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राजस्थान: दलित युवक की पीट-पीट कर हत्या, एक नाबालिग समेत पांच लोग गिरफ़्तार

घटना सात अक्टूबर को राजस्थान के हनुमानगढ़ ज़िले के प्रेमपुरा इलाके में हुई. कथित प्रेम संबध को लेकर दलित युवक की पीट-पीट कर हत्या की गई. पुलिस ने महिला के पूर्व पति समेत अन्य आरोपियों के ख़िलाफ़ हत्या, अपहरण और एससी/एसटी क़ानून के तहत मामला दर्ज किया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

जयपुर: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में प्रेम संबधों के चलते एक दलित युवक की पीट-पीट कर कथित रूप से हत्या किए जाने के मामले में रविवार को पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है.

पुलिस ने बताया कि हत्या में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.

पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर ने एक बयान में कहा कि इस मामले में अब तक चार नामजद आरोपी पीलीबंगा के प्रेमपुरा निवासी मुकेश कुमार, दिलीप कुमार व सिकंदर और सूरतगढ़ के सदर निवासी हंसराज को गिरफ्तार किया गया है.

उन्होंने कहा कि मृतक परिजनों के लिए न्याय सुनिश्चित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि मृतक जगदीश मेघवाल के परिवार को अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार नियम के तहत 4,12,500 रुपये की आर्थिक सहायता कलेक्टर द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है.

घटना 7 अक्टूबर को हनुमानगढ़ के प्रेमपुरा इलाके में हुई, जहां आरोपियों की पिटाई से जगदीश की मौत हो गई. आरोपियों ने पूरी घटना का वीडियो भी बनाया, जिसमें वो पीड़ित को पानी पिलाते नजर आ रहे हैं और उसे बार-बार लाठियों से पीटते दिखाई दे रहे हैं.

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस अपराध डॉ. रविप्रकाश ने बताया कि मृतक जगदीश और आरोपी मुकेश कुमार आदि गांव प्रेमपुरा में एक दूसरे के पड़ोसी थे. मुकेश की पूर्व पत्नी सुमन का जगदीश के साथ पिछले 4 साल से प्रेम प्रसंग था, जिसे लेकर दोनों परिवारों में कई बार पंचायत भी हुई.

उन्होंने बताया कि मनमुटाव होने पर सुमन अपने मायके चली गई और पति मुकेश के खिलाफ थाना सदर सूरतगढ़ में मामला दर्ज करवा दिया. दोनों परिवारों के बीच पंचायत में आपसी राजीनामा होने से दोनों अलग-अलग हो गए थे.

वहीं, मृतक जगदीश की पत्नी मंजू ने भी मनमुटाव के चलते अपने पति के विरुद्ध मामला दर्ज करवाया था, जिसमें अदालत में चालान में पेश किया जा चुका है.

उन्होंने बताया कि अलग होने के बाद मुकेश की पत्नी सुमन, बच्चों के साथ पिछले दो साल से सूरतगढ़ में किराये के मकान में रह रही है. जहां सुमन के जगदीश से मिलने की बात आरोपी मुकेश कुमार एवं उसके परिवारवालों को पता चलने पर घटना के दिन 7 अक्टूबर को वे सूरतगढ़ में सुमन के किराये के मकान में पहुंचे.

उन्होंने बताया कि उस वक्त वहीं मौजूद जगदीश को मुकेश और 10 अन्य लोगों ने अगवा किया और सूरतगढ़ स्थित फॉर्म में ले जाकर उसे लाठियों से पीटा.

उन्होंने बताया कि आरोपियों ने गंभीर रूप से घायल जगदीश को बाइक से प्रेमपुरा में उसके घर के आगे फेंका और वहां से फरार हो गए. परिजनों ने जब तक उसे देखा, जगदीश की मौत हो चुकी थी.

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस अपराध डॉ. रविप्रकाश ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या, अपहरण और एससी/एसटी कानून की धारा-3 में मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी मुकेश कुमार को तुरंत गिरफ्तार कर लिया.

उन्होंने बताया कि मामले की जांच रावतसर रणवीर सिंह मीणा द्वारा किया जा रही है.

बसपा प्रमुख मायावती ने इस घटना पर दुख जताते हुए राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस नीत सरकार पर निशाना साधा और इसकी कड़ी निंदा की.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘राजस्थान के हनुमानगढ़ में दलित की पीट-पीट कर की गई हत्या अति-दुखद व निंदनीय, लेकिन कांग्रेस हाईकमान चुप क्यों? क्या छत्तीसगढ़ व पंजाब के मुख्यमंत्री वहां जाकर पीड़ित परिवार को 50-50 लाख रुपये की मदद देंगे? बसपा जवाब चाहती है, वरना दलितों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाना बंद करें.’

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मामले पर चुप्पी साधने के लिए शनिवार को राज्य सरकार पर निशाना साधा था.

उन्होंने ट्वीट किया था, ‘राहुल जी, आप लखीमपुर की चिंता न करें, वहां योगी जी का शासन है आपके प्रिय गहलोत जी का नहीं! आप राजस्थान के प्रेमपुरा में इस दलित युवक की हत्या पर कुछ कहने की हिम्मत दिखाएं, ताकि जनता को मालूम हो कि आप कितने सच्चे हैं?’

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और प्रवक्ता अर्चना शर्मा ने कहा कि राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार समाज के सभी वर्गों, खासकर महिलाओं, युवाओं और दलितों के प्रति संवेदनशील है.

उन्होंने कहा कि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को आत्ममंथन करना चाहिए कि उनके शासन के दौरान राज्य की कानून व्यवस्था कैसी थी.

उन्होंने भगवा ब्रिगेड के नेताओं से लखीमपुर खीरी की घटना पर भी चिंता दिखाने के लिए कहा, जहां चार किसानों को कथित तौर पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के एसयूवी से कुचल दिया गया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)