राजनीति

शाम पांच बजे तक पंजाब में 63 और यूपी के तीसरे चरण के चुनाव में 57 प्रतिशत मतदान

विधानसभा चुनाव राउंड-अप: यूपी में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि धर्म और जाति के नाम पर वोट मांगने वाले नेताओं से सावधान रहें. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुर्सी के लिए देश को दांव पर लगाने वाली सपा से सतर्क रहने की ज़रूरत. वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी के सातवें चरण के चुनाव तक भाजपा के बूथों पर ‘भूत’ नाचते नजर आएंगे. उत्तराखंड में यमुनोत्री से एक और भाजपा प्रत्याशी ने पार्टी नेताओं पर उनके ख़िलाफ़ काम करने का आरोप लगाया.

पंजाब के पठानकोट में रविवार को वोट देने के बाद अपनी स्याही लगी उंगली दिखाता एक व्यक्ति. (फोटो: पीटीआई)

चंडीगढ़/लखनऊ/देहरादून: पंजाब विधानसभा की 117 सीटों के लिए शाम पांच बजे तक 63 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया. राज्य में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान संपन्न हुआ. वहीं उत्तर प्रदेश में शामिल पांच बजे तक 57 फीसदी मतदान होने की सूचना है.

पंजाब में मतदान शाम छह बजे समाप्त हुआ और मतदान का अंतिम आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है. मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ था.

शांतिपूर्ण मतदान के लिए राज्य पुलिसकर्मियों के अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की कुल 700 कंपनियों को तैनात किया गया था.

कुल 1,304 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिनमें 93 महिलाएं और दो ट्रांसजेंडर शामिल हैं.

पंजाब के मुख्य निर्वाचन कार्यालय के अनुसार शाम पांच बजे तक औसतन 63.44 प्रतिशत मतदान हुआ. शाम पांच बजे तक मानसा में सबसे अधिक 73.45 प्रतिशत, जबकि मलेरकोटला में 72.84 प्रतिशत मतदान हुआ.

फाजिल्का में 70.70 फीसदी, संगरूर में 70.43 फीसदी और मुक्तसर में 72.01 फीसदी मतदान हुआ. अमृतसर में 57.74 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि मोहाली में सबसे कम 53.10 फीसदी मतदान हुआ.

अमृतसर में एक मतदान केंद्र पर, कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख नवजोत सिद्धू और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) नेता बिक्रम सिंह मजीठिया आमने-सामने आ गए और उन्होंने एक-दूसरे का अभिवादन किया. दोनों नेता अमृतसर पूर्व से एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं.

आम आदमी पार्टी (आप) के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार भगवंत मान ने अपनी मां से उनके पैतृक स्थान पर मुलाकात की.

सोहना-मोहना के नाम से जाने जाने वाले जुड़वा भाइयों- सोहन सिंह और मोहन सिंह ने अमृतसर में अपने अलग-अलग वोट डाले. इन दोनों भाइयों के शरीर आपस में जुड़े हुए हैं.

पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. करुणा राजू ने हाल में सोहन सिंह और मोहन सिंह को उनके अलग-अलग मतदाता पहचान पत्र सौंपे थे. भारत के निर्वाचन आयोग ने सोहना और मोहना को अलग-अलग मतदाता माना था और उन दोनों को व्यक्तिगत मतदान का अधिकार देने का फैसला किया था. दोनों भाई पिछले साल ही 18 वर्ष के हुए थे. दोनों ने पहली बार मतदान किया है.

दोनों भाइयों ने कहा कि वे मताधिकार का इस्तेमाल करके बहुत खुश हैं.

अधिकारियों ने बताया कि सोहना और मोहना के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी, ताकि दोनों अपनी गोपनीयता बनाए रखते हुए अलग-अलग मतदान कर सकें.

इस बीच, चंडीगढ़ के बाहरी इलाके स्थित जीरकपुर के एक गांव में दुल्हन की पोशाक पहने एक युवती ने अपने विवाह कार्यक्रम में शामिल होने से पहले मतदान किया और दूल्हे ने रूपनगर में मतदान किया.

अमृतसर के एक गांव में रविवार को वोट डालने के बाद अपनी स्याही लगी उंगली दिखाते ग्रामीण. (फोटो: पीटीआई)

मतदान केंद्रों के बाहर सुबह से ही मतदाताओं की कतारें देखी गईं. कई युवा पहली बार अपने मताधिकारों का इस्तेमाल कर रहे थे.

निर्वाचन आयोग ने अभिनेता सोनू सूद को मतदाताओं को प्रभावित करने की शिकायतों के बाद मोगा में मतदान केंद्रों पर जाने से रोक दिया.

अधिकारियों ने कहा कि पुलिस ने उनके वाहन को भी जब्त कर लिया है. सूद की बहन मालविका सूद सच्चर मोगा से कांग्रेस प्रत्याशी हैं.

राज्य में सुबह मतदान करने वालों में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, राज्य के मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, परगट सिंह और विजय इंदर सिंगला, कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अश्विनी शर्मा शामिल थे.

इनके अलावा मुख्यमंत्री पद के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार भगवंत मान ने मोहाली में मतदान किया. शिअद के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल और उनकी पत्नी तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने भी वोट दिया.

सुखबीर बादल खुद गाड़ी चलाकर आए और मुक्तसर में वोट डालने के लिए अपने परिवार को साथ लाए.

आप नेता राघव चड्ढा ने ट्वीट करके आरोप लगाया कि गुरुहरसराय में एक मतदान केंद्र पर एक सरपंच ने मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की. उन्होंने दावा किया कि सनौर, अटारी और मजीठा में कुछ ईवीएम में खराबी थी.

मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर मास्क और दस्ताने दिए गए तथा उनके हाथों को सैनेटाइज किया गया.

आप नेता अरविंद केजरीवाल ने भी मतदाताओं से बड़ी संख्या में वोट डालने की अपील की. मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने विधानसभा क्षेत्र चमकौर साहिब में धार्मिक स्थलों पर सुबह माथा टेका.

प्रकाश सिंह बादल (94) ने वोट डालने के बाद कहा, ‘मैं खुश हूं कि हमारा लोकतंत्र बहुत मजबूत है. मैं आखिरी सांस तक अपने लोगों की सेवा करता रहूंगा.’

बादल परिवार ने चुनाव जीतने का भरोसा जताया. पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि वह हर व्यक्ति से मतदान करने की अपील करती हैं.

पटियाला में, पूर्व केंद्रीय मंत्री अमरिंदर सिंह ने भी अपनी जीत का भरोसा जताया. इन चुनावों में उनके समक्ष चुनौती के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा, ‘‘कुछ खास चुनौती नहीं है. हम जीतेंगे.’

अमरिंदर सिंह की पत्नी परणीत कौर और बेटी जय इंदर कौर ने भी पूर्व मुख्यमंत्री की जीत का भरोसा जताया.

कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू ने उम्मीद जताई कि लोग बड़ी संख्या में मतदान करेंगे.

पंजाब में इस बार कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), शिअद-बहुजन समाज पार्टी (बसपा) गठबंधन, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-पंजाब लोक कांग्रेस (पीएलसी)-शिअद (संयुक्त) गठबंधन और विभिन्न किसान संगठनों की राजनीतिक इकाई ‘संयुक्त समाज मोर्चा’ के बीच बहुकोणीय मुकाबला है.

चुनाव लड़ रहे चर्चित चेहरों में चन्नी, मान, कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू, पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह एवं प्रकाश सिंह बादल और शिअद के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल प्रमुख हैं.


उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव


तीसरे चरण में शाम पांच बजे तक 57 प्रतिशत से ज्यादा मतदान

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के तहत राज्य के 16 जिलों की 59 विधानसभा सीटों पर रविवार शाम पांच बजे बजे तक औसतन 57.58 प्रतिशत मतदान हो चुका था.

उत्तर प्रदेश के कानपुर में रविवार को एक मतदान केंद्र पर वोट डालने के लिए अपनी बारी का इंतज़ार करते लोग. (फोटो: पीटीआई)

निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के अनुसार, तीसरे चरण में कुल 627 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर है, जिनमें 97 महिला प्रत्याशी शामिल हैं.

निर्वाचन आयोग कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मतदान रविवार सुबह सात बजे शुरू हो गया, जो शाम छह बजे तक चलेगा. मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है.

आयोग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, तीसरे चरण में शाम पांच बजे तक राज्य के हाथरस में 59.00 प्रतिशत, फिरोजाबाद में 57.41, कासगंज में 59.11 प्रतिशत, एटा में 63.58, मैनपुरी में 60.80, फर्रुखाबाद में 54. 55, कन्नौज में 60.28, इटावा में 58.35, औरैया में 57.55, कानपुर देहात में 58.48, कानपुर नगर में 50.76, जालौन में 53.84, झांसी में 57.71, ललितपुर में 67.38, हमीरपुर में 57.90 और महोबा में औसतन 62.02 प्रतिशत हो चुका था.

इन जिलों में शुक्रवार शाम को चुनाव प्रचार समाप्त हो गया था. सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और अखिलेश की पत्‍नी एवं पूर्व सांसद डिंपल यादव ने इटावा जिले के अपने पैतृक गांव सैफई में मतदान किया. मुलायम सिंह यादव ह्वील चेयर पर मतदान केंद्र पर पहुंचे थे.

झांसी के जिला निर्वाचन अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि गरौठा विधानसभा के मौठ क्षेत्र में जन शिकायतों के अनुसार दो घंटे की देरी से मतदान शुरू हुआ, परंतु इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को न देकर लापरवाही बरतने वाले सेक्टर मजिस्ट्रेट के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

एटा जिले से मिली खबर के अनुसार, जिले की अलीगंज मारहरा विधानसभा क्षेत्र में 10 लोग कथित फर्जी मतदान करते हुए गिरफ्तार किए गए हैं. एटा के अपर पुलिस अधीक्षक धनंजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि 10 लोग पकड़े गए हैं, जो फर्जी मतदान करने की कोशिश कर रहे थे.

सपा ने पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में फिरोजाबाद जिले की शिकोहाबाद सीट पर भाजपा कार्यकर्ता द्वारा सपा के एजेंट की पिटाई का आरोप लगाया है. सपा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, ‘फिरोजाबाद जिले की शिकोहाबाद विधानसभा के बूथ नंबर 158 पर पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में उसके चुनाव एजेंट को मारा पीटा जा रहा है, भाजपा के लोगों के द्वारा.’

सपा ने निर्वाचन आयोग से मामले का संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है.

कानपुर से मिली खबर के अनुसार, मतदान केंद्रों के अंदर मोबाइल से सेल्फी लेने और वीडियो बनाने के आरोप में कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय और भाजपा की युवा शाखा के पूर्व पदाधिकारी नवाब सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कानपुर की महापौर प्रमिला पांडे हडसन स्कूल में मतदान केंद्र के अंदर अपना मोबाइल फोन लेकर गईं और मताधिकार का प्रयोग करते हुए एक सेल्फी ली, जिसके बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई.

जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने कहा कि कानपुर की महापौर ने ऐसा करके चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन किया है, क्योंकि निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा रखी है.

गौरतलब है कि तीसरे चरण में दो करोड़ 16 लाख मतदाता अपने मताधिकारों का इस्तेमाल कर सकेंगे. इनमें एक करोड़ 16 लाख से अधिक पुरुष मतदाता, 99 लाख से ज्यादा महिला मतदाता और एक हजार से अधिक ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं.

आयोग के अनुसार, तीसरे चरण के चुनाव में कुल 25,794 मतदेय स्थल तथा 15,557 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं और कोविड-19 के दृष्टिगत भारत निर्वाचन आयोग ने हर मतदेय स्थल पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या 1,250 तक रखने के निर्देश दिए हैं.

तीसरे चरण में मैनपुरी जिले की करहल विधानसभा सीट भी शामिल है, जहां सत्तारूढ़ भाजपा से केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल और मुख्य विपक्षी सपा के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आमने-सामने हैं.

अखिलेश मैनपुरी जिले के करहल क्षेत्र से पहली बार विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं. वर्ष 2017 में सपा के सोबरन सिंह यादव ने इस सीट पर अपनी जीत बरकरार रखी थी. अखिलेश के चाचा शिवपाल सिंह यादव अपनी पारंपरिक जसवंतनगर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.

धर्म और जाति के नाम पर वोट मांगने वाले नेताओं से सावधान रहें: प्रियंका गांधी वाद्रा

रायबरेली: कांग्रेस की राष्‍ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश मामलों की प्रभारी प्रियंका गांधी वाद्रा ने रविवार को जनता से धर्म और जाति के नाम पर वोट मांगने वाले नेताओं से सावधान रहने की अपील की.

प्रियंका गांधी. (फोटो: पीटीआई)

उन्होंने रायबरेली के जगतपुर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते जनता से अपने हक के लिए जागरूक होने का आह्वान किया.

प्रियंका ने कहा, ‘एक तरफ प्रदेश में हुनर है, नौजवान हैं, उपजाऊ जमीन है, दूसरी तरफ किसानों की परेशानी, महिलाओं पर अत्याचार, बेरोजगारी, दलितों पर अत्याचार है. यह सब क्‍यों हो रहा है क्योंकि जो राजनीति आपके सामने आई है, वह सिर्फ आपको गुमराह करने वाली राजनीति है.’

उन्होंने कहा, ‘जो नेता हैं, वे समझ नहीं रहे कि उनका काम क्या है. वे सोच रहे हैं कि पांच साल बाद यहां आएंगे, धर्म की बात करेंगे, आपके जज्बातों को उभारेंगे, आपको असुरक्षित महसूस कराएंगे, आपकी जाति की बात करेंगे और आपका वोट पा लेंगे.’

कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि भाजपा आम लोगों की सेवा करने के अपने ‘राजधर्म’ को भूल गई है और केवल बड़े कारोबारियों के लिए काम कर रही है.

उन्होंने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा, ‘(प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी ने लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों से मिलने की जहमत नहीं उठाई और जब चुनाव नजदीक थे, तभी उन्होंने विरोध करने वाले किसानों से माफी मांगी और तीनों कृषि कानून वापस लिया.’

प्रियंका ने कहा, ‘मेरे पिताजी (राजीव गांधी) भी प्रधानमंत्री थे और वह लोगों से मिलते थे और आम लोगों के घरों में भी जाते थे.’

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी हमला करते हुए प्रियंका ने कहा, ‘उन्होंने उत्तर प्रदेश में अपने तीन साल के काम में उन्हें कभी लोगों के लिए काम करते नहीं देखा.’

उन्‍होंने आरोप लगाया, ‘अखिलेश यादव अपने घर से कभी नहीं निकलते और चुनाव से ठीक पहले वह वोट मांगने के लिए अपनी बस में निकले हैं. पिछले तीन वर्षों में महिलाओं के साथ बलात्‍कार हुए, लेकिन अखिलेश यादव और (बसपा प्रमुख) मायावती कहीं नहीं दिखे.’

ऊंचाहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रियंका ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा एक ऐसे मॉडल पर काम कर रही है, जहां आम आदमी की मेहनत से अमीर व्यापारी लाभान्वित हों.

उन्‍होंने आरोप लगाया, ‘भाजपा ने आवारा मवेशियों के मुद्दे को हल करने के लिए कुछ नहीं किया है. यूपी में सरकारी गौशालाओं में जानवर भूख से मर रहे हैं और उन्हें जिंदा दफनाया जा रहा है. हमारी सरकार छत्तीसगढ़ में लागू किए जा रहे मॉडल के तहत लोगों द्वारा अपनाए गए आवारा मवेशियों का गोबर खरीदेगी.’

उन्होंने दावा किया, ‘कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो समाज में गरीबों के उत्थान और विकास के लिए काम करती है लेकिन यूपी में दूसरे दल सिर्फ धर्म या जाति की राजनीति करते हैं.’

कांग्रेस नेता ने डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दाम और महंगाई का जिक्र करते हुए, ‘पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ने का उचित दाम नहीं मिलता और सबसे बड़ी समस्या आवारा पशुओं की है जो आपके खेतों को चर रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘सरकार कह रही है कि वह आपको एक बोरी राशन दे रही है, लेकिन जितना राशन दे रही है उससे ज्यादा तो जानवर खेतों में फसलें खा रहे हैं.’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘किसान के गन्ने का 16 हजार करोड़ रुपये बकाया है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों का बकाया दिलाने के बजाए दो हवाई जहाज अपने लिए खरीदे हैं और पूरी दुनिया में घूम रहे हैं.’

प्रियंका गांधी ने ऊंचाहार, गौरा में नुक्कड़ सभा की और उसके बाद रायबरेली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में डिग्री कालेज चौराहा से रोड शो किया.

कुर्सी के लिए देश को दांव पर लगाने वाली सपा से सतर्क रहने की जरूरत: मोदी

उन्नाव/हरदोई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्य विपक्षी सपा को घोर परिवारवादी और आतंकवादियों का समर्थक करार देते हुए कहा कि हमें ऐसे राजनीतिक दलों से सतर्क रहना है, जो अपनी कुर्सी के लिए देश को दांव पर लगा देते और देश की सुरक्षा से भी खिलवाड़ करते हैं.

नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

मोदी ने उन्नाव और हरदोई में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित चुनावी रैलियों को संबोधित किया. उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘उनकी उम्मीदवारी वाली करहल सीट उनके हाथ से निकल रही है. यही कारण है कि उन्होंने अपने जिस पिता (मुलायम सिंह यादव) को धक्के मारकर मंच से उतारा और पार्टी पर कब्जा किया था, उसी से गुहार लगानी पड़ी कि मेरी सीट बचाइए.’

प्रधानमंत्री ने आतंकवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पिछले अनेक दशकों से हमारा देश आतंकवाद का कहर झेलता रहा है.

मोदी ने वर्ष 2008 में हुए अहमदाबाद बम धमाकों का जिक्र करते हुए कहा, ‘एक समय था, जब देश में हर सप्ताह बम धमाके होते थे और हिंदुस्तान के कितने शहरों में निर्दोष नागरिक मारे गए. मैं उस दिन को भूल नहीं सकता जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था और उस दौरान अहमदाबाद में सीरियल बम धमाके हुए थे. मैंने उस समय रक्त से गीली हुई मिट्टी को उठाकर संकल्प लिया था कि मेरी सरकार इन आतंकवादियों को पाताल से भी खोज कर सजा देगी.’

वर्ष 2008 में अहमदाबाद में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में एक स्थानीय अदालत द्वारा गत 18 फरवरी को 38 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई थी.

मोदी ने आरोप लगाया, ‘जितने भी धमाके हुए सब सपा के चुनाव निशान साइकिल पर रखकर किए गए और मैं हैरान हूं कि उन्होंने (आतंकियों) साइकिल को क्‍यों पसंद किया, 2006 में काशी में बम धमाका हुआ था, संकट मोचन मंदिर में धमाका किया गया, कैंट रेलवे स्टेशन पर हमला किया गया और तब यूपी में सपा की सरकार थी.’

उन्‍होंने दावा किया, ‘वर्ष 2012 में जब सपा सत्ता में आई तो उसने आतंकवादियों पर से बम धमाकों का मुकदमा वापस लेने का फैसला किया था, ऐसे लोगों को आप अगर मौका देंगे तो ये अपनी वारदातें करेंगे.’

मोदी सपा पर गोरखपुर, अयोध्या और लखनऊ में बम धमाकों के आरोपियों से मुकदमा वापस लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि अदालतों ने सपा की साजिश नहीं चलने दी और आतंकी को सजा सुनाई.

मोदी ने आरोप लगाया कि यूपी में एक दो नहीं बल्कि आतंकी हमलों के 14 मुकदमों में समाजवादी सरकार ने बहुत सारे आतंकियों से मुकदमे वापस लेने का फरमान सुना दिया था.

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस नेताओं का रवैया और खतरनाक रहा है, ये लोग ओसामा जैसे आतंकवादी को जी कहकर बुलाते और बाटला हाउस में आतंकवादियों के सफाए पर आंसू बहाते हैं.

उन्होंने कहा, ‘हमें ऐसे राजनीतिक दलों से सतर्क रहना है जो अपनी कुर्सी के लिए देश को दांव पर लगा देते और देश की सुरक्षा से भी खिलवाड़ करते हैं.’

सपा को अपराधियों का संरक्षक करार देते हुए उन्होंने कहा, ‘जो तुष्टिकरण की राजनीति में हमारे त्योहारों को रोकते थे उन्हें प्रदेश की जनता का जवाब 10 मार्च को मिल जाएगा.’

उन्होंने अखिलेश की उम्मीदवारी वाली सीट करहल पर उनकी पराजय होने का दावा करते हुए कहा, ‘सच्चाई यह है कि जिस सीट पर यह लोग सबसे सुरक्षित मानकर बैठे थे वह भी हाथ से निकल रही है. यह परिवारवादी लोग कुछ क्षेत्रों को अपना साम्राज्य समझते हैं. यह सोचते हैं कि जो कहेंगे, जनता वही करेगी लेकिन इन लोगों से आज तीसरे चरण में उत्साह के साथ मतदान कर रही उत्तर प्रदेश की जनता कह रही है कि आएगी तो भाजपा ही, आएंगे तो योगी ही.’

मोदी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जोगी ने माफिया तत्वों के डर और खौफ के किले को ध्वस्त कर दिया है और इसलिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बहुत परेशान हैं.

प्रधानमंत्री ने पंजाब के मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी द्वारा उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के लिए कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले पंजाब में वोट पाने के लिए उत्तर प्रदेश के गरीब, दलित और पिछड़ों को गालियां दिलवाई गईं, लेकिन यहां के घोर परिवारवादी लोगों ने दिखावे के लिए भी इसका विरोध नहीं किया, क्योंकि उन्हें यूपी के लोगों के मान-सम्मान की नहीं बल्कि अपने कुनबे की चिंता है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा के लिए प्रचार करने पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, ‘यह परिवार वादी लोग लाल दरी बिछाकर अपने प्रचार के लिए ऐसे लोगों को बुलाते हैं जो उत्तर प्रदेश के लोगों के खानपान, उनके पहनावे और बोलचाल का मजाक उड़ाते हैं. इन्हें न उत्तर प्रदेश की परवाह है और न ही यहां के लोगों की. इन्हें सिर्फ कुर्सी चाहिए.’

प्रधानमंत्री ने आवारा पशुओं की गम्भीर समस्या का जिक्र करते हुए कहा, ‘आप लोगों को आवारा जानवरों से जो परेशानी होती है उसे दूर करने के लिए 10 मार्च के बाद नई व्यवस्था बनाई जाएगी, जो पशु दूध नहीं देते हैं उनके गोबर से भी आमदनी हो, ऐसी व्यवस्था मैं आपके सामने खड़ी कर दूंगा.’

उल्लेखनीय है कि सात चरणों में चल रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के चौथे चरण में आगामी 23 फरवरी को हरदोई समेत नौ जिलों की 59 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा.

सातवें चरण तक भाजपा के बूथों पर ‘भूत’ नाचते नजर आएंगे: अखिलेश यादव

उन्नाव: सपा के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को सत्तारूढ़ भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जैसे-जैसे चुनाव के चरण आगे बढ़ रहे हैं वैसे-वैसे भाजपा शून्य की ओर बढ़ती जा रही है और सातवें चरण तक भाजपा के बूथों पर ‘भूत नाचते’ नजर आएंगे.

सैफई में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के तहत सपा प्रमुख अखिलेश यादव और उनकी सांसद पत्नी डिंपल यादव ने मतदान किया. (फोटो: पीटीआई)

उन्नाव के भगवंत नगर स्थित इंटर कॉलेज में सपा उम्मीदवार के पक्ष में आयोजित चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया, ‘उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले और दूसरे चरण में भाजपा का सफाया हो गया और भाजपा वाले ठंडे हो गए हैं.’

उन्होंने कहा, ‘जैसे-जैसे वोट पड़ता जा रहा है इनके नेता शून्‍य होते जा रहे हैं और शून्य इसलिए होते जा रहे हैं कि इनकी समझ में नहीं आ रहा कि जनता क्‍या चाहती है.’

यादव ने कहा, ‘जिस समय उन्नाव की जनता वोट डालेंगी ये लोग शून्य हो जाएंगे और जब ये चुनाव सातवें चरण में पूर्वांचल में पहुंचेगा तो आप देख लेना भाजपा के बूथों पर भूत नाचते नजर आएंगे.’

उन्नाव में चौथे चरण में 23 फरवरी को मतदान होना है.

यादव ने दावा किया, ‘किसान, नौजवान, बेरोजगार, व्यापारी सभी झूठ की राजनीति करने वालों को घर का रास्ता दिखाने का काम करने वाले हैं. ‘गर्मी निकालने’ वालों को पहले चरण में ही जनता ने ‘ठंडा’ कर दिया है.’

सपा अध्यक्ष ने अपनी उंगली पर मतदान करने का निशान दिखाते हुए आरोप लगाया कि बीएड, बीटीसी समेत अन्य भर्तियों के लिए कितना संघर्ष करना पड़ा लेकिन नौकरी व रोजगार नहीं मिला.

योगी पर निशाना साधते हुए उन्‍होंने तंज किया, ‘वह 24 घंटे काम करने वाले सीएम हैं, लेकिन पता नहीं काम क्या करते है.’

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया, ‘किसानों की आय दोगुनी हुई नहीं, एमएसपी को मजाक बना दिया, खाद मिली नहीं, डीएपी मिली नहीं ऊपर से किसानों पर मुकदमे लगाए गए और किसानों को धरना देना पड़ा.’

तीन कृषि कानूनों के केंद्र सरकार के वापस लेने के फैसले का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख ने कहा, ‘काका (काला कानून) गए तो बाबा (मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ) भी जाएंगे.’

सपा प्रमुख ने वादा किया कि उनके सत्ता में आने के बाद 22 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी, कोरोना प्रभावित युवाओं को पुलिस भर्ती में उम्र की छूट का लाभ दिया जाएगा.

भगवंत नगर के स्थानीय भाजपा विधायक और मौजूदा विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित को इस बार टिकट न मिलने पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा, ‘जो सदन चलाते थे भाजपा ने उन्हीं का पत्ता साफ कर दिया.’

यूपी चुनाव पर टिप्पणियों को लेकर तेलंगाना में भाजपा विधायक के खिलाफ मामला दर्ज

हैदराबाद: तेलंगाना में भाजपा के नेता एवं पार्टी के विधायक टी. राजा सिंह के खिलाफ उत्तर प्रदेश में लोगों को उनकी पार्टी को वोट देने के लिए धमकाने वाली टिप्पणियों को लेकर मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी.

भाजपा विधायक टी. राजा सिंह (फोटो साभार: फेसबुक)

निर्वाचन आयोग ने शनिवार को राजा सिंह को 72 घंटे तक प्रचार करने से प्रतिबंधित कर दिया था.

आयोग ने तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भारतीय दंड संहिता और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का भी निर्देश दिया था.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यहां पुलिस थाने में सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता तथा जन प्रतिनिधित्व कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

इससे पहले, निर्वाचन आयोग ने सिंह को नोटिस जारी करते हुए उनकी कथित टिप्पणियों की एक वीडियो क्लिप का हवाला दिया था.

नोटिस के अनुसार, सिंह ने कहा था कि जो लोग भाजपा को वोट नहीं देते हैं, उन्हें यह पता होना चाहिए कि ‘योगी जी’ ने हजारों जेसीबी और बुलडोजर मंगवा लिए हैं. उन्होंने कहा था, ‘आप जेसीबी और बुलडोजर का उद्देश्य जानते हैं… अगर आपको उत्तर प्रदेश में रहना है तो योगी-योगी के नारे लगाने होंगे वरना उत्तर प्रदेश छोड़ना होगा.’


उत्तराखंड विधानसभा चुनाव


यमुनोत्री से भाजपा प्रत्याशी ने पार्टी नेताओं पर उनके खिलाफ काम करने का आरोप लगाया

उत्तराखंड विधानसभा की यमुनोत्री सीट से भाजपा प्रत्याशी केदार सिंह रावत शनिवार को उन नेताओं की सूची में शामिल हो गए, जिन्होंने अपनी ही पार्टी के सहयोगियों पर चुनाव में उनके खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है.

केदार सिंह रावत. (फोटो साभार: फेसबुक)

रावत ने अपनी जीत का भरोसा जताते हुए कहा कि अगर कुछ पार्टी पदाधिकारी उनके खिलाफ काम नहीं करते तो जीत का अंतर और बड़ा हो सकता था.

रावत ने संवाददाताओं से कहा, ‘मतदाता भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में थे, खासतौर पर पहाड़ों में. लेकिन जहां तक मेरी सीट का सवाल है तो पार्टी के भीतर ही पद रखने वाले लोगों ने उसके हित के खिलाफ काम किया, नहीं तो जीत का अंतर और बड़ा हो सकता है. हालांकि, इसके बावजूद थोड़े कम अंतर से पार्टी इस सीट पर जीत जाएगी.’

हालांकि, रावत ने किसी भी पार्टी पदाधिकारी का नाम बताने से इनकार कर दिया, जिन्होंने कथित तौर पर उनके खिलाफ काम किया था. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह पदाधिकारियों के नाम का खुलासा पार्टी मंच पर करेंगे.

गौरतलब है कि 70 सदस्यीय उत्तराखंड विधानसभा के लिए 14 फरवरी को मतदान हुआ था और नतीजे 10 मार्च को आएंगे.

इससे पहले हरिद्वार के लक्सर सीट से तीसरी बार अपना भाग्य आजमा रहे भाजपा विधायक एवं प्रत्याशी संजय गुप्ता ने मतदान के एक दिन बाद ही इस तरह का आरोप लगाया था.

उन्होंने एक वीडियो संदेश में भाजपा की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष मदन कौशिक और उनके लोगों पर बसपा प्रत्याशी का समर्थन करने और उन्हें हराने की योजना बनाने का आरोप लगाया था.

इस संबंध में वायरल एक वीडियो में गुप्ता ने खुद को भाजपा का वफादार सिपाही बताते हुए कहा था कि कौशिक के नामित सभासदों और नजदीकी कार्यकर्ताओं ने इस चुनाव में बसपा के प्रत्याशी मोहम्मद शहजाद के पक्ष में काम किया और उन्हें हराने की साजिश की.

काशीपुर से विधायक हरभजन सिंह चीमा ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं पर इसी तरह का आरोप लगाया था, जिनके बेटे त्रिलोक सिंह चीमा को उनके अनुरोध पर पार्टी ने इस सीट से प्रत्याशी बनाया है.

देहरादून छावनी सीट से भाजपा प्रत्याशी सविता कपूर और चंपावत विधायक कैलाश चंद्र गहतोड़ी ने भी इसी तरह का आरोप लगाया था.

मालूम हो कि मतदान के बाद से भाजपा की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. बीते 17 फरवरी को उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष कौशिक के पार्टी की संभावित हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की लालसा के चलते प्रदेश में पार्टी के डूबने संबंधी वायरल ‘फर्जी’ ट्वीट से हड़कंप मच गया था.

प्रदेश भाजपा के सोशल मीडिया प्रमुख शेखर वर्मा इस मामले में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज करा चुके हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)