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जेसिका लाल के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ने वाली उनकी बहन सबरीना का निधन

लंबे समय से बीमार सबरीना लाल लीवर सिरोसिस से पीड़ित थीं. 30 अप्रैल 1999 को राष्ट्रीय राजधानी के एक रेस्तरां में जेसिका लाल की हत्या कर दी गई थी. सबरीना ने बहन के हत्यारों को सज़ा दिलाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी थी.

सबरीना लाल. (फोटो साभार: ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे/फेसबुक)

नई दिल्ली: जेसिका लाल के हत्यारों को अदालत के कठघरे में लाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने वाली उनकी बहन सबरीना लाल का रविवार शाम निधन हो गया. वह 53 साल की थीं. यह जानकारी उनके भाई रंजीत लाल ने दी.

सबरीना लाल लंबे समय से बीमार थीं और लीवर सिरोसिस से पीड़ित थीं.

भाई रंजीत लाल ने कहा, ‘वह (सबरीना) अस्वस्थ थीं और उनका अस्पताल आना-जाना लगा रहता था. शनिवार को घर में उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और हम उन्हें अस्पताल ले गए. रविवार शाम उनका निधन हो गया. वह लीवर सिरोसिस (यकृत के सिकुड़ने की बीमारी) से पीड़ित थीं, जिसके चलते उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था.’

पिछले साल सबरीना ने एक साक्षात्कार में न्याय प्राप्त करने में महिलाओं की मदद करने के लिए अपनी बहन की स्मृति में एक फाउंडेशन शुरू करने की योजना के बारे में बात की थी.

जेसिका लाल की साल 1999 में राष्ट्रीय राजधानी स्थित एक रेस्तरां में हत्या कर दी गई थी. सबरीना ने कहा था कि वह अपनी बहन के हत्यारे मनु शर्मा को माफ कर चुकी हैं.

पिछले साल दिल्ली सजा समीक्षा बोर्ड ने मनु शर्मा की समय पूर्व रिहाई की सिफारिश की थी, जिसके बाद वह जेल से बाहर आ गया.

साल 2018 में जेसिका लाल की बहन सबरीना लाल ने तिहाड़ जेल प्रशासन को पत्र लिखकर कहा था कि मनु शर्मा को रिहा किए जाने को लेकर उन्हें किसी तरह की आपत्ति नहीं है.

दक्षिण दिल्ली के मेहरौली इलाके में कुतुब कोलोनेड में सोशलाइट बीना रमानी के टैमरिंड कोर्ट नाम के रेस्तरां में 30 अप्रैल 1999 को मनु शर्मा ने जेसिका लाल की सिर्फ इसलिए गोली मारकर हत्या कर दी थी, क्योंकि उन्होंने उसे शराब देने से मना कर दिया था.

पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा के बेटे मनु शर्मा को जेसिका लाल की हत्या के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिसंबर 2006 में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

सबरीना ने साक्षात्कार में कहा था, ‘वह (जेसिका) अपने जीवन में बहुत ही खुश और सकारात्मक नजरिए वाली थी. यह सिर्फ उसके जन्मदिन और बरसी तक सीमित नहीं है कि मुझे उसकी कमी खलती हो, हर रोज मुझे उसकी कमी खलती है. मैंने अपने घर में उसकी बहुत सारी तस्वीरें लगा रखी हैं और मैं उसे भूलना नहीं चाहती, ये (तस्वीरें) मुझे उसकी याद दिलाती रहती हैं.’

एनडीटीवी के मुताबिक, जेसिका लाल के हत्यारों को पड़कने के लिए चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के दौरान सबरीना लाल सबसे आगे थी.

लोकप्रिय सोशल मीडिया हैंडल ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे के साथ एक साक्षात्कार में सबरीना लाल ने बताया था कि शर्मा के परिवार और शत्रुतापूर्ण गवाहों के दबाव ने मामले को लगभग खतरे में डाल दिया था.

उन्होंने कहा था, ‘एक बार मनु शर्मा के माता-पिता एक गुलदस्ता लेकर घर आए. एक तरफ वे गवाहों को धमका रहे थे, दूसरी तरफ वे सहानुभूति कार्ड खेल रहे थे.’

सबरीना की अपनी बहन को न्याय दिलाने की लड़ाई पर एक फिल्म ‘नो वन किल्ड जेसिका’ बनाई गई थी, जिसमें अभिनेत्री विद्या बालन ने सबरीना का किरदार निभाया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)