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त्रिपुराः तिपरा मोठा का भाजपा के साथ गठबंधन से इनकार, कहा- सभी 60 सीटों पर अकेले लड़े

तिपरा मोठा प्रमुख प्रद्योत किशोर माणिक्य देवबर्मन का यह बयान आगामी विधानसभा चुनाव से पहले आदिवासी वोट बैंक तैयार करने के लिए त्रिपुरा पीपुल्स फ्रंट की नेता पाताल कन्या जमातिया के भाजपा में शामिल होने के बाद आया है.

प्रद्योत देब बर्मन. (फोटो साभार: ट्विटर)

अगरतलाः क्षेत्रीय दल त्रिपुरा पीपुल्स फ्रंट (टीपीएफ) नेता पाताल कन्या जमातिया के भाजपा में शामिल होने के एक दिन बाद तिपरा मोठा प्रमुख प्रद्योत किशोर माणिक्य देवबर्मन ने भाजपा के साथ उनकी पार्टी के किसी तरह की गठबंधन की संभावनाओं से इनकार किया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रद्योत का यह बयान आगामी विधानसभा चुनाव से पहले आदिवासी वोट बैंक तैयार करने के लिए कन्या को भाजपा में शामिल करने के पार्टी के कदम के बाद आया है.

बता दें कि पिछले साल हुए राज्य के आदिवासी परिषद चुनावों में तिपरा मोठा ने बड़ी जीत दर्ज की थी.

आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता पाताल कन्या ने 2014 में टीपीएफ का गठन किया था. उन्होंने सीमा पार से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अवैध प्रवास को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं.

उधर, भाजपा में शामिल होने के बाद पाताल कन्या ने तिपरा मोठा और भाजपा की सत्तारूढ़ सहयोगी पार्टी इंडीजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) पर निशाना साधते हुए कहा, ‘कुछ लोग तिपरालैंड कहते हैं, कुछ ग्रेटर तिपरालैंड कहते हैं. मैं आज घोषणा करती हूं कि हमें ग्रेटर तिपरालैंड या तिपरालैंड की जरूरत नहीं है. हम इसके बजाय व्यापक एकता चाहते हैं.’

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में आदिवासियों के विकास के लिए डबल इंजन की सरकार जरूरी है और दावा किया कि भाजपा आदिवासी परिषद चुनाव जीतेगी.

प्रद्योत किशोर के तिपरा मोठा के बारे में पूछने पर पाताल कन्या ने कहा, ‘ग्रेटर तिपरालैंड एक छोटा सपना है. मैं इससे जुड़ना नहीं चाहती. मैं एक मजबूत पार्टी में शामिल हुई हूं क्योंकि मैं त्रिपुरा को आगे ले जाना चाहती हूं और त्रिपुरा के आदिवासियों को मजबूत करना चाहती हूं.’

पाताल कन्या के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रद्योत किशोर ने कहा, ‘भाजपा को 2023 चुनाव में राज्य की 60 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ना चाहिए और तिपरा मोठा के साथ गठबंधन बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.’

प्रद्योत किशोर ने कहा, ‘भाजपा के एक नए नेता ने बयान दिया है कि तिपरा मोठा एक छोटा क्षेत्रीय दल है और यह लंबे समय तक जीवित नहीं रहेगा और उन्होंने ग्रेटर तिपरालैंड की हमारी संवैधानिक मांग का मखौल उड़ाया. हां, भाजपा बहुत बड़ी पार्टी है. भाजपा देश की सबसे अमीर पार्टी है. उनकी संगठनात्मक ताकत हमसे बड़ी है. हम एक छोटी पार्टी है तो भाजपा को सभी 60 सीटों पर लड़ने दीजिए. हम 30-35 सीटों पर लड़ने के लिए तैयार हैं. आखिर में जनता तय करेगी कि छोटी पार्टी कौन-सी है और बड़ी पार्टी कौन-सी.’

उन्होंने भाजपा को संदेश भेजते हुए कहा कि भाजपा को पाताल कन्या के बयानों पर अपना रुख स्पष्ट करने की जरूरत है, जिसके बिना उन्हें खामियाजा भुगतना होगा.

हालांकि, उन्होंने खामियाजे के बारे में कुछ नहीं बताया लेकिन यह कहा, ‘राजनीति में अहंकार अच्छी बात नहीं है. अहंकार ताकतवर को भी नीचे पटक सकता है. अगर आपके पास अहंकार है और आप सोचते हैं कि आप हम सबसे मुकाबला कर सकते हैं तो हम हर सीट पर भाजपा से लड़ने को तैयार हैं.’

बता दें कि त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा में 20 सीटें अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित है.

प्रद्योत की तिपरा मोठा की आदिवासी मतदाताओं पर मजबूत पकड़ है, जो राज्य की आबादी का लगभग 30 फीसदी हैं और जो कम से कम 15 अन्य सीटों पर चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं.