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मणिपुर: नवगठित कुकी पीपुल्स अलायंस ने भाजपा को समर्थन देने की घोषणा की

कुकी पीपुल्स अलायंस के प्रमुख तोंगमांग हाओकिप ने अपने दो नवनिर्वाचित विधायकों के साथ मणिपुर के राज्यपाल को पार्टी की ओर से समर्थन-पत्र सौंपा है. हाल ही में संपन्न हुए राज्य विधानसभा चुनावों में पार्टी ने केवल दो उम्मीदवार उतारे थे और दोनों ही जीतने में सफल रहे. वहीं भाजपा ने 60 सदस्यीय विधानसभा में 32 सीटों पर जीत हासिल की है.

(फोटो साभार: फेसबुक)

इंफाल: कुकी पीपुल्स अलायंस (केपीए) ने शुक्रवार (18 मार्च) को मणिपुर में अगली सरकार के गठन के लिए अपना समर्थन भाजपा को दे दिया.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, इस संबंध में केपीए अध्यक्ष तोंगमांग हाओकिप ने अपने दो नवनिर्वाचित विधायकों किमनेओ हाओकिप हैंगशिंग और चिनलुनथांग के साथ समर्थन-पत्र मणिपुर के राज्यपाल ला गणेशन को सौंपा.

हैंगशिंग कांगपोक्पी जिले की साइकुल विधानसभा, जबकि चिनलुनथांग चूराचांदपुर जिले की सिंघाट विधानसभा से विधायक हैं.

बता दें कि कुकी पीपुल्स अलायंस की स्थापना दो सेवानिवृत्त नौकरशाहों, एक डॉक्टर और एक वकील द्वारा मणिपुर में कुकी जनजाति के हितों का प्रतिनिधित्व करने के लिए की गई थी.

राज्य में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव से कुछ हफ्ते पहले ही इसी साल जनवरी में भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा इसे एक राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दी गई थी.

पार्टी ने चुनावों में केवल दो उम्मीदवार उतारे थे और दोनों ही जीतने में सफल रहे.

केपीए की जीत को मणिपुर के राजनीतिक परिदृश्य में काफी महत्वपूर्ण माना गया, जिनमें आदिवासी महत्वाकांक्षाओं की भूमिका शामिल थी.

इससे पहले, जदयू और नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) भी भाजपा को बिना शर्त अपना समर्थन देने की बात कह चुके हैं. साथ में, दो निर्दलीय विधायकों ने भी भाजपा को समर्थन दिया है. चुनावों में जदयू ने छह, जबकि एनपीएफ ने पांच सीटें जीतीं थीं.

जबकि भाजपा ने 60 सदस्यीय सदन में 32 सीटें जीती थीं, उसने घोषणा की थी कि वह पूर्ण बहुमत हासिल करने के बावजूद गठबंधन के लिए तैयार है. हालांकि, पार्टी ने अपने पूर्व गठबंधन सहयोगी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के साथ किसी भी तरह के गठबंधन से इनकार किया था, जिसने इस बार सात सीटें जीती थीं.