अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय खेल मंत्री रिजीजू के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज

विभिन्न संगठन सीमा सड़क संगठन द्वारा राजधानी ईटानगर से 75 किलोमीटर दूर अरुणाचल प्रदेश के एक छोटे से शहर किमिन का नाम बदलकर बिलगढ़ करने और इसे असम के हिस्से के रूप में दिखाने पर आपत्ति जता रहे हैं. यह घटना बीते 17 जून को एक कार्यक्रम की है, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 20 किलोमीटर लंबी किमिन-पोतिन सड़क और 11 अन्य ऐसी ही परियोजना का उद्घाटन किया था, तब किमिन को असम में दिखाया गया था.

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असम के लखीमपुर जिले में बीते 17 जून को सीमा सड़क संगठन द्वारा बनाई गई 20 किमी लंबी किमिन-पोटिन सड़क के अलावा अन्य सड़कों के उद्घाटन के दौरान रक्षा मंत्री राजना​थ सिंह के साथ असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा, अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजीजू मौजूद थे. (फोटो साभार: पीआईबी)

विभिन्न संगठन सीमा सड़क संगठन द्वारा राजधानी ईटानगर से 75 किलोमीटर दूर अरुणाचल प्रदेश के एक छोटे से शहर किमिन का नाम बदलकर बिलगढ़ करने और इसे असम के हिस्से के रूप में दिखाने पर आपत्ति जता रहे हैं. यह घटना बीते 17 जून को एक कार्यक्रम की है, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 20 किलोमीटर लंबी किमिन-पोतिन सड़क और 11 अन्य ऐसी ही परियोजना का उद्घाटन किया था, तब किमिन को असम में दिखाया गया था.

असम के लखीमपुर जिले में बीते 17 जून को सीमा सड़क संगठन द्वारा बनाई गई 20 किमी लंबी किमिन-पोटिन सड़क के अलावा अन्य सड़कों के उद्घाटन के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा, अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजीजू मौजूद थे. (फोटो साभार: पीआईबी)
असम के लखीमपुर जिले में बीते 17 जून को सीमा सड़क संगठन द्वारा बनाई गई 20 किमी लंबी किमिन-पोटिन सड़क के अलावा अन्य सड़कों के उद्घाटन के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा, अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजीजू मौजूद थे. (फोटो साभार: पीआईबी)

ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश में चार राजनीतिक दलों के नेताओं ने राज्य के क्षेत्र में बदलाव की कोशिश के अलावा कई कानूनों और संविधान का ‘जान बूझकर उल्लंघन’ करने के आरोप में मुख्यमंत्री पेमा खांडू और केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजीजू के खिलाफ पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई है.

पापुमपारे जिले में किमिन पुलिस थाने में बीते बृहस्पतिवार को दर्ज शिकायत सीमा सड़क संगठन के असम में किमिन का नाम बदलकर बिलगढ़ करने से जुड़ी है. यह घटना 17 जून को एक कार्यक्रम की है, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 20 किलोमीटर लंबी किमिन-पोतिन सड़क और 11 अन्य ऐसी ही परियोजना का उद्घाटन किया था.

विभिन्न संगठन सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा राजधानी ईटानगर से 75 किलोमीटर दूर अरुणाचल प्रदेश के एक छोटे से शहर किमिन का नाम बदलकर बिलगढ़ करने और इसे असम के हिस्से के रूप में दिखाने पर आपत्ति जता रहे हैं.

पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) के काहफा बेंगिया और कलिंग जेरांग, जनता दल (यूनाइटेड) की रुही तागुंग और रीबा पांगिया डोलो, कांग्रेस के तेची तेगी तारा और ज्ञामर ताना तथा जनता दल (सेक्यूलर) की जारजुम एटे ने यह शिकायत दर्ज कराई है.

शिकायकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पेमा खांडू और किरेन रिजीजू ने संविधान के अनुच्छेद तीन की अवमानना करते हुए अरुणाचल प्रदेश राज्य कानून 1987, बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन 1873 (प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट) और अरुणाचल प्रदेश (भूमि समझौता एवं रिकॉर्ड) कानून, 2000 का उल्लंघन किया.

उन्होंने मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री पर राज्य के क्षेत्र में बदलाव करने की गैरकानूनी कोशिश का भी आरोप लगाया, जिससे किमिन में सांप्रदायिक तनाव और गंभीर अशांति पैदा हुई.

इससे राज्य के लोगों में संदेह पैदा हुआ है यह कहते हुए शिकायतकर्ताओं ने कहा है, ‘यह आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए है कि उस सड़क उद्घाटन कार्यक्रम के लिए पुराने साइनबोर्ड और नींव के पत्थर, जिन पर किमिन-अरुणाचल प्रदेश लिखा है, को स्थानीय लोगों की आपत्तियों के बावजूद बीआरओ द्वारा जान-बूझकर सफेद पेंट के जरिये ढक दिया गया है.’

शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि किमिन-पोतिन सड़क उद्घाटन कार्यक्रम और पापुमपारे के उपायुक्त को बीआरओ के सूचना पत्र के बाद भी कोई सुधारात्मक उपाय नहीं किए गए थे, जिसमें किमिन को असम में बिलगढ़ के रूप में दिखाया गया था.

उन्होंने कहा कि पेमा खांडू ने 21 जून को एक प्रेस वार्ता में स्वीकार किया था कि उन्हें किमिन-अरुणाचल प्रदेश लिखे पुराने साइनबोर्ड और नींव के पत्थर को सफेद पेंट से ढकने की जानकारी का पता था और उन्होंने राजनाथ सिंह के साथ यात्रा कर रहे किरेन रिजीजू को इसके बारे में बताया था.

शिकायतकर्ताओं ने कहा कि हालांकि आज तक दोनों में से किसी ने भी कोई बयान और स्पष्टीकरण नहीं दिया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि घटनाओं की श्रृंखला से पता चलता है कि उन्होंने किमिन को असम को सौंपने के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा के साथ मिलकर ‘धोखाधड़ी’ की थी.

ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट्स यूनियन (एएपीएसयू) और ऑल निशी स्टूडेंट्स यूनियन (एएनएसयू) सहित कई छात्र संगठनों ने इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, कुछ दिन पहले सड़क बनाने वाले बीआरओ ने इस मुद्दे पर राज्य की जनता से माफी मांगी थी.

इससे पहले बीते 24 जून को ऑल अरुणाचल प्रदेश अबो तानी स्टूडेंट्स यूनियन ने किमिन शहर को लेकर उपजे विवाद के संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी.

इसके अलावा सेव अरुणाचल यूथ एसोसिएशन ने अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल बीडी मिश्रा को एक पत्र सौंपकर उनसे किमिन घटना की जांच की मांग की थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)