी. (फोटो साभार: ट्विटर/@INCIndia)

राज्य में छह अप्रैल को होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए चेन्नई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गांधी ने दावा किया कि उन्होंने देखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को ‘नियंत्रित’ कर रहे हैं और उन्हें (पलानीस्वामी को) ‘चुपचाप उनके चरण स्पर्श करने के लिए मजबूर किया, जिसे मैं स्वीकार नहीं कर सकता.’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में एक ‘नेता’ को शाह के आगे झुकने के लिए मजबूर किया गया था, क्योंकि वह (उक्त नेता) भ्रष्ट हैं और इस व्यक्ति ने भ्रष्टाचार के चलते अपनी आजादी खो दी. उन्होंने दावा किया कि पलानीस्वामी की भी यही स्थिति रही है.

हालांकि, गांधी ने उत्तर प्रदेश के उस नेता के नाम का उल्लेख नहीं किया.

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘तमिलनाडु का मुख्यमंत्री अमित शाह के आगे झुकना नहीं चाहेगा और तमिलनाडु का कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं करना चाहेगा.’

गांधी ने आरोप लगाया कि हालांकि, पलानीस्वामी अपने ‘भ्रष्टाचार’ के चलते शाह के आगे झुकने को मजबूर हो गए.

उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि देश में हर कोई मोदी और शाह के समक्ष ‘सिर झुकाए’. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भाईचारे और समानता के विचार में विश्वास करती है.

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु भारत की नींव का हिस्सा है. उन्होंने तमिल सीखने की इच्छा भी व्यक्त की.

उन्होंने विश्वास जताया कि द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे.

पुदुचेरी कांग्रेस: मुफ्त कोविड-19 टीकाकरण, गृहणियों को 1,000 रुपये प्रति माह का वादा

पुदुचेरी: पुदुचेरी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में सभी का मुफ्त टीकाकरण करने, ‘नीट’ एवं नई शिक्षा नीति को रद्द करने, गृहणियों के लिए प्रति माह 1000 रुपये की सहायता देने, मिलों को फिर से खोलने, शहीदों के परिजन की पेंशन में वृद्धि करने जैसे कई वादे किए हैं.

पूर्व केंद्रीय मत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने रविवार को पुदुचेरी में पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया. इसमें कोविड-19 के मुफ्त टीकाकरण का वादा किया गया है, जिसका खर्च सरकार उठाएगी.

घोषणा पत्र के अनुसार प्रत्येक परिवार में एक गृहणी को 1000 रुपये प्रति माह की सहायता दी जाएगी तथा मेडिकल कॉलेज दाखिले से संबंधित ‘नीट’ परीक्षा की व्यवस्था और नई शिक्षा नीति को रद्द करने के लिए कदम उठाए जाएंगे.

पार्टी ने कराईकल में कृषि विश्वविद्यालय एवं केद्रशासित प्रदेश में एक विधि विश्वविद्यालय स्थापित करन का वादा किया है. घोषणा पत्र में कहा गया है कि पिछड़ा वर्ग निगम एवं पुदुचेरी आदि द्रविड़ विकास निगम के माध्यम से ऋण लेने वालों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा.

घोषणा पत्र के मुताबिक नगर निकाय चुनाव तत्काल कराए जाएंगे. पार्टी ने पुदुचेरी विश्वविद्यालय में हर पाठ्यक्रम में 25 सीटें केंद्रशासित प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित करने सहित कई अन्य वादे किए हैं.

केंद्रशासित प्रदेश में छह अप्रैल को विधानसभा चुनाव होना है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)