कोविड-19

पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करें, प्राथमिकता के आधार पर हो टीकाकरण: एडिटर्स गिल्ड

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा है कि समाचार संगठन लगातार महामारी, चुनाव आदि मामलों को कवर कर रहे हैं जिससे पाठकों तक ख़बरों व सूचनाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो. समाचार मीडिया आवश्यक सेवाओं में शामिल है, इसलिए यह उचित होगा कि पत्रकारों को संरक्षण के दायरे में लाया जाए.

(फोटो: पीटीआई)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: द एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (ईजीआई) ने गुरुवार को केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि पत्रकारों को अग्रिम पंक्ति कर्मचारी (फ्रंटलाइन वर्कर) घोषित किया जाए और कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनका टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए.

गिल्ड ने एक बयान में कहा कि समाचार संगठन लगातार महामारी, चुनाव और अन्य समसामयिक मामलों को कवर कर रहे हैं जिससे पाठकों तक खबरों व सूचनाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो.

बयान में कहा गया, ‘समाचार मीडिया आवश्यक सेवाओं में शामिल है. इसलिए यह उचित होगा कि पत्रकारों को संरक्षण के दायरे में लाया जाए, खासतौर पर संक्रमण के मामलों के बड़ी संख्या में बढ़ने को देखते हुए.’

इसमें कहा गया कि ईजीआई केंद्र सरकार से अनुरोध करता है कि पत्रकारों को अग्रिम पंक्ति का कर्मचारी घोषित किया जाए और अन्य अग्रिम पंक्ति के कर्मियों की तरह इन्हें भी टीकाकरण में प्राथमिकता दी जाए.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, गिल्ड ने कहा कि टीकाकरण के संरक्षण के बिना मीडिया के लोगों  के लिए के लिए उनकी पेशेवर जिम्मेदारियों का निर्वहन करना बहुत मुश्किल हो रहा है. इसलिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया जाता है कि सभी पत्रकारों को उम्र की परवाह किए बिना तुरंत टीका लगाया जाए, ताकि इस महत्वपूर्ण समय में उनके काम में कोई व्यवधान न हो.

दिल्ली सरकार ने भी की सिफारिश

इस बीच इसी दिन दिल्ली सरकार ने भी केंद्र सरकार को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि कोविड-19 टीकाकरण के लिए पत्रकारों को अग्रिम मोर्चे का कर्मी मानकर प्राथमिकता के आधार पर उनका टीकाकरण किया जाए.

दिल्ली सरकार ने कहा, ‘पत्रकारों को क्षेत्र में उतरकर काम करना होता है. उन्हें अस्पतालों में जाकर सूचना प्राप्त करनी होती है, मरीजों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं का साक्षात्कार लेना होता है इसलिए पत्रकारों के लिए भी अग्रिम मोर्चे के अन्य कर्मियों की तरह संक्रमित होने का खतरा बना रहता है.’

पत्र में कहा गया, ‘महामारी के दौरान मीडिया ने लोगों को बीमारी के बारे में जागरूक करने, उसके असर, बचाव, स्वास्थ्य एवं अन्य जानकारी देने में सक्रिय भूमिका निभाई है.’

दिल्ली सरकार ने कहा, ‘इसलिए अनुरोध है कि इन कर्मियों को अग्रिम मार्चे के कर्मियों की श्रेणी में शामिल किया जाए ताकि उन्हें टीकाकरण की सुरक्षा मुहैया कराई जा सके.’

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यह बात दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा ट्विटर पर उठाए जाने के एक दिन बाद आई है.

उन्होंने कहा था, ‘पत्रकार ज्यादातर विपरीत परिस्थितियों से रिपोर्टिंग कर रहे हैं. उन्हें फ्रंटलाइन वर्कर माना जाना चाहिए और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण की अनुमति दी जानी चाहिए. दिल्ली सरकार इस संबंध में केंद्र को पत्र लिख रही है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)