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कोलकाता: हिंदू महासभा के पूजा पंडाल में महात्मा गांधी को ‘असुर’ के रूप में दिखाया गया, केस दर्ज

दक्षिण पश्चिम कोलकाता में अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने अपने दुर्गा पूजा पंडाल में दुर्गा की प्रतिमा को जिस असुर का वध करते हुए दिखाया गया है, वह महात्मा गांधी की तरह दिख रहा था. इसे लेकर हुए विवाद के बीच पुलिस के हस्तक्षेप के बाद आयोजकों द्वारा असुर प्रतिमा के सिर पर विग और चेहरे पर मूंछें लगा दी गई हैं.

विवादित प्रतिमा की एक तस्वीर. (फोटो साभार: फेसबुक)

कोलकाता: कोलकाता में दुर्गा पूजा के अवसर पर लगे एक पंडाल में ‘महिषासुर’ की जगह महात्मा गांधी की तरह दिखने वाली एक प्रतिमा को लेकर रविवार को राष्ट्रपिता की जयंती पर विवाद खड़ा हो गया.

दक्षिण पश्चिम कोलकाता के रूबी क्रॉसिंग के निकट, अखिल भारतीय हिंदू महासभा पूजा के आयोजकों ने शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस के निर्देशानुसार गांधी की तरह दिखने वाली मूर्ति के रूप में बदलाव कर दिया.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, कोलकाता पुलिस ने ‘अखिल भारतीय हिंदू महासभा दुर्गा पूजा पंडाल’ के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है.

ख़बरों के अनुसार, असुर के रूप में दिखाई गई प्रतिमा के सिर पर बाल नहीं थे, वह चश्मा लगाए हुए है और धोती पहने हुए है. साथ ही, उसके हाथ में एक छड़ी है.

पुलिस में शिकायत के बाद आयोजकों ने ‘असुर’ की प्रतिमा के सिर पर बालों की विग और चेहरे पर मूंछें लगा दीं.

संयुक्त पुलिस कमिश्नर (अपराध) मुरलीधर शर्मा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘आयोजकों के खिलाफ एक केस दर्ज कर लिया गया है, हम इस मामले को देख रहे हैं.’

मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 283, 153बी और 34 के तहत दर्ज किया गया है.

पुलिस के मुताबिक, मामले पर विवाद खड़ा होने के बाद पुलिसकर्मियों को रविवार शाम करीब 7.30 बजे दुर्गा पूजा पंडाल में भेजा गया.

पुलिस ने कहा कि उन्होंने आयोजकों से अपील की कि ‘असुर’ को विग और मूंछें लगा दी जाएं. शुरुआती विरोध के बाद आयोजक मान गए.

एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘महात्मा गांधी जैसे दिखने वाले असुर के चेहरे पर मूंछें और सिर पर बालों की विग पहना दी गई.’

पश्चिम बंगाल अखिल भारतीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष चंद्रचूड़ गोस्वामी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि ‘यह गहरी पीड़ा की बात है, अखिल भारतीय हिंदू महासभा सभी सनातनियों को जानकारी देना चाहती है कि रूबी क्रॉसिंग पर मां दुर्गा पूजा पर राजनीतिक ताकतों से सीधा खतरा है जो आयोजन स्थल को बंद कराना चाहती हैं, क्योंकि हम इस साल की दुर्गा पूजा को भ्रष्टाचार की थीम पर मना रहे हैं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘हमसे पुलिस ने आग्रह किया था और विग पहनाने के लिए मजबूर किया. मैंने यह भी सुना है कि मेरे खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कर ली गई है. मैं इससे कानूनी तौर पर लड़्ंगा.’

उन्होंने कहा, ‘रविवार रात बड़ी संख्या में (पुलिस) बल आया, पुलिस ने हमें इसमें (असुर की प्रतिमा) बदलाव करने कहा. उन पर गृह मंत्रालय का दबाव था.’

आयोजकों ने कहा कि समानताएं होना ‘केवल एक संयोग’ था. पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था.

गोस्वामी ने कहा, ‘हमारे पंडाल को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है, कई लोगों ने ‘असुर’ की पहचान गांधी जी के रूप में की और इसकी सराहना की. मुझे इस विवाद को लेकर गृह मंत्रालय से फोन आया और उन्होंने मुझे बताया कि ‘असुर’ के साथ गांधी जी की कोई भी समानता स्वीकार नहीं की जाएगी.’

उन्होंने आगे कहा कि जरूरी नहीं कि चश्मे वाला बिना बालों वाला व्यक्ति महात्मा गांधी हो, वे और उनका संगठन नेताजी सुभाषचंद्र बोस के अनुयायी हैं और उन्हें नहीं लगता कि महात्मा गांधी की आलोचना करने में कुछ भी गलत है.

गोस्वामी ने कहा कि पूजा आयोजकों की मंशा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी. उन्होंने कहा, ‘पुलिस ने हमें इसे बदलने के लिए कहा, और हमने इसे मान लिया. हमने महिषासुर की मूर्ति पर मूंछें और बाल लगा दिए.’

सबसे पहले इस तस्वीर को पत्रकार इंद्रदीप भट्टाचार्य ने ट्वीट किया था, जिन्होंने बाद में ट्वीट को यह कहते हुए डिलीट कर दिया कि उन्हें ऐसा करने के लिए कोलकाता पुलिस ने कहा क्योंकि उसे डर था कि इससे त्योहार के बीच तनाव बढ़ सकता है.

इससे पहले, दिन के समय एक पत्रकार ने कोलकाता पुलिस को टैग करते हुए दुर्गा प्रतिमा की एक तस्वीर ट्वीट की थी. हालांकि, बाद में उन्होंने भी पुलिस के त्योहार के समय तनाव पैदा होने संबंधी निर्देश का हवाला देते हुए पोस्ट को सोशल मीडिया से हटा दिया.

बहरहाल, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जैसे राजनीतिक दलों ने भी गांधी के ‘महिषासुर’ के रूप में कथित चित्रण की आलोचना की.

वहीं, नाराज लोगों ने सोशल मीडिया पर पूजा का आयोजन करने वाले हिंदू महासभा के नेताओं की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है.

हालांकि, आयोजक अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने दावा किया कि यह संयोग ही है कि महिषासुर की प्रतिमा गांधीजी से मेल खा रही थी, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग इस दलील से सहमत नहीं हुए।

अतनु चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को टैग करते हुए ट्वीट किया, ‘कोलकाता में दुर्गा पूजा में महात्मा गांधी को असुर के रूप में दिखाने पर हिंदू महासभा के अधिकारियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए.’

उज्जैनी नामक सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने लिखा, ‘हिंदू महासभा ने कोलकाता पुलिस के अनुरोध पर प्रतिमा बदलने और उस पर मूंछ और बाल लगाने का दावा किया है. कोलकाता पुलिस ने क्या आसान उपाय खोजा है.’

शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि यह स्वतंत्रता सेनानियों को अपमानित करने का प्रयास है.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘यह संयोग नहीं है. यह हमारे स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को अपमानित करने के लिए चल रहे मौजूदा विमर्श के अनुरूप जानबूझकर किया गया प्रयास है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)