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पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी: विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन, कई शहरों में हिंसा, पथराव-आगज़नी

भाजपा से निलंबित किए गए नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल द्वारा पैगंबर मोहम्मद के बारे में टिप्पणी के ख़िलाफ़ देश के विभिन्न शहरों में प्रदर्शन हुए. दिल्ली की जामा मस्जिद में शर्मा की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए. उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद और झारखंड की राजधानी रांची में हुए विरोध के दौरान हिंसा और आगज़नी भी हुई.

मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने शुक्रवार को श्रीनगर में पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ भाजपा नेताओं द्वारा विवादास्पद टिप्पणी के विरोध में मार्च निकाला. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली/श्रीनगर/इलाहाबाद/मुंबई/कोलकाता/अहमदाबाद: पैगंबर मोहम्मद के बारे में टिप्पणी के मामले में निलंबित भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में जुमे की नमाज के बाद लोगों ने जामा मस्जिद के बाहर प्रदर्शन किया.

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद शहर और झारखंड की राजधानी रांची में प्रदर्शन के दौरान आगजनी और पथराव की सूचना है. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मुरादाबाद, रामपुर और लखनऊ में नारेबाजी की गई.

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में, भद्रवाह और किश्तवाड़ के कुछ इलाकों में तनाव पैदा होने के बाद अधिकारियों ने कर्फ्यू लगा दिया, जबकि कश्मीर के कुछ हिस्सों में बंद जैसी स्थिति रही.

अधिकारियों ने बताया कि भद्रवाह और किश्तवाड़ कस्बे तथा कश्मीर के श्रीनगर शहर में एहतियाती उपाय के तहत इंटरनेट सेवाएं स्थगित कर दी गई. मोबाइल इंटरनेट भी कश्मीर के कुछ हिस्सों में बंद कर दिया गया.

भद्रवाह कस्बे से पथराव की छिटपुट घटनाओं की खबरें हैं. कुछ लोग प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी करते हुए सुरक्षा बलों पर पथराव किया.

श्रीनगर में, लाल चौक, बाटामालू, तेंगपोरा और अन्य स्थानों पर प्रदर्शन हुए.

दिल्ली के जामा मस्जिद परिसर में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए जिनमें से कुछ ने तख्तियां ले रखी थीं. प्रदर्शन करने वालों ने नारेबाजी की.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कुछ लोग थोड़े समय बाद वहां से चले गए, लेकिन कुछ लोग जमे रहे. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ प्रदर्शन करीब 10 से 15 मिनट तक चला.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक जामा मस्जिद के शाही इमाम ने कहा कि मस्जिद कमेटी की ओर से विरोध का कोई आह्वान नहीं किया गया था. वास्तव में कल (बृहस्पतिवार) जब लोग विरोध करने की योजना बना रहे थे तो हमने उनसे स्पष्ट रूप से कहा था कि जामा मस्जिद (समिति) से विरोध का कोई आह्वान नहीं है.

शाही इमाम ने कहा कि हम नहीं जानते कि विरोध करने वाले कौन हैं, मुझे लगता है कि वे एआईएमआईएम के हैं या (असदुद्दीन) ओवैसी के लोग हैं. हमने स्पष्ट कर दिया कि अगर वे विरोध करना चाहते हैं, तो वे कर सकते हैं, लेकिन हम उनका समर्थन नहीं करेंगे.

मालूम हो कि पैगंबर मोहम्मद को लेकर टिप्पणी के लिए भाजपा ने बीते पांच जून को अपनी राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा को निलंबित कर दिया और दिल्ली इकाई के प्रवक्ता नवीन जिंदल को निष्कासित कर दिया था. पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादित टिप्पणियों का कई देशों ने विरोध किया है.

इससे पहले कतर, ईरान और कुवैत ने पैगंबर मोहम्मद के बारे में भाजपा नेता की विवादित टिप्पणियों को लेकर बीते पांच जून को भारतीय राजदूतों को तलब किया था. खाड़ी क्षेत्र के महत्वपूर्ण देशों ने इन टिप्पणियों की निंदा करते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी.

इस बीच बीते बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रवक्ताओं- नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, कट्टरपंथी हिंदुत्ववादी संत यति नरसिंहानंद समेत 31 लोगों के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित तौर पर सार्वजनिक शांति भंग करने और लोगों को भड़काने वाले संदेश पोस्ट तथा साझा करने के लिए एफआईआर (एफआईआर) दर्ज की हैं.

इन आरोपियों के सोशल मीडिया एकाउंट का विश्लेषण करने के बाद कथित तौर पर सार्वजनिक शांति भंग करने और लोगों को भड़काने वाले संदेश पोस्ट तथा साझा करने के संबंध में दो एफआईआर (एफआईआर) दर्ज की हैं.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित तिल वाली मस्जिद में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ भाजपा नेताओं द्वारा विवादास्पद टिप्पणी के विरोध में मुस्लिम समुदाय के लोगों के विरोध प्रदर्शन के दौरान तैनात सुरक्षाकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

पहली एफआईआर में आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है. जिनमें दिल्ली भाजपा इकाई के निष्कासित किए गए मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल, पत्रकार सबा नकवी, हिंदू महासभा की पदाधिकारी पूजा शकुन पांडे, राजस्थान से मौलाना मुफ्ती नदीम और पीस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शादाब चौहान शामिल हैं.

एफआईआर में दर्ज अन्य नाम अब्दुर रहमान, गुलजार अंसारी और अनिल कुमार मीणा हैं.

दूसरी एफआईआर में भी समान धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा और अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को आरोपी बनाया गया है.

देश के विभिन्न हिस्सों में हुए प्रदर्शन, कई जगहों पर हिंसा की खबर

बहरहाल पैगंबर मोहम्मद को लेकर भाजपा से निलंबित नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल द्वारा दिए गए बयान के विरोध में शुक्रवार को देश के विभिन्न राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन हुए. कुछ शहरों में इन प्रदर्शनों के हिंसक होने की भी सूचना है.

उत्तर प्रदेश के लखनऊ, इलाहाबाद, सहारनपुर, मुरादाबाद, फिरोजाबाद आदि शहरों में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन हुए.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के विभिन्न शहरों में पथराव की घटनाओं के बाद अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी, कार्यवाहक डीजीपी, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर जैसे अधिकारी पुलिस मुख्यालय से स्थिति पर नजर रखे हुए हैं.

उत्तर प्रदेश के एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि लगभग हर जगह शुक्रवार की नमाज सुचारू रूप से संपन्न हुई. पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए है. धार्मिक नेताओं ने अच्छा सहयोग किया. सहारनपुर में भारी भीड़ जमा हो गई, लेकिन धीरे-धीरे लोग अपने घरों को तितर-बितर हो गए। कानपुर में भी स्थिति सामान्य है.

इलाहाबाद के अटाला और करेली में जुमा की नमाज के बाद पथराव

इलाहाबाद के करेली और अटाला क्षेत्र में जुमे की नमाज के बाद समुदाय विशेष के लोगों ने नारेबाजी की, पुलिस पर पथराव किया और पीएसी के वाहन को आग लगाने का प्रयास किया जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों को चोट आई है. हालांकि पुलिस ने हालात पर काबू कर लिया है.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद खुल्दाबाद और करेली थाना क्षेत्रों में विशेष समुदाय के लोगों ने नारेबाजी की और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया.

उन्होंने बताया कि इन इलाकों में नमाज समाप्त होने के बाद सभी अपने घर जा चुके थे, लेकिन बाद में कुछ युवा गलियों में निकल आए और पुलिसकर्मियों पर ईंट-पत्थर फेंकने लगे.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना के वक्त जिलाधिकारी समेत कई अधिकारी मौके पर मौजूद थे और सभी ने पथराव कर रहे युवाओं को समझाने का प्रयास भी किया था.

अटाला क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन के दौरान पथराव होने से इलाहाबाद एडीजी का वाहन क्षतिग्रस्त हो गया. एडीजी कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वहां गए हुए थे.

इलाहाबाद के एसएसपी अजय कुमार ने कहा कि हालात अब शांतिपूर्ण हैं, कोई अप्रिय घटना न हो यह सुनिश्चित करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स सहित पूरी पुलिस बल जमीन पर है. इस बीच कई अन्य जिलों में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं.

एसएसपी ने बताया कि हालांकि स्थिति अब नियंत्रण में है लेकिन पथराव में कुछ पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें आई हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है.

उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) को तैनात किया गया है. पीएसी की चार कंपनी पहले से इलाके में तैनात है और शासन से पीएसी की और कंपनियां बुलाने का अनुरोध किया गया है.

अधिकारी ने बताया कि पथराव के दौरान एक रिक्शे के पहिये में किसी ने आग लगा दी थी जिसे बुझा दिया गया. इसके अलावा, पीएसी के एक वाहन में भी आग लगाने का प्रयास किया गया जिसपर दमकल गाड़ियों ने तुरंत काबू पा लिया.

अजय कुमार ने बताया कि पथराव करने वाले कुछ उपद्रवियों की गिरफ्तारी भी की गई है.

उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने कहा कि सेक्टर योजनाओं के तहत पुलिस, प्रशासन, मजिस्ट्रेट और सीओ ने गश्त के लिए पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात किया है. नमाज के तुरंत बाद सहारनपुर, मुरादाबाद, फिरोजाबाद और अन्य जगहों पर लोग जमा हो गए. बाद में उन्हें तितर-बितर किया गया.

इलाहाबाद के जिलाधिकारी एसके खत्री ने कहा कि नमाज के बाद जिले की संकरी गलियों में कुछ लोग जमा हो गए. पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया. हालांकि उनके द्वारा पथराव किया गया. पुलिस को मामूली चोटें आई हैं. इस दौरान एक रिक्शे में आग लगा दी गई. हम कार्रवाई कर रहे हैं, किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा.

उन्होंने कहा​ कि इलाहाबाद में कुछ लोगों ने अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश की. पुलिस प्रशासन ने बड़ी सावधानी से हल्का बल प्रयोग कर उन्हें लगभग पूरी तरह से तितर-बितर कर दिया गया. हम युवाओं से अपील करना चाहते हैं कि वे बेवजह सड़कों पर न निकलें. उन्होंने कहा कि लगभग हर जगह शांति है.

अवनीश अवस्थी ने आगे कहा कि जो भी अनावश्यक रूप से शांति और व्यवस्था की स्थिति को बाधित करने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. मैं उत्तर प्रदेश के लोगों से सद्भाव बनाए रखने की अपील करता हूं.

झारखंड की राजधानी रांची में कर्फ्यू

झारखंड की राजधानी रांची में भी शुक्रवार को हुआ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया. इस दौरान वाहनों में आग लगा दी गई और तोड़फोड़ की गई और पथराव हुआ. इसके बाद यहां कर्फ्यू लगा दिया गया है.

रांची के मुख्य मार्ग पर स्थित हनुमान मंदिर के निकट प्रदर्शन कर रही भीड़ को नियंत्रित करते समय कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए. जुमे की नमाज के बाद सड़कों पर उमड़ आये तथा पथराव एवं नारेबाजी कर रहे प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हवा में गोलियां चलाईं और लाठीचार्ज किया.

डीआईजी रांची अनीश गुप्ता कहते हैं, ‘स्थिति थोड़ी तनावपूर्ण है, लेकिन नियंत्रण में है. हम अपनी तरफ से हरसंभव प्रयास कर रहे हैं. भारी सुरक्षा तैनाती की गई है. वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं. यहां से भीड़ तितर-बितर हो गई है.’

बंगाल में भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी की मांग लेकर प्रदर्शन, पुलिस से झड़प

पैगंबर मोहम्मद को लेकर की गई टिप्पणी के खिलाफ सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में शुक्रवार को सड़कों को अवरूद्ध किया.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की धूलागढ़, पंचला और उलूबेरिया में पुलिस के साथ तब झड़प हुई जब उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग छह की नाकेबंदी खुलवाने की कोशिश की.

एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘भाजपा के दो नेताओं को उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी के लिए फौरन गिरफ्तार किया जाना चाहिए.’

अधिकारी ने कहा कि धूलागढ़ और पंचला में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जहां प्रदर्शनकारियों ने इसके जवाब में पथराव किया, जिससे पास खड़ी कारों को नुकसान पहुंचा.

दक्षिण पूर्वी रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शकारियों ने हावड़ा-खड़गपुर खंड पर दोपहर एक बजकर 22 मिनट पर फुलेश्वर और चेंगैल स्टेनशनों के बीच की पटरियों को अवरूद्ध कर दिया.

बंगाल इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद याहिया ने कहा कि संगठन ने भाजपा के पूर्व दो नेताओं की गिरफ्तारी की मांग को लेकर समूचे राज्य में मस्जिदों के अंदर प्रदर्शन का आह्वान किया था.

उन्होंने कहा कि प्रशासन सड़कों को अवरूद्ध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है.

विवादित टिप्पणी के खिलाफ कोलकाता के पार्क सर्कस में बड़ी संख्या में लोग विरोध में इकट्ठा हुए थे. इस दौरान कोलकाता में बांग्लादेश उप-उच्चायोग के बाहर पुलिस कॉन्स्टेबल की गोली लगने से एक महिला बाइक सवार की मौत हो गई. इसके बाद पुलिसकमी ने खुद को गोली मार ली. पुलिस के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं.

पुलिस का कहना है कि मुख्य रूप से हमारे पास यह जानकारी है कि इसका पार्क सर्कस आंदोलन (नूपुर शर्मा के खिलाफ) से कोई संबंध नहीं है. शायद कॉन्स्टेबल किसी तरह के अवसाद से पीड़ित था, हमें यकीन नहीं है. उचित पुष्टि के बाद. हम कुछ कह सकते हैं. कांस्टेबल की भी मौत हो गई है.

महाराष्ट्र में मुस्लिम समुदाय का प्रदर्शन

महाराष्ट्र के भी कई शहरों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किए, हालांकि कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. इस संबंध में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जुमे की नमाज के बाद अपराह्न तीन बजे विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया.

महाराष्ट्र के नवी मुंबई में मुस्लिम महिलाओं ने विरोध मार्च निकाला. वहीं सोलापुर में बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध मार्च निकाला.

नवी मुंबई के पनवेल शहर में 1,000 महिलाओं सहित करीब 3,000 प्रदर्शनकारियों ने शर्मा और जिंदल की गिरफ्तारी के लिए विरोध मार्च निकाला.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि एक प्रतिनिधिमंडल ने पनवेल तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और शाम चार बजे तक शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित विरोध प्रदर्शन खत्म हो गया. उन्होंने कहा कि वाशी के शिवाजी चौक पर भी प्रदर्शन किया गया, जहां एक प्रतिनिधिमंडल ने वाशी थाने को एक ज्ञापन दिया.

ठाणे, औरंगाबाद, सोलापुर, नंदुरबार, परभणी, बीड, लातूर, भंडारा, चंद्रपुर और पुणे जिलों में भी इसी तरह के प्रदर्शन या मार्च आयोजित किए गए. पुलिस ने कहा कि हर जगह, प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और प्राथमिकी दर्ज करने तथा शर्मा और जिंदल की गिरफ्तारी की मांग की.

अधिकारियों ने बताया कि सभी धरना स्थलों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए, लेकिन कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई.

राज्य के गृह मंत्री दिलीप वलसे-पाटिल ने कहा कि पुलिस ने हालात को अच्छी तरह संभाला जिससे विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया. उन्होंने कहा कि किसी को भी दूसरे धर्म के लोगों की आस्था को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए.

हैदराबाद में मक्का मस्जिद के बाहर भी विवादित बयान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ. बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से प्रदर्शनकारियों को मौके से तितर-बितर किया गया. पुलिस बल और सीआरपीएफ अब इलाके में तैनात है.

पंजाब में लुधियाना स्थित जामा मस्जिद के शाही इमाम ने कहा कि विरोध के आह्वान के बाद पैगंबर का अनादर करने वालों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पूरे पंजाब में विरोध प्रदर्शन हुए. कर्नाटक के कलबुर्गी के मुस्लिम चौक पर रजा अकादमी ने नूपुर शर्मा की विवादित टिप्पणी के खिलाफ प्रदर्शन किया.

गुजरात: अहमदाबाद और वड़ोदरा में पैगंबर के विरूद्ध बयान को लेकर किया प्रदर्शन

गुजरात के अहमदाबाद एवं वड़ोदरा में शुक्रवार को मुसलमानों ने पैगंबर मोहम्मद के बारे में टिप्पणी के मामले में निलंबित भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन किया.

यहां विरोधस्वरूप मुस्लिम बहुल दरियापुर और करांज इलाकों में दुकानें एवं बाजार बंद रहे. दरियापुर में मुसलमान हाथों में तख्तियां लेकर मुख्य रोड पर जमा हो गए. इन तख्तियों में पैगंबर मोहम्मद के प्रति प्रेम तथा शर्मा की गिरफ्तारी को लेकर नारे लिखे गए थे.

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ऐसे बयान देने को लेकर शर्मा एवं अन्य को कठोर अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत आरोपित किया जाए.

पूर्व पार्षद हसन खान पठान ने कहा कि शर्मा की टिप्पणी से दुनियाभर में मुसलमानों को ठेस पहुंची है लेकिन सरकार ने अब तक उनके विरूद्ध कार्रवाई नहीं की.

उन्होंने कहा, ‘आज किसी मुस्लिम संगठन की ओर से बंद का आह्वान नहीं किया गया था, बल्कि लोगों ने गुस्से के कारण स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद कीं और कई लोग विरोध में सड़कों पर उतरे.’

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पुराने शहर के अधिकतर हिस्सों में दुकानें खुली रहीं और कालुपुर जैसे अन्य मुस्लिम बहुल इलाकों में आज का दिन सामान्य ढंग से बीत गया.

तृतीय जोन के पुलिस उपायुक्त सुशील अग्रवाल ने कहा, ‘कालूपुर में करीब 80 फीसद दुकानें खुली थीं. हमारी टीम इलाके में गश्त कर रही हैं. दिन के समय अशांति की कोई घटना सामने नहीं आई.’

वड़ोदरा के गोरवा इलाके में मुसलमान सड़क के समीप इकट्ठा हो गए और उन्होंने शर्मा के विरूद्ध नारेबाजी की.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)