हरियाणा: फ़रीदाबाद में छात्र ने आत्महत्या की, मां ने स्कूल और उच्च अधिकारियों पर लगाए आरोप

ग्रेटर फ़रीदाबाद स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल का मामला. छात्र की मां ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि छात्र को उसकी सेक्सुऐलिटी (यौन भावनाओं) के कारण परेशान किया गया था और स्कूल ने उसकी शिकायत को नज़रअंदाज़ कर दिया था. पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

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(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

ग्रेटर फ़रीदाबाद स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल का मामला. छात्र की मां ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि छात्र को उसकी सेक्सुऐलिटी (यौन भावनाओं) के कारण परेशान किया गया था और स्कूल ने उसकी शिकायत को नज़रअंदाज़ कर दिया था. पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: हरियाणा में स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल (ग्रेटर फरीदाबाद) के एक किशोर छात्र द्वारा बीते 24 फरवरी की रात फरीदाबाद में अपने आवासीय भवन से कूदकर आत्महत्या कर लेने का मामला सामने आया है.

छात्र की मां ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि छात्र को उसकी सेक्सुऐलिटी (यौन भावनाओं) के कारण परेशान किया गया था और स्कूल ने उसकी शिकायत को नजरअंदाज कर दिया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने कहा कि उन्हें छात्र के आवास से एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने अपने ‘स्कूल’ और ‘उच्च अधिकारियों’ को दोषी ठहराया है.

फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया, ‘लड़का डीपीएस में पढ़ता था और अपनी शिक्षक मां के साथ रहता था. पिछले साल दो बच्चों ने उसके खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी. इसकी शिकायत उसकी मां ने प्रिंसिपल से की लेकिन अधिकारियों ने कुछ नहीं किया. हमें बताया गया है कि इसके बाद छात्र डिप्रेशन में चला गया था.’

पुलिस के मुताबिक, घटना 24 फरवरी की रात करीब 9.15 बजे की है. उस दिन शाम करीब छह बजे लड़के की मां अपने पिता से मिलने गई थीं. रात 9:30 बजे उन्हें एक पड़ोसी का फोन आया, जिसमें बताया गयाकि उनका बेटा इमारत से कूद गया है. वह अस्पताल पहुंचीं, जहां लड़के को मृत घोषित कर दिया गया.

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया, ‘लड़के ने यह कहते हुए एक सुसाइड नोट छोड़ा था कि उसकी मां एक बहादुर महिला हैं और उसने इतना बड़ा कदम इसलिए उठाया क्योंकि उसे स्कूल के अधिकारियों द्वारा परेशान किया जा रहा था. मामले की जानकारी मिलते ही डीसीपी, एसीपी और क्राइम ब्रांच की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर सबूत इकट्ठा किया था. मामले की जांच शुरू कर दी गई है और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.’

रिपोर्ट के अनुसार, मां को संबोधित कथित सुसाइड नोट में कहा गया है, ‘इस स्कूल ने मुझे मार डाला है. विशेष रूप से उच्च अधिकारी… मेरी सेक्सुऐलिटी के बारे में और मेरे साथ जो कुछ भी हुआ, उसके बारे में नीना और बड़े पापा को बताएं. और कृपया उन्हें संभालने का कोशिश कीजिएगा… आप अद्भुत, मजबूत और सुंदर हैं. रिश्तेदार क्या कहते हैं, इसकी परवाह मत कीजिएगा.’

पुलिस शिकायत में लड़के की मां ने कहा है कि एक साल पहले उनके बेटे ने उन्हें बताया था कि स्कूल के कुछ लड़कों ने उसकी सेक्सुऐलिटी को लेकर उसे प्रताड़ित किया था.

मां ने पुलिस शिकायत में आरोप लगाया, ‘मैंने स्कूल अधिकारियों से इस बारे में कई बार शिकायतें की थीं, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की. मेरा बेटा उदास था और उसका इलाज चल रहा था. बुधवार (23 फरवरी) को उसकी विज्ञान की परीक्षा थी और डिस्लेक्सिया से पीड़ित होने के कारण वह पेपर में संख्यात्मक समस्याओं को हल करने में असमर्थ था. उसने प्रधानाध्यापिका से मदद मांगी, लेकिन उन्होंने उसे फटकार लगाई और उस पर अपनी हालत का फायदा उठाने का आरोप लगाया. इसके कारण वह काफी तनाव में था.’

एसएचओ अर्जुन देव ने कहा, ‘पीड़ित की मां की शिकायत पर स्कूल के एकेडमिक हेड के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है, जिसका नाम पुलिस शिकायत में दर्ज किया गया है.’

स्कूल के प्रिंसिपल ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, ‘मुझे दुख हुआ कि हमारे छात्र ने दुखद परिस्थितियों में स्कूल और इस दुनिया को छोड़ दिया. मैं कहना चाहता हूं कि दिल्ली पब्लिक स्कूल एक संवेदनशील स्कूल है. यहां बच्चों का पालन-पोषण होता है और कोई उत्पीड़न नहीं है.’

उन्होंने कहा, ‘वह एक प्रतिभाशाली छात्र था और अपनी परीक्षा में बैठने वाला था. हम उसे प्रोत्साहित कर रहे थे, उसका समर्थन कर रहे थे और उसे सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे थे.’

उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे पता है कि कुछ निजी मुद्दे थे… इलाज आदि के संबंध में मामले थे. हम यहां छात्रों का समर्थन करने के लिए हैं. पुलिस परिवार की शिकायत पर मामले की जांच कर रही है. हम निष्पक्ष जांच चाहते हैं ताकि सच्चाई सामने आए और स्कूल को सही ठहराया जा सके.’

बीते 25 फरवरी को द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए पीड़िता की मां ने यह भी आरोप लगाया था कि मार्च 2021 में उनके बेटे का स्कूल के वॉशरूम में स्कूली बच्चों के एक समूह द्वारा यौन उत्पीड़न किया गया था.

उन्होंने आरोप लगाया कि उसने (बेटे) अधिकारियों से मौखिक रूप से शिकायत की और बाद में सितंबर 2021 में उन्होंने स्कूल को एक ईमेल भी लिखा था.

उन्होंने आरोप लगाया, ‘स्कूल के अधिकारियों ने अपने जवाब में कहा था कि शिकायत में मेरे द्वारा नामित कुछ छात्रों ने स्कूल छोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि बाकी छात्रों ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया था और मेरे द्वारा बताई गई घटना में कोई विशेष विवरण या सबूत नहीं था.’

उन्होंने बताया, ‘मैं सिंगल मदर हूं, इसलिए उस समय पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई. मैं डर गई थी.’

यह पूछे जाने पर कि अपने बेटे की आत्महत्या के बाद दर्ज की गई शिकायत में उन्होंने इसका जिक्र क्यों नहीं किया तब उन्होंने कहा, ‘जब पुलिस मेरा बयान दर्ज कर रही थी तो मैं सदमे में थी. मेरे बेटे की मौत स्कूल के बेरहम रवैये के कारण हुई है. उसकी बात सुनी जानी चाहिए थी. किसी बच्चे को इस परिस्थिति से नहीं गुजरना चाहिए.’

मां के आरोपों पर प्रतिक्रिया मांगने के लिए इंडियन एक्सप्रेस ने ईमेल और एसएमएस पर स्कूल के प्रिंसिपल से संपर्क किया, लेकिन 25 फरवरी की शाम तक कोई जवाब नहीं आया था.

पुलिस ने कहा कि शुक्रवार 25 फरवरी को सौंपी गई शिकायत में स्कूल परिसर में उसके साथ यौन उत्पीड़न के आरोपों का जिक्र नहीं है. पुलिस प्रवक्ता ने कहा, ‘अगर परिवार ने जांच के दौरान इसका उल्लेख किया है, तो हम तदनुसार जांच करेंगे. अब तक उन्होंने इसका उल्लेख नहीं किया है.’