उत्तर प्रदेश: शिक्षिका ने महंत पर अश्लील फोटो भेजने का आरोप लगाया, मामला दर्ज

मथुरा-वृंदावन के एक महाविद्यालय की शिक्षिका एवं सामाजिक कार्यकर्ता ने एक संप्रदाय के महंत पर उन्हें मोबाइल फोन पर अश्लील फोटो भेजने और उनका अपमान करने का आरोप लगाया है. पुलिस के अनुसार, मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी गई है और उसकी रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी.

/
(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

मथुरा-वृंदावन के एक महाविद्यालय की शिक्षिका एवं सामाजिक कार्यकर्ता ने एक संप्रदाय के महंत पर उन्हें मोबाइल फोन पर अश्लील फोटो भेजने और उनका अपमान करने का आरोप लगाया है. पुलिस के अनुसार, मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी गई है और उसकी रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

मथुरा: मथुरा-वृंदावन के एक महाविद्यालय की शिक्षिका एवं सामाजिक कार्यकर्ता ने एक संप्रदाय के महंत पर मोबाइल फोन पर अश्लील फोटो भेजने और अपमान करने का आरोप लगाया है. पुलिस ने महिला की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरु की है.

प्राथमिकी के अनुसार वृंदावन के ही एक महाविद्यालय की शिक्षिका ने पुलिस को दो मोबाइल नंबरों के बारे में जानकारी देते हुए शिकायत की है कि उन्हें इन नंबरों से 20 मई की रात में एक अश्लील फोटो भेजी गई है.

शिक्षिका के अनुसार ये नंबर चैतन्य कुटी निवासी चतुः संप्रदाय के महंत फूलडोल बिहारी दास के हैं.

उन्होंने दावा किया कि घटना के दूसरे दिन ही पुलिस को तहरीर दे दी थी, परंतु, जांच के नाम पर पुलिस ही टालमटोल करती रही. उन्होंने बताया कि बाद में भी कई बार प्रार्थना पत्र दिए तब कहीं जाकर प्राथमिकी दर्ज की गई है.

हालांकि, पुलिस ने रिपोर्ट में घटना की सूचना मिलने का दिनांक 25 मई ही दर्ज किया है.

अमर उजाला के अनुसार, महिला ने यह भी बताया कि 16 जुलाई को उन्हें एक अखाड़े द्वारा महामंडलेश्वर की उपाधि दी गई, जिसके बाद उनकी छवि खराब करने के इरादे से संत ने अपने आश्रम में संतों की एक सभा रखी और उनके महामंडलेश्वर बनने का विरोध किया. उनका आरोप है कि इस सभा में संत द्वारा अखाड़े को भी बदनाम करने के मकसद से आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया.

वृंदावन के कोतवाली प्रभारी सूरज प्रकाश शर्मा ने बताया कि अश्लील फोटो भेजे जाने के मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी गई है एवं उसकी रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी.

शर्मा ने कहा कि फिलहाल, यह मामला आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत दर्ज किया गया है तथा रिपोर्ट के अनुसार आवश्यक अन्य धाराएं जोड़ी जा सकती हैं.

इस संबंध में महंत फूलडोल बिहारी दास का कहना है कि फोटो उनके मोबाइल से किसी बच्चे द्वारा गलती से भेज दिए गए थे, इस बारे में उन्होंने खेद भी प्रकट कर दिया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)