दिल्लीः युवती को अगवा कर गैंगरेप, सिर मूंडकर चेहरे पर कालिख लगाकर घुमाया

घटना 26 जनवरी को कस्तूरबा नगर इलाके में हुई, जहां कथित गैंगरेप के बाद पीड़िता के बाल काटकर, चेहरे पर कालिख पोतकर और जूतों की माला पहनाकर सड़क पर घुमाया गया. मामले के 11 आरोपियों में से नौ को गिरफ़्तार किया गया है, जिसमें एक परिवार की सात महिलाएं शामिल हैं.

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(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

घटना 26 जनवरी को कस्तूरबा नगर इलाके में हुई, जहां कथित गैंगरेप के बाद पीड़िता के बाल काटकर, चेहरे पर कालिख पोतकर और जूतों की माला पहनाकर सड़क पर घुमाया गया. मामले के 11 आरोपियों में से नौ को गिरफ़्तार किया गया है, जिसमें एक परिवार की सात महिलाएं शामिल हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

नई दिल्लीः दिल्ली में 20 साल की एक युवती का कथित तौर पर अपहरण कर उसका सामूहिक बलात्कार करने का मामला सामने आया है.

यह घटना 26 जनवरी को कस्तूरबा नगर इलाके की है, जहां पीड़िता के बाल काटकर, चेहरे पर कालिख पोतकर और उसे जूतों की माला पहनाकर सड़क पर घुमाया गया.

पुलिस का कहना है कि इस मामले में 11 आरोपियों में से नौ को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें एक परिवार की सात महिलाएं शामिल हैं.

यह घटना 26 जनवरी की दोपहर पुलिस बूथ से कुछ ही मीटर की दूरी पर हुई. पुलिस के अनुसार, यह मामला निजी दुश्मनी का बताया जा रहा है. घटना के कई कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए.

अधिकारियों ने कहा कि 11 आरोपियों में से सात महिलाएं और चार पुरुष हैं, जिनमें नाबालिग भी शामिल हैं. पुलिस ने सात महिलाओं को गिरफ्तार किया है और दो अन्य की उम्र का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है.

पुलिस का कहना है कि पीड़िता को पुलिस ने बचाया और उसकी काउंसलिंग की जा रही है.

पुलिस ने बताया कि युवती आनंद विहार स्थित अपने पति के घर पर थी, जब आरोपियों ने उसे अगवा किया. आरोपी कस्तूरबा नगर स्थित युवती के मायके के पास रहते हैं.

शुरुआती जांच में पता चला कि युवती और आरोपियों के परिवार का एक लड़का दोस्त थे.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘लड़के ने पिछले साल नवंबर में आत्महत्या कर ली थी और उसका परिवार अब युवती को इसका जिम्मेदार ठहरा रहा है. उनका आरोप है कि लड़की के कारण ही लड़के ने यह कदम उठाया. बदला लेने के लिए कथित तौर पर लड़की को अगवा किया. वे उसे सबक सिखाना चाहते थे.’

अधिकारियों ने कहा कि पुलिस की हिरासत में हुई पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कहा कि उन्होंने युवती का यौन शोषण किया और उसे अपमानित करने के लिए सबके सामने जलील किया.

इस मामले में दो अन्य आरोपियों की पहचान हुई है लेकिन वह अभी फरार हैं.

पुलिस ने कहा कि इस मामले में अपहरण और सामूहिक बलात्कार समेत आईपीसी की 12 धाराएं जोड़ी गई हैं और पीड़िता के परिजनों को पुलिस सुरक्षा दी गई है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्वी दिल्ली से सांसद गौतम गंभीर और दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इस दर्दनाक घटना की निंदा की है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘यह बेहद शर्मनाक है. अपराधियों की इतनी हिम्मत हो कैसे गई? केंद्रीय गृहमंत्री और उपराज्यपाल से मैं आग्रह करता हूं कि पुलिस को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दें, कानून व्यवस्था पर ध्यान दें. दिल्लीवासी इस तरह के जघन्य अपराध और अपराधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे.’

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इस मामले पर ट्वीट कर कहा था. ‘कस्तूरबा नगर में 20 साल की लड़का का अवैध शराब बेचने वालों द्वारा गैंगरेप किया गया, उसे गंजा कर, चप्पल की माला पहनाकर पूरे इलाके में मुंह काला कर घुमाया. मैं दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर रही हूं. सब अपराधी आदमी, औरतों को गिरफ्तार किया जाए और लड़की एवं उसके परिवार को सुरक्षा दी जाए.’

युवती को सड़क पर घुमाने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आयोग ने नोटिस जारी किया.

मालीवाल ने युवती से मुलाकात की जिसने उन्हें बताया कि उसे उसके घर से अगवा किया गया और अवैध शराब तथा मादक पदार्थ के कारोबार में शामिल लोगों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया.

पीड़िता ने कहा कि जब उसका बलात्कार किया जा रहा था तब महिलाएं मौजूद थीं और पुरुषों से ऐसा करने को कह रही थीं.

मालीवाल ने पीड़िता से मिलने के बाद ट्वीट किया, ‘मैं लड़की से मिली. उसने बताया कैसे तीन लोगों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया और वहां खड़ी औरतों ने उन्हें बलात्कार करने को उकसाया. लड़की के शरीर पर अमानवीय घाव हैं. उसके बाल काटकर और मुंह काला कर इलाके में घुमाया गया. अवैध शराब बेचने वालों की दबंगई बहुत बढ़ गयी है. इन पर पुलिस को शिकंजा कसना चाहिए.’

वहीं, सांसद गंभीर ने कहा कि इस बर्बर घटना में शामिल आरोपियों को छोड़ा नहीं जाएगा.

गंभीर ने ट्वीट कर कहा, ‘पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) से बात की है. कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई है और आगे भी होगी. मैं आश्वस्त करता हूं कि इन जानवरों (पुरुषों और महिलाओं) को छोड़ा नहीं जाएगा. पीड़िता को हर प्रकार की सहायता दी जाएगी.’

बता दें कि पुलिस का कहना है कि उन्हें 26 जनवरी को दोपहर 1.18 मिनट पर इस घटना के बारे में कॉल प्राप्त हुई.

पुलिस ने कहा, ‘युवती को आनंद विहार से कस्तूरबा नगर ले जाया गया. पुलिस ने उसे आरोपियों के घर से बचाया. पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत में युवती ने कहा कि उसके मायके के पास रहने वाले परिचितों ने उसका अपहरण किया. शिकायत के अनुसार, वे लोग युवती को अपने घर ले गए और कथित तौर पर उससे मारपीट की. युवती का आरोप है कि उसका यौन शोषण किया गया, सिर मुंडवाया गया और जबरन जूते-चप्पल की माला पहनाई गई.’

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘इसके बाद आरोपियों ने युवती को सबके सामने सड़क पर घुमाया गया. एक युवती को सड़क पर घुमाने और उसके साथ मारपीट कर रहे कुछ लोगों के बारे में सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पुलिस की टीम भेजी गई. हमने युवती को बचाया, उसे थाने लेकर गए जहां उसकी काउंसलिंग की जा रही है.’

बता दें कि इस घटना से संबंधित कथित वीडियो में युवती को सड़क पर लोगों के साथ चलते देखा जा सकता है. वीडियो में कुछ महिलाएं युवती को अपशब्द कह रही हैं और कुछ लोग पीछे से सीटी बजा रहे हैं.

एक अन्य कथित वीडियो में एक व्यक्ति युवती को बेल्ट से पीट रहा है जबकि एक अन्य महिला उसे डंडे से मार रही है. इसके अलावा तीसरे कथित वीडियो में महिलाएं पीड़िता के बाल काट रही हैं और उसे अपशब्द कह रही हैं.

डीसीपी सत्यसुंदरम ने कहा, ‘दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जा रही है और जांच जारी है. कस्तूरबा नगर में पीड़िता के पड़ोसियों ने कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया और कहा कि घटना के समय वे अपने घर के भीतर थे. एक व्यक्ति ने कहा कि क्षेत्र के लोग आरोपियों और उनके परिवार से डरे हुए हैं क्योंकि वे कथित तौर पर अवैध रूप से शराब का धंधा करते हैं.’

इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस से कहा कि घटना के संबंध में सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए.

आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना को लिखे पत्र में कहा, ‘पीड़िता को सर्वोत्तम उपचार मुहैया कराया जाए और उसके परिजनों की सुरक्षा की जाए. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 357ए के तहत पीड़िता मुआवजे की हकदार है. मुआवजे की प्रक्रिया तेज की जाए ताकि पीड़िता को जरूरत के अनुसार वित्तीय सहायता मिल सके.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)