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महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ टिप्पणी मामले में कालीचरण महाराज को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

रायपुर में एक कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए कालीचरण के ख़िलाफ़ छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मामले दर्ज किए गए हैं. पुणे की एक अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

कालीचरण महाराज. (फोटो साभार: फेसबुक)

ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे स्थित अदालत ने महात्मा गांधी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में आरोपी धार्मिक नेता कालीचरण को शुक्रवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

उल्लेखनीय है कि ठाणे जिले की नौपाडा पुलिस थाने की पुलिस ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से कालीचरण को गिरफ्तार किया था, जहां की जेल में वह इसी तरह के मामले में बंद थे. उन्हें गुरुवार की शाम को यहां ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया और शुक्रवार की सुबह अदालत के समक्ष पेश किया गया.

ठाणे के न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) एसवी मेटिल पाटिल ने कालीचरण को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. उनकी पेशी के समय अदालत परिसर में पुलिसबल की भारी तैनाती की गई थी.

नौपाडा पुलिस थाने ने कथित विवादित टिप्पणी को लेकर कालीचरण के खिलाफ प्राथमिकी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री जितेंद्र अवहाद की शिकायत के आधार पर दर्ज की है.

मालूम हो कि पिछले साल 26 दिसंबर को रायपुर में एक कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए कालीचरण के खिलाफ छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.

कालीचरण को 30 दिसंबर को छत्तीसगढ़ पुलिस ने उस मामले में मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया था.

इस साल 12 जनवरी को महाराष्ट्र की वर्धा पुलिस ने भी इसी मामले में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर कालीचरण को गिरफ्तार किया था. महाराष्ट्र के अकोला जिले में भी कालीचरण के खिलाफ इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.

रायपुर में अपने खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद कालीचरण ने एक वीडियो जारी कर अपनी टिप्पणियों को सही ठहराया था और कहा था कि उन्हें इसका कोई पश्चाताप नहीं है.

इसके अलावा पुणे पुलिस ने 19 दिसंबर, 2021 को वहां आयोजित ‘शिव प्रताप दिन’ के दौरान कथित भड़काऊ भाषण देने के मामले में पिछले सप्ताह कालीचरण महाराज को गिरफ्तार किया था. छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा 1659 में अफजल खान को मार गिराने की स्मृति में यह कार्यक्रम मनाया गया.

पुणे पुलिस ने कालीचरण, दक्षिणपंथी नेता मिलिंद एकबोटे, कैप्टन दिगेंद्र कुमार (सेवानिवृत्त) और अन्य के खिलाफ कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया था.

पुणे की एक अदालत ने सात जनवरी को कालीचरण महाराज को जमानत दे दी थी जिसके बाद उन्हें रायपुर जेल भेजा गया. बाद में वर्धा पुलिस ने एक पेशी वारंट जमा करके रायपुर से उन्हें गिरफ्तार किया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)