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दिल्लीः सर गंगाराम अस्पताल के 37, एम्स के 20 डॉक्टर कोरोना संक्रमित

बीते चार दिनों में लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के 40 डॉक्टर कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. इनमें से अधिकतर को कोरोना वैक्सीन लगी थी. एम्स और सर गंगाराम अस्पताल के पॉज़िटिव पाए गए चिकित्सकों में से भी कई कोरोना वैक्सीन लेने के बाद संक्रमित हुए हैं.

(प्रतीकात्मक फोटोः पीटीआई)

(प्रतीकात्मक फोटोः पीटीआई)

नई दिल्लीः दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल के 37 डॉक्टर कोरोना संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें से पांच को इलाज के लिए भर्ती किया गया है.

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भी 20 डॉक्टर कोरोना संक्रमित पाए गए हैं.

एम्स के अधिकारी का कहना है, ‘कोविड-19 से 20 डॉक्टर कोरोना संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें से दो फैकल्टी सदस्य हैं बाकी के रेजिडेंट डॉक्टर हैं. बीते दस दिनों ये कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. इसके अलावा छह एमबीबीएस छात्र भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. इन सभी में सिर्फ तीन को कोरोना की पहली डोज दी गई थी.’

एम्स के अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से लगभग 25 फीसदी को वैक्सीन लग चुकी है.

दिल्ली सहित देश के कई प्रमुख शहरों में बीते कुछ हफ्तों में कोरोना का प्रकोप बढ़ा है और दिल्ली में इस साल पहली बार कोरोना 7,000 का आंकड़ा पार कर गया है.

बीते कुछ दिनों में अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीजों के आने से बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी भी इस संक्रमण से जूझ रहे हैं.

सर गंगा राम अस्पताल में कोरोना संक्रमित अधिकतर डॉक्टर युवा हैं और इनमें से ज्यादातर ने कोरोना वैक्सीन ली है. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इन संक्रमित डॉक्टरों में अधिकतर में कोरोना के हल्के लक्षण हैं.

अस्पताल सूत्र के मुताबिक, सर गंगा राम अस्पताल में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पताल के 37 डॉक्टर कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. इनमें से अधिकतर में कोरोना के हल्के लक्षण हैं. इनमें से दो-तिहाई डॉक्टर होम आइसोलेशन में हैं और बाकी के पांच अस्पताल में ही भर्ती हैं.

बता दें कि दिल्ली, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, केरल और पंजाब के अलावा उन दस राज्यों में से एक हैं जहां कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं.

दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामले के मद्देनजर ही इस हफ्ते की शुरुआत से 30 अप्रैल तक राजधानी में नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया गया, जो रात दस बजे सुबह पांच बजे तक जारी रहेगा.

लखनऊः कोरोना वैक्सीन लेने के बाद 40 डॉक्टर संक्रमित

बीते चार दिनों में उत्तर प्रदेश के लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के 40 डॉक्टर कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. इनमें से अधिकतर को कोरोना वैक्सीन लगी थी.

डॉक्टरों का कहना है कि वैक्सीन की प्रभावशीलता पर संदेह जताया जा सकता है.

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, केजीएमयू के वाइस चांसलर डॉ. विपिन पुरी नौ महीने में दूसरी बार छह अप्रैल को कोरोना संक्रमित पाए गए. उन्होंने 25 मार्च को कोरोना की दूसरी डोज ली थी.

लखनऊ के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के लखनऊ प्रभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. पीके गुप्ता का कहना है, वैक्सीन लेने के बाद लोगों के कोरोना संक्रमित होने की संभावना है लेकिन वैक्सीन लेने के बाद इस संक्रमण की तीव्रता कम हो जाएगी.

लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआई) के निदेशक डॉ. आरके धीमन भी कोविशील्ड की दोनों डोज लेने के बाद कोरोना संक्रमित पाए गए हैं.

नेशनल हेराल्ड ने 23 मार्च को अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि सिविल अस्पताल लखनऊ के आपातकाल मेडिकल अधिकारी डॉ. नितिन मिश्रा उत्तर प्रदेश के पहले शख्स थे, जो कोवैक्सीन के दोनों टीके लेने के बाद कोरोना संक्रमित पाए गए थे.

मिश्रा को 16 फरवरी और 15 मार्च को कोवैक्सीन की दोनों डोज दी गई थी लेकिन दूसरी डोज लेने के बाद उनमें हल्की खांसी और बुखार आ गया था.

चीफ मेडिकल अधिकारी डॉ. एमके सिंह ने डेक्कन हेराल्ड को बताया कि वैक्सीन सुरक्षित हैं. अधिकतर लोग जिन्हें वैक्सीन दी गई हैं, वे संक्रमित नहीं होंगे और अगर कुछ संक्रमित होंगे भी तो यह समस्या गंभीर नहीं होगी.

एसजीपीजीआई के अवंति बाई अस्पताल में दो डॉक्टर और तीन लैब तकनीशियन कोरोना संक्रमित पाए गए थे. दस में से नौ संक्रमितों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई थी.