कोविड-19: देश में पहली बार एक दिन में एक लाख से अधिक मामले दर्ज, कुल मामले सवा करोड़ के पार

देश में लगातार 26 दिनों से कोरोना वायरस के नए मामलों में बढ़ोतरी के साथ ही उपचाराधीन यानी सक्रिय मामलों की संख्या भी बढ़कर 741,830 हो गई है. एक लाख 65 हज़ार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. दुनियाभर में मामले 13.13 करोड़ से ज़्यादा हैं, 28.53 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है.

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(फोटो: रॉयटर्स)

देश में लगातार 26 दिनों से कोरोना वायरस के नए मामलों में बढ़ोतरी के साथ ही उपचाराधीन यानी सक्रिय मामलों की संख्या भी बढ़कर 741,830 हो गई है. एक लाख 65 हज़ार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. दुनियाभर में मामले 13.13 करोड़ से ज़्यादा हैं, 28.53 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है.

राजधानी दिल्ली में बेघर लोगों के आश्रय गृह में एक व्यक्ति की कोरोना जांच करता स्वास्थ्यकर्मी. (फोटो: रॉयटर्स)
राजधानी दिल्ली में बेघर लोगों के आश्रय गृह में एक व्यक्ति की कोरोना जांच करता स्वास्थ्यकर्मी. (फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: भारत में एक दिन में कोविड-19 के अब तक के सर्वाधिक 103,558 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1,25,89,067 हो गई है.

आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 के प्रसार के बाद से पिछले साल 17 सितंबर को एक दिन में सर्वाधिक 97,894 नए मामले सामने आए थे. देश में कोरोना वायरस के मामले शुरू होने के बाद ये पहली बार है, जब एक दिन में एक लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं.

कोविड-19 के एक दिन में सामने आने वाले नए मामले पिछले साल 76 दिन में 20 हजार से सर्वाधिक 97,894 नए मामलों तक पहुंचे थे और इस बार केवल 25 दिन (10 मार्च से चार अप्रैल) के भीतर ही अब तक के सर्वाधिक एक लाख के पार चले गए.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में वायरस से 478 और मरीजों की मौत के बाद महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 165,101 हो गई.

देश में लगातार 26 दिनों से नए मामलों में बढ़ोतरी के साथ ही उपचाराधीन यानी सक्रिय मामलों की संख्या भी बढ़कर 741,830 हो गई, जो कुल मामलों का 5.89 प्रतिशत है.

देश में 12 फरवरी को सबसे कम 135,926 उपचाराधीन मामले थे, जो उस समय के कुल मामलों का 1.25 प्रतिशत था.

आंकड़ों के अनुसार, देश में 11,682,136 लोग अभी तक संक्रमण मुक्त हो चुके हैं. हालांकि मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर में गिरावट आई है और वह अब 92.80 प्रतिशत है. वहीं, कोविड-19 से मृत्यु दर 1.31 प्रतिशत है.

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, देश में चार अप्रैल तक 249,019,657 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई. इनमें से 893,749 नमूनों की जांच रविवार को की गई थी.

आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में जिन 478 लोगों की वायरस से मौत हुई, उनमें से महाराष्ट्र के 222, पंजाब के 51, छत्तीसगढ़ के 36, उत्तर प्रदेश के 31, कर्नाटक के 15, गुजरात तथा तमिलनाडु के 14-14, मध्य प्रदेश के 11 और हिमाचल प्रदेश तथा केरल के 10-10 लोग थे.

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में वायरस से अभी तक कुल 165,101 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 55,878, तमिलनाडु के 12,778, कर्नाटक के 12,625, दिल्ली के 11,081, पश्चिम बंगाल के 10,344, उत्तर प्रदेश के 8,881, आंध्र प्रदेश के 7,239 और पंजाब के 7,083 लोग थे.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं.

आंकड़ों के मुताबिक, भारत में कोविड-19 संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 10 लाख से 20 लाख (सात अगस्त को) तक पहुंचने में 21 दिनों का समय लगा था, जबकि 20 से 30 लाख (23 अगस्त को) की संख्या होने में 16 और दिन लगे. हालांकि 30 लाख से 40 लाख (पांच सितंबर) तक पहुंचने में मात्र 13 दिनों का समय लगा है.

वहीं, 40 लाख के बाद 50 लाख (16 सितंबर को) की संख्या को पार करने में केवल 11 दिन लगे. मामलों की संख्या 50 लाख से 60 लाख (28 सितंबर को) होने में 12 दिन लगे थे. 60 से 70 लाख (11 अक्टूबर) होने में इसे 13 दिन लगे. 70 से 80 लाख (29 अक्टूबर को) होने में 19 दिन लगे और 80 से 90 लाख (20 नवंबर को) होने में 13 दिन लगे. 90 लाख से एक करोड़ (19 दिसंबर को) होने में 29 दिन लगे.

देश में 110 दिन में कोविड-19 के मामले एक लाख हुए थे और 59 दिनों में वह 10 लाख के पार चले गए थे.

वायरस के मामले और मौतें

24 घंटे में सामने आए संक्रमण के नए मामलों की बात करें तो चार अप्रैल को 93,249, तीन अप्रैल को 89,129, दो अप्रैल को 81,466 और एक अप्रैल को 72,330 नए मामले सामने आए थे.

इसी तरह 24 घंटे में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या चार अप्रैल को 513, तीन अप्रैल को 714, दो अप्रैल को 469 और एक अप्रैल को 459 रही थी.

मार्च में 24 घंटे के दौरान सर्वाधिक 68,020 मामले 29 मार्च को सामने आए थे और महामारी से जान गंवाने वाले लोगों की सर्वाधिक संख्या 31 मार्च को दर्ज की गई. इस दिन 354 लोगों की मौत हुई थी, जो साल 2021 की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) का सर्वाधिक आंकड़ा है.

फरवरी माह में 24 घंटे में संक्रमण के सर्वाधिक 16738 मामले 25 फरवरी को सामने आए थे और इस महीने सर्वाधिक 138 लोगों की मौतें भी इसी तारीख में दर्ज है.

जनवरी में 24 घंटे के दौरान संक्रमण के सर्वाधिक 20,346 मामले बीते सात जनवरी को दर्ज किए गए थे. वहीं इस अवधि में सबसे अधिक 264 लोगों की मौत छह जनवरी को हुई थी.

इससे पहले दिसंबर महीने में 24 घंटे के दौरान पांच दिसंबर को संक्रमण के अधिकतम 36,652 मामले सामने आए थे और चार दिसंबर को संक्रमण से अधिकतम 540 लोगों की मौत हुई थी.

नवंबर महीने 24 घंटे के दौरान सात नवंबर को संक्रमण के अधिकतम 50,356 मामले सामने आए थे और पांच नवंबर को संक्रमण से अधिकतम 704 लोगों की मौत हुई थी.

अक्टूबर महीने की बात करें तो एक तारीख को अधिकतम 86,821 और 28 अक्टूबर को न्यूनतम 43,893 मामले 24 घंटे के दौरान सामने आए थे. अक्टूबर में 24 घंटे में मरने वालों की अधिकतम संख्या 1 अक्टूबर को 1,181 थी.

सात सितंबर को 90,802 और 30 सितंबर को 80,472 नए मामले दर्ज किए गए थे. सात से 30 सितंबर के बीच नए मामलों की संख्या घटती बढ़ती रही. इस अवधि में 22 सितंबर को 75,083 (न्यूनतम) और 17 सितंबर को 97,894 (अधिकतम) मामले दर्ज किए गए थे, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा भी है.

छह सितंबर को संक्रमण के नए मामले पहली बार 90 हजार (90,632) के पार हो गए थे. 28 अगस्त को पहली बार 70 हजार (75,760) के पार, सात अगस्त को पहली बार 60 हजार (62,538) के पार, 30 जुलाई को पहली बार 50 हजार के पार हो गए थे.

इसी तरह 20 जुलाई को यह पहली बार 40 हजार के पार, 16 जुलाई को पहली बार 30 हजार के पार, 10 जुलाई को पहली बार 25 हजार (26,506) के पार, तीन जुलाई को पहली बार 20 हजार के पार, 21 जून को पहली बार 15 हजार के पार और 20 जून को संक्रमण के नए मामलों की संख्या पहली बार 14 हजार के पार हुई थी.

सितंबर महीने में एक दिन में मरने वालों की बात करें तो एक सितंबर को इनकी संख्या 819 और 29 सितंबर को न्यूनतम 776 थी. इन दो तारीखों के अलावा पूरे महीने हर दिन मरने वालों की संख्या एक हजार से अधिक रही है. 16 सितंबर को 1290 लोगों की जान गई, जो एक दिन में मरने वालों का सर्वाधिक आंकड़ा है.

10 अगस्त से 31 अगस्त तक बीते 24 घंटे या एक दिन में मरने वालों की संख्या 1007 से अधिकतम 1,092 (19 अगस्त का आंकड़ा) के बीच रही. 24 जुलाई से नौ अगस्त के बीच एक दिन या 24 घंटे में मौत का आंकड़ा 700 से लेकर 933 (आठ अगस्त का आंकड़ा) के बीच रहा है. एक जुलाई से 23 जुलाई के बीच यह आंकड़ा 507 से 1,129 के बीच रहा.

11 जून से 30 जून के बीच मरने वालों की संख्या 300 से 500 के अंदर रही है. 22 जून को एक दिन में मरने वालों की संख्या पहली बार 400 से अधिक रही थी. और 11 जून को पहली बार मरने वालों की संख्या 300 के आंकड़े को पार कर गई थी.

दुनियाभर में मामले 13.13 करोड़ से ज़्यादा, 28.53 लाख से अधिक लोगों की मौत

अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, पूरी दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 131,334,009 हो गए हैं और अब तक 2,853,360 लोगों की जान जा चुकी है.

दुनियाभर में महामारी से अमेरिका सबसे अधिक प्रभावित देश है. यहां संक्रमण के अब तक 30,706,121 मामले सामने आए हैं, जबकि मरने वालों की संख्या 555,001 हो चुकी है.

वायरस से सर्वाधिक प्रभावित दूसरे देश ब्राजील में संक्रमण के अब तक 12,984,956 मामले मिले हैं और 331,433 लोग दम तोड़ चुके हैं.

उसके बाद भारत दुनिया में तीसरा सर्वाधिक प्रभावित देश है. भारत के बाद चौथे सर्वाधिक प्रभावित देश फ्रांस में संक्रमण के 4,883,174 मामले आए हैं और 96,808 लोगों ने जान गंवा दी है.

फ्रांस के बाद पांचवें सर्वाधिक प्रभावित देश रूस में संक्रमण के 4,529,576 मामले (रविवार तक) आए हैं, जबकि 98,713 मरीजों की मौत दर्ज की जा चुकी है.

रूस के बाद छठे सर्वाधिक प्रभावित देश ब्रिटेन में संक्रमण के 4,373,798 मामले आए हैं, जबकि 127,078 मरीजों की मौत के मामले सामने आए हैं.

ब्रिटेन बाद सातवें सर्वाधिक प्रभावित देश इटली में संक्रमण के 3,668,264 मामले सामने आए हैं और 111,030 मौतें हुई हैं.

इटली के बाद आठवें सर्वाधिक प्रभावित देश तुर्की में संक्रमण 3,487,050 मामले दर्ज हुए हैं जबकि 32,263 मौतें हुई हैं. तुर्की के बाद नौवें प्रभावित देश स्पेन में संक्रमण के 3,300,965 मामले (रविवार तक) सामने आए हैं और 75,698 मौतें हुई हैं.

स्पेन के बाद 10वें सर्वाधिक प्रभावित देश जर्मनी में संक्रमण के 2,896,329 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 77,060 लोगों की यह महामारी जान ले चुकी है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)