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नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड के चश्मदीद ने दो हत्यारों की पहचान की

महाराष्ट्र के अंधविश्वास विरोधी कार्यकर्ता और तर्कवादी डॉ. नरेंद्र दाभोलकर की 20 अगस्त, 2013 को पुणे के ओंकारेश्वर पुल पर उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वे सुबह की सैर के लिए निकले थे. पुणे नगर निगम के एक सफाईकर्मी ने कथित शूटर शरद कलास्कर और सचिन अंडुरे की पहचान कर ली है.

सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर. (फोटो: पीटीआई)

पुणे: नरेंद्र दाभोलकर हत्या मामले में एक प्रत्यक्षदर्शी ने शनिवार (19 मार्च) को पुणे की एक निचली अदालत में कथित शूटर शरद कलास्कर और सचिन अंडुरे की पहचान कर ली. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.

लोक अभियोजक प्रकाश सूर्यवंशी ने बताया कि पुणे नगर निगम में काम करने वाले एक सफाईकर्मी किरण काम्बले (46) ने कलास्कर और अंडुरे की पहचान कर ली है.

सूर्यवंशी ने बताया, ‘अपना काम पूरा करने के बाद वह (काम्बले) एक पटरी पर बैठे थे, तभी उन्हें पटाखे की तरह आवाज सुनाई दी. जब उसने आवाज की दिशा में देखा तो उन्होंने दो लोगों द्वारा एक व्यक्ति को गोली मारते देखा.’

उन्होंने कहा, ‘ये दोनों उसी दिशा में दौड़ने लगे थे, जिधर वह (काम्बले) बैठे थे. वे पुलिस चौकी के पास पहुंचे और वहां पार्क की गई मोटरसाइकिल लेकर घटनास्थल से फरार हो गए उसके बाद काम्बले घटनास्थल पर पहुंचे और एक व्यक्ति को खून से लथपथ जमीन पर गिरा पाया.’

सूर्यवंशी ने कहा कि जिरह के दौरान काम्बले से पुलिस को बयान देने में देरी के बारे में पूछा गया था. उन्होंने कहा कि काम्बले से 23 मार्च को भी जिरह की जाएगी.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के सामाजिक कार्यकर्ता और अंधविश्वास के विरुद्ध अभियान चलाने वाले डॉ. नरेंद्र दाभोलकर की 20 अगस्त, 2013 को पुणे के ओंकारेश्वर पुल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वे सुबह के सैर के लिए निकले थे.

सीबीआई ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है और इनमें से पांच के खिलाफ आरोप-पत्र भी दाखिल किया है.

सीबीआई ने 2016 में सनातन संस्था के सदस्य ईएनटी सर्जन और कथित प्रमुख साजिशकर्ता डॉ. वीरेंद्र तावड़े को गिरफ्तार किया था. उसके बाद अगस्त 2018 में दो शूटरों- शरद कलासकर व सचिन प्रकाशराव अंडुरे को गिरफ्तार किया था, जिन्होंने कथित तौर पर दाभोलकर पर गोलियां चलाई थीं.

मई 2019 में मुबंई के सनातन संस्था के वकील संजीव पुनालेकर व उसके सहयोगी विक्रम भावे को गिरफ्तार किया गया था. इन पांचों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया गया था.

सीबीआई ने तीन अन्य लोगों- अमोल काले, अमित दिगवेकर और राजेश बांगेरा को गिरफ्तार किया था, जो कि 2017 में हुई पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के भी आरोपी हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)