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हरियाणा: सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर पत्रकार के ख़िलाफ़ ‘साइबर-आतंकवाद’ का मामला दर्ज

एक समाचार पोर्टल चलाने वाले हिसार के पत्रकार राजेश कुंडू को ज़िले में हिंसा होने की आशंका संबंधी पोस्ट करने पर हरियाणा पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं और आईटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. पत्रकारों समेत विपक्षी दलों ने इसका विरोध करते हुए मामले को तुरंत वापस लेने की मांग की है.

राजेश कुंडु. (फोटो: फेसबुक/RajeshRudraKundu)

राजेश कुंडु. (फोटो: फेसबुक/RajeshRudraKundu)

हिसार (हरियाणा): हरियाणा पुलिस ने हिसार के एक पत्रकार के खिलाफ उनकी कथित सोशल मीडिया पोस्टों में से एक के लिए ‘साइबर आतंकवाद’ और ‘वर्गों के बीच शत्रुता को बढ़ावा’ देने के आरोप में मामला दर्ज किया है.

एक समाचार पोर्टल चलाने वाले राजेश कुंडू के खिलाफ पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत शुक्रवार को मामला दर्ज किया गया.

कांग्रेस के नेताओं रणदीप सिंह सुरजेवाला, कुमारी सैलजा, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के अभय सिंह चौटाला समेत विपक्षी नेताओं ने कुंडू के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की निंदा की है. उन्होंने मांग की है कि इस मामले को तुरंत वापस लिया जाए.

पुलिस ने बताया कि विभिन्न वर्गों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और एक सोशल मीडिया पोस्ट के लिए साइबर आतंकवाद के आरोपों में पत्रकार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

हिसार पुलिस के एक अधिकारी ने प्राथमिकी दर्ज कराई है. प्राथमिकी के अनुसार सोशल मीडिया पोस्ट में कुंडू ने कथित तौर पर कहा था, ‘हिसार एक सप्ताह में जाति आधारित हिंसा का गवाह बनेगा और यह राज्य और फिर देश में प्रयोग का खाका होगा.’

जिला पुलिस के प्रवक्ता विकास ने अपनी शिकायत में कहा है कि भड़काऊ संदेश, जो जनता को उकसा सकते थे, कथित तौर पर वॉट्सऐप समूहों और फेसबुक पर कुंडू के मोबाइल फोन नंबर से भेजे गए और इससे शांति बनाए रखने पर असर पड़ सकता है.

शिकायतकर्ता ने मांग की कि उनके खिलाफ एक मामला दर्ज किया जाना चाहिए.

शिकायत के आधार पर यहां पत्रकार के खिलाफ नौ अप्रैल को आईपीसी की धाराओं 153ए, 153बी और आईटी अधिनियम की धारा 66एफ (साइबर-आतंकवाद) के तहत मामला दर्ज किया गया.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि, एक बयान में कुंडु ने दावा किया कि उन्होंने सूत्रों के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर 14 अप्रैल को बीआर आंबेडकर जयंती के अवसर पर हिंसा की आशंका के संबंध में एक पोस्ट साझा करके एक जिम्मेदार नागरिक और पत्रकार का अपना कर्तव्य निभाया.

मामले को जल्द से जल्द रद्द किए जाने की मांग करते हुए कुंडु ने कहा, ‘इस पोस्ट के साथ मैं बस लोगों को सतर्क करना चाहता था ताकि ऐसी स्थिति को टाल दिया जा सके. कुंडू ने कहा कि अधिकारियों द्वारा उनके पोस्ट की गलत व्याख्या की गई है’

कुंडू केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को कवर कर रहे थे.

पत्रकार पर मामला दर्ज किए जाने के खिलाफ विपक्षी पार्टियों के साथ-साथ हरियाणा के पत्रकारों ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

विपक्षी नेताओं ने दावा किया है कि कुंडू के खिलाफ इसलिए मामला दर्ज किया गया क्योंकि वह सोशल मीडिया के जरिये किसानों की आवाज उठा रहे थे.

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने एक ट्वीट में कहा, ‘जब सरकार किसान आंदोलन को नहीं तोड़ सकी, तो उसने पत्रकार राजेश कुंडू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की, जो किसानों की आवाज बन गए हैं. न तो इस आवाज को दबाया जा सकता है और न ही किसान आंदोलन को.’

हिसार में पत्रकारों ने शनिवार की शाम को एक आपात बैठक की और कुंडू के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के लिए पुलिस की निंदा की.

चंडीगढ़ प्रेस क्लब ने हिसार के पत्रकार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की निंदा की.

प्रेस क्लब के महासचिव सौरभ दुग्गल ने एक बयान में कहा, ‘कुंडू तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान किसानों की आवाज उठाने में मुखर थे. अब, हिसार पुलिस ने वॉट्सऐप और फेसबुक पर पोस्ट किए गए एक कथित संदेश के लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है.’

प्रेस क्लब के बयान में कुंडू के हवाले से कहा गया है, ‘इस पोस्ट के जरिये मैं लोगों को सिर्फ सतर्क करना चाहता था ताकि ऐसी स्थिति को टाला जा सके.’ इसमें कहा गया है कि प्रेस क्लब इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएगा.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)