हमें सख़्ती पर मजबूर न करें, दिल्ली को हर दिन 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दे केंद्र: सुप्रीम कोर्ट

राष्ट्रीय राजधानी को ऑक्सीजन आपूर्ति के मामले को सुन रही सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि केंद्र को अदालत के अगले आदेश तक रोज़ाना दिल्ली को 700 मीट्रिक टन तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करनी है. ऐसा न हो कि एक दिन के लिए आपूर्ति हुई और फिर 'टैंकर नहीं हैं' और परिवहन में दिक्कतें हैं, जैसे कई विरोध-पत्र दायर किए जाएं.

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मई 2021 में हरियाणा के मानेसर में एक प्लांट के बाहर ऑक्सीजन सिलेंडर भरवाने की कतार में खड़े मरीजों के परिजन. (फोटो: पीटीआई)

राष्ट्रीय राजधानी को ऑक्सीजन आपूर्ति के मामले को सुन रही सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि केंद्र को अदालत के अगले आदेश तक रोज़ाना दिल्ली को 700 मीट्रिक टन तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करनी है. ऐसा न हो कि एक दिन के लिए आपूर्ति हुई और फिर ‘टैंकर नहीं हैं’ और परिवहन में दिक्कतें हैं, जैसे कई विरोध-पत्र दायर किए जाएं.

हरियाणा के मानेसर में एक प्लांट के बाहर ऑक्सीजन सिलेंडर भरवाने की कतार में खड़े मरीजों के परिजन. (फोटो: पीटीआई)
हरियाणा के मानेसर में एक प्लांट के बाहर ऑक्सीजन सिलेंडर भरवाने की कतार में खड़े मरीजों के परिजन. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र को स्पष्ट कर दिया कि उसे शीर्ष अदालत के अगले आदेश तक रोजाना दिल्ली को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति जारी रखनी होगी.

साथ ही न्यायालय ने कहा कि इस पर अमल होना ही चाहिए तथा इसके अनुपालन में कोताही उसे ‘सख्ती’ करने पर मजबूर करेगी.

दो दिन पहले, शीर्ष अदालत ने दिल्ली को कोविड के मरीजों के लिए 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति के निर्देश का अनुपालन नहीं करने पर केंद्र सरकार के अधिकारियों के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा शुरू की गई अवमानना की कार्यवाही पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि ‘अधिकारियों को जेल में डालने से’ ऑक्सीजन नहीं आएगी और प्रयास जिंदगियों को बचाने के लिए किए जाने चाहिए.

हालांकि, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने कहा कि केंद्र को राष्ट्रीय राजधानी को हर दिन 700 मीट्रिक टन तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन (एलएमओ) की आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई कार्यवाही में दिल्ली सरकार की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने शुक्रवार को पीठ को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी को ‘आज सुबह नौ बजे तक 86 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली और 16 मीट्रिक टन मार्ग में है.’

पीठ ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि दिल्ली को हर दिन 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाए और यह होना ही चाहिए, हमें उस स्थिति में आने पर मजबूर न करें जहां हमें सख्त होना पड़े.’

साथ ही कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि एक दिन के लिए आपूर्ति की गई और फिर ‘टैंकर नहीं हैं’ और परिवहन में दिक्कतें हैं जैसे कई विरोध-पत्र दायर किए जा रहे हैं.

पीठ के लिए जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार को सुनवाई से पहले मुद्दे पर जस्टिस शाह से विचार-विमर्श किया है और दिल्ली को हर दिन 700 मीट्रिक टन एलएमओ दिए जाने को लेकर सर्वसम्मति बनी है.

पीठ ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि दिल्ली को 700 मीट्रिक टन एलएमओ दी जाए और हमारा मतलब है कि यह निश्चित तौर पर होना चाहिए. इसकी आपूर्ति करनी ही होगी और हम दंडात्मक कार्रवाई नहीं करना चाहते. हमारे आदेश को अपलोड होने में दोपहर तीन बजेंगे लेकिन आप काम पर लगें और ऑक्सीजन का प्रबंध करें.’

इससे पहले शीर्ष अदालत ने कहा था कि यह पूरे भारत में वैश्विक महामारी की स्थिति है और हमें राष्ट्रीय राजधानी को ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करने के तरीके तलाश करने होंगे.

दिल्ली को प्रतिदिन 700 टन ऑक्सीजन मिले, तो किसी को इसकी कमी से नहीं मरने देंगे: केजरीवाल

गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली को यदि प्रतिदिन 700 टन ऑक्सीजन मिले तो किसी को भी जीवनरक्षक गैस की कमी से नहीं मरने देंगे.

गुरुवार को केजरीवाल ने बताया था कि दिल्ली को गंभीर कमी के बीच पहली बार 730 टन चिकित्सीय ऑक्सीजन प्राप्त हुई. केजरीवाल ने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि कोविड-19 की यह लहर जारी रहने तक यदि केंद्र ने ऑक्सीजन की इसी स्तर की आपूर्ति बनाए रखी तो किसी की भी मृत्यु इसकी कमी के कारण नहीं होगी.

 

केजरीवाल ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इससे पिछले दिन दिल्ली को 730 टन ऑक्सीजन मिलने के बाद उनका धन्यवाद व्यक्त किया, हालांकि सुप्रीम कोर्ट में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार का रुख मुख्यमंत्री के पत्र के विपरीत था.

इसी दिन एक ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी हितधारकों से अपील की कि वे यह सुनिश्चित करें कि कोविड संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान दिल्ली में 700 टन ऑक्सीजन की दैनिक आपूर्ति में कमी न हो.

उन्होंने शहर के अस्पतालों से आग्रह किया कि हाल के दिनों में ऑक्सीजन की कमी के कारण कोविड बिस्तरों की संख्या में जो कमी की थी, उसे वे बढ़ाएं. उन्होंने कहा कि इस तरह, 1,000-2,000 और बिस्तर जोड़े जा सकेंगे.

उल्लेखनीय है कि दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की गंभीर कमी के बीच अदालतों ने गंभीर कोविड-19 मरीजों की जान बचाने के लिए ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति का आदेश देते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों को फटकार लगाई थी.

केजरीवाल ने कहा, ‘यदि दिल्ली को प्रतिदिन 700 टन ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति मिलती रहे तो यहां 9,000-9,500 बिस्तर स्थापित हो सकेंगे. दिल्ली सरकार ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी को भी मरने नहीं देगी.’

हालांकि, दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) उपाध्यक्ष एवं आप विधायक राघव चड्ढा ने दिन में पहले कहा, ‘हमें हर दिन 976 टन ऑक्सीजन की आवश्यकता है. मैं प्रतिदिन 730 टन ऑक्सीजन प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार से हाथ जोड़कर अपील करता हूं.’

इस बीच, उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि वह देश की शीर्ष अदालत को केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच दोषारोपण का आधार नहीं बनने देगा क्योंकि दोनों सरकार ऑक्सीजन के आवंटन और आपूर्ति के मुद्दे पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने में व्यस्त हैं.

गुरुवार को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, ‘पिछले कुछ दिनों से दिल्ली ऑक्सीजन की कमी से जूझ रही है. वर्तमान में, दिल्ली में हमारे सभी अस्पतालों और हमारे सभी स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को चलाने के लिए, हमें रोजाना 700 टन ऑक्सीजन की आवश्यकता है.’

उन्होंने कहा, ‘दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में, मैं दिल्ली की जनता की ओर से केंद्र सरकार को धन्यवाद देना चाहूंगा. मैं उच्चतम न्यायालय और दिल्ली उच्च न्यायालय का भी धन्यवाद करूंगा और यह उनके प्रयासों की वजह से है कि हमें 730 टन ऑक्सीजन मिली.’

उन्होंने कहा कि इस बढ़ी हुई ऑक्सीजन की आपूर्ति से कई लोगों की जान बचाई जा सकेगी.

उन्होंने कहा, ‘जब तक कोविड की दूसरी लहर पर अंकुश नहीं लग जाता तब तक हमें रोजाना 700 टन ऑक्सीजन की आवश्यकता होगी. ऐसा नहीं होना चाहिए कि एक दिन हमें 700 टन मिले और अगले दिन हमें फिर से केवल 300-400 टन मिले, क्योंकि इससे एक बार फिर अस्पतालों में अफरातफरी मच जाएगी.’

उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों सहित कई अस्पतालों को ऑक्सीजन की कमी के कारण कोविड बिस्तरों की संख्या कम करने के लिए मजबूर होना पड़ा था.

केजरीवाल ने कहा, ‘अस्पतालों ने कहा है कि अगर उन्हें पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन दी जाती है, तो वे बिस्तरों की संख्या में वृद्धि करेंगे. मुझे उम्मीद है कि 700 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति रोज़ की जाएगी, इससे अस्पताल मौजूदा बिस्तरों को फिर से शुरू कर सकेंगे और नये बिस्तर भी बढ़ाएंगे. इससे अधिक से अधिक मरीजों को भर्ती किया जा सकेगा और उनकी जान बचाई जा सकेगी.’

दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गुरुवार को जारी बुलेटिन के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में एक दिन में कोविड-19 से 335 लोगों की मौत हो गई और 19,133 नए मामले दर्ज किए गए. बुलेटिन के अनुसार संक्रमण की दर 18 अप्रैल के बाद पहली बार 25 फीसदी से नीचे आई है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)