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असम: नाबालिग घरेलू कामगार से बलात्कार, गर्भवती होने के बाद ज़िंदा जलाया

घटना नागांव ज़िले के राहा थानाक्षेत्र की है, जहां एक पिता-पुत्र पर उनकी 12 साल की घरेलू सहायिका के बलात्कार और हत्या का आरोप है. आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. असम राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बताया कि लड़की का लगातार शोषण किया जाता था और वह गर्भवती थी.

(फोटो: पीटीआई)

(फोटो: पीटीआई)

गुवाहाटी: असम राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने नागांव जिला प्रशासन से शनिवार को कहा कि वह 12 वर्षीय लड़की के कथित बलात्कार एवं हत्या के मामले की त्वरित जांच कराए.

न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, इस मामले में पुलिस ने प्रकाश बोरठाकुर (70) और उनके 25 वर्षीया बेटे नयनमोनी को नागांव जिले के राहा  थानाक्षेत्र के खायघर गांव से गिरफ्तार किया है.

पीड़िता पडोसी कार्बी आंगलांग जिले से थीं. पुलिस ने बताया कि लड़की एक घरेलू सहायिका के तौर पर काम करती थी और उससे कथित बलात्कार किया गया.

उसके गर्भवती होने का पता चलने के बाद पिछले हफ्ते उसे कथित रूप से जलाकर उसकी हत्या कर दी गई. लड़की के अभिभावकों के पहुंचने से पहले ही गुरुवार को उसका पोस्टमार्टम कर दिया गया.

ख़बरों के अनुसार, बोरठाकुर के पड़ोसियों ने असम राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को बताया कि उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता था और वह गर्भवती हो गई थी.

आयोग ने नागांव उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में कहा कि इस मामले की त्वरित गति से जांच की जाए ताकि बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012, बाल एवं किशोर श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986, किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 और भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं को शामिल करते हुए आरोपपत्र दायर किया जा सके.

राज्य के पुलिस निदेशक भास्कर ज्योति महंता ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा था, ‘लड़की के नियोक्ता ने बताया कि उसने आत्महत्या की है. हालांकि शुरुआती जांच में संदेह हुआ कि उसकी हत्या की गई फिर जलाया गया. इसके अलावा वो घरेलू सहायक के तौर पर काम करने की उम्र की भी नहीं थी. इसलिए दोनों आरोपियों को तत्काल हिरासत में ले लिया गया है. जांच जारी है.’

द हिंदू के अनुसार, लड़की का जला हुआ शव मिलने के बाद शुक्रवार को कई संगठनों ने आरोपियों के घर के बाहर इस नृशंस घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया था.

असम राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि उन्होंने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है. आयोग ने कहा कि पुलिस ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि फास्ट-ट्रैक तरीके से चार्जशीट दाखिल की जाएगी और इंसाफ दिलाया जायेगा.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)