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अंकिता केस: धामी के आश्वासन के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार किया, रिज़ॉर्ट ढहाने पर सवाल उठाए

उत्तराखंड के पौड़ी ज़िले के यमकेश्वर में वनतारा रिज़ॉर्ट में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता का शव ऋषिकेश के पास एक नहर से मिला था. उनके परिजनों के साथ-साथ विपक्ष ने भी आशंका जताई है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन द्वारा रिज़ॉर्ट को ध्वस्त करने के चलते सबूत भी नष्ट हो गए होंगे.

मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद रविवार शाम पौड़ी जिले के श्रीनगर में अलकनंदा नदी के तट पर अंकिता का अंतिम संस्कार कर दिया. (फोटो: पीटीआई)

देहरादून: हत्या के आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे अंकिता भंडारी के परिजनों ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इंसाफ का आश्वासन मिलने के बाद रविवार शाम पौड़ी जिले के श्रीनगर में अलकनंदा नदी के तट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया.

पौड़ी जिले के यमकेश्वर में गंगा भोगपुर में वनतारा रिजॉर्ट में रिसेप्शिनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता का शव शनिवार को ऋषिकेश के समीप चीला नहर से बरामद किया गया था.

इससे पहले पिछले पांच दिनों से अंकिता की गुमशुदगी के मामले में शुक्रवार को गिरफ्तार तीनों आरोपियों- रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता ने उसे नहर में धकेलकर उसकी हत्या की बात स्वीकार की थी.

मुख्य आरोपी पुलकित हरिद्वार के पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य का पुत्र है. घटना के सामने आने के बाद भाजपा ने आर्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया.

ऐसा दावा किया जा रहा है कि पुलकित तथा रिजॉर्ट के दो आरोपी कर्मचारियों ने पूछताछ में बताया कि अंकिता से विवाद होने के कारण उन्होंने उसकी हत्या की. आरोपी पहले अंकिता को ऋषिकेश लेकर गए और वहां उन्हें चीला नहर में फेंक दिया.

श्रीनगर में एनआइटी घाट पर अंकिता के भाई अजय सिंह भंडारी ने उनके शव को मुखाग्नि दी. इस दौरान गढ़वाल के आयुक्त सुशील कुमार और पौड़ी के जिलाधिकारी विजय कुमार जोगदंडे भी मौजूद थे.

इससे पहले, अंकिता के परिवार वालों ने अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट न आने और उसे सार्वजनिक न किए जाने तक उसकी अंत्येष्टि से इनकार किया था. हालांकि, प्रशासन के समझाने और घटना की जांच कर आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने का पूरा प्रयास करने का मुख्यमंत्री का संदेश मिलने पर वे अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए.

अंकिता की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी हत्या से पहले उसे चोट पहुंचाए जाने की बात कही गई है. हालांकि, रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण पानी में डूबना बताया गया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, अंकिता भंडारी का पोस्टमार्टम एम्स ऋषिकेश के डॉक्टरों के एक पैनल ने शनिवार को किया. पैनल ने अस्थायी पोस्टमार्टम रिपोर्ट शनिवार को ऋषिकेश के लखमंजुला पुलिस स्टेशन में स्थानीय पुलिस को सौंपी थी, जहां मामला दर्ज किया गया है.

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट सोमवार को अस्पताल द्वारा दी जाएगी.

अंकिता हत्याकांड के विरोध में श्रीनगर में दुकानें और बाजार बंद रहे. अंकिता के गांव श्रीकोट से करीब 23 किलोमीटर की दूरी पर स्थित श्रीनगर में दिन में लोगों ने ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कई घंटे के लिए अवरुद्ध कर दिया.

लोगों ने सरकार से अंकिता के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिर दोहराया कि राज्य सरकार जघन्य हत्याकांड के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाएगी. उन्होंने कहा कि सभी कार्रवाइयां तय समय से हो रही हैं और कहीं कोई कोताही नहीं बरती जाएगी.

हत्याकांड को लेकर लोगों में गुस्से को स्वाभाविक बताते हुए उन्होंने कहा, ‘अपराधी चाहे जो भी हो, कोई छूटने वाला नहीं है. दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का हमने संकल्प लिया है.’ धामी ने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार की हरसंभव सहायता की जाएगी.

इस बीच, उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने अंकिता के पिता को आश्वासन दिया कि उनकी पुत्री के कथित हत्यारों को फांसी की सजा दिलाई जाएगी.

कुमार ने वीरेंद्र सिंह भंडारी से फोन पर बातचीत कर उन्हें यह आश्वासन दिया. सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कुमार ने कहा, ‘पीड़िता अंकिता भंडारी के पिताजी से मैंने फोन पर बात कर उन्हें निष्पक्ष जांच और अभियुक्तों को कड़ी सजा दिलाने के लिए आश्वस्त किया है. दोषियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.’

उन्होंने अंकिता के पिता को बताया कि पुलिस उपमहानिरीक्षक पी. रेणुका देवी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है जो सारे सबूत ढूंढ लेगा.

घटना पर दुख प्रकट करते हुए कुमार ने कहा, ‘मैं आश्वस्त करता हूं कि विवेचना इतनी मजबूत होगी कि हम अदालत के सामने सबूत पेश करके आरोपियों को हर हालत में फांसी की सजा दिलवाएंगे.’

रेणुका देवी ने भी रविवार को फॉरेंसिक जांच के लिए घटनास्थल का दौरा किया.

रिजॉर्ट को ढहाने से सबूत भी नष्ट हो गए होंगे: अंकिता के पिता

अंकिता के पिता ने रविवार को आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग करते हुए आशंका जताई कि उनके रिजॉर्ट को ध्वस्त करने के साथ सबूत भी नष्ट हो गए होंगे.

अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि रिजॉर्ट को ध्वस्त करने की कार्रवाई सबूत मिटाने का प्रयास भी हो सकती है.

उन्होंने कहा, ‘रिजॉर्ट में रजिस्टर आदि रहे होंगे जिससे पता चलता कि वहां कौन-कौन से लोग आते थे, लेकिन उसे ढहाने से वे सब समाप्त हो गए.’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रशासन ने शुक्रवार की रात ही रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलवाकर उसे ध्वस्त करवा दिया गया था. (फोटो: पीटीआई)

हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि घटना से संबंधित सभी साक्ष्य पहले ही जुटा लिए गए हैं.

घटना को लेकर लोगों के आक्रोश को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रशासन ने शुक्रवार की रात ही रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलवाकर उसे ध्वस्त करवा दिया था.

हालांकि, अंकिता के पिता के आरोपों पर पुलिस का कहना है कि वह रिजॉर्ट में जाकर तफ्तीश पूरी कर चुकी है और उसकी हत्या में शामिल आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए उनके पास पर्याप्त सबूत हैं.

इस मामले का खुलासा करने वाली टीम का नेतृत्व करने वाले पौड़ी के अपर पुलिस अधीक्षक शेखर सुयाल ने बताया कि रिजॉर्ट में जाकर उनकी टीम पहले ही जांच पूरी कर चुकी है और उसे ध्वस्त किए जाने से मामला कमजोर नहीं पड़ेगा.

उन्होंने कहा, ‘मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि आरोपियों के खिलाफ हमारे पास बहुत मजबूत साक्ष्य हैं. अंकिता का शव बरामद हो चुका है और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी.’

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, राज्य के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा, ‘पुलिस ने जांच के दौरान रिजॉर्ट के कमरों की वीडियोग्राफी की है, जिसमें अंकिता रहती थी. इमारत ढहाने से पहले सभी सबूत एकत्र किए गए हैं. हमारी चार्जशीट आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी.’

अंकिता की अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की मांग के बारे में सुयाल ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि अंकिता के शव का पोस्टमार्टम एम्स ऋषिकेश में चार चिकित्सकों के पैनल ने किया है और उसकी वीडियोग्राफी भी की गई है.

रिजॉर्ट ढहाने को लेकर कांग्रेस ने भी सवाल उठाए

कांग्रेस की राज्य इकाई ने भी रिजॉर्ट पर सरकार की बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल उठाया है और कहा कि क्या सरकार इस कार्रवाई से सबूत नष्ट कर रही है?

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, पार्टी के राज्य प्रमुख करण महारा ने कहा, ‘क्या सरकार रिजॉर्ट में बुलडोजर कार्रवाई का आदेश देकर सबूत नष्ट कर रही है? पुलिस आरोपी को हिरासत में लेने में विफल रही. धामी सरकार की मंशा सही नहीं है.’

इसी बीच, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को कहा कि उत्तराखंड सरकार को महिला रिसेप्शनिस्ट की हत्या मामले में गंभीरता और संवेदनशीलता से काम करना चाहिए. प्रियंका ने आरोपियों के खिलाफ त्वरित अदालत (फास्ट ट्रैक कोर्ट) में मुकदमा चलाने की मांग की.

प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट किया, ‘उत्तराखंड की अंकिता के साथ दिल दहलाने वाली घटना घटी, लेकिन इतनी बड़ी घटना के बाद भी प्रशासन केवल दिखावटी कार्रवाई तक सीमित है. जरा सोचिए कि अंकिता के मां-बाप पर क्या गुजर रही होगी?’

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि अंकिता के परिजनों का सवाल है कि घटना के सबूतों को क्यों मिटाया जा रहा है?

उन्होंने कहा, ‘पूरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट उन्हें क्यों नहीं दी जा रही है? न्याय का तकाजा कहता है कि सरकार को गंभीरता व संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए. परिजनों की बात सुननी चाहिए. लापरवाही करने वाले लोगों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए व त्वरित अदालत में मुकदमा चलाकर दोषियों को सजा दी जाए.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)