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उत्तर प्रदेशः मुस्लिम संगठन द्वारा युवा केंद्र के निर्माण पर हिंदू संगठनों ने विरोध जताया

मामला देवबंद के केंदुकी गांव का है, जहां जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मौलाना महमूद मदनी गुट द्वारा बनवाए जा रहे एक युवा केंद्र के निर्माण को ग्रामीणों के विरोध के बाद जिला प्रशासन ने हस्तक्षेप कर रुकवा दिया. हिंदू संगठनों का दावा है कि केंद्र निर्माण के लिए मंज़ूरी नहीं ली गई है और न ही क़ानूनी औपचारिकताएं पूरी की गई हैं.

(फोटो साभार: इंडिया रेल इंफो)

लखनऊः उत्तर प्रदेश के देवबंद के केंदुकी गांव में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मौलाना महमूद मदनी गुट द्वारा एक युवा केंद्र के निर्माण से तनाव बढ़ गया है, जिस बीच जिला प्रशासन ने लगभग एक हफ्ते पहले ही इसका काम रुकवा दिया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, युवा केंद्र के निर्माण का ग्रामीणों (अधिकतर हिंदू) द्वारा विरोध करने के बाद जिला प्रशासन ने हस्तक्षेप किया. उनका दावा है कि युवा केंद्र निर्माण के लिए मंजूरी नहीं ली गई है और न ही कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गई हैं.

हाल के दिनों में हिंदू संगठनों ने ग्रामीणों के साथ बैठकें की और आपत्ति जताई. देवबंद से भाजपा विधायक कुंवर बृजेश सिंह ने जांच समिति के गठन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया.

यह गांव उस स्थान से लगभग 20 किलोमीटर दूर है, जहां राज्य सरकार ने अगस्त में आंतकवाद रोधी दस्ते की एक इकाई का गठन किया. हालांकि, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सहारनपुर के महासचिव जहीन अहमद ने कहा कि संगठन ने एक साल पहले युवा केंद्र के निर्माण का फैसला किया था. उस समय एटीएस की योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.

देवबंद के सब डिविजनल मजिस्ट्रेट राजेश कुमार ने सोमवार को बताया कि एक शिकायत के बाद निर्माण कार्य को रोक दिया गया था और जांच जारी है.

उन्होंने कहा, ‘मैंने संगठन से जमीन के कागजात और केंदुकी गांव में युवा केंद्र खोलने के लिए मंजूरी पत्र सहित सभी दस्तावेज जमा कराने को कहा है. उन्होंने अभी तक सभी दस्तावेज पूरे नहीं किए हैं.’

कुमार ने कहा कि ग्रामीणों ने शुरुआत में आशंका जताई कि इलाके में मदरसे का निर्माण किया जा रहा है.

इस निर्माण को लेकर अफवाहों और आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अहमद ने संगठन की ओर से किसी तरह की गलत मंशा से इनकार किया और कहा कि कुछ लोग फर्जी खबरें फैलाकर ग्रामीणों को भ्रमित कर रहे हैं.

अहमद ने कहा, ‘शुरुआत में यह फैलाया किया गया कि हम यहां बूचड़खाना बना रहे हैं. जब हमें समझाया तो समूह ने यह अफवाह फैलाई कि हम मदरसे का निर्माण कर रहे हैं. हम लोगों को समझाया यह भी गलत है. अब वे दोबारा झूठी कहानियां गढ़ रहे हैं और लोगों को भड़का रहे हैं. हम भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के तहत युवाओं के लिए प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण कर रहे हैं, जिससे समाज के सभी लोगों को लाभ होगा.’

जमीयत के अधिकारी ने कहा कि केंद्र ने लगभग 15 एकड़ जमीन पर युवा केंद्र के निर्माण का प्रस्ताव रखा था, जिसमें एक खेल का मैदान, एथलेटिक ट्रैक, एडवेंचर पार्क और अन्य खेल गतिविधियां शामिल हैं.

अहमद ने कहा, ‘यह केंद्र सभी समुदायों और धर्म के लोगों के लिए होगा. हमने पहले ही चार हेक्टेयर जमीन खरीद ली है और बाकी बची जमीन के सौदे को लेकर प्रक्रिया जारी है. एक हफ्ते पहले शिकायत के बाद निर्माणस्थल पर हो रहे रसोई का निर्माण प्रशासन ने रोक दिया. प्रशासन ने हमसे जमीन और संगठन से जुड़े दस्तावेज मुहैया कराने को कहा. हमने शनिवार को इन्हें जमा करा दिया. प्रशासन ने अब तक कोई निर्देश नहीं दिए हैं.’

जमीयत की इस निर्माण योजना का विरोध करते हुए बजरंग दल जैसे हिंदू संगठनों ने ग्रामीणों से मिल चुके अपने कार्यकर्ताओं को इकट्ठा किया है और प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं.

पश्चिमी यूपी में बजरंग दल के प्रांतीय सहयोजक विकास त्यागी ने कहा, ‘जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने चुपचाप तरीके से जमीन खरीद ली और जिला प्रशासन से बिना किसी मंजूरी के निर्माण कार्य शुरू कर दिया. उन्होंने कृषि जमीन खरीदी और इसमें बदलाव किए निर्माण कार्य शुरू किया. हमने केंदुकी में हुई बैठक के दौरान ऐलान किया कि इस परियोजना के रद्द होने तक नियमित बैठकें होनी चाहिए. हमें उस संगठन की मंशा पर संदेह है.’

उन्होंने कहा कि केंदुकी हिंदू बाहुल्य गांव है और इसके आसपास के गांवों में रहने वाले लोग मुस्लिम हैं.

विधायक कुंवर बृजेश सिंह ने यह भी दावा किया कि जमीयत ने बिना मंजूरी के केंदुकी में निर्माण करना शुरू किया. संगठन को युवा केंद्र के निर्माण की मंशा को बतानी चाहिए. सिंह ने कहा, ‘स्थानीय निवासी से शिकायत मिलने पर मैंने निर्माण कार्य रोक दिया. मैंने मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री से समिति का गठन करने का आग्रह किया.’